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अब पासपोर्टकी तरह बनेंगे आधार कार्ड

नयी दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने पासपोर्ट सेवा केंद्रों की तर्ज पर देश के विभिन्न शहरों में आधार सेवा केंद्र की स्थापना की योजना बनाई है। प्राधिकरण की योजना भारत के 53 शहरों में 300-400 करोड़ रुपए की लागत से इन केंद्रों की स्थापना करना है।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित केंद्र आधार के पंजीकरण, अपडेट कराने सहित अन्य गतिविधियों में सहायक सिद्ध होंगे। ये यूआईडीएआई के अपने केंद्र होंगे। उन्होंने बताया कि ये केंद्र देश के विभिन्न हिस्सों में बैंकों और डाकघरों की शाखाओं एवं सरकारी परिसरों में चल रहे 30,000 आधार सेवा केंद्रों से इतर होंगे। यूआईडीएआई के अधिकारियों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि इन केंद्रों की स्थापना का लक्ष्य लोगों को आधार पंजीकरण एवं सूचना को अपडेट कराने की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि 53 शहरों में स्थापित किए जाने वाले ये केंद्र अप्रैल, 2019 से काम करने लगेंगे। एक आंकलन के मुताबिक करीब 4 लाख लोग प्रतिदिन अपनी आधार संबंधी जानकारी (पता, फोटो, मोबाइल नंबर इत्यादि) को अपडेट करते हैं। वहीं करीब एक लाख लोग आधार के लिए पंजीकरण कराते हैं।
अधिकार क्षेत्रसे बाहर आने वाले करदाताओंके खिलाफ होगी काररवाई

नयी दिल्ली। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार के कर अधिकारियों से जीएसटी की चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है, भले ही वे किसी भी अधिकार क्षेत्र में क्यों न आते हों। बोर्ड ने राजस्व चोरी पर अंकुश लगाने के लिए यह कदम उठाया है। सीबीआईसी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा कि केंद्र तथा राज्य के अधिकारी सूचना आधारित प्रवर्तन कार्रवाई कर सकते हैं, भले ही करदाता उस अधिकारी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता हो। पिछले साल एक जुलाई से लागू माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के तहत केंद्र तथा राज्य अधिकारियों को सालाना कारोबार के आधार पर करदाताओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पत्र में इस बारे में चीजों को स्पष्ट किया गया है कि भले ही करदाता राज्य कर प्राधिकरण के अंतर्गत आते हों, केंद्र सरकार के कर अधिकारी कार्रवाई कर सकते हैं। इसी प्रकार राज्य सरकार के अधिकारी केंद्रीय प्राधिकार के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में गड़बड़ी करने वाले करदाताओं के खिलाफ कदम उठा सकते हैं। जीएसटी परिषद ने जनवरी 2017 में यह निर्णय किया था कि केंद्र तथा राज्य कर प्रशासन दोनों को सूचना आधारित प्रवर्तन कार्रवाई करने का अधिकार होगा। सीबीआईसी ने कहा, ''केंद्रीय कर और राज्य कर दोनों के अधिकारियों को सूचना के आधार पर प्रवर्तन कार्रवाई शुरू करने का अधिकार हो, भले ही करदाता किसी दूसरे प्राधिकार के अंतर्गत क्यों नहीं आता हो।ÓÓ बोर्ड ने कहा कि कार्रवाई शुरू करने वाले प्राधिकरण को जांच प्रक्रिया पूरी करने का अधिकार होगा। वह कारण बताओ नोटिस जारी कर सकती है, कर वसूली कर सकता है और जरूरत मुताबिक अपील दायर आदि कदम उठा सकता है। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर अधिकारी राज्य अधिकारियों को नहीं भेजेंगे। दूसरी तरफ राज्य अधिकारी भी केंद्रीय क्षेत्र में आने वाले मामलों को केंद्र सरकार के कर अधिकारियों को नहीं भेजेंगे। अधिकारियों के अनुसार सीबीआईसी के इस कदम से गड़बड़ी करने वाले करदाताओं के खिलाफ शीघ्रता से कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और साथ ही कर चोरी पर लगाम लगेगा। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह हर महीने एक लाख करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा है।
टेनेईरा का एक्ज़ीबिशन एंड सेल १३ से
इलाहाबाद। टाइटन के नये ब्रांड टेनेईरा द्वारा इलाहाबाद में इसके पहले एक्ज़ीबिशन कम सेल प्रदर्शनी सह बिक्री शो का आयोजन किया जाने वाला है। इसका आयोजन १३ से १६ अक्टूबर तक जलसाघर तनष्कि स्टोर के पास,सिविल लाइन्स में किया जायेगा। इसमें लगभग १५०० अनूठी साडिय़ां प्रदर्शनी के लिये रखी जायेंगी। इस शो में आने वाले आगंतुकों को चंदेरी व माहेश्वरी, बंगाल, भागलपुर, कांजीवरम, साउथ सिल्क, राजकोट के इक़त और पोचमपल्ली के अलावा टेनेईरा के कई अन्य बेहतरीन कलेक्शन देखने का मौका मिलेगा। इलाहाबाद ट्रंक शो के बारे में बताते हुएए सुश्री श्यामला रामानन,बिजनेस हेड टेनेईरा,टाइटन कंपनी लिमिटेड ने कहाए हम पहली बार इलाहाबाद आये हैं और त्योहार के इस मौसम में पूरे भारत भर की साडिय़ों को प्रदर्शित करने के लिये हम बेहद उत्सुक हैं।  इलाहाबाद में होने वाली प्रर्दशनी में उत्पादों की काफी विस्तृत रेंज हैंय कुछ एक्सक्लूसिव साडिय़ां भी रखी जायेंगी। इनमें असम की बोडो,प्रसिद्ध पाटन पटोला, नाज़ुक मलमल ज़मदानी और प्योर कोटा डोरिया शामिल हैं।