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टाटा स्टील, थाइसेनक्रम विलयके लिए सहमत

नयी दिल्ली। टाटास्टील ने जर्मनी की इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी थाइसेनक्रप के साथ करार कियाहै। इस करार के तहत दोनों कंपनियां यूरोप में अपने इस्पात कारोबार का 50:50 अनुपातवाली संयुक्त उद्यम कंपनी में करेंगी। घरेलू इस्पात कंपनी ने बयान में कहा, ''टाटास्टील और थाइसेनक्रप एजी ने सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत एकबड़े यूरोपीय उपक्रम का सृजन होगा।

यूरोप में दोनोंकंपनियों के फ्लैट इस्पात कारोबार तथा थाइसेनक्रप समूह के स्टील मिल सेवा कारोबारको एकीकृत किया जाएगा।ÓÓ प्रस्तावित 50:50 अनुपात का संयुक्त उद्यम थाइसेनक्रपटाटा स्टील का मुख्यालय नीदरलैंड के एम्टर्डम में होगा। बयान में कहा गया है कि यहउपक्रम प्रीमियम और विभिन्न प्रकार के उत्पादों की आपूर्ति करेगा। सालाना 2.1करोड़ टन फ्लैट स्टील उत्पादों की आपूर्ति की जाएगी। यह विलय गैर नकद लेनदेन मेंउचित मूल्यांकन पर होगा।

दोनों कंपनियोंके शेयरधारक ऋण और देनदारियों में योगदान करेंगे। टाटा स्टील के चेयरमैन एनचंद्रशेखरन ने कहा, ''थाइसेनक्रम समूह के साथ यूरोप में भागीदारी आगे बढ़ रही है।इससे टाटा स्टील भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का लाभ उठाने की स्थिति मेंहोगी और मूल्यवर्धित उत्पाद पेश कर ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करेगी।ÓÓ

नयी दिल्ली। टाटास्टील ने जर्मनी की इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी थाइसेनक्रप के साथ करार कियाहै। इस करार के तहत दोनों कंपनियां यूरोप में अपने इस्पात कारोबार का 50:50 अनुपातवाली संयुक्त उद्यम कंपनी में करेंगी। घरेलू इस्पात कंपनी ने बयान में कहा, ''टाटास्टील और थाइसेनक्रप एजी ने सहमति ज्ञापन (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं, जिसके तहत एकबड़े यूरोपीय उपक्रम का सृजन होगा। यूरोप में दोनों कंपनियों के फ्लैट इस्पातकारोबार तथा थाइसेनक्रप समूह के स्टील मिल सेवा कारोबार को एकीकृत किया जाएगा।ÓÓप्रस्तावित 50:50 अनुपात का संयुक्त उद्यम थाइसेनक्रप टाटा स्टील का मुख्यालयनीदरलैंड के एम्टर्डम में होगा। बयान में कहा गया है कि यह उपक्रम प्रीमियम औरविभिन्न प्रकार के उत्पादों की आपूर्ति करेगा। सालाना 2.1 करोड़ टन फ्लैट स्टीलउत्पादों की आपूर्ति की जाएगी। यह विलय गैर नकद लेनदेन में उचित मूल्यांकन परहोगा। दोनों कंपनियों के शेयरधारक ऋण और देनदारियों में योगदान करेंगे। टाटा स्टीलके चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, ''थाइसेनक्रम समूह के साथ यूरोप में भागीदारीआगे बढ़ रही है। इससे टाटा स्टील भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का लाभ उठानेकी स्थिति में होगी और मूल्यवर्धित उत्पाद पेश कर ग्राहकों की जरूरतों को पूराकरेगी।ÓÓ

यूनिटेकरातों-रात भागने वाली नहीं-चेयरमैन

नयी दिल्ली।संकटग्रस्त कंपनी यूनिटेक ने कहा कि वह रातों-रात भागने वाली कंपनी न होकर गंभीरकंपनी है। उसने कहा कि परियोजना में हो रही देरी के लिए अनुबंध के तहत खरीदारों कोमुआवजा दिया जाएगा। बंबई शेयर बाजार ने धोखाधड़ी के मामले में कंपनी के शीर्षप्रबंधन को पुलिस हिरासत में लिये जाने संबंधी सात सितंबर को आयी रिपोर्ट के बारेमें स्पष्टीकरण मांगा था। कंपनी के चेयरमैन रमेश चंद्र ने स्पष्टीकरण में बताया किकंपनी भारत के शीर्ष कारोबारी समूहों में से एक है और देश में रियल इस्टेट एवंढांचागत विकास क्षेत्र में 40 साल से अधिक के परिचालन का अनुभव रखती है। उन्होंनेकहा, ''अलग शब्दों में कहें तो हमारी कंपनी गंभीर रियल इस्टेट डेवलपर है न किरातों रात भाग जाने वाली कोई कंपनी।ÓÓ उन्होंने आगे कहा कि प्रॉपर्टी बाजार मेंसुस्ती तथा कीमतों में गिरावट के कारण घरों के खरीदार अपने निवेश को वापस मांग रहेहैं या देरी के लिए अधिक मुआवजा चाह रहे हैं। चंद्रा ने कहा, ''उपभोक्ताओं मेंडेवलपरों के खिलाफ आधारहीन आपराधिक मामले या शिकायतें दर्ज कराने का चलन बढ़ा हैताकि वे बुकिंग की कीमत कम करने, अधिक जुर्माना या ब्याज पाने, पैसा वापस लेने आदिजैसी गैरकानूनी मांगें पूरी कराने के लिए दबाव डाल सकें।Ó चंद्रा ने कहा कि यहमामला उस प्राथमिकी से संबंधित था जो एक 85 वर्षीय महिला ने धोखाधड़ी का आरोपलगाकर दर्ज कराया था। उसने आरोप लगाया था कि उसके द्वारा 2006 में बुक कराये गयेएक अपार्टमेंट को तैयार करने में देरी हुई। यह मामला आपराधिक न होकर दिवानी है।उन्होंने आगे बताया कि इस मामले में कंपनी के दो प्रबंध निदेशकों को जमानत मिलचुकी है। अब यह मामला विवाद के सौहार्दपूर्ण निपटारे के लिए मध्यस्थता केंद्र केसामने लंबित है।

न्यूनतम समर्थनमूल्यपर होगी दलहनोंकी खरीद

नयी दिल्ली।खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने देश में दलहनोंकी कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आने पर चिंता व्यक्त करते हुए आज कहा किसरकार किसानों से दलहनों की खरीद करेगी ताकि उन्हें उचित कीमत मिल सके। पासवान नेकहा कि देश के कुछ हिस्सों से दलहनों की कीमतों के न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचेआने की शिकायत मिली है। उन्होंने किसानों को दलहनों की खरीद उचित मूल्य पर करने काभरोसा देते हुए कहा कि उन्हें अरहर का सही मूल्य मिले इसके लिए इसका निर्यात शुरुकिया गया है। उन्होंने सरकारी संस्थाओं, रक्षा क्षेत्र और नैफेड से अधिक से अधिकखरीद करने का अनुरोध करते हुए कहा कि किसानों के प्रयास से दलहनों की पैदावार मेंभारी वृद्धि हुई है और इसके आयात में काफी कमी आई है। उन्हेंने कहा कि एक समयदालों का मूल्य 200 रुपए प्रति किलो पहुंच गया गया था इसके बाद सरकार ने इसकेमूल्य को नियंत्रित करने के लिए दालों का 20 लाख टन का बफर स्टॉक बनाने का निर्णयलिया। पासवान ने कहा कि बफर स्टॉक में अभी 18.5 लाख टन दालें हैं। चावल और गेहूंकी तुलना में दालों का कम समय में उपयोग करना जरुरी होता है। इसके मद्देनजर सरकारदालों को जल्द से जल्द बाजार में उपलब्ध कराना चाहती है। उन्होंने कहा कि नवंबर सेगन्ना की पेराई शुरु हो जाएगी। उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य स्थानों में गन्ने कीअच्छी फसल है तथा कुछ राज्यों से गन्ने की पेराई जल्द शुरु करने का भी अनुरोध कियागया है।

 

उन्होंने कहा किइसके कारण ही वह कहते हैं कि चीनी की कमी नहीं होने दी जाएगी।