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डाकिया बनेगा बैंकर, ग्रामीण क्षेत्रोंमें पहुंचायेगा डिजिटल लेन-देनकी सुविधा

नयी दिल्ली। अब आपके इलाके का डाकिया सिर्फ चिठ्ठी देने का काम नहीं करेगा बल्कि वह घर-घर जाकर बैंकिंग सेवाएं भी देगा। बतां दें कि केंद्र सरकार नकद लेन-देन को कम करने के मकसद से डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने में लगी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले ज्यादातर लोगों के पास स्मार्टफोन नहीं होने या फिर इंटरनैट की ज्यादा जानकारी नहीं होने के कारण इस तरह के लेन-देन नहीं कर पाते। ऐसे में पोस्ट पेमेंट बैंक में काम करने वाला डाकिया उनकी मदद करेगा और उन्हें बैंकों से जोडऩे में मदद करेगा। सरकार का मानना है कि डाकिये को प्रत्येक व्यक्ति के बारे में पता है और वो ऐसे लोगों का भी खाता खुलवा सकता है जो बैंकिंग सेवाओं का आज तक प्रयोग नहीं कर रहे हैं। इसके लिए पोस्टल डिपार्टमेंट ने अपने सभी पोस्टमैन को ट्रेनिंग भी देना शुरू कर दिया है। पूरे देश में इस वक्त इंडिया पोस्ट के 1.55 लाख पोस्ट ऑफिस हैं। 650 भुगतान बैंक उनकी सहायता करेंगे। इसके तहत एक लाख रुपए तक का बचत खाता, 25 हजार तक की जमा राशि पर पर 5.5 फीसदी ब्याज, चालू खाता और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं मिलेंगी। वहीं आधार भुगतान का पता बन जाएगा। एक बार सेवा शुरू होने के बाद आई.पी.पी.बी. देश का सबसे बड़ा वित्तीय सेवा नेटवर्क बन जाएगा।  देश के अन्य बैंक अपने ए.टी.एम. कार्ड और इंटरनैट बैंकिंग की सुविधा के लिए चार्ज करते हैं लेकिन पोस्ट ऑफिस पेमेंट बैंक के कस्टमर को ए.टी.एम. लेने के लिए आपको किसी तरह का कोई चार्ज नहीं देना होगा।
इंडियाबुल्सका चौथी तिमाही मुनाफा २३ फीसदी बढ़कर १,०३० करोड़ हुआ

मुंबई। आवास ऋण उपलब्ध कराने वाली इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस का शुद्ध लाभ मार्च में समाप्त चौथी तिमाही में 23 प्रतिशत बढ़कर 1,030 करोड़ रुपये हो गया है। ऋण वृद्धि में तेजी और कम खर्च से कंपनी का मुनाफा बढ़ा है। एक वर्ष पहले इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ 840 करोड़ रुपये था। कंपनी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक गगन बंगा ने कहा कि, ऋण में वृद्धि, परिचालन व्यय में कमी और शुल्क आय में कुछ तेजी लाभ में वृद्धि की मुख्य वजह रही। कंपनी का वित्त वर्ष 2017-18 में शुद्ध लाभ 32.4 प्रतिशत उछलकर 3,847 करोड़ रुपये हो गया जबकि इसके पिछले वित्त वर्ष में मुनाफा 2,906.4 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2017-18 में ऋण परिसंपत्तियां 34.3 प्रतिशत बढ़कर 1,22,577.8 करोड़ रुपये हो गयी , जो कि इससे पिछले वित्त वर्ष में 91,301.3 करोड़ रुपये थी। बंगा ने कहा कि वित्त वर्ष 2017-18 में कंपनी ने ऋण बाजार से 45,000 करोड़ रुपये जुटाए और चालू वित्त वर्ष में उसकी योजना 50,000 करोड़ रुपये जुटाने की है।
पेंशन खातेके साथ बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर लिंक करना जरूरी
नयी दिल्ली। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्डरिंग एक्ट (पीएमएलए) के दिशानिर्देशों के अनुसार, पी एफ आर डी ए ने भी फॉरेन अकाउंट टैक्स कंपलायंस एक्ट (एफएटीसीए) और सेंट्रल रजिस्टी ऑफ सिक्योरिटाइजेशन असेट रीकंस्ट्रक्शन एंड सिक्योरिटी इंटरेस्ट (सी ई आर एस ए आई) वर्तमान और नये हर प्रकार के ग्राहकों के लिए अनिवार्य कर दिया है। पीएफआरडीए पेंशनधारकों की सुविधा के लिए एनपीएस संचालन में आने वाली कमियों को दूर करने के लिए समय-समय पर उचित पहल करता रहता है। नई प्रक्रिया पेंशन खाता खोलने, पेंशन लेने और शिकायतों को सुलझाने में काफी मददगार साबित होगा। वित्त मंत्रालय ने अपने एक वकतव्य में कहा कि पेंशन खाते से मोबाइल नंबर और बैंक खाता जोडऩे से ग्राहकों की समस्या दूर करने में आसानी होगी।