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रंगनाथ मिश्राकी पांच करोड़की संपत्ति जब्त

लखनऊ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में शुक्रवार को बसपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे रंगनाथ मिश्रा की पांच करोड़ रुपये की कीमत की दो प्रॉपर्टियों को अटैच किया है। रंगनाथ मिश्रा ने वर्ष 2010 में प्रयागराज स्थित इन दो संपत्तियों को अपने परिवार और खुद के नाम करवा लिया था। बसपा सरकार में माध्यमिक शिक्षा मंत्री रहे रंगनाथ मिश्रा पर आय से अधिक संपत्ति रखने का आरोप लगा था। इस मामले में 2011 में सतर्कता अधिष्ठान ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद वर्ष 2014 में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। ईडी ने इसके लिए लोकायुक्त की जांच और सतर्कता अधिष्ठान द्वारा औराई में दर्ज कराई गई रिपोर्ट को आधार बनाया था। इस रिपोर्ट में पूर्व मंत्री पर आय से अधिक संपत्ति का आरोप लगा था। ट्रस्ट, समिति और संस्थानों के नाम पर रंगनाथ मिश्रा और उनके परिवार के सदस्यों द्वारा खरीदी गई संपत्तियों के स्रोतों के संबंध में आगे की जांच अब भी जारी है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार में रंगनाथ मिश्र माध्यमिक शिक्षा मंत्री के पद पर वर्ष 2007 से वर्ष 2011 तक रहे। उनके खिलाफ भदोही के थाना औराई में 30 अक्टूबर, 2012 को उप सेनानायक पीएसी राजपाल सिंह ने भ्रष्टाचार   निवारण अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि लोक सेवक के पद पर रहने के दौरान इनके आय और खर्च की जांच की गई तो कुल आय 1 करोड़ 57 लाख 4 हजार 231 रुपये और खर्च 7 करोड़ 61 लाख 16 बजार 480 रुपये सामने आया। आरोप है कि आय के सापेक्ष खर्च 6 करोड़ 04 लाख 10 हजार 249 रुपये अधिक है। बता दें कि पूर्व माध्यमिक शिक्षा मंत्री रंगनाथ मिश्रा पहले लैकफेड घोटाले में भी आरोपी थे। इसके बाद मौजूदा समय में वह आय से अधिक संपत्ति के आरोपित हैं।
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जामा मस्जिद पहुंचे चंद्रशेखर
नयी दिल्ली। तिहाड़ जेल से रिहा होने के कुछ ही घंटे बाद भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद शुक्रवार को जामा मस्जिद पहुंचे। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना पढ़ी। उनके साथ समर्थक और स्थानीय लोग भी थे। आजाद ने संशोधित नागरिकता कानून को निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि देश को एकजुट रखने से ज्यादा महत्वपूर्ण कोई और चीज नहीं है। उन्हें गुरुवार की रात जमानत पर तिहाड़ जेल से रिहा किया गया। उनके समर्थकों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने शाहीन बाग, जामिया मिल्लिया इस्लामिया और देश के अन्य हिस्सों में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों में शामिल होने के लिए महिलाओं की तारीफ की। आजाद ने कहा,सीएए विरोधी आंदोलन देश के भविष्य, हमारी पहचान और संविधान बचाने के लिए है।   इसे मजबूत करना हमारा दायित्व है।श्श् उन्होंने कहा कि संविधान बचाना लोगों का मूल कर्तव्य है। उन्होंने लोगों से सीएए के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का आग्रह किया। जामा मस्जिद जाने से पहले वह गोल मार्केट के पास महर्षि वाल्मीकि मंदिर और गुरुद्वारा बंगला साहिब भी पहुंचे। वह जोरबाग स्थित कर्बला भी गए। दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को उन्हें जमानत प्रदान कर दी थी। उन पर 20 दिसंबर को सीएए के विरोध में प्रदर्शन के दौरान जामा मस्जिद के पास लोगों को भड़काने का आरोप है। अदालत ने उन्हें जमानत देते समय शर्त लगाई कि उन्हें चार सप्ताह तक दिल्ली से दूर रहना होगा।कोर्ट ने उन्हें यह भी निर्देश दिया कि वह चुनाव होने तक राष्ट्रीय राजधानी में कोई धरना-प्रदर्शन न करें और कहा कि देश को अराजकता के हवाले नहीं किया जा सकता।श्श् अदालत ने यह भी कहा कि सहारनपुर जाने से पहले आजाद अगर 24 घंटे के भीतर जामा मस्जिद सहित दिल्ली में कहीं जाना चाहते हैं तो पुलिस उनके साथ रहेगी।