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दहाडऩेको तैयार जख्मी शेर

धोनीकी कच्छप चाल भारतके लिए चिंता का सबब
एडीलेड (एजेन्सियां)। आस्ट्रेलिया के खिलाफ करो या मरो  के दूसरे एक दिवसीय मैच में भारतीय टीम गुरूवार को उतरेगी तो बीच के ओवरों में रन गति बनाये रखने में नाकाम साबित हो रहे महेंद्र सिंह धोनी का खराब फार्म चिंता का सबब होगा। अनुशासनात्मक कारणों से हार्दिक पंड्या को अचानक टीम से बाहर किये जाने से बल्लेबाजी क्रम का संतुलन बिगड़ गया है। भारत को पहले मैच में रोहित शर्मा के २२वें एकदिनी शतक के बावजूद ३४ रन से पराजय झेलनी पड़ी। धोनी ने ९६ गेंद में ५१ रन बनाये और वह स्ट्राइक रोटेट नहीं कर सके। उनकी इस धीमी पारी से बल्लेबाजी क्रम में बदलाव की संभावना बनती है। धोनी पांचवें नंबर पर उतरते हैं और उपकप्तान रोहित का मानना है कि उन्हें ऊपर आना चाहिये। भारतीय टीम के अभ्यास सत्र को देखकर हालांकि स्पष्ट है कि टीम बल्लेबाजी क्रम में फिलहाल बदलाव नहीं करेगी। सिडनी क्रिकेट मैदान पर धोनी को पारी के चौथे ओवर में ही उतरना पड़ा जो कम ही होता है। पिछले दो साल से रोहित, शिखर धवन और विराट कोहली का प्रदर्शन इतना अच्छा रहा है कि धोनी को कभी इतनी जल्दी नहीं आना पड़ा। चौथे नंबर पर धोनी का बल्लेबाजी औसत ५२-९५ है जो मौजूदा औसत ५०.११ से ज्यादा है। पांचवें नंबर पर उनका औसत ५०.७० और छठे पर ४६.३३ रहा है लेकिन निचले क्रम पर औसत से अधिक स्ट्राइक रेट महत्वपूर्ण होता है। धोनी का चौथे नंबर पर स्ट्राइक रेट ९४.२१ है जो उनके कैरियर के स्ट्राइक रेट ८७.६० से बेहतर है। भारत ने आस्ट्रेलिया में पिछला एकदिनी जनवरी २०१६ में खेला था जिसमें धोनी ने चौथे नंबर पर दो मैचों में १८ रन बनाये थे । उस शृंखला के बाद से धोनी ने आठ एकदिनी में चौथे नंबर पर बल्लेबाजी की है। उनका औसत २४.७५ रहा जबकि स्ट्राइक रेट ७७.३४ रहा है। दूसरे एकदिनी से पहले संभावित टीम का ऐलान नहीं किया गया है। हरफनमौला विजय शंकर दोपहर देर से पहुंचे और चयन के लिये संभवत: उपलब्ध नहीं होंगे। हार्दिक की गैर मौजूदगी में टीम का संतुलन बनाये रखना बड़ी चुनौती होगा। एशिया कप और वेस्टइंडीज के खिलाफ शृंखला में वह चोट के कारण बाहर था तब उपमहाद्वीप में तीन स्पिनरों को उतारने का फायदा मिला। विदेश में उसके नहीं होने का टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ेगा। संदिग्ध एक्शन की शिकायत के बावजूद अंबाती रायुडू अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाजी कर सकते हैं। अब देखना यह है कि टीम प्रबंधन क्या करता है। केदार जाधव विकल्प हो सकते हैं और दिनेश कार्तिक ही जगह उन्हें मौका दिया जा सकता है। पहले एकदिनी में गेंदबाजी संयोजन में बदलाव की गुंजाइश कम है हालांकि खलील अहमद फार्म में नहीं है । उन्होंने युजवेंद्र चहल के साथ नेट्स पर गेंदबाजी की। तीन तेज गेंदबाजों में से मोहम्मद शमी पहले मैच में सबसे प्रभावी रहे और इतने अहम मुकाबले में उन्हें बाहर नहीं रखा जायेगा । टीम प्रबंधन रविंद्र जडेजा के हरफनमौला हुनर पर भरोसा कायम रख सकता है और ऐसे में चहल की तुरंत वापसी संभव नहीं लगती। भारत के प्रदर्शन का फोकस शीर्ष तीन बल्लेबाजों पर होगा। कोहली का इस मैदान पर सभी प्रारूपों में औसत ७३.४४ रहा है और एकदिनी में उनका औसत ४६-६६ है। धवन के फार्म पर भी नजरें होगी जो इस सत्र में धोनी और रायुडू के अलावा घरेलू क्रिकेट नहीं खेलने वाले तीसरे बल्लेबाज थे। धोनी टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं जबकि रायुडू ने रणजी सत्र शुरू होने से पहले ही प्रथम श्रेणी क्रिकेट को अलविदा कह दिया। धवन रणजी खेलने की बजाय मेलबर्न में परिवार के साथ समय बिता रहे थे। सिडनी में पहली गेंद पर आउट होने के बाद उनके फार्म पर ऊंगली उठने लगी है। आस्ट्रेलिया ने अभी तक अंतिम एकादश की घोषणा नहीं की है लेकिन टीम में बदलाव की उम्मीद कम ही है।
विवादोंको पीछे छोड़ आगे बढऩा चाहती हैं मिताली
मुंबई (एजेन्सियां)। बाहर किये गये कोच रमेश पोवार और सीओए सदस्य डायना इडुल्जी के साथ उनके मतभेद अब बीती बात हो गये हैं और अब मिताली राज न्यूजीलैण्ड के आगामी दौरे में नये कोच डब्ल्यूवी रमन के मार्गदर्शन में नई शुरूआत करने के लिए तैयार हैं। वेस्टइंडीज में टी-२० विश्वकप के सेमीफाइनल में बाहर होने के बाद महिला टीम सुर्खियों का केंद्र बन गयी थी क्योंकि मिताली ने इसके बाद पिछले कोच पोवार पर पक्षपात का और सीओए सदस्य इडुल्जी पर उनका करियर खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। एक दिवसीय महिला टीम की कप्तान मिताली ने टीम के रवाना होने से पहले रविवार को यहां प्रेस कांफ्रेंस में पत्रकारों से कहा मुझे लगता है कि यह नयी शुरूआत है। नये साल में यह पहली शृंखला है और हां हम उसे (विवाद) को पीछे छोड़ चुके हैं। मिताली को भरोसा है कि रमन का कोच के तौर पर अनुभव अंतर पैदा करेगा। उन्होंने कहा जब एक कोच राष्ट्रीय टीम के लिए आता है तो हम बतौर टीम हम बहुत मुखर हो जाते हैं कि टीम के फायदे के लिए क्या जरूरी है। कोच और खिलाडिय़ों को एक स्तर पर होना चाहिये क्योंकि यह काफी अहम होता है। उन्होंने कहा मैं उनके साथ कभी ट्रेनिंग नहीं की है लेकिन दो बार उनसे मिली थी। अगर आप उनकी योग्यता देखोगे तो वह शीर्ष स्तर तक खेले हैं। इससे आप सकारात्मक हो कि कोच टीम में बड़ा अंतर लायेंगे।
मिताली ने यह भी स्वीकार किया कि सभी कोचों ने टीम को बेहतर बनाने में अहम भूमिका अदा की है।
गमजदा हो विदा हुए मरे
आस्ट्रेलिया ओपन : अगुटने पहले ही दौरमें किया बाहर
नडाल, कर्बर और शारापोवा का जीतसे आगाज
मेलबर्न (एजेन्सियां)।  पूर्व विश्व नंबर-वन और पांच बार के चैम्पियन ब्रिटेन के एंडी मरे साल के पहले ग्रैंड स्लैम टूर्नमेंट आस्ट्रेलियन ओपन के पहले दौर में ही हार कर बाहर हो गये जबकि पैर में चोट के कारण २०१८ सत्र में खराब फार्म से जूझते रहे १७ बार के ग्रैंड स्लेम चैंपियन नडाल, पूर्व चैम्पियन एंजेलिक कर्बर और मारिया शारापोवा ने भी पहले दौर की बाधा पार कर ली। मरे को सोमवार को पुरुष एकल वर्ग के मैच में स्पेन के रोबेर्ट बतिस्ता अगुट ने एक बेहद रोमांचक और मैराथन मुकाबले में ६-४, ६-४, ६-७ (५-७), ६-७ (४-७), ६-२ से मात देते हुए अगले दौर में प्रवेश किया। स्पैनिश खिलाड़ी के लिए हालांकि यह उलटफेर करना आसान नहीं रहा। उन्हें इस मैच को जीतने में चार घंटे नौ मिनट का समय लगा। बतिस्ता ने पहले दो सेट जीत मरे को हार की तरफ धकेल दिया था लेकिन ग्रेट ब्रिटेन के इस दिग्गज ने अगले दो सेटों में बेहतरीन वापसी करते हुए मैच को पांचवें सेट में पहुंचा दिया। आखिरी सेट में भी मरे ने दम दिखाया लेकिन चोटों से ग्रस्त यह दिग्गज स्पैनिश खिलाड़ी के सामने टिक नहीं सका। बतिस्ता दूसरे दौर में आस्ट्रेलिया के जान मिलमैन से भिड़ेंगे जिन्होंने पहले दौर के मैच में अर्जेंटीना के फेड्रेरिको डेलबोनिस को चार सेटों तक चले मुकाबले में ६-३, ३-६, ७-६, ६-२ से हराया। मरे ने इस टूर्नमेंट से पहले कहा था कि वह इस साल टेनिस को अलविदा कह देंगे इस लिहाज से यह उनका आखिरी आस्ट्रेलियन ओपन टूर्नमेंट था। मरे आखिरी सेट में भावुक नजर आये और मैच गंवाने के बाद पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर ताली बजा कर उनको आस्ट्रेलियन ओपन से विदाई दी। दूसरी वरीयता प्राप्त राफेल नडाल ने आस्ट्रेलिया के जेम्स डकवर्थ को सीधे सेटों में ६-४, ६-३, ७-७ से हराया। उन्हें यह मुकाबला जीतने में सवा दो घंटे लगे। दक्षिण पांचवीं वरीय अफ्रीका के केविन एंडरसन, फ्रांस के गेल मोंफिल्स, नीदरलैंड के राबिन हासे, रूस के कारेन खाचानोव, स्पेन के फर्नांडो वर्दास्को भी अगले दौर में पहुंच गये हैं जबकि १३वीं वरीयता प्राप्त काइल एडमंड उलटफेर का शिकार हो गये। ५७वीं रैंकिंग वाले चेक गणराज्य के टामस बेर्डिच ने ब्रिटेन के एडमंड को ६-३, ६-०, ७-५ से हराया। महिलाओं में वर्ष २००८ की चैंपियन शारापोवा ने ब्रिटेन की हैरियट डार्ट को लगातार सेटों ६-०, ६-० से हराकर अपनी पुरानी फार्म की वापसी के संकेत दिये। दूसरी वरीयता प्राप्त एंजेलिक कर्बर ने स्लोवेनिया की पोलोना हर्कोग को ६-२, ६-२ से हराया। २०१७ की यूएस ओपन चैम्पियन पांचवीं सीड स्लोएन स्टीफंस ने हमवतन टेलर टाउनसेंड को ६-४, ६-२ से हराया। ११वीं सीड बेलारूस की आर्यना सबालेंका ने भी भीषण गर्मी के बीच जीत हासिल की लेकिन हाल में आकलैंड क्लासिक जीतने वाली १४वीं सीड जर्मनी की जूलिया जार्जिस को तीन सेटों के मैच में अमेरिका की डेनिएला कोलिंस से हार झेलनी पड़ गयी। ब्रिटेन की केटी बोल्टर ने हालांकि इतिहास रच दिया और नयेए नियम के तहत तीसरे सेट का टाई ब्रेक जीतने वाली पहली महिला खिलाड़ी बन गयी। इस टूर्नामेंट में नये नियम के तहत डैथ या तीसरे या पांचवें सेट के बजाय अब टाइब्रेक खेला जाता है और यदि ६-६ का स्कोर हो जाता है तो जो खिलाड़ी पहले १० अंक पर पहुंचता है वह जीतता है।  ब्रिटेन की कैटी बूल्टर ने रूस की एकातेरिना माकारोवा को ६-०, ४-६, ७-६ से हराया।