Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


भारतसे कर विवादपर अंतिम सुनवाई अगस्तमें-केयर्न

नयी दिल्ली। ब्रिटेन की तेल खोज कंपनी केयर्न एनर्जी ने कहा कि भारत के साथ कर विवाद में अंतिम सुनवाई अब छह महीने देरी से यानी अगस्त, 2018 में शुरू होगी। पिछली तारीख से 10,247 करोड़ रुपये की कर मांग के मामले को केयर्न अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के लिए ले गई है। अंतराष्ट्रीय पंचाट अब इस पर अगले साल अगस्त में अंतिम सुनवाई करेगा। भारतीय इकाई में करीब एक दशक पुराने आंतरिक पुनर्गठन मामले में सरकार ने नए कानून के तहत अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कंपनी पर 10,247 करोड़ रुपये की कर मांग का नोटिस भेजा था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने अंतिम सुनवाई की तारीख अगले बढऩे की जानकारी दी है। हालांकि, कंपनी ने इस देरी की वजह नहीं बताई है। पहले अनुमान लगाया जा रहा था कि तीन सदस्यीय न्यायाधिकरण के समक्ष दिसंबर तक जवाब और प्रतिवाद दाखिल कर दिया जाएगा और इस पर अंतिम सुनवाई 2018 की शुरूआत में शुरू हो जाएगी। केयर्न ने कहा, ''न्यायाधिकरण ने कहा है कि हम उम्मीद करते हैं कि संबंधित पक्ष इस समयसीमा का कड़ाई से अनुपालन करेंगे और वह इस मामले में फैसला देने में तेजी से आगे बढऩे का प्रयास करेगा।ÓÓ केयर्न ने कहा कि उसकी अनुषंगी केयर्न यूके होल्डिंग्स को 2016 में भारतीय आयकर विभाग से आकलन आदेश मिला था। यह केयर्न इंडिया के भारत में आईपीओ से पले अंतर समूह पुनर्गठन के बारे में था। इस आदेश में 2012 में लागू कर कानून में पिछली तारीख से संशोधन का उल्लेख किया गया था। केयर्न ने आंतरिक पुनर्गठन के लिए समूह पर कर लगाने के प्रयास का विरोध किया था। इस आकलन आदेश में 10,247 करोड़ रुपये की कर मांग की गई थी। 2007 से 18,800 करोड़ रुपये का ब्याज भी लगाया गया था। हालांकि आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने 2016 में इसे खारिज कर दिया था।
निर्यातकोंने की जीएसटी रिफंड प्रक्रिया तेज करनेकी मांग
नयी दिल्ली। निर्यातकों ने केंद्र सरकार से जीएसटी रिफंड प्रक्रिया को तेज करने की मांग की है क्योंकि उन्हें डर है कि इस मद में 65000 करोड़ रुपए की बड़ी राशि अटक सकती है। राजस्व सचिव हसमुख अधिया की अध्यक्षता वाली निर्यातकों की समिति ने आठ निर्यात संवर्धन संगठनों से मुलाकात की ताकि जीएसटी के कार्यन्वयन के बाद उनकी चिंताओं को समझा जा सके। बैठक के बाद फियो के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा ?कि अगर रिफंड मिलना तत्काल शुरू नहीं होता है तो अक्टूबर के आखिर तक 65000 करोड़ रुपए अटक सकते हैं। इससे निर्यातकों की नकदी स्थिति और खराब होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस बारे में जल्द फैसला करेगी ताकि निर्यातकों को अन्य क्षेत्रों के समान अवसर मिल सके। बैठक के दौरान निर्यातकों ने जी एसटीआर 1 और जी एस टी आर 3बी डेटा के आधार पर रिफंड की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने पर जोर दिया।
भारतमें जीएसटी एक संरचनात्मक बदलाव
नयी दिल्ली। विश्वबैंक के भारत प्रमुख जुनैद अहमद ने जीएसटी को देश की कराधान नीति में संरचनात्मक बदलाव करार दिया। उन्होंने कहा कि इससे आठ प्रतिशत से अधिक की वृद्धि की संभावना मजबूत हुई है। भारत की वृद्धि दर २०१६-१७ में ७.१ प्रतिशत तथा चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में ५.७ प्रतिशत थी। अहमद ने एक उद्योग के कार्यक्रम में कहा, 'भारत आज संभवत: आठ प्रतिशत से अधिक वृद्धि दर हासिल करने की कगार पर है, क्योंकि भारत ने देश को एक बाजार में बदलने का बहुत साहसिक कदम उठाया। इसीलिए जीएसटी का लागू होना एक संरचनात्मक बदलाव है। यहां उद्योग मंडल पीएचडी चैंबर्स आफ कामर्स के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) कुशल तरीके से क्रियान्वित होता है, वृद्धि को काफी गति मिलेगी।