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स्विट्जरलैंडमें पकड़े गये सिर्फ तीन भारतीय जाली नोट

स्विट्जरलैंड में बीते साल 2017 में सिर्फ 3 भारतीय जाली नोट पकड़े गए। हालांकि, इससे पिछले साल स्व्जिरलैंड में जाली भारतीय मुद्रा की जब्ती का आंकड़ा 4 गुना बढ़ा था। लंबे समय तक स्विट्जरलैंड को कालेधन का पनाहगाह कहा जाता रहा है।
स्विस संघीय पुलिस कार्यालय (फेडपोल) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 2017 के दौरान 100 रुपए के दो जाली नोट और 500 रुपए का एक जाली नोट जब्त किया गया। वर्ष 2016 के दौरान जाली विदेशी मुद्रा के मामले में भारतीय रुपया तीसरे स्थान पर था।
यूरो और डॉलर के बाद सबसे अधिक भारतीय जाली मुद्रा जब्त की गई थी। उस साल 500 और 1,000 के जाली नोट जब्त हुए थे। नवंबर, 2016 में नोटबंदी के तहत इन नोटों को बंद कर दिया गया था। नोटबंदी के बाद 2,000 का नोट पेश किया गया था। स्विट्जरलैंड में 2000 का कोई जाली नोट जब्त नहीं किया गया है।
फेडपोल के आंकड़ों के अनुसार 2016 में 1000 के 1,437 जाली नोट जब्त किए गए थे जबकि 500 के 5 जाली नोट जब्त हुए थे। वहीं 2015 में स्विट्जरलैंड में 342 भारतीय जाली नोट जब्त किए गए थे। इनमें से पांच 500 के, 336 1000 के और एक 100 का नोट था। आंकड़ों के अनुसार 2017 में 1990 जाली स्विस फ्रैंक जब्त किए गए जबकि 2016 में यह आंकड़ा 2,370 था। इसी तरह 2017 में 3,826 जाली यूरो मुद्रा जब्त की गई, जबकि इससे पिछले साल 5,379 जाली यूरो जब्त किए थे। डॉलर के मामले में यह आंकड़ा 1,443 से बढ़कर 1,976 हो गया। वहीं 2017 में 2,500 जापानी येन जब्त किए गए।
नयी दिल्ली। स्विट्जरलैंड में बीते साल 2017 में सिर्फ 3 भारतीय जाली नोट पकड़े गए। हालांकि, इससे पिछले साल स्व्जिरलैंड में जाली भारतीय मुद्रा की जब्ती का आंकड़ा 4 गुना बढ़ा था। लंबे समय तक स्विट्जरलैंड को कालेधन का पनाहगाह कहा जाता रहा है।
स्विस संघीय पुलिस कार्यालय (फेडपोल) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार 2017 के दौरान 100 रुपए के दो जाली नोट और 500 रुपए का एक जाली नोट जब्त किया गया। वर्ष 2016 के दौरान जाली विदेशी मुद्रा के मामले में भारतीय रुपया तीसरे स्थान पर था।
यूरो और डॉलर के बाद सबसे अधिक भारतीय जाली मुद्रा जब्त की गई थी। उस साल 500 और 1,000 के जाली नोट जब्त हुए थे। नवंबर, 2016 में नोटबंदी के तहत इन नोटों को बंद कर दिया गया था। नोटबंदी के बाद 2,000 का नोट पेश किया गया था। स्विट्जरलैंड में 2000 का कोई जाली नोट जब्त नहीं किया गया है। फेडपोल के आंकड़ों के अनुसार 2016 में 1000 के 1,437 जाली नोट जब्त किए गए थे जबकि 500 के 5 जाली नोट जब्त हुए थे। वहीं 2015 में स्विट्जरलैंड में 342 भारतीय जाली नोट जब्त किए गए थे। इनमें से पांच 500 के, 336 1000 के और एक 100 का नोट था। आंकड़ों के अनुसार 2017 में 1990 जाली स्विस फ्रैंक जब्त किए गए जबकि 2016 में यह आंकड़ा 2,370 था। इसी तरह 2017 में 3,826 जाली यूरो मुद्रा जब्त की गई, जबकि इससे पिछले साल 5,379 जाली यूरो जब्त किए थे। डॉलर के मामले में यह आंकड़ा 1,443 से बढ़कर 1,976 हो गया। वहीं 2017 में 2,500 जापानी येन जब्त किए गए।
४८ घंटेका फ्री ट्रांजिट वीजा देगा यूएई

नयी दिल्ली। संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते भारत से दुनिया के किसी भी हिस्से में हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को जल्द ही फ्री ट्रांजिट वीजा की सुविधा मिलने वाली है। यह सुविधा दुबई और अबू धाबी जैसे बड़े शहरों के लिए होगी। इसके तहत यात्री दो दिन तक वहां रुक सकते हैं। यूएई सरकार ने पहले 48 घंटे के लिए ट्रांजिट वीजा देने का फैसला किया है। इसे 50 दिरहम यानी करीब 930 रुपये देकर 96 घंटे तक भी बढ़वाया जा सकता है। इस नियम को लागू करने की तारीख की अभी घोषणा नहीं की गई है।  यूएई पहले से भारतीय यात्रियों का सबसे बड़ा इंटरनैशनल डेस्टिनेशन है। भारत और यूएई के बीच यात्रियों का ज्यादा आना जाना तीन बड़ी एयरलाइन्स से होता है। जेट एयरवेज में भी एतिहाद के 24 फीसदी शेयर हैं और यह अबू धाबी की फ्लाइट्स के लिए फीडर का काम करता है। अभी तक भारत से दुनिया के अलग-अलग हिस्सो में जाने वाले लोगों में 75 फीसदी ही खाड़ी और यूएई से होकर गुजरते थे। इस फैसले के बाद यहां से गुजरने वाले यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हो सकती है। भारत के ट्रैवल मेजर उस तारीख का इंतजार कर रहे हैं जबसे यह फैसला लागू होगा। भारत से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए जेट-एतिहाद सबसे बड़ी एयरलाइन है। दुबई टूरिजम के आंकड़ों के मुताबिक 2017 में लगभग 21 लाख पर्यटक दुबई गए। यह 2016 की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है।
एलआईसी ने नहीं चुकाया 2,050 करोड़ का टैक्स, मिली नोटिस

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कोलकाता। भारत की सबसे बड़ी इंश्योंरेंस कंपनी लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एलआईसी) को डीरेक्टरट जनरल ऑफ गुड्स ऐंड सर्विस टैक्स इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) की तरफ से 2,050 करोड़ रुपये का सर्विस टैक्स न भुगतान करने का नोटिस मिला है। भारत सरकार अपने सभी सरकारी कार्यलयो को सम्पूर्ण टेक्स भरने के लिए नोटिस दे बेशक़ पानी या बिजली भी हो तो भी भरने के लिए सरकार कह सकती है। टैक्स अधिकारियों ने बताया कि यह नोटिस एलआईसी को सर्विस टैक्स के भुगतान से बचने के लिए और तथ्यों के साथ छेड़छाड़ करने के लिए डीजीजीआई के कोलकाता के जोनल ऑफिस द्वारा जारी किया है। डीजीजीआई का यह नोटिस जुलाई 2012 से सर्विस टैक्स के भुगतान न करने के लिए जारी किया गया है। डीजीजीआई द्वारा नोटिस मिलने की बात एलआईसी द्वारा स्वीकार भी की गई है।
इसके साथ ही एलआईसी का कहना है कि उन्होंने डीजीजीआई को जवाब भी दिया है और कहा कि उन्होंने किसी भी तथ्य को दबाने की कोशिश नहीं की गई है। एलआईसी के मुताबिक, हमने अपना पक्ष सामने रखते हुए नोटिस का जवाब दे दिया है। हमने दस्तावेजों के साथ डीजीजीआई के हर सवाल का जवाब दिया है।
साथ ही एलाईसी का कहना है कि देश की सबसे अधिक टैक्स देने वाली संस्था होने के नाते हम यह कहना चाहते हैं कि हमारी तरफ से तथ्यों को दबाने की कोशिश नहीं की गई न ही टैक्स चुकाने से बचने की कोशिश की गई है। वहीं जीएसटी अधिकारियों के मुताबिक डीजीजीआई का यह नोटिस 23 लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों के लिए एक उदाहरण बन सकता है। जीएसटी के एक्सपर्ट सांजिब कोठारी ने कहा कि ऐसे केसों में कंपनियां न्याय के लिए जा सकती हैं पर इससे बेहतर उनके लिए टैक्स चुकाना होगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर कंपनियां न्याय के लिए जाती हैं और उनकी याचिका खारिज हो जाती है तो उन्हें पूरा पैसा देना पड़ेगा।