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वॉट्सऐपपर लीक हो रहे कम्पनियोंके वित्तीय नतीजे

नयी दिल्ली। बाजार नियामक सेबी उन शिकायतों की जांच करेगा जिनमें कहा गया है कि सूचीबद्ध कंपनियों के वित्तीय नतीजे सार्वजनिक होने से पहले कुछ लोगों ने कथित रूप से सोशल मीडिया ग्रुप पर इसका विवरण शेयर कर दिया। दरअसल, डॉ. रेड्डी लैबरेट्रीज के तिमाही नतीजे आने से पहले एक मेसेज कई वॉट्सऐप ग्रुप्स में भेजा गया, इस मेसेज मे कहा गया था कि इस बार के तिमाही नतीजों में कंपनी को घाटे का सामना करना पड़ेगा।
सेबी के एक अधिकारी ने पहचान की गोपनीयता बरतने की शर्त पर कहा कि सेबी ब्रोकरों और सूचीबद्ध कंपनियों से जानकारी मांगेगा कि सोशल ग्रुप पर जानकारी शेयर करने वाले लोग कहीं उनसे जुड़े हुए तो नहीं हैं। कंपनियों के वित्तीय नतीजों के बारे में ज्यादातर जानकारियां एसएमएस और वॉट्सऐप समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दी जा रही हैं। इसमें कुछ स्थापित ब्रोकिंग फर्मों और एक्सचेंजों के नामों का भी उल्लेख है।
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज लि. के तिमाही वित्तीय नतीजे जारी होने से तीन दिन पहले एक प्राइवेट वॉट्सऐप ग्रुप पर एक मैसेज शेयर किया गया जिसमें बताया गया कि कंपनी घाटा होने की घोषणा करेगी। बाद में जब नतीजे आए तो वास्तव में डा. रेड्डीज ने नतीजों में नुकसान होने की जानकारी सार्वजनिक की। यह मैसेज 45 सदस्यों वाले मार्कीट चैटर नाम के प्राइवेट ग्रुप पर किसी व्यक्ति ने पोस्ट किया था। कई विशेषज्ञों को कंपनी को लाभ होने की उम्मीद थी। लेकिन कंपनी ने 58.7 करोड़ रुपए घाटे की घोषणा की। इसके बाद इसका शेयर 4.4 फीसदी गिर गया। कंपनियों के नतीजों पर पूर्वानुमान जताने वाला यह पहला मामला नहीं है बल्कि इस तरह कई मामले सामने आए हैं।
किसानोंके लिए नया एप, कीमतों के उतार चढ़ावकी टेंशन खत्म

बेंगलूरु। खाद्य सामग्रियों व किराने के सामान की आनलाईन बिक्री के लिए विकसित कि ए गए एक मोबाइल एप, 'ट्राइब नेशनÓ ने आज से बेंगलूरु में अपना परिचालन शुरू किया है जिसमें बॉलीवुड अभिनेता और गायक लकी अली तथा एक स्थानीय उद्यमी ने निवेश किया हुआ है। 'ट्राइब नेशनÓ एक आसानी में उपयोग में लाया जा सकने वाला एप मॉडल है जिसके जरिए स्थानीय किसानों के उगाए गए किराने के सामानों और ताजा खाद्य उत्पादों को आसानी से ग्राहकों को उपलब्ध कराया जा सकता है और कीमतों के उतार चढ़ाव आने की ङ्क्षचता को खत्म किया जा सकता है। लकी अली ने कहा कि 'ट्राइब नेशनÓ एक 'एप्पÓ है जिसका ग्राहक बना जा सकता है और जो ग्राहकों को गांव के किसानों के हाथ से तोड़े गए, अपने हाथ से साफ किय गए, स्वच्छ, ताजा, खेतों में उगे उत्पादों को सीधा ग्राहकों को पहुंचाने की सुविधा देता है। उन्होंने कहा कि बेंगलूरु से शुरू करने के बाद हमारी आने वाले वर्षो में इसकी सूची में हैदराबाद और पुणे को भी जोडऩे का उद्देश्य है।
पेटीएमसे जमकर करें शॉपिंग, बिना ब्याज २० हजारका लोन देगा यह बैंक

paytm के लिए चित्र परिणाम
नयी दिल्ली। ई-वॉलिट कंपनी पेटीएम ने आई.सी.आई.सी.आई. बैंक के साथ मिलकर 'पहले खर्च और बाद में बिल के भुगतानÓ वाली क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधा शुरू की है। पेटीएम तथा बैंक ने बताया कि 'पेटीएम-आई. सी. आई. सी. आई. बैंक पोस्टपेडÓ नाम से शुरू की गई इस सुविधा के तहत ई-वॉलिट में पैसा नहीं होने के बाद भी पेटीएम के उपभोक्ता क्रेडिट लिमिट तक की राशि खर्च कर सकते हैं। उन्हें पेटीएम को इस राशि के भुगतान के लिए 45 दिन तक का समय मिलेगा।
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए फिलहाल पेटीएम और आई.सी.आई.सी.आई. बैंक दोनों का ग्राहक होना जरूरी होगा। बाद में यह गैर-आई.सी.आई.सी.आई. बैंक ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल क्रेडिट खाता खोलने के लिए किसी तरह के कागजात जमा कराने या बैंक की शाखा में जाने की जरूरत नहीं होगी। खाते के एक्टिवेशन की प्रक्रिया भी पूरी तरह ऑनलाइन होगी। पेटीएम ने स्पष्ट किया है कि इस पर किसी तरह का छुपा हुआ प्रशासनिक शुल्क, ट्रांजेक्शन शुल्क या खाता खुलवाने का शुल्क नहीं होगा। ग्राहकों के रिकॉर्ड के आधार पर आई.सी.आई.सी.आई. बैंक यह तय करेगा कि किस ग्राहक को यह सुविधा दी जा सकती है और उनके खाते की लिमिट कितनी होगी। फिलहाल यह सुविधा सिर्फ चुनिंदा ग्राहकों आरंभिक लिमिट तीन हजार रुपए से 10 हजार रुपए के बीच होगी जिसे बाद में 20 हजार रुपए तक बढ़ाया जा सकेगा। बिल हर महीने की पहली तारीख को जेनरेट होगा और भुगतान 15 तारीख तक करना होगा। ग्राहक पेटीएम वॉलिट, डेबिट कार्ड या किसी भी बैंक के इंटरनेट बैंकिंग के माध्यम से बिल का भुगतान कर सकते हैं।