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बिटकाइनके खिलाफ बैंकोंने उठाया बड़ा कदम

नयी दिल्ली। बिटकॉइन ने पूरी दुनिया में धूम मचा रखी है। यह एक वर्चुअल करेंसी है जिसे बेचकर बहुत से लोगों ने फायदा उठाया है। अब देश के कई बड़े बैंकों ने बिटकॉइन एक्सचेंज के खिलाफ कड़े कदम उठाते हुए उनके बैंक खातों को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के मुताबिक एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और यस बैंक ने संदिग्ध लेनदेन को लेकर बिटकॉइन से जुड़े कई खाते बंद करने का आदेश दिया है। बैंक ने इन एक्सचेंज को चलाने वाले मालिकों से कर्ज के एवज में ज्यादा गारंटी की मांग की है और उनके खाते से पैसा निकालने की अधिकतम सीमा भी तय कर दी है। जेबपे, यूनोकॉन, कॉइनसिक्यॉर और बीटीसीएक्स इंडिया जैसे टॉप बिटकॉइन एक्सचेंजों पर बैंकों ने अपना ऐक्शन शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने बिटकॉइन  पर लगाम लगाने के लिए इसमें लेनदेन करने वाले हजारों लोगों को टैक्स नोटिस भेजा है। देशभर में किए सर्वे के आधार पर पता लगाया है कि 17 महीने के दौरान 3.5 बिलियन का लेनदेन हुआ है। जिसके बाद विभाग ने नोटिस भेजने का फैसला लिया है। पुणे, बेंगलुरु, मुंबई और दिल्ली सहित 9 एक्सचेंज से डाटा इक_ा करने के बाद नोटिस भेजे गए हैं।
दुनियाभर की सरकारें इस क्रिप्टोकरेंसी पर लगाम लगाने की कोशिश कर रही हैं। टैक्स अधिकारियों ने बताया कि बिटकॉइन और दूसरी वर्चुअल करेंसी में निवेश करने वाले लोगों में युवा निवेशक, टेक-सेवी, रियल एस्टेट प्लेयर्स और ज्वैलर्स शामिल हैं। सरकारों का कहना है कि इसके जरिए कालेधन को सफेद करने के साथ ही टैक्स बचत करने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। बता दें कि सरकार की ओर से क्रिप्टोकरंसीज में निवेश करने वाले लोगों को कई बार हिदायत दी जा चुकी है। हालांकि इस पर सीधे तौर पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। अनुमानों के मुताबिक हर महीने करीब 2 लाख लोग क्रिप्टोकरंसीज में ट्रांजैक्शन करते हैं।
बजट २०१८ : आ सकती है टैक्स बचानेवाली नयी म्युचुअल फंड स्कीम

नयी दिल्ली। एक फरवरी 2018 को पेश होने वाला इस बार का बजट कुछ अलग होने वाला है। वित्तमंत्री अरुण जेटली बजट में सेक्शन 80 सी के तहत एक डेट म्युचुअल फंड स्कीम ला सकते हैं। इसका मतलब आप इस स्कीम में निवेश कर टैक्स बचा सकेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमको आशा है कि डेट स्कीम को भी ई.एल.एस.एस. की तरह टैक्स छूट का दर्जा मिलेगा। इस पर लंबे समय से बात चल रही थी और सरकार इस प्रोडक्ट के पक्ष में है। अभी इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ई.एल.एस.एस.) के तहत ही टैक्स छूट का फायदा मिलता है। यह स्कीम सेक्शन 80 सी में शामिल है जिसमें 1.5 लाख रुपए तक टैक्स छूट का फायदा उठाया जा सकेगा। ई.एल.एस.एस. अधिकतर पैसा शेयरों मे लगाती है। इसलिए पारंपरिक निवेशक इससे दूर रहते हैं। पिछले 2 साल इंडस्ट्री इस बात को मनवाने में लगी थी कि कम जोखिम उठाने वाले निवेशकों के लिए डेट म्युचुअल फंड स्कीम में निवेश का विकल्प होना चाहिए। नई डेट स्कीम में 2 साल का लॉकइन पीरियड हो सकता है। ई.एल.एस.एस. में भी 3 साल का लॉकइन पीरियड है। नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट में 5 साल का लॉकइन पीरियड है। मतलब अगर इस समय से पहले पैसा निकाला तो आपको टैक्स छूट का फायदा नहीं मिलेगा।