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सामरिक वार्ता के लिये जापान की यात्रा पर जा रही हैं सुषमा स्वराज

नयी दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज तीन दिवसीय यात्रा पर जापान जा रही हैं जहां वे अपने जापानी समकक्ष तारो कोनो के साथ सामरिक वार्ता की सह अध्यक्षता करेंगी । उनकी यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर भी चर्चा होगी। नौंवी भारत जापान सामरिक वार्ता 29 मार्च से शुरू हो रही हैं।
विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, ‘‘इस यात्रा के दौरान दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा दोनों नेताओं के बीच साझा हितों से संबंधित क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विषयों पर चर्चा होगी।’’ भारत और जापान के बीच एक विशेष सामरिक और वैश्विक गठजोड़ है जो साल 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान बनी। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे भी सितंबर 2017 में भारत की यात्रा पर आए थे।
 भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय संबंध कई क्षेत्रों में काफी मजबूत है। दोनों देशों के परमाणु ऊर्जा, रक्षा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में गहरे रिश्ते हैं । जापान की ओर से भारत में बुलेट ट्रेन परियोजना में सहयोग किया जा रहा है। जापान, भारत में सबसे बड़े निवेशकों में शामिल है।
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सोशल मीडिया पर कांग्रेस फिर शर्मसार, उलटा पड़ा सुषमा के खिलाफ पूछा गया प्रश्न
सोशल मीडिया मंचों पर भाजपा को घेरने की रणनीति कांग्रेस को उल्टी पड़ती दिख रही है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक ट्वीटर हैंडल पर एक सवाल पूछा कि क्या इराक में 39 भारतीयों का मारा जाना सुषमा स्वराज की बतौर विदेश मंत्री सबसे बड़ी विफलता है? तो इसके जवाब में 76 प्रतिशत लोगों ने कहा- नहीं। कांग्रेस के लिए इस पोल के नतीजे शर्मसार करने वाले तब और ज्यादा हो गये जब विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इसे रीट्वीट कर दिया।
 इससे पहले कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर नमो ऐप के यूजर्स का डेटा अमेरिकी दोस्तों को देने का आरोप लगाया था लेकिन जब भाजपा यह तथ्य सामने लाई कि कांग्रेस के मोबाइल एप के यूजर्स का डाटा सिंगापुर स्थित सर्वर पर जा रहा है तो कांग्रेस ने गूगल प्ले स्टोर से अपना ऐप ही हटा दिया।
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इराक में मारे गए 39 भारतीयों के शव एक हफ्ते में लाए जाएंगे भारत: सुषमा
नयी दिल्ली। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि इराक में मारे गए 39 भारतीयों के शव एक हफ्ते में भारत लाए जाएंगे। विदेश मंत्री ने मृतकों के परिवारों को यह भरोसा दिलाया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्री ने मृतकों के परिवारों के साथ मुलाकात के दौरान यह बात कही। इन परिवारों ने सरकार तथा विशेष रूप से सुषमा और विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह द्वारा की गई कोशिशों की सराहना की है।
एक सूत्र ने बताया कि मंत्री ने परिजन से कहा कि शवों को एक हफ्ते में भारत लाया जाएगा और समूची प्रक्रिया की निगरानी के लिए सिंह इराक जाएंगे। सूत्रों ने बताया कि शवों को लाने के लिए सिंह के एक मालवाहक विमान से जल्द रवाना होने की उम्मीद है। गोबिन्दर सिंह के छोटे भाई दविंदर सिंह ने बताया, ‘हमें एक निकट परिजन को सरकारी नौकरी सहित हर तरह की सहायता का भरोसा दिलाया गया है। 39 भारतीयों के शव यथाशीघ्र भारत लाए जाने की मांग पर मंत्री ने हमें हर संभव कदम उठाने का भरोसा दिलाया।’ उन्होंने बताया कि सुषमा के साथ मुलाकात करीब 45 मिनट चली।
मृतकों के परिवार ने वित्तीय मदद और सरकारी नौकरी मांगी है क्योंकि उनके लिए आजीविका अर्जित करने वाले की मौत हो गई है। उन्होंने बताया, ‘मंत्री ने हमसे कहा कि निकट परिजन को सरकारी नौकरी देने की संभावना पर एक फैसला करने के लिए वह उन चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलेंगी, जहां के ये लोग रहने वाले थे।’ इराक में मारे गए लोगों के परिवार के सदस्यों ने इससे पहले दिन में पंजाब कांग्रेस प्रमुख और पार्टी सांसद सुनील कुमार जाखड़ से नयी दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
 गौरतलब है कि सुषमा ने राज्यसभा में कहा था कि करीब 40 भारतीयों को इराक के मोसुल से आईएसआईएस आतंकी संगठन ने अगवा कर लिया था लेकिन उनमें से एक खुद को बांग्लादेशी मुसलमान बता कर बच निकलने में कामयाब रहा। उन्होंने कहा था कि शेष 39 भारतीयों को बादूश ले जाया गया और उनकी हत्या कर दी गई।