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भविष्यमें जल्द हो सकती है विदेशी निवेशकोंकी हिस्सेदारी

किशोर बियानी की फ्लैगशिप कंपनी फ्यूचर रिटेल अगले दो महीनों में एक विदेशी निवेशक के साथ डील कर सकती है। बियानी ने बताया, बिजनेस बढऩे के साथ ही आपको अलायंस की जरूरत होती है। हम 10 पर्सेंट से अधिक हिस्सेदारी नहीं बेच सकते। ऐसे में फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर (एफपीआई) से डील हमारे लिए अकेला रास्ता है। इस सौदे में दो-तीन महीने लग सकते हैं। हालांकि, बियानी ने फॉरेन इनवेस्टर का नाम नहीं बताया।  फ्यूचर ग्रुप दुनिया की दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन के साथ डील के लिए भी अंतिम दौर की बातचीत कर रहा है। इस डील से फ्यूचर ग्रुप और एमेजॉन अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट और भारत की फ्लिपकार्ट के मर्जर के बाद बनने वाली संयुक्त कंपनी के मुकाबले में आ सकते हैं।
भारत में मल्टी-ब्रांड रिटेल में विदेशी इनवेस्टमेंट की अनुमति नहीं है, लेकिन एमेजॉन अपनी इनवेस्टमेंट यूनिट के जरिए एक रिटेल कंपनी में निवेश कर सकती है। इसी नजरिए से उसने शॉपर्स स्टॉप में 5 पर्सेंट हिस्सेदारी ली है। यह यूनिट एक फॉरेन पोर्टफोलियो इनवेस्टर के तौर पर रजिस्टर्ड है और एक सिंगल फर्म के तौर पर किसी भारतीय कंपनी में 10 पर्सेंट तक स्टेक ले सकती है। हालांकि, एक भारतीय कंपनी कई एफपीआई को 49 पर्सेंट तक हिस्सेदारी बेच सकती है। पिछले छह वर्षों में बियानी ने आधा दर्जन सुपरमार्केट स्टोर चेन एक्वायर की हैं। उनके पास 255 शहरों में 1,030 से अधिक स्टोर्स हैं। बियानी का मानना है कि फ्यूचर ग्रुप के पास मौजूद लगभग 50 करोड़ कस्टमर्स के बड़े डेटाबेस से उन्हें डील करने में मदद मिलेगी। बियानी ने कहा, प्रत्येक कंपनी को फिजिकल मौजूदगी की जरूरत होती है। हालांकि, डेटा मेरी सबसे बड़ी संपत्ति है। फ्यूचर ग्रुप के पास लगभग तीन करोड़ लॉयल कस्टमर्स और पिछले वर्ष ग्रुप के स्टोर्स में आने वाले करीब 50 करोड़ कंज्यूमर्स का डेटा है। देश के रिटेल मार्केट में किसी भी कंपनी के पास इतना बड़ा डेटाबेस नहीं है। इसकी तुलना में देश में ऑनलाइन शॉपर्स की कुल संख्या 10.8 करोड़ है।

इलारगीर सॉल्यूशंस की डायरेक्टर रुचि सैली ने कहा, 'भारत में एमेजॉन ऑनलाइन सेगमेंट से आगे बढ़ रही है और यह निश्चित तौर पर फिजिकल सेगमेंट में सफल रिटेलर्स से सीखना चाहेगी।'

फ्यूचर ग्रुप का मानना है कि ऑनलाइन कंपनियों के लिए भारतीय मार्केट में फिजिकल मौजूदगी बनाना महत्वपूर्ण होगा। उदाहरण के लिए, चीन या अमेरिका में 80 पर्सेंट से अधिक कंज्यूमर्स अभी भी फिजिकल रिटेल स्टोर्स से खरीदारी करते हैं।

अधिकतर कंज्यूमर कंपनियां अपनी सेल्स का जायजा लेने और नए प्रॉडक्ट लॉन्च करने के लिए बाहरी डेटा पर निर्भर कर रही हैं।

सरकार ऑनलाइन रिटेलर्स के लिए पॉलिसी बनाने पर काम कर रही है। इसमें क्च2ष्ट ई-कॉमर्स में 49 पर्सेंट फॉरेन डायरेक्ट इनवेस्टमेंट (स्नष्ठढ्ढ) जैसी महत्वपूर्ण सिफारिशें शामिल हैं। लेकिन इसमें कंट्रोल और मैनेजमेंट भारतीयों के हाथ में रखना अनिवार्य बनाया जा सकता है।
तेलंगानाको चिकित्सा क्षेत्रमें मिला
दस हजार करोड़से अधिकका निवेश
हैदराबाद। तेलंगाना ने पिछले चार साल में चिकित्सा क्षेत्र में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित किया है। राज्य सरकार ने सोमवार को यह दावा किया। सरकार ने कहा कि इसमें शोध एवं विकास में किया गया तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश शामिल है। सरकार ने कहा कि उसका लक्ष्य भविष्य में इस उद्योग को 100 अरब डॉलर का बनाना है। एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि 2015 में तेलंगाना औद्योगिक नीति पेश करने के बाद शोध एवं विकास में 100 से अधिक को मिलाकर कुल 700 निवेश प्रस्ताव राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत किये गये हैं। इनमें से 80 प्रतिशत क्रियान्वयन की अवस्था में हैं। राज्य के आईटी एवं उद्योग मंत्री केटी रामाराव ने कहा, ''पिछले चार साल में जीवन विज्ञान का क्षेत्र निवेश के लिए चुंबक रहा है और इसने शोध एवं विकास में तीन हजार करोड़ रुपये समेत कुल 10,222 करोड़ रुपये के निवेश आकर्षित किये। हमें खुशी है कि हमारी नीतियां फल दे रही हैं।ÓÓ उन्हने कहा, ''हम बड़ा सपना देख रहे हैं। हम क्षेत्र का आकार दुगुना कर इसे 100 अरब डालर तक पहुंचाना चाहते हैं।ÓÓ
एलएंडटी कंस्ट्रक्शनको 3,028 करोड़का ठीका
नयी दिल्ली। दिग्गज इंजीनियरिंग कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (एलएंडटी) की निर्माण शाखा एलएंडटी कंस्ट्रक्शन को घरेलू बाजार में 3,028 करोड़ रुपए का ठेका मिला है। कंपनी ने आज यह जानकारी दी। एलएंडटी ने बंबई शेयर बाजार को बताया कि एलएंडटी कंस्ट्रक्शन की इमारत एवं कारखाना कारोबार को जीएमआर हैदराबाद अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (जीएचआईएएल) से 3,028 करोड़ रुपये का इंजीनियरिंग, खरीद, निर्माण (ईपीसी) ठेका हासिल हुआ है। कंपनी ने कहा कि यह ठेका हैदराबाद स्थित राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के र्टिमनल की इमारत के विस्तार और एयरसाइड (हवाई अड्डे में पासपोर्ट, सीमा शुल्क और सुरक्षा जांच वाला क्षेत्र) बुनियादी ढांचे से जुड़ा है।