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पाकिस्तानमें कोरोनाके मामले 6500 के पार

इस्लामाबाद।  पाकिस्तान में गुरुवार (16 अप्रैल) को कोरोना वायरस संक्रमण मामलों की संख्या 6,500 को पार कर गई। इस बीच, प्रधानमंत्री इमरान खान ने गैर-जिम्मेदाराना रवैये अपनाने और बीमारी को रोकने के लिए सरकार के प्रयासों के बारे में न्यायालय को जानकारी देने में विफल रहने के लिए अपने स्वास्थ्य सलाहकार को फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने मंगलवार (14 अप्रैल) को महामारी से निपटने के सरकार के प्रयासों को लेकर नाराजगी व्यक्त की थी और देश में कोविड-19 के प्रकोप से निपटने में विफल रहने के लिए प्रधानमंत्री के विशेष स्वास्थ्य सहायक डॉ जफर मिर्ज़ा को हटाने का निर्देश दिया था। बुधवार (15 अप्रैल) को मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री खान ने अदालत के समक्ष हालिया पेशी के दौरान गैर-जिम्मेदाराना रवैये के लिए मिर्जा को फटकार लगाई।
पाकिस्तान: अस्पतालों में 300 से ज्यादा मरीज, जिनकी आते ही हो गयी मौत
इस्लामाबाद(एजेंसी)। क्या पाकिस्तान में कोरोना वायरस से मरने वाले मरीजों की संख्या वह नहीं जो वास्तव में दिख रही है? दरअसल, यह सवाल पैदा होने तब शुरू हो गए हैं जब कराची के जिन्ना पोस्टग्रैजुएट मेडिकल सेंटर सहित विभिन्न अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों में ऐसा देखा गया है कि मरीज मरनासन्न अवस्था में लाए जा रहे हैं जिनकी या तो तुरंत या फिर दो-चार घंटे बाद मौत हो जा रही है। पिछले 15 दिनों में ही 300 से अधिक ऐसे मरीजों की मौत हुई है। पिछले कुछ दिनों के ट्रेंड को देखते हुए वहां के डॉक्टरों ने मरीजों के आने पर विशेष एहतियात बरतना शुरू किया और एक मृत महिला का एक्सरे करने का फैसला किया। एक्सरे के जब नतीजे आए तो उनके होश उड़ गए। आपात ड्यूटी पर लगे एक डॉक्टर ने बताया, मृत महिला के एक्सरे में फेंफड़े पर बड़े धब्बे नजर आए और यह स्वसन संबंधी रोग से जुड़ा होता है।
द न्यूज वेबसाइट के मुताबिक, उन्होंने कहा, मैंने एक्सरे को एक बड़े डॉक्टर के पास भेजा जो कि अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों के इलाज में लगे हैं और उनके जवाब ने मेरा डर सच साबित कर दिया। यह संभवत: कोविड-19 निमोनिया था। य़ह पहली महिला नहीं हैं जिनमें यह लक्षण दिखे हैं पिछले 15 दिनों में 300 से ज्यादा ऐसे मरीज निजी और सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराए गए हैं। ज्यादतर लोगों की आते ही मौत हो गई या फिर उनमें निमोनिया के लक्षण थे और वे भी आने के थोड़ी देर बाद मौत हो गई। लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि उनमें से अधिकांश के शव का एक्सरे नहीं कराया जा सका और न ही पोस्ट मॉर्टम ही किया गया ताकि मौत की वजह का पता चल सके। जिन्ना अस्पताल में क्रीटिकल केयर विशेषज्ञ ने बताया, शुरुआत में, हमने ध्यान नहीं दिया, लेकिन अब हम यह पैटर्न देख रहे हैं। यह अन्य अस्पतालों में भी हो रहा है। इंडस ह़ॉस्पिटल कराची ने भी बताया कि पिछले ढाई सप्ताह से ऐसे मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है जो काफी गंभीर रूप से बीमार रहे हों। उनमें निमोनिया के लक्षण हैं और दो या चार घंटे बाद ही उनकी मौत हो रही है।
मलेशिया जा रहे 32 रोहिंग्या मुसलमानोंकी मौत, भूखसे तड़प रहे 396 लोगोंको बचाया
ढाका(एजेंसी)। मृतकोंकी संख्या 19 हजार हुई म्यामांर से मलेशिया जा रहे कम से कम 32 रोहिंग्या मुसलमानों की समुद्र में भूख से तड़प-तड़पकर मौत हो गई। बांग्लादेश के कोस्ट गार्ड ने बताया कि रोहिंग्या मुसलमानों का जहाज मलेशिया नहीं पहुंच पाया जिसकी वजह से ये लोग कई हफ्ते तक समुद्र में भटकते रहे। उन्होंने बताया कि 396 लोगों को बचा लिया गया है। इसमें से बड़ी संख्या में ऐसे लोग थे जिन्हें कई हफ्तों से खाना नहीं मिला था। कोस्टगार्ड ने कहा, ये रोहिंग्या मुसलमान करीब दो महीने से समुद्र के अंदर थे और भूख से तड़प रहे थे। अधिकारी ने बताया कि अंतिम फैसला यह लिया गया कि बचाए गए लोगों को पड़ोसी म्यामांर भेजा जाएगा। कोस्टगार्ड ने पहले कहा था कि 382 लोगों को बचाया गया है लेकिन बाद में उन्होंने बताया कि कुल 396 लोगों को बचाया गया है। बताया जा रहा है कि बचाए गए लोगों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं। इनमें से कई लोगों की हालत इतनी खराब हो गई थी कि उनकी सिर्फ हड्डियां दिखाई दे रही थीं।
होंडुरासमें 6.3 तीव्रताका भूकंप
सान सल्वादोर(एजेंसी)। होंडुरास के तट पर 6.3 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए लेकिन जान-माल की क्षति की अभी कोई खबर नहीं है। अमेरिका जियोलॉजिकल सर्वे ने बताया कि होंडुरास की तटरेखा के उत्तर में देर रात दो बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र ने कहा कि सुनामी की कोई आशंका नहीं है।
नेपालमें भूकम्पके झटके
काठमांडू(एजेंसी)। पूर्वी नेपाल में 4.7 तीव्रता के भूकम्प के झटके महसूस किए गए। देश के राष्ट्रीय भू विज्ञान केन्द्र ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।खबरों के अनुसार भूकम्प काठमांडू से 120 किलोमीटर पूर्व में स्थित सिंधुपाल्चोक जिले में देर रात 12 बजकर 55 मिनट पर आया। इस दौरान कई लोग अपने घर से बाहर निकल आए।काठमांडू घाटी में भी भूकम्प के झटके महसूस किए गए। किसी तरह के जान माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। गौरतलब है कि नेपाल में अभी तक का सबसे शक्तिशाली भूकम्प अप्रैल 2015 में आया था, जिसमें करीब 9,000 लोगों की जान चली गई थी।