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25 मईसे घरेलू उड़ानें शुरू

नयी दिल्ली।  घरेलू यात्री उड़ान सेवा 25 मई से फिर शुरू करने की घोषणा के एक दिन बाद नागर विमानन मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को विमानन कंपनियोंए हवाईअड्डोंए यात्रियों तथा अन्य पक्षकारों के लिए दिशा.निर्देश जारी किए। मंत्रालय ने कहा कि वह हवाई किराए की न्यूनतम एवं अधिकतम सीमा निर्धारित करेगा और विमानन कंपनियों को कोविड.19 महामारी के दौर में इनका पालन करना होगा। उसने कहाए ष्ष्शुरुआत वाले दिन ;25 मई कोद्ध सीमित परिचालन ;लगभग एक तिहाईद्ध की अनुमति होगी। मंत्रालय ने कहा कि यात्रियों को उड़ान के निर्धारित समय से कम से कम दो घंटे पहले हवाईअड्डे पहुंचना होगा और वेब चेक.इन करा चुके यात्रियों को ही टर्मिनल में प्रवेश दिया जाएगा। उसने कहा कि केवल एक चेक.इन बैग ले जाने की इजाजत होगी और विमानों में एयरलाइन कंपनियां खान.पान की सुविधा नहीं देंगी। दिशा.निर्देशों के अनुसार विमान के उड़ान समय से 60 मिनट पहले यात्रियों की बोर्डिंग शुरू हो जाएगी और प्रस्थान समय से 20 मिनट पहले बोर्डिंग गेट बंद हो जाएगा। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लगे लॉकडाउन के बीच 25 मार्च से देश में सभी पूर्व निर्धारित यात्री उड़ान सेवाएं निलंबित हैं। नागर विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बुधवार को घोषणा की कि घरेलू यात्री उड़ानों को 25 मई से क्रमिक तरीके से बहाल किया जाएगा। 14 साल से कम आयु के बच्चों के लिए आरोग्य सेतु एप अनिवार्य नहीं है।  यात्रियों के लिए हवाईअड्डा टर्मिनल इमारत में प्रवेश करने से पहले थर्मल जांच क्षेत्र से गुजरना अनिवार्य होगा।  सभी राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को एयरपोर्ट के कर्मचारी और यात्रियों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट और प्राइवेट टैक्सी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। साथ ही सीआईएसएफ व ट्रफिक पुलिस को शहर में ट्रैफिक और कार पार्किंग की सख्ती से नजर रखने के साथ.साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने को कहा गया है। यात्रियों को दो घंटे पहले एयरपोर्ट पहुंचना होगा। साथ ही जिन यात्रियों की फ्लाइट अगले चार घंटे में होगी उन्हें ही एयरपोर्ट ट्रमिनल में प्रवेश की इजाजत होगी। हर चेकइन बैगेज को विमान में लोड करने से पहले और उतारने के बाद विसंक्रमित करने की जिम्मेदारी हवाई अड्डा संचालक की होगी। लॉन्ज में या किसी अन्य स्थान पर यात्रियों को अखबार या पत्रिकाएं उपलब्ध कराने से मना किया गया है। बुजुर्गए विकलांग या अकेले यात्रा करने वाले छोटे बच्चों की मदद करने वाले हवाई अड्डा कर्मचारियों के लिए पीपीई किट का इस्तेमाल अनिवार्य होगा। चेकइन के समय यात्रियों के बोर्डिंग पास की जांच वाले स्थानों पर कर्मचारी और यात्री के बीच शीशा लगाने के लिए कहा गया है जिसमें एक कोना मैग्निफाइंग ग्लास युक्त होना चाहिए जहां से बोर्डिंग पास का विवरण स्पष्ट दिख सके। ऐसा नहीं होने पर कर्मचारी के लिए फेस शील्ड का इस्तेमाल जरूरी होगा।  
हवाई अड्डे पर सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए बार.बार उद्घोषणा की जायेगी। साथ ही जगह.जगह सेनिटाइजर की व्यवस्था भी होगी।
निर्यात क्षेत्रमें सिर्फ  50 करोड़ रुपयेके निवेश मापदंडसे ही एमएसएमईका दर्जा मिलना चाहिए

नयी दिल्ली। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद ;एईपीसीद्ध ने गुरुवार को कहा कि निर्यात क्षेत्र में एमएसएमई का दर्जा देने के लिए सिर्फ 50 करोड़ रुपये के निवेश का ही मानदंड होना चाहिये। इसमें विनिर्माण इकाई के कारोबार को संज्ञान में नहीं लिया जाना चाहिये। सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्योग एमएसएमी मंत्री नितिन गडकरी को लिखे एक पत्र में एईपीसी के अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि चूंकि निर्यातकों का टर्नओवर विदेशी मु्द्रा दरों पर निर्भर करता है और पिछले 10 वर्षों से रुपया लगातार कमजोर हुआ हैए इसलिए उचित होगा कि सिर्फ निवेश का मानदंड रखा जाए और कारोबार सीमा को हटा दिया जाए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले सप्ताह 20 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा के दौरान एमएसएमई की परिभाषा में बदलाव की घोषणा की थी।  नई परिभाषा के अनुसार एक करोड़ रुपये तक निवेश और पांच करोड़ रुपये से कम कारोबार वाली फर्म को ष्सूक्ष्मष् के रूप में वर्गीकृत किया गया है। इसके बाद 10 करोड़ रुपये तक के निवेश और 50 करोड़ रुपये तक कारोबार करने वाली कंपनी को ष्लघुष् के रूप में वर्गीकृत किया गया है। ऐसे ही 20 करोड़ रुपये तक निवेश और 100 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनी को ष्मध्यमष् इकाइ के रूप में वर्गीकृत किया गया है।  शक्तिवेल ने कहा कि निर्यात उद्योग केवल 50 करोड़ रुपये निवेश की कसौटी पर खरा उतरने की ही सलाह देगाए जैसा प्रावधान पहले था। उन्होंने कहा कि अगर कारोबार का मापदंड जरूरी है तो इसकी सीमा बढ़ाकर 300 करोड़ रुपये करनी चाहिए।