Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


सिगरेटपर ऊंची कर दरोंसे उद्योगपर पड़ रहा दबाव

नयी दिल्ली। सिगरेट सहित विविध कारोबार करने वाली अग्रणी कंपनी आईटीसी ने कहा है कि उसे एक के बाद एक कर बोझ वहन करना पड़ रहा है जिससे उद्योग पर काफी दबाव बन गया है। वर्ष 2017 के बजट में पहले उत्पाद शुल्क वृद्धि का दबाव सहना पड़ा और उसके बाद अब उसे सिगरेट पर जीएसटी में मुआवजा उपकर का बोझ वहन करना पड़ रहा है। आईटीसी ने अपने तिमाही परिणाम की विज्ञप्ति में कहा है कि पिछले छह साल के दौरान सिगरेट पर जीएसटी क्षतिपूर्ति उपकर दरों में की गई ताजा वृद्धि सहित कुल 202 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है। कंपनी ने कहा है, ''2017 के केन्द्रीय बजट में सिगरेट पर बढ़ाई गए उत्पाद शुल्क और जीएसटी व्यवस्था में उपकर की संशोधित दरों को मिलाकर कर बोझ में 20 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हुई है।ÓÓ आईटीसी ने कहा है कि उसके सिगरेट कारोबार पर लगातार दबाव बना हुआ है। लगातार नियामकीय दबाव बढऩे और कर दरों को बढ़ाते रहने से उद्योग पर दबाव बढ़ा है। जीएसटी परिषद की 17 जुलाई 2017 को हुई बैठक में मुआवजा उपकर दर बढ़ाने से स्थिति और बिगड़ी है। जीएसटी परिषद ने तंबाकू और दूसरी अहितकर वस्तुओं पर क्षतिपूर्ति के लिए मुआवजा उपकर लगाया है। इसके तहत मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल राज्यों को जीएसटी व्यवस्था के तहत होने वाले नुकसान की भरपाई में किया जाएगा। आईटीसी के मुताबिक सरकार का कहना है कि जीएसटी व्यवस्था में दरें जीएसटी से पहले लागू उत्पाद शुल्क और वैट के बराबर रखीं गई हैं, लेकिन सिगरेंट के मामले में ऐसा नहीं है। सिगरेट पर कर की दरें बढऩे से इसके वैध कारोबार पर असर पड़ा है। तंबाकू उत्पादक किसानों पर भी इसका बुरा असर पड़ा है। कंपनी के दिसंबर तिमाही के परिणाम के मुताबिक सिगरेट से उसका कारोबार 4,629.19 करोड़ रुपए रहा है जो कि एक साल पहले इस दौरान 8,287.97 करोड़ रुपए रहा था। 
आम बजटमें कृषि, बुनियादी ढांचा निवेशको प्राथमिकता-गडकरी

नयी दिल्ली। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आगामी आम बजट में कृषि और बुनियादी ढांचा निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि समय के साथ देश दो अंकीय वृद्धि का लक्ष्य लेकर चल रहा है।  गडकरी ने यहां आम बजट से पहले यहां एक कार्यक्रम में कहा, ''नोटबंदी और माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के कियान्वयन के बाद अब स्थिति वास्तव में बदल रही है। पिछले साल की तुलना में हमारा प्रत्यक्ष कर संग्रह 18 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं सरकार का कर्ज 30,000 करोड़ रुपए घटा है जिससे राजकोषीय घाटे को काबू में रखने में मदद मिलेगी।ÓÓ गडकरी ने कहा कि पिछली तिमाही की वृद्धि दर बढ़कर सात प्रतिशत हो गई है। हमारा लक्ष्य दस प्रतिशत से अधिक वृद्धि का है। इसमें कुछ समय लगेगा। हालांकि, हमारी अर्थव्यवस्था जिस रफ्तार से बढ़ रही है, मुझे विश्वास है कि हम इसे हासिल कर पाएंगे।  गडकरी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि वित्त मंत्री कृषि और बुनियादी ढांचा निवेश को आगामी बजट में अधिक प्राथमिकता देंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार की सड़क, जहाजरानी, बंदरगाह और अंतर्देशीय जलमार्गों की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं आठ लाख करोड़ रुपये के निवेश से मार्च, 2018 तक पूरी होंगी। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण और रफ्तार पकड़ेगा।



मार्च तक प्रतिदिन 28 किलोमीटर सड़कों का निर्माण होगा जबकि अगले साल तक इसे 40 किलोमीटर प्रतिदिन किया जाएगा। गडकरी ने कहा कि उनके मंत्रालय ने महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित क्षेत्रों के लिए एक लाख करोड़ रुपये की सिंचाई परियोजनाएं मंजूर की हैं। उन्होंने राज्य सरकार से जलमार्ग जैसे परिवहन के नए तरीके अपनाने को कहा। गडकरी ने कहा कि देश में अगले दो साल में 10,000 सीप्लेन परिचाल में होंगे।