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दो और एफआईआर में ताहिर का नाम

नयी दिल्ली (एजेंसी)। दिल्ली हिंसा से जुड़े केस में आरोपी पार्षद ताहिर हुसैन फरार है। ताहिर हुसैन के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने की तैयारी कर ली गयी है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने लुक आउट नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ताहिर के पासपोर्ट डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं। इसके बाद एफआरआरओ को भेजा जायेगा। इसके अलावा दिल्ली पुलिस पार्षद ताहिर हुसैन की कॉल डिटेल्स खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ताहिर 2 मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता है। 24 तारीख को 12 बजे तक की कॉल डिटेल्स खंगाली गयी, जिसके मुताबिक ताहिर हुसैन 24 की रात 12 बजे के आस-पास तक चांद बाग के उसी घर में मौजूद था। दिल्ली हिंसा के एक और एफआईआर में ताहिर हुसैन का नाम शामिल किया गया है।  गोली लगने से घायल अजय गोस्वमी के बयान पर नॉर्थ-ईस्ट जिले के दयालपुर थाने में यह एफआईआर दर्ज किया गया है, जिसमें उसने कहा कि ताहिर हुसैन के मकान से गोलियां, पत्थर और पेट्रोल बम चल रहे थे। दयालपुर थाने की एफआईआर नंबर 88 में अजय गोस्वामी ने कहा कि वो 25 फरवरी 2019 को अपने अंकल राकेश शर्मा के घर आया हुआ था। करीब दोपहर 3 बजकर 50 मिनट पर खजूरी जा रहा था, जैसे ही गली के कोने पर पहुंचा तो देखा कि मेन करावल नगर रोड पर भीड़ जमा थी, पत्थरबाजी और गोली बाजी कर रहे थे और उत्पात मचा रहे थे। ये देखकर मैं फिर अपने अंकल के घर की तरफ भगाने लगा। अजय गोस्वामी ने बताया कि मेरे दाहिने कूल्हे पर कोई गोली जैसी जोरदार चीज लगी। वहां खड़े लोगों ने बताया कि गली नंबर 5 और 6 के बीच गुलफाम और तनवीर अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे। तो वहां खड़े लोगों ने बताया कि तुझे गोली लगी है, तू यहां से चला जा, जिन लड़कों ने मुझे उठाया था, वो कह रहे थे कि ताहिर हुसैन के मकान से काफी लोग गोलियां चला रहे हैं। पेट्रोल बम फेंक रहे हैं, पत्थर फेंक रहे हैं। दिल्ली हिंसा पर कॉन्स्टेबल संग्राम सिंह ने खजुरी खास थाने में एफआईआर दर्ज कराया है, जिसमें ताहिर हुसैन का नाम है. संग्राम सिंह ने बताया कि मैं थाना खजुरी खास में बतौर सिपाही तैनात हूं। 24 फरवरी को मेरी और हेड कॉन्स्टेबल विक्रम की ड्यूटी चांद बाग पुलिया ई-ब्लाक खजुरी खास में लगी थी। तभी शेरपुर चौक की तरफ जाने वाले रास्ते व आसपास की गलियों मे काफी भीड़ इक_ा होने लगी और उपद्रवी आगजनी-पत्थर बाजी कर रहे थे। सभी निजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे।संग्राम सिंह के मुताबिक, यही के रहने वाले प्रदीप की छत पर एक शादी का खाना बन रहा था। प्रदीप की पार्किंग के पास ताहिर हुसैन के मकान की छत पर काफी सख्या में उपद्रवी इक_ा थे, जो छत से पार्किंग की तरह पत्थर व आग लगाने वाली चीजें फेंक रहे थे। इसके चलते शादी का समान भी खराब हो गया। उस भीड़ ने आसपास की दुकान में भी तोडफोड़ की। आरोपी ताहिर हुसैन ने 24 तारीख को (हिंसा के दिन) दिन भर में करीब 150 कॉल किये थे। यह कॉल किसको किये गये थे? इसकी जानकारी तलाशी जा रही है। ताहिर के अंडरग्राउंड होने के पहले उसकी लास्ट लोकेशन दिल्ली में ही थी। ताहिर दूसरे नंबर की भी सीडीआर मंगवाई गयी है। उसे भी खंगाला जा रहा है। इससे पहले दिल्ली की कड़कडड़ूमा कोर्ट में पार्षद ताहिर हुसैन की अग्रिम जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवायी हुई। ताहिर के वकील ने कहा कि इस मामले में ताहिर को खुद पुलिस ने 24 फरवरी को रेस्क्यू किया था, ऐसे में वो खुद आरोपी कैसे हो सकते है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है, इसलिए अब ताहिर हुसैन की अग्रिम जमानत अर्जी पर कोर्ट ने एसआईटी से जवाब मांग लिया है, कल 2 बजे फिर सुनवायी होगी।