Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


नागरिकता पर पूर्वोत्तर में उबाल

नयी दिल्ली(एजेंसी)।  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार और सोमवार को पूर्वोत्तर के दो राज्यों मेघालय और अरुणाचल प्रदेश का अपना दौरा रद्द कर दिया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। शाह का यह दौरा ऐसे समय रद्द किया गया है जब मेघालय और असम में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम 2019 को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्री का पूर्वोत्तर का दौरा रद्द कर दिया गया है। उन्होंने इसकी कोई वजह नहीं बताई। उधर शिलांग के विभिन्न हिस्सों में लगाए कफ्र्यू में शुक्रवार को सुबह दस बजे से 12 घंटे की ढील दी गई। अधिकारियों ने बताया इन इलाकों से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। सदर और लुमदिंगजरी पुलिस थाना क्षेत्रों में गुरुवार रात को कफ्र्यू लगाया गया था। इन थाना क्षेत्रों में उत्तरी शिलांग और मॉप्रेम के कम से कम 20 इलाके आते हैं। ईस्ट खासी हिल्स जिले की उपायुक्त एम. डब्ल्यू नांगब्री ने बताया, 'सदर और लुमदिंगजरी पुलिस थाना क्षेत्रों में आने वाले इलाकों में सुबह दस बजे से रात दस बजे तक कफ्र्यू से छूट दी गई। यहां मोबाइल इंटरनेट और मैसेजिंग सेवा अभी भी निलंबित है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों के बाद गुरुवार को शाम पांच बजे से 48 घंटे के लिए सेवा बंद कर दी गई थी। उधर गुवाहाटी में शुक्रवार सुबह कफ्र्यू में ढील की खबरें सुनकर लोग हड़बड़ी में जरूरी सामान इक_ा करने के लिए दुकानों और बाजारों की तरफ निकले। हालांकि, बाद में प्रशासन ने कफ्र्यू में ढील दिए जाने से इनकार किया। कुछ स्थानीय चैनलों ने खबर दी कि सुबह छह बजे से दोपहर एक बजे तक निषेधाज्ञा में ढील दी गई है, जिसके बाद शहर के उजेन बाजार, चांदमारी, शिल्पुखुरी और जू रोड इलाके में दुकानों के बाहर लंबी लंबी कतारें नजर आई। असम पुलिस के एक प्रवक्ता ने बाद में स्पष्ट किया कि कफ्र्यू में ढील देने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है और पाबंदी लागू रहेगी। संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों के बाद गुरुवार सुबह सवा छह बजे पाबंदी लगाई गई थी। हालांकि, शहर में चप्पे-चप्पे पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बाजारों को न तो बंद कराया और न ही वाहनों को रोका। किराना दुकानों, चिकन-मछली की दुकानों के बाहर लोग कतारों में खड़े थे। कई लोगों ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अनिश्चितताओं के कारण वे कम से कम तीन चार दिनों के लिए घर का सामान जुटा लेना चाहते हैं। बाजार में कुछ लोग कह रहे थे कि कफ्र्यू में ढील की बात सुनकर वे कार्यालय जाने के लिए तैयार होकर निकले थे। हालांकि, स्कूल और कार्यालय बंद हैं । सेना और सुरक्षाबलों के जवानों ने शहर में फ्लैग मार्च किया। गुरुवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प में दो लोगों की मौत हो गई थी। निकाय कर्मचारी सड़क पर जले हुए टायरों, बिखरे पड़े ईंट-पत्थर तथा अन्य सामान और बैरिकेड को हटाते नजर आए। बस सहित सार्वजनिक परिवहन सड़क से नदारद रहे।