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कपिल, धोनीकी राह चली विराट सेना

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। विराट कोहली लगातार अपने अच्छे प्रदर्शनसे महान खिलाडिय़ोंकी फेहरिस्तमें शामिल हो चुके हैं लेकिन इंगलैण्डमें होने वाला विश्वकप भारतीय कप्तानके रूपमें अपनी छाप छोडऩेका मौका होगा। आस्ट्रेलियाई सरजमींपर टेस्ट शृंखला जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान कोहली ऐसी टीमकी अगुवाई करेंगे जिसकी अपनी कुछ समस्यायें हैं लेकिन वह मैचका रूख बदलने वाली टीमोंसे जरा भी कम नहीं है जो बड़े टूर्नामेंटके लिये जरूरी चीज होती है।  चौथे नंबरपर कौन बल्लेबाजी करेगा? क्या केदार जाधव ठीक हैं? तीसरा तेज गेंदबाज या फिर अतिरिक्त आल राउंडर? कुलदीप या चहले या फिर दोनों? विश्वकपमें कोहलीकी काबिलियत बतौर बल्लेबाजसे ज्यादा बतौर कप्तान देखी जायेगी। अगर भारतीय टीम विश्वकप जीत जाती है तो वह एक अपनी ही ऐसी लीगमें शामिलहो जायेंगे कि जो उनकी तकनीकी दक्षताके प्रति थोड़े संशयमें हैं उनके पास भी उनकी उपलब्धियोंके सामने झुकनेके अलावा कोई विकल्प नहीं होगा। इसमें कोई शक नहीं कि भारतीय कप्तान इस सात हफ्ते तक चलने वाले टूर्नामेंटमें काफी अहम होंगे जिसमें उनके ११००० रन पार करने की उम्मीद है और वह कुछ और शतक भी अपने ४१ सैकड़ोंमें जोडऩा चाहेंगे। इंगलैण्डमें पिचें पैनकेककी तरह सपाट होने वाली हैं तो रोहित शर्मा अपनी शानदार बल्लेबाजीकी बदौलत कुछ और बड़े शतक जमा सकते हैं हो सकता है कि इसमें चौथा दोहरा शतक भी शामिल हो जाये लेकिन इसके लिये उप कप्तानको यही फार्म जारी रखनी होगी। टीममें शिखर धवन भी हैं जिन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय आगाजके बादसे आईसीसी प्रतियोगिताओंमें कभी भी खराब प्रदर्शन नहीं किया है और वह भी इस रेकार्डको बरकरार रखना चाहेंगे। परेशानियां इसके बाद से शुरू होती हैं और यह ऐसी चीज है जो टीम शीर्ष तीन खिलाडिय़ोंके कई मौकों पर अच्छे प्रदर्शनके बावजूद पेपर पर सुलझानेमें असफल रही है। और वो है चौथे नंबरका स्थान अम्बाती रायुडूके इस स्थान की दौड़में असफल होनेके बाद यह चर्चाका विषय बना हुआ है और ऋषभ पंतको भी टीममें जगह नहीं मिल सकी है। वहीं उनकी जगह दिनेश कार्तिकके अनुभवको तरजीह दी गयी। विजय शंकर या विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज लोकेश राहुलके इस स्थान पर खेलनेकी उम्मीद हैं। लेकिन जो भी खेलेगा उसे जिम्मेदारी से खेलना होगा। महेंद्र सिंह धोनीका अंतिम विश्वकप अभियान उनके असंख्य प्रशंसकोंके लिये भावनात्मक होगा लेकिन ७० के स्ट्राइक रेट और ३५वेंसे ५०वें ओवरके बीच लगातार अंतराल पर तेजी से रन जुटाने की काबिलियतसे प्रतिद्वंद्वी टीमोंकी दिलचस्पी बनी रहेगी। छठे नंबर पर केदार जाधव होंगे जिनके पांच जून तक फिट होनेकी उम्मीद लगायी जा रही है जिस दिन भारतीय टीम साउथम्पटनमें दक्षिण अफ्रीकाके खिलाफ अभियानकी शुरूआत करेगी। हालांकि १४ आईपीएल मैचों में जाधव का लचर प्रदर्शन चिंताका विषय होगा। सातवें नंबर पर हार्दिक पंड्या की बहुमुखी प्रतिभाके टूर्नामेंटके दौरान अच्छे इस्तेमालकी उम्मीद है। डेथ ओवरों में छक्के जडऩेकी उनकी क्षमता खेल का परिदृश्यको बदल सकती है। भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओंने पिछले दो वर्षोंमें कलाईके स्पिनर कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल काफी जोर दिया है जिन्होंने भी अच्छी सफलता हासिलकी है। लेकिन भारतमें पिछली एकदिनी शृंखला खेलने आई आस्ट्रेलियाई टीम इन दोनोंकी गेंदबाजीको समझनेमें सफल रही जिसमें युवा एश्टोन टर्नर (विश्वकप टीम में शामिल नहीं) ने मोहालीमें जबकि उस्मान ख्वाजा और आरोन फिंचने रांचीमें उनके खिलाफ बेहतर खेल दिखाया। कुलदीपकी आईपीएलमें फार्म अच्छी नहीं रही जिसके कारण उन्हें आईपीएल अंतिम एकादशसे भी बाहर कर दिया गया। विश्वकप टीममें शामिल भारतीय खिलाडिय़ोंसे वह एकमात्र ऐसे क्रिकेटर थे जो आईपीएल में अंतिम एकादशसे बाहर हुए। लेकिन जसप्रीत बुमराह टीममें मौजूद हैं जो आने वाले वर्षोंमें भारतके महानतम मैच विजेताओंमें शुमार होंगे। वहीं मोहम्मद शमीकी स्विंग अप-फ्रंट और बुमराह की डेथ ओवर में यार्कर ऐसा जानदार मिश्रण तैयार करती है जो विपक्षी टीमोंके लिये मारक साबित होगा। नौ लीग मैचोंमेंसे छहमें जीत हासिल करना सेमीफाइनलके लिये क्वालीफाई करनेके मद्देनजर सही साबितहो सकता है।
कोहलीपर कमेंट कर फंसे ब्रैड हाग
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। भारतीय कप्तान विराट कोहली और ऋषभ पंत की कास्मेटिक्स उत्पादोंके विज्ञापनको लेकर खिंचाई करने वाले आस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज ब्रैड हागकी सोशल मीडियापर जमकर आलोचना की गयी है। कोहली को पंत एक कंपनी के लिये पुरुष कास्मेटिक्स उत्पादों का विज्ञापन कर रहे हैं। हाज ने इस वीडियो पर कहा  हैरान हूं कि लोग पैसों के लिये क्या क्या करते हैं।
बीचके ओवरोंमें विकेट लेने वाले गेंदबाजोंकी मौजूदगीसे भारतको मिलेगा फायदा- द्रविड़
मुंबई (एजेन्सियां)। दिग्गज बल्लेबाज राहुल द्रविड़ ने शुक्रवार को कहा कि विकेट लेने वाले गेंदबाजों की मौजूदगी से भारत को विश्वकप में बीच के ओवरों में मदद मिलेगी। इंगलैण्ड और आस्ट्रेलिया के अलावा भारत को इस खेल महाकुंभ में खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा है जो ३० मई से ब्रिटेन में शुरू होगा। द्रविड़ ने कहा कि पिछले साल के भारत ए के साथ इंगलैण्ड दौरे की परिस्थितियों के अनुभव के आधार पर मुझे लगता है कि इस विश्वकप में बड़े स्कोर बनेंगे। बड़े स्कोर वाले विश्वकप में बीच के ओवरों में विकेट लेने वाले गेंदबाजों की मौजूदगी महत्वपूर्ण होगी। मुझे लगता है कि भारत इस लिहाज से भाग्यशाली है।
केदार फिट,जायेंगे इंगलैण्ड
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। आल राउंडर केदार जाधव को ३० मई से इंगलैण्ड में होने वाले आगामी एकदिनी विश्वकप के लिये फिट घोषित कर दिया गया। हाल में समाप्त हुई आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स और किंग्स इलेवन पंजाब के बीच पांच मई को हुये मैच के दौरान जाधव के बांये कंधे में चोट लग गयी थी। ३४ साल की विश्वकप में भागीदारी पर इस चोट के बाद संशय बन गया था। वह चोट के बाद तुरंत ही मैदान छोड़कर चले गये थे और तब कहा गया था कि वह कम से कम दो हफ्तों तक खेल से दूर रहेंगे। टीम के एक सूत्र ने कहा कि केदार की चोट इतनी गंभीर नहीं थी और वह अब पूरी तरह से उबर चुका है। टीम के लिये चुने गये सभी १५ खिलाड़ी ब्रिटेन जा रहे हैं। टीम इंडिया के फिजियो पैट्रिक फरहार्ट ने जाधव की फिटनेस रिपोर्ट सौंपी जिसमें उन्हें फिट दिखाया गया। फिटनेस टेस्ट मुंबई में गुरुवार को कराया गया था। आईसीसी नियमों के अनुसार १५ सदस्यीय शुरूआती टीम में बदलाव २३ मई तक ही हो सकते हैं। भारतीय टीम विश्वकप में अपने अभियान की शुरुआत पांच जून को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ करेगी। टीम २५ और २८ मई को क्रमश: न्यूजीलैण्ड और बंगलादेश के खिलाफ अभ्यास मैच खेलेगी।
विश्वकपके लिए नये हथियारपर कामकर रहे हैं चहल
कोच रणधीर सिंहका खुलासा
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)।  टीम इंडिया के कलाई के जादूगर लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल इंगलैण्ड की जमीन पर ३० मई से होने वाले एकदिवसीय विश्वकप के लिये एक नये हथियार पर काम कर रहे हैं ताकि वह बल्लेबाजों को चौंका सकें। चहल के कोच रणधीर सिंह ने कहा इंगलैण्ड की पिचें कलाई के स्पिनरों को काफी भाती हैं और ऐसे स्पिनरों के सफल होने का प्रतिशत ज्यादा होता है। इंगलैण्ड की पिचें पहले के मुकाबले काफी बदली हैं और स्पिनरों खास तौर पर कलाई के स्पिनरों को मदद करती हैं। मुझे चहल के साथ-साथ चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव से काफी उम्मीदें हैं। चहल ने अब तक ४१ एकदिनी में ७२ विकेट लिये हैं।  रणधीर ने कहा इंगलैण्ड की पिचें इस समय काफी पाटा खेल रहीं हैं जैसा इंगलैण्ड और पाकिस्तान के बीच के शृंखला में देखने में आ रहा है। इस शृंखला में लगातार ३५० के आसपास के स्कोर बन रहे हैं। जून के महीने में तो पिच और टूटेगी जिससे स्पिनरों को खास तौर पर फायदा होगा। अपने शिष्य को विश्वकप के लिये कोई गुरुमंत्र दिये जाने के बारे में पूछने पर रणधीर ने कहा वह कई साल से टीम इंडिया में खेल रहा है और उसका प्रदर्शन अच्छा रहा है चाहे वह आईपीएल हो या फिर अंतररष्ट्रीय क्रिकेट। वह विश्वकप के लिये कड़ी मेहनत कर रहा है और एक नया हथियार तैयार कर रहा है जिससे वह दुनिया के बल्लेबाजों को चौंका सके। इस नये हथियार के बारे में पूछने पर कोच ने कहा इसका पता तो विश्वकप में ही चलेगा कि वो नई गेंद कौन सी है। जब आप कई साल से अंतररष्ट्रीय क्रिकेट में खेल रहे होते हैं तो बल्लेबाज आपकी गेंदों को पढ़ लेते हैं। वैसे तो अब इतने तकनीक मौजूद हैं कि आप किसी भी गेंदबाज का बारीकी से अध्ययन कर लेते हैं। मैंने उससे यही कहा था कि विश्वकप के लिये कुछ नया होना चाहिये जो अब तक किसी भी बल्लेेबाज को पता न हो। वह दो-तीन ऐसी गेंदें डालता है जो सबको पता हैं लेकिन उसने ऐसी नयी गेंद तैयार करने पर काम किया है जो बल्लेबाज को हैरत में डाले और मुझे पूरा यकीन है कि उसे सफलता मिलेगी।
धोनी, पांड्याको मन मुताबिक खेलने दो
-हरभजन सिंह
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। सीनियर आफ स्पिनर हरभजन सिंह ने सुझाव दिया कि महेंद्र सिंह धोनी की करारे शाट मारने की कला अब भी बरकरार है और भारतीय टीम प्रबंधन को विश्वकप के दौरान उन्हें शुरू से ही आक्रमण करने के लिये जरूर उतारना चाहिये पर ऐसा देखा जा रहा है कि धोनी अब आक्रामक रूख अख्तियार करने से पहले क्रीज पर काफी समय बिता रहे हैं लेकिन एक समय राष्ट्रीय टीम और मौजूदा चेन्नई सुपरकिंग्स के साथी हरभजन चाहते हैं कि वह शुरू से ही आक्रामक रहें। हरभजन ने कहा मुझे लगता है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ तभी करता है जब वह शुरू से ही हिट करता है। उनकी कुछ सर्वश्रेष्ठ पारियां तब बनी हैं जब उन्होंने शुरू से ही आक्रामक रूख किया है। मुझे लगता है कि टीम प्रबंधन को उन्हें और हार्दिक पांड्या को उनके मन मुताबिक बल्लेबाजी करने की छूट देनी चाहिये कोई पांबदी नहीं। हरभजन का मानना है शीर्ष क्रम बल्लेबाज शिखर धवन, रोहित शर्मा, विराट कोहली और लोकेश राहुल अच्छी पारियां खेल सकते हैं इसलिये धोनी आक्रमाक खेलने के लिये आजाद हैं। लेकिन यह पूछने पर कि जब मध्य ओवरों में जब स्पिनर जैसे मिशेल सैंटनर या नाथन लियोन गेंदबाजी करेंगे तो उन्होंने कहा मैं यही कहना चाहता हूं।






धोनी किसी भी स्पिनर की दूसरी गेंद पर छक्का जड़ देते। उसे ऐसा करना चाहिये और वह ऐसा कर भी सकता है क्योंकि मैंने चेन्नई सुपरकिंग्स के नेट्स में उन्हें देखा है। उसके चक्कों में बहुत जान है। हरभजन चाहते हैं कि धोनी की वही धाकड़ मौजूदगी बरकरार रहे जैसे कि उनकी और वीरेंद्र सहवाग की अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके सर्वश्रेष्ठ वर्षों के दौरान रहती थी। भारत के महान स्पिनरों में से एक ने कहा मैं आपको बता सकता हूं कि एक गेंदबाज का दिमाग कैसे काम कर रहा है। मान लीजिये अगर मैं केविन पीटरसन और इयान बेल को गेंदबाजी कर रहा हूं तो मैं बेल की तुलना में पीटरसन के बारे में ज्यादा चिंतित रहूंगा। मैं केपी को दो डाट गेंद फेक सकता हूं लेकिन उसमें ऐसी काबिलियत है कि वह मेरी गेंदों पर शाट जड़ दे जबकि बेल एक एक रन के लिये खेलेगा। धोनी भी केपी की तरह गेंदबाजों को भयभीत कर देता है। उसका दबदबा ऐसा ही है।
धोनी अगर २०२३ विश्वकप खेले तो मैं भी कारुंगा वापसी
-एबी डीविलियर्स
नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। दक्षिण अफ्रीका के धाकड़ बल्लेबाज एबी डीविलियर्स का कहना है कि अगर महेंद्र सिंह धोनी २०२३ का विश्वकप खेले तो निश्चित तौर पर मैं भी संन्यास छोड़कर अपनी टीम में हिस्सा लूंगा। एक टाक शो में पहुंचे डीविलियर्स ने कहा- २०२३ विश्वकप तक मैं ३९ साल का हो जाऊंगा। लेकिन अगर मैं इस दौरान फिट रहा तो यकीनन इसपर सोचा जायेगा। डीविलियर्स ने कहा कि मेरे संन्यास लेेने के बाद से कई बातें बठी हैं। लेकिन जिंदगी में जरूरी नहीं होता कि आप हर चीज का जवाब दो। इससे पहले डीविलियर्स ने २०१५ में कप्तान बनाये जाने संबंधी भी बात की। डीविलियर्स ने कहा कि २०१५ में जब उन्हें कप्तानी सौंपनी की तैयारी थी तो उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी। एक दिन टीम कोच गैरी कस्र्टन मेरे पास आये। बोले- मुझे तुमको कुछ दिखाना है। मैं उनके साथ सैर पर निकल गया। रास्ते में गैरी ने कहा- मैं चाहता हूं कि टीम की कमान तुम संभालो। बकौल डीविलियर्स गैरी की यह बात सुनकर वह हैरान हो गये थे। उनके मुंह से जो पहले शब्द निकले थे वह यह थे- गैरी आप मजाक तो नहीं कर रहे। डीविलियर्स ने कहा कि कप्तानी के बारे में उस समय मैं सोच तक नहीं रहा था।
मैंने जब गैरी से पूछा मुझे यह बात मजाक की तरह लग रही है तो उन्होंने कहा कि मैं मजाक नहीं कर रहा मुझे तुम ये बताओ की क्या तुम कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के लिये तैयार हो? उन्होंने फैसले के लिए मुझे कुछ समय लेने की भी बात कही। बता दें कि कप्तान के तौर पर डीविलियर्स का करियर शानदार रहा है। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिये १०३ एकदिनी में कप्तानी की। जिसमें उनकी जीत का प्रतिशत ६०.१० रहा। अपनी कप्तानी में ही डीविलियर्स ने दक्षिण अफ्रीकी टीम को २०१५ विश्वकप के सेमीफाइनल में पहुंचाया था।