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चीन की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा अमेरिका

 वाशिंगटन(एजेंसी)। अमेरिका और चीन 17 महीने से जारी व्यापार युद्ध को और आगे नहीं खींचने पर सहमत हो गये हैं। दोनों पक्ष व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। दोनों पक्ष इस बारे में शुक्रवार को आधिकारिक घोषणा कर सकते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीन के साथ व्यापार समझौते के संबंध में शुक्रवार को घोषणा की जाएगी। अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी। अमेरिका के उद्योग संगठन यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रमुख (अंतरराष्ट्रीय मामले) मायरन ब्रिलियेंट ने कहा कि हम समझौते के बेहद करीब हैं। ब्रिलियेंट को दोनों पक्षों ने वार्ता में हुई प्रगति से अवगत कराया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार चीन के 160 अरब डॉलर के सामानों पर रविवार से लगने जा रहे शुल्क को टालने पर सहमत हो गयी है। ट्रंप सरकार इसके साथ ही मौजूदा शुल्कों को कम करने पर भी सहमत हुई है। अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि मौजूदा शुल्कों में कितनी कटौती की जाएगी। इसके बदले चीन अमेरिका के कृषि उत्पादों की खरीद बढ़ाएगा, अमेरिका की कंपनियों को चीन के बाजार की बेहतर पहुंच उपलब्ध कराएगा तथा बौद्धिक संपदा अधिकारों की सुरक्षा को मजबूत बनाएगा। समझौते को ट्रंप की अंतिम मंजूरी मिलनी शेष है। ट्रंप ने वीरवार को व्हाइट हाउस लौटते समय संवाददाताओं द्वारा इस बारे में पूछे जाने पर कोई टिप्पणी नहीं की। हालांकि ट्रंप ने वीरवार सुबह ट्वीट किया कि चीन के साथ व्यापार समझौते के बेहद करीब। वे समझौता करना चाहते हैं, अत: हम भी चाहते हैं। चीन के वाणिज्य मंत्रालय के एक प्रवक्ता गाओ फेंग ने कहा कि दोनों पक्षों के आर्थिक व व्यापारिक दल करीबी संवाद बनाये रखने पर सहमत हुए हैं। हालांकि उन्होंने कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
ट्रंपको करना होगा महाभियोगका सामना

 14 घंटेकी बहसके बाद आज होगा मतदान
वाशिंगटन(एजेंसी)। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के आरोपों पर डेमोक्रेट्स शुक्रवार को मतदान करेंगे। ट्रंप द्वारा यूक्रेन से राजनीतिक समर्थन लेने के कथित गलत व्यवहार को लेकर रिपब्लिकन के साथ 14 घंटे की लंबी बहस के बाद यह मतदान होना है। सदन की न्यायिक समिति की वीरवार रात चल रही सुनवाई अचानक रोकते हुए अध्यक्ष जेरी नाडलर ने महाभियोग के दो अनुच्छेदों पर अंतिम मतदान टाल दिए। उन्होंने कहा कि वह अमेरिकी नेता के खिलाफ पेश किए गए सबूतों पर अपनी 'जमीर टटोलने' के लिए समिति के सदस्यों को वक्त देना चाहते हैं। इस बात से आश्चर्यचकित रिपब्लिकन ने नाडलर पर आरोप लगाया कि वह 'कंगारु अदालत' चला रहे हैं, लेकिन डेमोक्रेट जेमी रस्किन ने कहा कि वे इतनी रात को राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई करने के आरोपी नहीं बनना चाहते हैं। उन्होंने बहस के बाद सीएनएन से कहा कि हम इसे दिन में करना चाहते थे ताकि सभी देख सकें कि आखिर हो क्या रहा है। इस मुद्दे पर 14 घंटे लंबी बहस चली जिसका सीधा प्रसारण किया गया।
ट्रंप ने ग्रेटा को दी नसीहत

 कहा- गुस्से पर काबू करोए फिल्में देखो
वाशिंगटन(एजेंसी)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टाइम पत्रिका द्वारा ष्पर्सन ऑफ द इयर 2019श् चुनी गई 16 वर्षीय जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग पर चुटकी लेते हुए कहा है कि जलवायु कार्यकर्ता को अपने गुस्से पर काबू रखना सीखना चाहिए । साथ ही ट्रंप ने ग्रेटा को अपने दोस्तों के साथ पुरानी फिल्में देखने की सलाह तक दे डाली। ट्रंप ने ट्वीट कियाए यह बुरा है। ग्रेटाए अपने गुस्से को काबू करो और फिर अपने दोस्त के साथ कोई पुरानी अच्छी फिल्म देखने जाओ। शांत ग्रेटाए शांत। ट्रंप का यह ट्वीट बुधवार को टाइम पत्रिका के 'पर्सन ऑफ द इयर 2019Ó की घोषणा के बाद आया है। ग्रेटा पिछले साल स्वीडन की संसद के सामने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अकेले प्रदर्शन करने के लिए पहली बार चर्चा में आई थीं। जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र के सम्मेलन में ग्रेटा ने ग्लोबल वार्मिंग को नियंत्रित करने में विफल होने के लिए 'आपकी हिम्मत कैसे हुई;हाउ डेयर यूद्धÓ के शीर्षक वाले अपने वक्तव्य से दुनिया के नेताओं पर विश्वासघात का आरोप लगाया था। जिसके बाद ग्रेटा ने विश्व भर में अपनी छाप छोड़ी। ग्रेटा ऑटिज्म से संबंधित एस्पर्जर सिंड्रोम से पीड़ित हैं। इस बीमारी में लोगों को मेलजोल बढ़ाने में समस्या होती है। ग्रेटा की इस बीमारी ने भी उन्हें आलोचकों के निशाने पर खड़ा कर दिया है। ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने उन्हें श्दुस्साहसी बच्चाश् कहा है। बीते सितंबर में न्यूयॉर्क में ग्रेटा के दिए भाषण के बाद भी ट्रम्प ने ट्वीट किया था वह बेहद खुशहाल युवा लड़की ;हैप्पी यंग गर्लद्ध नजर आ रही है, जो उज्ज्वल और अद्भुत भविष्य की तलाश में है। देखकर अच्छा लगा।
यूएस ने दुनियाको दिखाई अपनी ताकत

 मिसाइल दागकर उत्तर कोरियाको दिया जवाब
वाशिंगटन(एजेंसी)। अमेरिका ने बृहस्पतिवार को मध्यम दूरी तक मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया। बीते चार महीने में यह दूसरा मिसाइल परीक्षण है। अमेरिका-रूस के बीच अगर शस्त्र संधि कायम रहती तो उसके तहत इस मिसाइल के परीक्षण पर प्रतिबंध होता लेकिन अमेरिका अगस्त में उस समझौते से अलग हो गया था। सैन्य अड्डे के एक प्रवक्ता ने बताया कि वायु सेना ने लॉस एंजिलिस से स्थानीय समय के अनुसार सुबह आठ बजकर 30 मिनट पर वांडेनबर्ग वायु सेना अड्डे से इस मिसाइल का परीक्षण किया। पेंटागन ने बताया कि यह मिसाइल 500 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद प्रशांत महासागर में गिरी। यह परीक्षण उत्तर कोरिया की ओर एक संकेत भी हो सकता है क्योंकि उत्तर कोरिया छोटी, मध्यम और लंबी दूरी की कई मिसाइलों का सफल परीक्षण कर चुका है और प्रशांत महासागर के पार अपनी परमाणु मारक क्षमता का प्रदर्शन कर चुका है। वहीं संयुक्त राष्ट्र समर्थित प्रतिबंध को खारिज करते हुए उत्तर कोरिया ने हाल ही में ट्रंप प्रशासन से कहा कि उनके पास परमाणु वार्ता को बचाने का बेहद कम समय बचा है और यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि उसे क्रिसमस पर उत्तर कोरिया से कौन सा उपहार चाहिए।
भारत उन चुनिंदा देशोंमें से एक जिसका यहूदी विरोधका कोई रिकॉर्ड नहीं

वाशिंगटन(एजेंसी)। अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिसका यहूदी विरोधी घृणा का कोई रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज को खुलेपन और करुणा के लिए जाना जाता है। यहूदी समुदाय को संबोधित करते हुए हनुका समारोह में श्रृंगला ने कहा कि अमेरिका में भारतीय और यहूदी समुदायों की घनिष्ठ साझेदारी से भारत और इजराइल के बीच संबंध मजबूत हुए। हनुका यहूदियों का त्यौहार है और इसे रोशनी के उत्सव के तौर पर भी जाना जाता है। श्रृंगला ने वाशिंगटन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में से एक है जिसका इतिहास में या आधुनिक दौर में यहूदी विरोध का कोई रिकॉर्ड नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय समाज को उसके खुलेपन और करुणा के लिए जाना जाता है जो 'वसुदैव कुटुम्बकम' के मूल सिद्धांत में निहित है जिसका मतलब है कि विश्व एक परिवार है।