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पुणे: इंजीनियरसे दुष्कर्म, हत्या के मामले में तीन दोषी

पुणे (एजेंसी)। एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ साल २००९ में हुये अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में एक विशेष अदालत ने आज यहां तीन लोगों को दोषी ठहराया। विशेष न्यायाधीश एलएल येनकर ने तीनों दोषियों- योगेश राउत, महेश ठाकुर और विश्वास कदम को लूटपाट, संपत्ति में हेरफेर (मृतक की संपत्ति में) और आपराधिक साजिश का भी दोषी पाया। अदालत उनकी सजा पर मंगलवार को जिरह सुनेगी। खरादी में एक सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर का सात अक्तूबर २००९ को खरादी बाईपास से उस वक्त अपहरण कर लिया गया था जब वह अपने घर जाने के लिये गाड़ी का इंतजार कर रही थी। दो दिन बाद २८ साल की इस इंजीनियर का शव पुणे जिले के खेड तहसील में जरेवाडी वन क्षेत्र से बरामद किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि पीडि़त से एक कार में सामूहिक दुष्कर्म हुआ और उसके एटीएम कार्ड का इस्तेमाल करते हुये उसके पैसे भी निकाले गये।
बाद में बदमाशों ने उसका गला घोंट दिया और जंगल के पास उसे छोड़कर चले गये। पुलिस की जांच के बाद राजेश चौधरी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। राजेश बाद में मामले में सरकारी गवाह बन गया। विशेष लोक अभियोजक हर्षद निंबालकर ने कहा कि चौधरी को अदालत ने बरी कर दिया।