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दैनिक मंडी समीक्षा

नयी दिल्ली। जीएसटी के चलते चावल उद्योग में रुपए की किल्लत बन गयी है, जिससे तेजी-मंदी का व्यापार करने वाले कारोबारी ज्यादा माल नहीं खरीद रहे हैं। वहीं निर्यातकों की मंदे भाव में लिवाली अच्छी चल रही है, जिससे धान बेचने वाले किसानों को भुगतान के लिए अधिकतर राइस मिल वाले 100 रुपए घटाकर माल बेचने लगे हैं। हालांकि घटे भाव में हरियाणा व पंजाब में निर्यातक प्रचूर मात्रा में खरीद कर रहे हैं। इसे देखते हुए बाजार में कभी भी 300/400 रुपए का उछाल आ सकता है। इसके अलावा दलहनों में निर्यात खुलने से 100/150 रुपए की कल देर शाम तेजी आ गयी थी, लेकिन आज बाजार पुन: घटकर पूर्वस्तर पर आ गये। इसका मुख्य कारण यह है कि डिब्बे में देशी चना टूट गया है। किराने मेें पोस्तदाना, हाजिर माल की कमी से 20 रुपए किलो और उछल गया। जीरा भी 100 रुपए क्विंटल सुर्ख बोला गया। जावित्री भी 20/30 रुपए बढ़त लेकर बंद हुई। अनाज-दाल-बारीक धान का उत्पादन कम होने के बावजूद हरियाणा, पंजाब एवं यूपी की राइस मिलों में नोट बंदी के बाद से रुपए की तंगी चल रही है। धान की आवक गत वर्ष की समान अवधि की तुलना में 35-36 प्रतिशत कम हो रही है, इसमें कोई दो राय नहीं है, लेकिन धान खरीद के लिए 100 रुपए घटाकर राइस मिलों को 6100/6200 रुपए में 1121 सेला एवं 7200/7300 रुपए स्टीम चावल बेचना पड़ रहा है। इस घटे भाव पर ग्राहकी चौतरफा चावल मिलों में अच्छी चल रही है। धान मिलों में चावल मिलों की खरीद अच्छी चल रही है, जिससे इसमें पूर्ववत्ï बाजार मजबूती लिये टिके हुए हैं। धान में मजबूती एवं घटे भाव में चावल की अच्छी लिवाली को देखते हुए इसमें 300/400 रुपए की अच्छी तेजी लग रही है। दलहनों में मसूर, निर्यात खुलने से मुंबई में 100/150 रुपए बढ़कर 3300/3350 रुपए बिक गयी जिससे यहां भी बिल्टी में 3650 रुपए एवं हाजिर में 3600 रुपए कनाडा की बढिय़ा मसूर बिक गयी। वहीं देशी चना डिब्बे में सटोरियों की बिकवाली से 120/130 रुपए नीचे आ गया। तेल-तिलहन-विदेशों में सीपीओ केवल तीन डॉलर घटकर 707 डॉलर प्रति टन रह जाने एवं मांग कमजोर होने से कांदला में इसका भाव 50 रुपए फिसलकर 4650 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। तेल सरसों की मांग घटने से लारेन्स रोड पर सरसों 25 रुपए घटकर 3600/3700 रुपए रह गयी। गुड़-चीनी-मिलों में चीनी उत्पादन बढऩे तथा लिवाली कमजोर होने से मिल डिलीवरी भाव 5/20 रुपए मुलायम होकर 3610/3730 रुपए क्विँटल रह गये। हाजिर चीनी भी 3880/4000 रुपए पर सुस्त रही। मांग कमजोर होने से गुड़ चाकू के भाव 50 रुपए गिरकर 2800/2900 रुपए क्विंटल रह गये। किराना-मेवे-अदालती चक्कर में आयात न होने से पोस्तदाना 20 रुपए और बढ़ाकर चाइना 520 रुपए किलो कर दिया गया। इसके प्रभाव से देसी माल के भाव भी इतने ही और बढ़कर 505/540 रुपए किलो पर पहुंच गये। सुपारी मैट्टïूपलेयम में भी 5 रुपए किलो की वृद्धि हुई। देसी-विदेशी दोनों ही माल कम आने और खपतकारों की लिवाली बढऩे से गोंद कतीरा भी 20 रुपए बढ़कर देसी 100/120 एवं विदेशी माल के भाव 150/160 रुपए किलो हो गये। डिब्बे के साथ-साथ ऊंझा बाजार भी तेज होने से जीरा एवरेज यहां 100 रुपए बढ़कर 19300/19400 रुपए क्विंटल हो गया। मेवों में माल की शॉर्टेज होने से छुहारा लाल 500/1000 रुपए बढ़कर 3500/12500 रुपए क्विंटल हो गया। सराफा बाजार-विदेशों के तेज समाचार आने के बावजूद मांग घटने से सर्राफा बाजार में सोने के भाव 75 रुपए प्रति 10 ग्राम तथा चांदी के भाव 210 रु पए प्रति किलो टूट गए। अंतर्राष्टï्रीय बाजार में सोने के भाव 1277 से बढ़कर 1282 डॉलर प्रति औंस हो जाने के बावजूद आभूषण निर्माताओं की मांग घटने से सोना 75 रुपए मुलायम होकर किलोबार 30300 रुपए तथा स्टैंडर्ड के भाव 30450 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गए। उठाव न होने से गिन्नी के भाव 24700 रुपए पर सुस्त रहे। औद्योगिक मांग के साथ-साथ सिक्का निर्माताओं की मांग घटने से चांदी हाजिर के  भाव 210 रुपए गिरकर 40550 रुपए प्रति किलो रह गए। सटोरिया लिवाली कमजोर होने से चांदी वायदा 39650 से गिरकर 39590 रुपए प्रति किलो रह गए। मांग के अभाव में चांदी सिक्के के भाव पूर्वस्तर पर सुस्त रहे। हालांकि विदेशों में इसके भाव 1695 के बजाय 1707 सेंट हो जाने की खबर थी। विदेशों मे कू्रड ऑयल मांग बढऩे से 16 सेंट बढ़कर 55.30 डॉलर प्रति बैरल हो गए।