Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


ग्रामीण इलाकोंमें स्वच्छ भारत मिशनके दूसरे चरण को मंजूरी

नयी दिल्ली (आससे)। केंद्र सरकार ने ग्रामीण इलाकों में चलाये जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण को आज अपनी मंजूरी प्रदान कर दी है। इस चरण में ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के निर्माण के साथ ही कूड़े-कचरे के बेहतर निस्तारण पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) चरण-दो २०२४-२५ तक चलेगा। उन्होंने बताया कि इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता तथा कूड़ा निस्तारण को और अच्छा बनाया जायेगा। जावड़ेकर ने बताया कि इस चरण के तहत खुले में शौच से मुक्ति के बाद सार्वजनिक शौचालयों में  बेहतर सुविधाओं (ओडीएफ प्लस) पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा, जिसमें खुले में शौच मुक्त अभियान को जारी रखना तथा ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन भी शामिल होगा।  केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में यह सुनिश्चित करने के लिये काम किया जायेगा कि एक व्यक्ति भी छूटने न पाये और हर व्यक्ति शौचालय का इस्तेमाल करे। इस मिशन के लिये कुल अनुमानित बजट २०२०-२१ से २०२४-२५ की अवधि के लिये ५२४९७ करोड़ रुपये रखा गया है। इसमें केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी है। इसके अलावा १५वें वित्त आयोग ने ग्रामीण स्थानीय निकायों तथा ग्रामीण जलापूर्ति और स्वच्छता के क्रियान्यन के लिये ३०३७५ करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। ओडीएफ प्लस कार्यक्रम मनरेगा के साथ सम्मिलित होगा, विशेषकर धूसर जल प्रबंधन और नये जल जीव मिशन कार्यक्रम को भी पूरा करेगा। जावड़ेकर ने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत व्यक्तिगत घरेलू शौचालय के निर्माण को बढ़ावा देने के लिये मौजूदा मानदंडों के अनुसार नये पात्र घरों को १२ हजार रुपये की राशि दिये जाने का प्रावधान जारी रहेगा। उन्होंने पिछले पांच साल के दौरान इस योजना के तहत १० लाख करोड़ शौचालयों के निर्माण को बढ़ी उपलब्धि करार देते हुये कहा कि योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत के अंतर्गत सामुदायिक स्वच्छता संकुल के निर्माण के लिये अब दो लाख की जगह तीन लाख रुपये दिये जायेंगे।