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मरियमका नाम एग्जिट कंट्रोल लिस्ट से कैसे हटाया

लाहौर(एजेंसी)।  पाकिस्तान में नवाज परिवार से संकट के बादल हटने का नाम नहीं ले रहें हैं। कभी इमरान सरकार मरियम का नाम नो फ्लाई लिस्ट में डाल देती है, तो कभी नवाज शरीफ इंग्लैड में एक कैफे में बैठे हुई पकड़े जाते हैं। मरियम ने अपना नाम नो फ्लाई लिस्ट से हटाने के लिए कोर्ट की शरण ली है। वहां उनके मामले की सुनवाई चल रही है। सुनवाई के दौरान लाहौर उच्च न्यायालय(एलएचसी) ने संघीय सरकार को निर्देश दिया कि वह पीएमएल-एन नेता मरियम नवाज के नाम को फ्लाई लिस्ट से हटाए जाने के अनुरोध के लिए लिखित जवाब प्रस्तुत करे। एक अखबार अनुसार दो सदस्यीय पीठ 21 दिसंबर को मरियम द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उसने एलएचसी को अपना पासपोर्ट वापस करने और सरकार से उसका नाम एक्जिट कंट्रोल लिस्ट से हटाने का आदेश देने को कहा है। सुनवाई के दौरान, मरियम के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को मंगलवार रात को सरकार द्वारा एक पत्र मिला था, जिसमें उसका नाम ईसीएल से लेने से इनकार किया गया था। पीठ को बताया गया कि 9 दिसंबर को अदालत ने संघीय सरकार को मरियम के अनुरोध पर एक सप्ताह के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया था, लेकिन उसे अंतिम निर्णय लेने और उसे सूचित करने में एक महीने से अधिक समय लगा। संघीय सरकार के वकील ने अदालत को सूचित किया कि कैबिनेट ने ईसीएल से मरियम का नाम नहीं हटाने का फैसला किया था। पीठ ने उल्लेख किया कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो(एनएबी) को इस मामले पर भी प्रतिक्रिया प्रस्तुत करना बाकी है। अदालत ने सरकार को यह बताने के लिए कहा कि निर्णय लेने में इतना समय क्यों लगा और सुनवाई को 21 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया। मरियम का नाम ईसीएल पर अल अजीजिया स्टील मिल्स संदर्भ में उनके पिता नवाज शरीफ और एनएबी द्वारा दायर किया गया था। सरकार ने पिछले साल नवंबर में नवाज को चिकित्सा आधार पर विदेश यात्रा की अनुमति दी थी लेकिन मरियम उनके साथ नहीं जा सकीं क्योंकि उनका नाम नो-फ्लाई सूची में था। एलएचसी ने पिछले साल नवंबर में चौधरी शुगर मिल मामले में मरियम को जमानत दे दी थी जिसमें वह एक संदिग्ध है। इस शर्त पर कि वह अपना पासपोर्ट अदालत में समर्पण करती है। 9 दिसंबर को, उसने श्वष्टरु से अपना नाम हटाने के लिए अदालत का रुख किया, लेकिन एलएचसी द्वारा सरकार को एक हफ्ते में इस मामले पर फैसला करने के आदेश के बाद उसकी याचिका खारिज कर दी गई। सरकार द्वारा पालन करने में विफल रहने के बाद, उसने 21 दिसंबर को एक और याचिका दायर की, जिसमें अनुरोध किया गया कि उसे प्रस्थान की तारीख से 6 सप्ताह के लिए विदेश यात्रा की अनुमति दी जाए। मरियम के अनुसार, अपने बीमार पिता की देखभाल के लिए उसे विदेश यात्रा करने की आवश्यकता है। संघीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने फैसला किया कि उसे विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी गई। 
मलीहा लोधी ने नवाज शरीफ से लंदन में मुलाकात की

इस्लामाबाद/लंदन(एजेंसी)। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व राजदूत मलीहा लोधी ने बीमार चल रहे पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ(69) से लंदन में मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार लोधी बुधवार दोपहर  लंदन में शरीफ से मुलाकात करने एवनफील्ड अपार्टमेंट्स पहुंची। यहां वह अपने बेटों के साथ रह रहे हैं। वह करीब एक घंटे तक वहां रहीं। भ्रष्टाचार के मामले में सात साल की जेल की सजा काट रहे  शरीफ जमानत मिलने के एक महीने बाद 19 नवंबर को उपचार के लिए लंदन गए थे। पीएमएलन के प्रमुख ह्रदय संबंधी बीमारी सहित कई रोगों से ग्रसित हैं और उनका इलाज चल रहा है। अखबार ने एक सूत्र के हवाले से बताया कि लोधी ने पूर्व प्रधानमंत्री का हालचाल पूछा और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने शरीफ की पत्नी कुलसुम के निधन पर भी शोक जताया। कैंसर पीडि़त कुलसुम का सितंबर 2018 में लंदन में निधन हो गया था। सूत्रों ने बताया कि लोधी और शरीफ के बीच राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। पिछले हफ्ते अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने शरीफ से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री इमरान खान ने अक्टूबर में लोधी को हटाकर मुनीर अकरम को संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान का नया स्थायी प्रतिनिधि नियुक्त किया था। लोधी को फरवरी 2015 में तत्कालीन प्रधानमंत्री शरीफ ने पाकिस्तान का स्थायी प्रतिनिधि और पाकिस्तान का राजदूत नियुक्त किया था।
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टीवी शो में सेनाका जूता लेकर पहुंचे इमरानके मंत्री,

 विपक्षी गेस्टसे कहा-लेटकर चूमो इसे

इस्लामाबाद(एजेंसी)। पाकिस्तान में इमरान खान सरकार के मंत्री अपनी विवादित बयानबाजी व अजीब हरकतों के लिए अक्सर सोशल मीडिया पर ट्रोल होते रहते हैं। नया मामला एक एक टीवी शो का है जहां इमरान के मंत्री फैसल वावदा बहस के दौरान इतने उत्तेजित हो गए कि फौजी बूट निकाल कर टेबल पर रख दिया। इमरान के मंत्री के इस व्यवहार की विपक्षी पार्टियां तो आलोचना कर ही रही हैं, वह सोशल मीडिया पर भी ट्रोल हो गए हैं। दरअसल इमरान सरकार में जल संसाधन मंत्री फैसल विपक्षी दलों पर निशाना साधने के लिए बूट लेकर पहुंचे थे। पाकिस्तान में आर्मी ऐक्ट संशोधन कानून को लेकर टीवी डिबेट का आयोजन था। इस कानून के जरिए पाक आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा का कार्यकाल तीन साल बढ़ाया गया है। टीवी शो के दौरान मंत्री फैसले सेना का जूता निकाल कर नवाज शरीफ और उनकी पार्टी पर निशाना साध रहे थे। इस दौरान उन्होंने पूर्व पीएम की आलोचना करते हुए कहा कि बेशर्म लोग किसी भी हद तक गिर सकते हैं। शो में पीएमएल(एन) के सदस्य जावेद अब्बासी और पीपीपी नेता कमर जमान काएरा भी बतौर गेस्ट आए थे। इसी दौरान बहस बढ़ गई और इमरान के मंत्री ने जूता निकाल लिया। जल संसधान मंत्री ने नवाज शरीफ पर हमला बोलते हुए कहा, अपने चोर (नवाज शरीफ) को बचाने और देश से भगाने के लिए आप लोग किसी भी हद तक जा सकते हैं। आपने जो लेटकर, चूमकर बूट को इज्जत दी है। आप इस बूट के सामने भी सिर झुका सकते हैं और सम्मान दे सकते हैं। इसके बाद उन्होंने जूता निकालकर टेबल पर रख दिया। मंत्री के इस व्यवहार से सब लोग हैरान रह गए। इसके विरोध में मौजूद दोनों पार्टियों के प्रतिनिधि शो छोड़कर उठ गए। बता दें कि कुछ दिन पहले ही नवाज शरीफ का लंदन में एक होटल में घूमने का फोटो वायरल हुआ है। उसका जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, आपकी चोरी पकड़ी गई तो आपके बेटे ने कहा कि हवाखोरी के लिए बाहर निकले थे। कोर्ट ने आपको इसकी इजाजत नहीं दी थी। कोर्ट ने आपको इलाज की इजाजत दी थी। आज मरियम नवाज और नवाज शरीफ कहें कि हम इस बूट को लेटकर-चूमकर इज्जत बख्शेंगे।
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ब्रिटिश महिलाकी हत्याके मामले में पाकिस्तानी बुजुर्ग गिरफ्तार

इस्लामाबाद(एजेंसी)। एक ब्रिटिश महिला की 2005 में हत्या करने के मामले में एक पाकिस्तानी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। ब्रिटेन में पुलिस ने बताया कि 71 वर्षीय संदिग्ध पीरन दित्ता खान को इस सप्ताह की शुरुआत में हिरासत में लिया गया था। उसे ब्रिटेन के प्रत्यर्पण के अनुरोध की सुनवाई के लिए बुधवार को इस्लामाबाद की अदालत में पेश किया गया था। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी प्राधिकारियों और ब्रितानी जासूसों के बीच निकट सहयोग के परिणामस्वरूप खान को गिरफ्तार किया गया। खान को हिरासत में ले लिया गया है। ब्रिटेन की पुलिस अधिकारी एवं तीन बच्चों की मां शैरोन बेशेनिवस्की की ब्रैडफोर्ड में एक ट्रैवल एजेंसी के बाहर गोली मारकर उस समय हत्या कर दी गई थी जब वह लूटपाट के संबंध में मिली एक जानकारी पर कार्रवाई कर रही थी। महिला पुलिस अधिकारी की हत्या के इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन सशस्त्र गिरोह को संगठित करने का संदिग्ध खान विदेश भाग गया था। वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस ने पाकिस्तान में खान की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। 
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पीओके में हिमस्खलनमें फंसी 12 सालकी लड़की 18 घंटे बाद मिली जिंदा

पेशावर(एजेंसी)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की नीलम घाटी में हिमस्खलन के कारण फंसी 12 वर्षीय बच्ची को करीब 18 घंटे बाद चमत्कारिक ढंग से जीवित बाहर निकाल लिया गया। अधिकारियों ने बताया कि समीना बीबी घाटी में अपने तीन मंजिला घर में थी तभी मंगलवार को उसका घर हिमस्खलन की चपेट में आ गया। 'जियो न्यूज' ने बताया कि उसे आपदा प्रबंधन प्राधिकारियों ने बचाव अभियान के दौरान बुधवार को जीवित निकाला। समीना के पैर की हड्डी टूट गई है। जब उसे बचाया गया, उस समय उसके मुंह से खून निकल रहा था। उसे बाद में मुजफ्फराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका उपचार चल रहा है। बताया जा रहा है कि समीना खतरे से बाहर है। समीना की मां शहनाज ने बताया कि इस त्रासदी में उसके एक बेटे और बेटी की मौत हो गई। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर और पाकिस्तान में आए हिमस्खलनों और बर्फबारी संबंधी अन्य घटनाओं में 114 लोग मारे जा चुके हैं।