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९७ सीटोंके लिए दूसरे चरण की अधिसूचना जारी

नयी दिल्ली (आससे)।  चुनाव आयोग ने आज लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना जारी कर दी है। दूसरे चरण में १८ अप्रैल को १३ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के ९७ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान होगा। इसके लिये प्रत्याशी २६ मार्च तक नामांकन भर सकते हैं। इनकी जांच अगले दिन २७ मार्च को होगी और उम्मीदवार २९ मार्च तक नाम वापस ले सकेंगे। मालूम हो कि दूसरे चरण में तमिलनाडु की सभी ३९ लोकसभा सीटों पर चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश में ८, कर्नाटक में १४, महाराष्ट्र में १०, असम, बिहार और ओडिशा में ५-५, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में ३-३, जम्मू और कश्मीर में २, जबकि मणिपुर, त्रिपुरा और पुडुचेरी में १-१ सीट पर मतदान होंगे। उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण में नगीना (सु.), अमरोहा, बुलंदशहर (सु.), अलीगढ़, हाथरस (सु.), मथुरा, आगरा (सु.) और फतेहपुर में मतदान होगा। जबकि बिहार के किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर और बांका में इस दिन चुनाव होंगे।
दस लाखसे अधिक निकासी पर आयोग की नजर
नयी दिल्ली(एजेंसी)। आयकर विभाग के जांच निदेशालय ने आम चुनाव में अघोषित धनराशि के उपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से टॉल फ्री नंबर 1800117574 जारी किया है जिस पर इस तरह के लेनदेन के बारे में जानकारी दी जा सकती है। इसके साथ ही जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी बैंक खाते से 10 लाख रुपये से अधिक की निकासी करने वालों के बारे में आयकर विभाग को जानकारी देने के लिए कहा गया है। सूत्रों ने कहा कि कार्यालय आयकर महानिदेशक (अन्वेषण) दिल्ली ने चुनाव आयोग की सलाह पर यह टॉल फ्री नंबर जारी किया गया है। पूरे देश में 25 कंट्रोल रूम भी स्थापित किये गये हैं और प्रत्येक क्षेत्र के लिए एक एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किये गये हैं। ये नोडल अधिकारी संबंधित क्षेत्र के आयकर के प्रमुख निदेशक से सलाह मशविरा कर प्राप्त जानकारी के अनुसार जांच पड़ताल या सर्वे के लिए वांरट प्राप्त करेंगे। आम चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने के कारण कोई भी व्यक्ति 10 लाख रुपये से अधिक राशि या एक किलोग्राम सर्राफा लेकर नहीं चल सकता है। यदि कोई व्यक्ति लेकर चलता है तो उसे नकद या सर्राफा के बारे में साक्ष्य लेकर चलना होगा। साक्ष्य पुख्ता नहीं पाये जाने पर संबंधित व्यक्ति के विरूद्ध आयकर विभाग आवश्यक कार्रवाई करेगा। इसके साथ ही जिला निर्चावन अधिकारी को खाते से 10 लाख रुपये से अधिक की राशि निकासी करने वालों के बारे में जानकारी जुटाकर कंट्रोल रूम को देनी होगी। इसके बाद आयकर विभाग इसकी जांच पड़ताल कर सकता है।