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महिला सशक्तिकरण के मामले में सऊदी अरब शीर्ष सुधारक देश

दुबई(एजेंसी)। सऊदी राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा केंद्र ने बुधवार कहा कि विश्व बैंक की रिपोर्ट में सऊदी अरब को शीर्ष सुधारक और 190 अर्थव्यवस्थाओं के बीच बदलाव करने वाले देश के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। केंद्र के अनुसार महिला, व्यापार और कानून व्यवस्था को लेकर विश्व बैंक की 2020 की रिपोर्ट के आठ संकेतों में से सऊदी अरब ने छह में बेहतरीन प्रगति की है। केंद्र ने बताया कि सऊदी अरब ने गतिशीलता, कार्यस्थल, विवाह, पितृत्व, उद्यमशीलता, और पेंशन के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। एसएनसीसी ने बताया कि अग्रणीय अर्थव्यवस्थाओं के साथ सऊदी अरब ने महिलाओं की गतिशीलता, कार्यस्थल, उद्यमिता तथा पेंशन के क्षेत्र में वैश्विक बेंचमार्क स्थापित किया है। सऊदी अरब में विधायी सुधारों से महिलाओं के लिए अर्थव्यवस्था के नए क्षेत्रों में रोजगार के लिए अवसर बढ़ें, उनकी गतिशीलता पर लगी पाबंदी हटायी गयी, सार्वजनिक सेवाओं तक उनकी पहुँच सुनिश्चित हुई, समान भुगतान और सेवानिवृत्ति के लाभ मिलें और उत्पीडऩ तथा भेदभाव के खिलाफ उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई।
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तिब्बतमें जातीय एकता अनिवार्य बनाने वाला विधेयक पास, खुदको कहा,चीन का हिस्सा

लहासा(एजेंसी)। तिब्बत में पहली बार जातीय एकता को अनिवार्य करने वाला कानून पास हुआ है। इसमें सुदूर हिमालयी क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में इसकी अहम भूमिका की झलक मिलती है। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार, तिब्बत की पीपुल्स कांग्रेस ने शनिवार को विधेयक पारित किया। यह एक मई से अमल में आएगा। अखबार ने लिखा है कि, नए कानून में कहा गया है कि तिब्बत प्राचीन काल से चीन का अभिन्न हिस्सा है। नए कानून में यह भी कहा गया है कि, क्षेत्रीय एकीकरण को सुरक्षित रखना सभी जातीय समूहों के लोगों की संयुक्त जिम्मेदारी है। जातीय एकता को मजबूत किया जाए तथा अलगाववाद के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाया जाए। तिब्बत एकेडमी ऑफ सोशल साइंस में समकालीन अध्ययन संस्थान के उप प्रमुख पेनपा लहामो ने कहा, पूरे चीन के स्वायत्तशासी क्षेत्र में जातीय एकता पर यह पहला कानून है। मालूम हो कि तिब्बत में 40 से ज्यादा जातीय अल्पसंख्यक समुदाय हैं जो कुल आबादी 30 लाख का 95 फीसद हैं। पिछले साल अप्रैल में आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने कहा था कि वह अलगाववादी नहीं हैं लेकिन तिब्बत के लोग सन 1974 से चीन के साथ परस्पर स्वीकार्य समाधान चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजिंग लोगों की मांग पर विचार करने के लिए तैयार नहीं है। दलाई लामा ने यह भी कहा था कि मैं कई मंचों से कह चुका हूं कि मैं तिब्बत के चीन से अलगाव का पक्षधर नहीं हूं लेकिन चीन सरकार मुझे हमेशा अलगाववादी कहती है।
अमेरिकासे शांति वार्ता बढ़ानेके लिए तालिबान 10 दिनोंके सीजफायर पर तेयार

काबुल(एजेंसी)। तालिबान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता बढऩे की अब कुछ उम्मीद फिर नजर आ रही है। डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार, हबीबतुल्लाह अकहुंड ने सात से 10 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति दे दी है। तालिबान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया कि अफगानिस्तान में युद्ध के अंत और शांति समझौते की प्रतीक्षा लंबे समय से की जा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए संक्षिप्त समय के लिए सीजफायर पर सहमति बनी है। खलीलजाद लगातार सीजफायर पर सहमति में जुटे थे अमेरिका के विशेष दूत जलमय खलीलजाद भी तालिबान के साथ सीजफायर लागू करने के लिए लगातार कोशिस कर रहे थे। पिछले महीने ही कतर में हुई मुलाकात के बाद तालिबान के साथ यह संक्षिप्त समझौता हो सका। बता दें कि तालिबान ने पिछले महीने काबुल के उत्तरी हिस्से में बगराम के एयरफील्ड पर हमला किया था जिसमें 70 लोगों की मौत हो गई। इस हिंसक हमले के बाद कतर में तालिबान के नेताओं से अमेरिकी दूत की मुलाकात हुई थी। तालिबान की लीडरशिप काउंसिल ने सीजफायर पर सहमत होने से पहले दो उच्चस्तरीय बैठक कीं। इस बैठक में खलीलजाद के प्रस्ताव पर काफी चर्चा हुई जिसके बाद सात से 10 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति बनी। तालिबान से जुड़े एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि काफी विचार-विमर्श के बाद काउंसिल के ज्यादातर सदस्य सीजफायर मानने के लिए सहमत हो गए। कतर प्रशासन तालिबान के फैसले की जानकारी अब अमेरिकी दूत खलीलजाद को देगा। इस प्रस्ताव पर अगर खलीलजाद की ओर से सहमति की पुष्टि की जाती है तो औपचारिक तौर पर इसका ऐलान किया जाएगा।
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फिलीपीनमें ज्वालामुखी विस्फोट, लाखों लोग घर छोड़ कर भागे

फिलीपीन(एजेंसी)। के एक ज्वालामुखी में बृहस्पतिवार को धुआं निकलते हुए देखा गया और इसके चलते भूकंप के कई झटकों के बाद सड़कों में दरारें आ गईं। इन सड़कों को ज्वालामुखी में बड़े विस्फोट की आशंका को देखते हुए बंद कर दिया गया है। ताल ज्वालामुखी के पास स्थित झील और एक नदी सूख गई है। इन संकेतों को ज्वालामुखी की सक्रियता के रूप में देखा जाता है। इसके बाद ग्रामीणों को सैनिकों और पुलिसकर्मियों ने ज्वालामुखी द्वीप पर जाने और वहां से जानवरों तथा अपना सामान लाने से रोक दिया। रविवार रात अचानक से ज्वालामुखी में विस्फोट शुरू हो गया। हालांकि इस घटना में किसी की मौत या गंभीर रूप से घायल होने की खबर नहीं है लेकिन कई मकानों और खेतों को ज्वालामुखी की राख से नुकसान पहुंचा है। इस घटना के बाद मनीला अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया जिससे 600 उड़ानें रद्द हुई। बटनगास प्रांत में स्थित यह ज्वालामुखी क्षेत्र 65 किलोमीटर से अधिक में फैला हुआ है। इस प्रांत में 121,000 लोग अपने घरों से भागने को मजबूर हो गए। प्रांत में राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दी गई है ताकि आपात कोष जल्द से जल्द जारी हो सके।  इस बीच वालंटियर्स का एक ग्रुप लोगों के घर छोडऩे के बाद  खतरनाक क्षेत्र से उनके पालतू जानवरों को बचाने का का काम कर रहा है जिसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।