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मनीष सिसोदिया ने पेश किया हरित बजट

नयी दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी की आप सरकार ने आज विधानसभा में वित्त वर्ष 2018-19 के लिए 53,000 करोड़ रुपये का बजट पेश किया जिसमें पर्यावरण, स्वास्थ्य, शिक्षा और पानी पर विशेष ध्यान दिया गया है। बजट पेश करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि बजट में दिल्ली के गरीब और मध्यम वर्ग का खास ख्याल रखा गया है। सिसोदिया ने कहा, वित्त वर्ष 2018-19 के लिए बजट 53,000 करोड़ रुपये है जो पिछले वित्त वर्ष के बजट (44,370 करोड़ रुपये) से 19.45 प्रतिशत ज्यादा है।
 
विधानसभा के बजट सत्र में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के प्रदूषण से प्रभावी तरीके से निपटने के लिए सरकार ने अपना पहला हरित बजट पेश किया है। उन्होंने कहा, ‘हम परिवहन, ऊर्जा, पर्यावरण और पीडब्ल्यूडी के26 कार्यक्रम और योजनाएं शुरू करने वाले हैं ताकि प्रदूषण नियंत्रण और विभिन्न प्रदूषकों का स्तर कम करने के लिए एकीकृत प्रणाली तैयार की जा सके।’ उन्होंने कहा कि सरकार ने शहर के स्थानीय निकायों के तहत आने वाली छोटी सड़कों की मरम्मत और देखभाल के लिए1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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उपराज्यपाल सहित सभी की जवाबदेही तय करेंगेः सिसोदिया
आप सरकार ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा में अपना पहला परिणामी बजट पेश किया। इसमें शहर के कार्यक्रमों और योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने और उनके क्रियान्वयन में नयी निगरानी इकाई के जरिये उपराज्यपाल सहित सभी पक्षों की जवाबदेही तय करने की बात कही गयी है। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने परिणामी बजट पेश करते हुए कहा कि विभिन्न योजनाओं के पूरा होने में देरी के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को जवाबदेह ठहराया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे वह नौकरशाह हो, मंत्री हो या यहां तक कि उपराज्यपाल हो।
सिसोदिया ने कहा कि परिणामी बजट पेश किये जाने का मकसद सार्वजनिक खर्च की जवाबदेही तय करना और पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि जहां अधिकतर विभागों ने शानदार प्रदर्शन किये हैं, वहीं सरकार कई क्षेत्र में लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में अब भी गंभीरता से जूझ रही है। दिल्ली सरकार ने 1,000 आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक खोलने का लक्ष्य निर्धारित किया था, जिसकी तुलना में अभी केवल 160 क्लीनिकों की स्थापना की गयी है। वहीं परिवहन के क्षेत्र में बात करें तो 2016 में डीटीसी के पास 4,126 बसें थी लेकिन अप्रैल-दिसंबर, 2017 तक यह संख्या घटकर 3,988 रह गयी।
 
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि 82 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता आम आदमी पार्टी की बिजली पर सब्सिडी योजना का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिजली व्यवस्था की कड़ी निगरानी और नियमित समीक्षा के कारण 2017 में राजधानी में केवल 0.06 प्रतिशत लोडशेडिंग देखने को मिला, जो दिल्ली के इतिहास में न्यूनतम है। सिसोदिया ने कहा कि इस दौरान नियंत्रित प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं होने के कारण अधिकारियों ने 22,700 वाहनों का चालान काटा।