Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


छात्रने प्रिंसिपलको मारी गोली,मौत

यमुनानगर(एजेंसी)। यमुनानगर के एक नामी स्कूल स्वामी विवेकानंद में आज सुबह एक छात्र ने प्रिंसिपल पर गोलियां चलाई। जिसके बाद प्रिंसिपल को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई है। १२वीं के छात्र ने पेरेंट्स मीटिंग के दौरान वारदात को अंजाम दिया। प्रिंसिपल को तीन गोलियां लगी थी। जानकारी के अनुसार छात्र ने अपने पिता की रिवाल्वर से प्रिंसिपल ऋतु छाबड़ा पर चार फायर किए। स्कूल में फायर होते ही अफरा-तफरी का माहौल हो गया और दहशत में बच्चे इधर-उधर भागने लगे। वहीं गोली चलाने के बाद छात्र भागने लगा लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसकी जमकर धुनाई की। जिसे बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। स्वामी विवेकानंद स्कूल की प्रिंसिपल का नाम ऋतु छाबड़ा है। वारदात के वक्त वे अपने रूम में थी। स्टूडेंट ने तीन फायर किए। उन्हें एक गोली चेहरे पर, एक कंधे और एक बाजू में लगी। गोली लगते ही वह घायल होकर नीचे गिर गई। आरोपी स्टूडेंट को पकडऩे के बाद लोगों ने उससे ऐसा करने की वजह पूछी तो उसने कहा- प्रिंसिपल टॉर्चर करती थी। इस वजह से फायरिंग की। छात्र का नाम शिवांश गुम्बर है और वह कॉमर्स का विद्यार्थी है। उसके पिता फाइनेंसर हैं। बताया जा रहा है कि छात्र को स्कूल से निकाल दिया गया था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच कर रही है।
---------------
 महाबोधि मंदिरको दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम
 पटना। बोधगया को दोबारा दहलाने की साजिश नाकाम हो गई है। संदिग्ध आतंकियों ने महाबोधि मंदिर परिसर के आसपात तीन जगहों पर विस्फोटक छुपा रखे थे। कालचक्र मैदान के गेट नम्बर चार के पास से एक विस्फोटक और दो उससे कुछ दूरी पर रखे गए थे। पूरे इलाके में सघन तलाशी अभियान शुरू किया कर दिया गया है। बिहार पुलिस ने तीन जगहों से विस्फोटक मिलने की पुष्टि की है। बताया जाता है कि कालचक्र मैदान के गेट नम्बर चार के जेनरेटर के पास थरमस फटने की घटना हुई। इसकी आवाज सुनकर सुरक्षा में तैनात पुलिसवाले वहां पहुंचे। आसपास के इलाके को पुलिस ने अपने घेरे में लेकर तलाशी शुरू कर दी। इसी दौरान लावारिस हालत में वहां एक बैग मिला। संदिग्ध वस्तु दिखने के बाद तत्काल बम निरोधक दस्ता को बुलाया गया। स्कैन करने पर केन में विस्फोटक की बात सामने आई। इसके बाद तलाशी का दायरा बढ़ा दिया गया। पुलिस के मुताबिक श्रीलंका मॉनिस्ट्री के पास चौराहे के करीब एक पेड़ के चबूतरे के नीचे बैग में रखा दूसरा विस्फोटक मिला। साथ ही महाबोधि मंदिर के बाहर लाल चबूतरा के पास भी ऐसा ही एक थैला दिखा। जांच में इसमें भी विस्फोटक होने की बात सामने आई।   सीआरपीएफ और एसएसबी के बम निरोधक दस्ता ने सबसे पहले तीनों विस्फोटकों को अपने कब्जे में लेते हुए वहां से हटा दिया। विस्फोटक भीड़भाड़ से दूर सुरक्षित स्थान पर रखे गए हैं। उनकी छानबीन की जा रही है। बताया जाता है कि उसमें अमोनियम नाइट्रेट समेत दूसरे विस्फोटक और तार लगे हैं। मगध रेंज के डीआईजी और गया की एसएसपी गरिमा मल्लिक मौके पर मौजूद हैं। बोधगया में इस समय आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा का कालचक्र मैदान में प्रवचन चल रहा है। उन्हें महाबोधि मंदिर के पास स्थित तिब्बती बौद्ध मंदिर में ठहराया गया है। शुक्रवार को ही राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी बोधगया के दौरे पर थे। इतनी सुरक्षा के बावजूद कालचक्र मैदान के गेट के पास विस्फोटक मिलना सुरक्षा पर बड़ा सवालियान निशान खड़ा कर रहा है। विस्फोटक मिलने के बाद दलाई लामा के ठहरने के स्थान के आसपास सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। महाबोधि मंदिर समेत बोधगया के कई हिस्सों में 7 जुलाई 2013 को सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। सीरियल धमाकों को इंडियन मुजाहिद्दीन ने अंजाम दिया था। पटना के गांधी मैदान में अक्टूबर 2014 में हुए धमाकों के बाद इंडियन मुजाहिद्दीन के कई आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। इसमें आईएम का संस्थापक सदस्य यासीन भटकल के अलावा आईएम का तहसीन अख्तर उर्फ मोनू, हैदर अली उर्फ ब्लैक ब्यूटी समेत दर्जन भर से ज्यादा संदिग्ध आतंकी पक?े गए थे। आईएम के इस ग्रुप ने रांची में अपना अड्डा बना रखा था। बोधगया और पटना के गांधी मैदान बम धामकों की जांच एनआईए को सौंपी गई थी। 2013 में हुए धमाकों के बाद महाबोधि मंदिर की सुरक्षा चाक-चौबंद की गई थी। माना जा रहा है कि धमाकों के बाद यह अब तक की सबसे ब?ी सुरक्षा चूक है।