Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


नागरिकता बिल पर सुलग रहा असम

नयी दिल्ली(एजेंसी)। नागरिकता संशोधन बिल(एनआरसी) राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर के बाद अब कानून बन गया है लेकिन इसको लेकर असम और पूर्वोत्तर के राज्यों में जोरदार विरोध जारी है। कैब पर असम हो रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा रद्द कर दी है। भारत ने शुक्रवार को जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे के बीच होने वाला सालाना शिखर सम्मेलन स्थगित हो गया है। आबे की 15 से 17 दिसंबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता के लिए भारत आने वाले थे और दोनों नेताओं के बीच बैठक गुवाहाटी में होनी थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने ट्वीट किया कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे की भारत यात्रा के लिए हम जल्द ही नई तारीख पर विचार करेंगे। असम में नागरिकता(संशोधन) विधेयक को लेकर पिछले दो दिन से व्यापक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हजारों लोग इस विधेयक को वापस लिए जाने की मांग को लेकर निषेद्याज्ञा का उल्लंघन करके सड़कों पर उतर रहे हैं। जापान के जीजी प्रेस के अनुसार, आबे भारत की अपनी यात्रा को रद्द करने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि गुवाहाटी में सुरक्षा हालात खराब हो गए हैं। जीजी प्रेस के अनुसार जापान और भारत की सरकारें अंतिम संभावना की तलाश कर रही हैं। नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार से जब यह पूछा गया कि क्या 15-17 दिसंबर तक गुवाहाटी में भारत-जापान वार्षिक शिखर वार्ता होगी, इस पर उन्होंने कहा कि अभी हमारे पास कोई नई जानकारी नहीं है। यह पूछे जाने पर कि क्या सरकार आयोजन स्थल बदलने पर विचार कर रही है इस पर कुमार ने कहा कि मैं इस पर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हूं। अभी तक मेरे पास कोई नई जानकारी नहीं है। सूत्रों ने बताया कि जापान के एक दल ने तैयारियों का जायजा लेने के लिए बुधवार को गुवाहाटी का दौरा किया। बता दें कि गुरुवार को पुलिस के साथ झड़प में गुवाहाटी में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई थी।
गुवाहाटी में ही होगी मोदी और आबे की बैठक, बदलाव की आशंकाओं को  किया खारिज
नयी दिल्ली(एजेंसी)। असम में नागरिकात कानून में संशोधन   के विरोध में हो रही हिंसा के बावजूद भारत और जापान के बीच होने वाली सालान शीर्षस्तरीय बैठक गुवाहाटी में ही होगी। गृह मंत्रालय ने बैठक की जगह में बदलाव की आशंका को खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पीएम नरेंद्र मोदी और जापान के पीएम शिंजो आबे के बीच होने वाली बैठक को लेकर दोनों देशों के अधिकारी संपर्क में है। गृह मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार बैठक की जगह में बदलाव की कोई जरूरत नहीं है और असम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हिंसा और उपद्रव को रोकने के लिए असम सरकार को पर्याप्त केंद्रीय बल की सहायता दे दी गई है। खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में असम के हालात सामान्य हो जाएंगे। उनके अनुसार नागरिकता कानून में संशोधन के खिलाफ अफवाह फैलाकर लोगों को भड़काया जा रहा है। इन अफवाहों की काट और आम लोगों को सही तथ्यों से अवगत कराने के लिए कई कदम उठाये जा रहे हैं। दरअसल मोदी और आबे के बीच सालाना बैठक 15 से 17 दिसंबर, 2019 के बीच गुवाहाटी में होनी है। गुवाहाटी में इस बैठक को आयोजित करके दोनों देशों का एक कूटनीतिक संदेश है। माना जा रहा है कि पड़ोसी देश चीन को एक मजबूत संकेत देने के लिए भारत और जापान के बीच गुवाहाटी का चयन किया गया है। हाल के वर्षो में भारत और जापान के बीच रिश्ते बहुत तेजी से प्रगाढ़ हुए हैं। इसके पीछे एक वजह यह भी है कि पिछले साढ़े पांच वर्षो से मोदी और शिंजो सरकार चला रहे हैं। इस साल की सालाना बैठक को रणनीतिक लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई समझौतों पर हस्ताक्षर करने की तैयारी है।
नागरिकता कानून पर तनाव, इन 6 राज्यों ने मोदी सरकार को दिखाया रेड सिग्नल
नयी दिल्ली(एजेंसी)। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर जहां एक तरफ पूर्वोत्तर में हिंसक प्रदर्शन जारी है। वहीं दूसरी तरफ कुछ राज्य सरकारों ने इसे अपने यहां लागू करने से इंकार कर दिया है। पश्चिम बंगाल, केरल और पंजाब के बाद अब महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश सरकारों ने भी संकेत दिए हैं कि उन्होंने इसे अपने यहां लागू नहीं करने का फैसला ले सकते हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष और उद्धव सरकार में मंत्री बाला साहेब थोराट ने इस बात के संकेत दिए हैं। वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस बात के संकेत दिए हैं। उधर, पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार में मंत्री डेरेक ओ ब्रायन ने भी कहा कि एनआरसी और कैब दोनों ही हमारे राज्य में लागू नहीं किए जाएंगे। ब्रायन ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई बार यह बात कह चुकी हैं। वहीं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह भी कह चुके हैं कि वे इसे यहां लागू नहीं करेंगे। केरल के सीएम पिनरई विजयन ने भी कहा कि उन्हें भी यह स्वीकार नहीं है। विजयन ने इसे असंवैधानिक बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार भारत को धार्मिक आधारों पर बांटने की कोशिश कर रही है। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों-असम, मेघालय और त्रिपुरा में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए असम में स्कूलों और कॉलेजों को 22 दिसंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है। सेना और पुलिस की तैनाती के बाद भी प्रदर्शनकारी लगातार कफ्र्यू का उल्लंघन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को यात्रियों से भरी एक ट्रेन में आग लगाने की भी कोशिश की। राज्य में पुलिस फायरिंग में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है।