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हत्या आरोपी हैं नीतीश, बीजेपी के साथ कर ली सेटिंग- लालू

पटना। बिहार में नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही महागठबंधन टूट गया है। नीतीश ने इस्तीफा देने के साथ ही बेनामी संपत्ति मामले में लालू यादव ऐंड फैमिली को घेरा तो आरजेडी सुप्रीमो ने नीतीश को हत्या और आम्र्स ऐक्ट का दोषी करार दे दिया। लालू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबूत के तौर पर कुछ डॉक्युमेंट भी दिखाए। लालू ने कहा कि नीतीश को अपने फंसने का अंदाजा लग चुका था इसलिए उन्होंने बीजेपी से पहले ही सेटिंग कर ली। लालू प्रसाद यादव ने कहा कि इधर नीतीश ने इस्तीफा दिया उधर पीएम मोदी ने ट्वीट कर दिया। लालू के मुताबिक यह सेटिंग को ही दिखाता है। लालू यादव ने कहा,मैंने रात को भी नीतीश से 40 मिनट बात की थी, लेकिन उन्होंने कोई इस्तीफा नहीं मांगा था। नीतीश ने इतना कहा था कि आरोपों पर सफाई दीजिएगा कोई हड़बड़ी नहीं है। हमने रात में भी इसपर कहा था कि आरोपों पर काफी त्रुटियां हैं। हमने यही कहा था कि जेडीयू कोई सीबीआई नहीं है। जो भी कहना होगा पब्लिक डोमेन में कहेंगे, जांच एजेंसी से कहेंगे। इनके सारे प्रवक्ता यही बोलते रहते हैं। यह समूचा मामला सेट था। भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में जुडऩे के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई। सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं। नीतीश कुमार को यह मालुम चल गया था कि इस्तीफे का कोई ग्राउंड नहीं है। इसके बाद लालू ने नीतीश कुमार पर सनसनीखेज आरोप लगाए। लालू ने कहा,नीतीश कुमार पर धारा 302 के तहत आरोप है। उनको यह बात मालूम हो गई कि हिंदुस्तान का पहला ऐसा कोई सीएम है जो मर्डर केस का आरोपी है और उसके खिलाफ संज्ञान लिया जा चुका है। लालू ने उस केस का जिक्र किया जिसपर उनके मुताबिक बाढ़ न्यायालय ने संज्ञान लिया है। लालू ने कहा कि नीतीश पर मर्डर और आम्र्स ऐक्ट का केस है। इसमें आजीवन कारावास नहीं तो फांसी की सजा है। लालू ने कहा,मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ बोल रहा हूं। बाढ़ न्यायालय ने इसपर संज्ञान लिया है। ऐसे में कौन सा जीरो टॉलरेंस, कौन सी ईमानदारी, भ्रष्टाचार के कथित आरोप से बड़ा है अत्याचार। लालू ने सबूत के तौर पर नीतीश का शपथपत्र भी दिखाया। लालू ने कहा,यह केस पटना हाई कोर्ट में चल रहा है। नीतीश को यह मालूम हो गया था कि अब हम बचने वाले नहीं हैं। ऐसे में उन्होंने अपने इस्तीफे का खेल किया। नीतीश आरएसएस और बीजेपी से मिले हुए हैं। लालू ने लगे हाथों पीएम मोदी समेत पूरी बीजेपी को भी घेरे में लिया। लालू ने कहा, क्या सेटिंग है कि देश के पीएम तुरंत ट्वीट कर दिए। अभी नीतीश से किसी पत्रकार ने पूछा कि बीजेपी से समर्थन लेंगे तो नीतीश कुमार ने ना नहीं कहा। नीतीश ने राजहित का जिक्र किया, तो आप देख लीजिए कि सब सेट है। लालू ने कहा कि नीतीश ने जाते वक्त मुझे प्रणाम किया, मैंने कहा कि ऐसा मत करो, सांप्रदायिक ताकत हमें रोकना चाहती हैं,उनकी गोदी में मत खेलो। लालू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक साथ कई राजनीतिक संकेत दे दिए। लालू ने कहा कि नीतीश से मेरी अपील है कि अगर आपके मन में सांप्रदायिक ताकतों के प्रति प्रेम नहीं है तो अब आपका इस्तीफा हो चुका है। कैबिनेट स्वत: भंग हो चुकी है। अगर आपका सेटिंग नहीं है, तो आइए फिर से बैठिए। न तेजस्वी रहेंगे और न आप रहेंगे नया नेता चुना जाएगा। आरजेडी, कांग्रेस और जेडीयू के सारे विधायक बैठेंगे और नया नेता चुनेंगे। लालू शायद इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि महागठबंधन नीतीश के बिना भी चल सकता है। शायद इसीलिए लालू ने यह भी कहा कि नीतीश का इस्तीफा हुआ है, महागठबंधन नहीं टूटा है। लालू ने कहा कि नीतीश ने बिहार की जनता की इच्छाओं का हमेशा अनादर किया। बीजेपी के राष्ट्रपति कैंडिडेट को वोट किया। हम प्रदेश को राष्ट्रपति शासन में नहीं ढकेलना चाहते। लालू ने फिर कहा कि अगर आपका सेटिंग नहीं है तो आइए फिर से बैठिए, बिहार के जनता का जनादेश पांच साल का है। इसे पूरा कीजिए। आप उनकी (बीजेपी के) गोद में मत खेलिए।