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सुस्त मांगसे सोनेमें गिरावट

नयी दिल्ली। स्थानीय आभूषण विक्रेताओं की मांग घटने और वैश्विक बाजारों में कमजोरी के रुख के बीच मंगलवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 220 रुपये टूटकर 31,650 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। औद्योगिक इकाइयों तथा सिक्का निर्माताओं का उठाव कम होने के कारण चांदी की कीमत भी 50 रुपये की गिरावट के साथ 39,250 रुपये प्रति किलोग्राम रह गयी। बाजार सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजारों में कमजोरी के रुख के अनुरूप स्थानीय कारोबारी धारणा प्रभावित हुई। डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश के विकल्प के बतौर सर्राफा मांग कमजोर हो गई। वैश्विक स्तर पर न्यूयार्क में सोमवार को सोना 1.39 प्रतिशत गिरकर 1,187 डॉलर प्रति औंस रह गया। चांदी की कीमत भी 2.39 प्रतिशत गिरकर 14.38 डॉलर प्रति औंस रह गयी। इसके अलावा घरेलू हाजिर बाजार में स्थानीय आभूषण विक्रेताओं और फुटकर कारोबारियों की कमजोर मांग के कारण भी गिरावट बढ़ गई। स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत और 99.5 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने के भाव 220 - 220 रुपये घटकर क्रमश: 31,650 रुपये और 31,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुए। हालांकि सीमित कारोबारी गतिविधियों के कारण आठ ग्राम वाली सोने की गिन्नी 24,600 रुपये पर अपरिवर्तित रही।सोने की ही तरह, चांदी हाजिर 50 रुपये गिरकर 39,250 रुपये प्रति किलोग्राम और चांदी साप्ताहिक डिलीवरी की कीमत भी 120 रुपये टूटकर 38,735 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। दूसरी ओर चांदी सिक्कों की कीमत लिवाल 73 हजार रुपये और बिकवाल 74 हजार रुपये प्रति सैकड़ा पर स्थिर बनी रही।
2018 में 7.3 प्रतिशत, 2019 में 7.4 प्रतिशत रहेगी आर्थिक वृद्धि दर
वॉशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने मंगलवार को भारत की आर्थिक वृद्धि दर 2018 में 7.3 प्रतिशत और 2019 में 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है। अपनी नवीनतम विश्व आर्थिक परिदृश्य रपट में आईएमएफ ने कहा कि चालू वर्ष में भारत फिर से दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लेगा। यह चीन के मुकाबले 0.7 प्रतिशत अधिक होगा। वर्ष 2017 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत थी। रपट में भारत द्वारा हाल में किए गए आर्थिक सुधारों का भी जिक्र किया है। इसमें माल एवं सेवाकर (जीएसटी) और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता को लागू करना शामिल है। साथ ही मुद्रास्फीति को लक्ष्य के भीतर बनाए रखने, विदेशी निवेश के उदारीकरण और कारोबार सुगमता के लिए उठाए गए कदम भी शामिल हैं।
रपट में कहा गया है, ''भारत की आर्थिक वृद्धि 2018 में 7.3त्न और 2019 में 7.4त्न रहने का अनुमान है।ÓÓ
 यह आईएमएफ द्वारा अप्रैल 2018 में जारी विश्व आर्थिक परिदृश्य में जताए गए अनुमान से कम है। इसकी अहम वजह हाल में कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा होना और वैश्विक आर्थिक हालात का मुश्किल भरा होना बतायी गई है। हालांकि यह 2017 के 6.7त्न की आर्थिक वृद्धि दर से अधिक है।