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ब्रिटेन चुनावमें भारतीयोंका बजा डंका

 अपने नाम दर्जकी ऐतिहासिक जीत
लंदन(एजेंसी)। ब्रिटेन में कंजर्वेटिव और लेबर पार्टियों के भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने शुक्रवार को आम चुनाव के नतीजों में शानदार जीत दर्ज की। कुछ नये चेहरों के पदार्पण के साथ ही करीब 12 सांसदों ने अपनी-अपनी सीटें बरकरार रखीं। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने चुनाव में जीत दर्ज करते हुए नव वर्ष में ब्रिटेन को यूरोपीय संघ से अलग करने की राह आसान कर दी है। पूर्व की संसद के भारतीय मूल के सभी सांसदों ने अपनी सीटों पर सफलतापूर्वक कब्जा बरकरार रखा। वहीं कंजर्वेटिव पार्टी के लिए गगन मोहिंद्रा और क्लेयर कोटिन्हो तथा लेबर पार्टी के नवेंद्रु मिश्रा पहली बार सांसद बने। गोवा मूल की कोटिन्हो ने 35,624 मतों के साथ सुर्रे ईस्ट सीट पर जीत दर्ज की। महिंद्रा ने हर्टफोर्डशायर साउथ वेस्ट सीट पर जीत दर्ज की। आसान जीत के साथ हाउस ऑफ कॉमन्स में लौटने वाले भारतीय मूल के सांसदों में ब्रिटेन की पूर्व गृह मंत्री प्रीति पटेल शामिल रही। उनके जॉनसन के नये मंत्रिमंडल में भी जगह बनाने की संभावना है। पटेल ने एस्सेक्स में विदहाम सीट से जीत हासिल की। उन्होंने कहा कि हम प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और ब्रेग्जिट हमारी प्राथमिकता है। समझौता तैयार है और हम आगे बढऩा चाहते हैं। वहीं इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद ऋषि सुनाक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय विकास मंत्री आलोक शर्मा ने भी जीत हासिल की। शैलेश वारा नॉर्थ वेस्ट कैम्ब्रिजशायर से जीते और गोवा मूल की सुएला ब्रेवरमैन ने फेयरहाम से जीत दर्ज की। ब्रेग्जिट समर्थक सांसद ब्रेवरमैन ने अपने निर्वाचन क्षेत्र की टीम का आभार व्यक्त किया। विपक्षी लेबर पार्टी के लिए ये नतीजे बेहद निराशाजनक रहे लेकिन पिछली संसद के उसके भारतीय मूल के सभी सांसद जीत गए। लेबर पार्टी के नवेंद्रु मिश्रा ने स्कॉटपोर्ट सीट जीत ली और वह पहली बार संसद जाएंगे। पिछले चुनाव में पहली ब्रिटिश सिख महिला सांसद बनकर इतिहास रचने वाली प्रीत कौर गिल ने बर्मिंघम एडबास्टन सीट पर पुन: जीत हासिल की। पगड़ी पहनने वाले पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह धेसी हाउस ऑफ कॉमन्स में लौटेंगे। वरिष्ठ सांसद विरेंद्र शर्मा ने 25,678 वोटों से इलिंग साउथहॉल सीट से जीत दर्ज की। अपनी सीट बरकरार रखने वाले अन्य भारतीय मूल के सांसदों में लीजा नंदी और सीमा मल्होत्रा शामिल हैं।
बोरिस जॉनसनकी शानदार जीत

 पीएम मोदी और ट्रंपने दी बधाई

लंदन(एजेंसी)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को बोरिस जानसन को ब्रिटेन में सत्ता में दोबारा वापसी पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वे साथ मिलकर दोनों देशों के करीबी संबंधों को आगे बढ़ाने को काम करने के लिए आशान्वित हैं। मोदी ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री बोरिस जानसन को भारी बहुमत से सत्ता में फिर से वापसी पर बहुत बधाई। मैं उन्हें शुभकामनाएं देता हूं और भारत-ब्रिटेन के करीबी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिये काम करने को आशान्वित हूं। बता दें कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जानसन ने आम चुनाव में भारी बहुमत से जीत दर्ज की और इससे देश में राजनीतिक अनिश्चितता और यूरोपीय संघ से अलग होने के संबंध में अनिश्चतता पर विराम लग गया। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जॉनसन को बधाई देते हुए कहा कि दोनों देश अब एक 'व्यापकÓ नया व्यापार समझौता करने के लिए मुक्त हैं। ट्रंप ने ट्वीट किया कि बोरिस जॉनसन को उनकी शानदार जीत के लिए बधाई। गौरतलब है कि जॉनसन ने अमेरिकी व्यापार समझौते को ब्रिटेन को यूरोपीय संघ छोडऩे के उपहार के तौर पर पेश किया है जबकि लेबर पार्टी का दावा है कि यह ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएसएस) को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोल देगा। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने हालांकि इससे बार-बार इनकार किया है और ट्रंप ने पिछले सप्ताह इस पर जोर दिया था कि उनकी एनएसएस में कोई रुचि नहीं है।
करारी हार के बाद लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने किया इस्तीफे का ऐलान

लंदन ब्रिटेन के चुनाव में लेबर पार्टी 1935 के बाद की सबसे बुरी शिकस्त की तरफ बढ़ रही है, जिसके बाद पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन ने कहा है कि वह अपने पद से इस्तीफा देंगे। आधिकारिक नतीजों के पूरी तरह घोषित होने से पहले ही अपनी हार स्वीकार करते हुए कॉर्बिन ने कहा कि वह अगले आम चुनाव में लेबर पार्टी का नेतृत्व नहीं करेंगे। इस्लिंगटन नॉर्थ से 10वीं बार जीत हासिल करने वाले कॉर्बिन ने कहा कि उनकी पार्टी ने जनता के सामने उम्मीदों वाला मैनिफेस्टो रखा था लेकिन ब्रेग्जिट ने ध्रुवीकरण पैदा किया। ब्रिटेन की मुख्य विपक्ष लेबर पार्टी के प्रमुख 70 साल के कॉर्बिन ने चुनाव से पहले कश्मीर पर विवादित प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत की आलोचना की गई थी। हालांकि, विरोध बढऩे की वजह से पार्टी ने विवादित प्रस्ताव को वापस ले लिया था। बता दें कि बीबीसी-आईटीवी-स्काई न्यूज के संयुक्त एग्जिट पोल के मुताबिक 650 सदस्यों वाले हाउस ऑफ कॉमन्स में पीएम जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी को 368 सीटें मिल सकती हैं जो बहुमत से 42 ज्यादा है। लेबर पार्टी को 191 सीटों के मिलने का अनुमान है। 2017 के पिछले चुनाव में कंजर्वेटिव को 318 सीटों पर जीत मिली थी जबकि लेबर पार्टी को 262 सीटें मिली थीं। भारतीय समयानुसा सुबह साढ़े 9 बजे तक 440 सीटों के नतीजे घोषित हो चुके हैं। इनमें बोरिस जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी को 229 और लेबर पार्टी को 150 सीटों पर जीत हासिल हुई है। बहुमत के लिए 326 सीटों की जरूरत है।
8 साल की उम्र में बड़ा काम कर रही है

अपनी इस अपील से झकझोर दी दुनिया

मैड्रिडरू(एजेंसी)। जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अपने जुनून के कारण भारतीय  आठ साल की लिसीप्रिया कंगुजम ने वैश्विक नेताओं से धरती और उसके जैसे नन्हें बच्चों के भविष्य के लिए फौरन कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। यहां चल रहे 'कॉप-25Ó सम्मेलन में मणिपुर की नन्हीं जलवायु कार्यकर्ता ने दुनिया को अपने संकल्प की झलक पेश की और वैश्विक नेताओं से ष्जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई करनेष् का अनुरोध किया। कंगुजम जलवायु परिवर्तन पर 21 देशों में अब तक अपनी बात रख चुकी हैं। नन्हीं कंगुजम स्पेन के अखबारों में तुरंत सुर्खियों में आ गईं। कंगुजम को इतनी समझदारी से बोलते हुए देख कर कहीं से ऐसा नहीं लगता कि उसकी जितनी उम्र की बची इस तरह की बातें कर सकती हैं। उसके पिता केके सिंह(28) उसके साथ स्पेन आए हैं। सिंह ने बताया कि जब कंगुजम को ष्कॉप 25ष् कार्यक्रम में हिस्सा लेने और उसे संबोधित करने का न्योता संयुक्त राष्ट्र से मिलाए तो उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि वे अपनी स्पेन की यात्रा के लिए पैसे कहां से लाएंगे। सिंह ने कहा कि परिवार ने इसके लिए कई मंत्रियों को ईमेल कर यात्रा खर्च उठाने का अनुरोध किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उसकी यात्रा के लिए लोगों से चंदे के जरिए धन एकत्र करना करने की कोशिश के बाद भुवनेश्वर से एक व्यक्ति ने मैड्रिड के लिए उनकी टिकट बनवा दी। कंगुजम ने कहा कि मेरी मां ने अपनी सोने की चेन बेच दी और आखिरकार मेरे लिए होटल भी बुक हो गया। इस बीच मैड्रिड के लिए भारत से रवाना होने से एक दिन पहले 30 नवंबर को उन्हें स्पेन की सरकार से ईमेल आया कि सरकार उनके 13 दिन की यात्रा का खर्च वहन करेगी। कई मुश्किलों को पार कर आखिरकार मैड्रिड पहुंची कंगुजम दुनिया को अपनी बात सुनाने के लिए और अधिक कृतसंकल्प हो गईं। कंगुजम ने कहा कि मैं यहां दुनिया के नेताओं को यह बताने के लिए आई हूं कि यह समय कार्रवाई करने का है क्योंकि यह वास्तविक जलवायु संकट है। कंगुजम ने बातचीत में कहा कि यह मेरे लिए जीवन बदलने वाला कार्यक्रम था। कार्यक्रम के दौरान मैं दुनिया के कई नेताओं और विश्व के विभिन्न देशों से आए हजारों प्रतिनिधियों से मिली। कई लोगों ने आपदा से संबंधित विभिन्न मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि जब मैं आपदा के खतरे के चलते बच्चों को अपने माता.पिता को खोते और लोगों को बेघर होते देखती हूं तो मैं रो पड़ती हूं। कई मूल कारण जलवायु परिवर्तन के लिए जिम्मेदार हैं।