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कोहलीसे भिडऩेसे बचेंगे

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने कहा कि उनकी टीम भारतीय कप्तान विराट कोहली से बल्लेबाजी के दौरान 'भिडऩे से बचनेÓ को तरजीह देगी क्योंकि ऐसा करने से वह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। हेजलवुड और उनके साथी तेज गेंदबाज कोहली की अगुआई वाली भारतीय टीम के सामने होंगे अगर आस्ट्रेलिया का आगामी दौरा कार्यक्रम के मुताबिक आयोजित होता है। हेजलवुड ने कोहली को गेंदबाजी करने के बारे में बात करते हुए कहा निश्चित रूप से हम किसी भी भिड़ंत से बचने की कोशिश करेंगे। मुझे लगता है कि २०१८ में पिछली टेस्ट शृंखला के दौरान यह पूरी तरह से साफ भी हो गया था। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि वह किसी भी तरह से उकसाना पसंद करता है क्योंकि इससे शायद वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है, विशेषकर तब जब वह बल्लेबाजी कर रहा होता है। इसलिए गेंदबाजों के लिए इस दौरान बिलकुल भी उसे उकसाना नहीं है। हेजलवुड के अनुसार जब कोहली टीम के साथ मैदान पर होते हैं तो योजना समान नहीं रहती। उन्होंने कहा मुझे लगता है कि अगर हमारे खिलाड़ी बल्लेबाजी कर रहे हैं और वह मैदान में है तो मामला अलग हो जाता है। लेकिन जब वह बल्लेबाजी कर रहा होता है तो उसे ऐसे ही छोड़ देना चाहिए। उम्मीद करते हैं कि वह थोड़े निराशाजनक मूड में हो और हम इसका फायदा उठा लें। हेजलवुड ने यह भी कहा कि चेतश्वर पुजारा एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपनी बल्लेबाजी से गेंदबाज को थका देते हैं।और अपने विकेट के लिए काफी काम कराता है, वह सचमुच अपने विकेट की कीमत रखता है और हमने यह आस्ट्रेलिया में पिछली बार देखा था। आस्ट्रेलियाई सीमित ओवर टीम के कप्तान आरोन फिंच ने हाल में कोहली की प्रशंसा की थी। भारतीय टीम चार टेस्ट मैचों के लिए आस्ट्रेलिया का दौरा करेगी और इसकी शुरूआत तीन दिसंबर से ब्रिसबेन में पहले टेस्ट से करेगी। टीम को एडीलेड में ११ से १५ दिसंबर तक एक दिन रात्रि टेस्ट मैच भी खेलना है जिसकी प्रतिबद्धता बीसीसीआई अध्यक्ष सौरभ गांगुली कर चुके हैं। टीम अगले दो टेस्ट मेलबर्न (२६ से ३० दिसंबर) और सिडनी (तीन से सात जनवरी) में खेलेगी।
भारतीय कोचोंके लिए हटेगी वेतन लिमिट-किरण जिजिजू

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। खेल मंत्रालय ने शनिवार को भारतीय कोचों द्वारा एलीट अथलीटों को प्रशिक्षण देने पर वेतन की ऊपरी सीमा दो लाख रुपये को हटाने की घोषणा की। ऐसा इसलिए किया गया ताकि वे बेहतर परिणाम देने के लिए प्रोत्साहित हों और पूर्व खिलाडिय़ों को हाई परफार्मेंस प्रशिक्षक बनने के लिए उत्साहित किया जा सके। मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी विदेशी कोचों के अनुबंध को अगले साल ३० सितंबर तक बढऩे का फैसला किया जिसके बाद यह घोषणा की गयी। इसके साथ ही ओलम्पिक से तालमेल बैठाते हुए अब भारतीय और विदेशी कोचको चार सालके लिए चुननेका फैसला किया गया। खेल मंत्री किरण रिजिजूने कहा कई भारतीय कोच बहुत अच्छे परिणाम दे रहे हैं और उन्हें कड़ी मेहनतके लिए पुरस्कृत करने की आवश्यकता है। सरकार देश भर से सर्वश्रेष्ठ कोचिंग प्रतिभाओंको आकर्षित करनेकी इच्छुक है। एलीट अथलीटों को प्रशिक्षित करने के लिए हम नहीं चाहते हैं कि कोच के लिए वेतन की सीमा कोई रुकावट बने। मंत्रालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि पूर्व दिग्गज अथलीटों को खेल तंत्र में आकर्षित करने के लिए बढ़ी हुई सैलरी और लंबी अनुबंध अवधि की पेशकश की जायेगी। इसका मकसद ओलम्पिक सहित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओंके लिए क्वालिफाइ करने वाले खिलाडिय़ोंको प्रशिक्षित करनेके लिए उनके अनुभव और कौशलका उपयोग करना है। पहले से अलग-अलग पीएसयू में काम करने वाले प्रख्यात कोचों को प्रतिनियुक्ति पर जुडऩे और चार साल के अनुबंध के साथ-साथ हाई सैलरी के लिए पात्र होने की अनुमति दी जायेगी। कोचों के पारिश्रमिक का निर्धारण पूर्व-एलीट वर्ग के अथलीट के प्रदर्शन और कोच के तौर पर उसकी सफलता पर अधारित होगा। मंत्रालय के बयान के मुताबिक सभी नये कोच और मौजूदा कोच जिन्हें नया अनुबंध दिया गया है वे राष्ट्रीय शिविर और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) में प्रशिक्षण प्रदान करेंगे जिनका चयन खेल मंत्रालय और राष्ट्रीय खेल संघों द्वारा संयुक्त रूप से किया जायेगा। इस कदम का स्वागत करते हुए बैडमिण्टन के राष्ट्रीय मुख्य कोच पुलेला गोपीचंदने कहा यह लंबे समयसे खेल बिरादरीकी मांग रही है। मैं इस फैसलेसे खुश हूं क्योंकि यह कई प्रतिभाशाली प्रशिक्षकों और पूर्व दिग्गज अथलीटोंको इस पेशेमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करेगा।
खेल मंत्रालय २०२८ ओलम्पिक को ध्यान में रखते हुए कोविड-१९ महमारी के खत्म होने के बाद जमीनी स्तर की प्रतिभा खोजना फिर से शुरू करेगा।