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इंदौरमें स्वास्थ्य कर्मियोंको पत्थर-डंडोंसे दौड़ा कर मारा

इंदौर। देश में कोरोना वायरस का प्रकोप तेजी से बढ़ते जा रहा है और हर दिन कोविड-19 के मामलों में बड़ा इजाफा देखने को मिल रहा है। कोरोना संकट के इस दौर में खतरनाक महामारी के कहर से लोगों की जान बचाने के लिए स्वास्थ्यकर्मी अपनी जान की बाजी लगा कर डटे हुए हैं, मगर कुछ लोग हैं कि उन पर पत्थर बरसा रहे हैं और थूक रहे हैं। ताजा मामला मध्य प्रदेश के इंदौर का है, जहां कोरोना वायरस के मद्देनजर एक बुजुर्ग महिला की स्क्रीनिंग करने गए स्वास्थ्य कर्मियों की टीम पर पत्थर बरसाए गए और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया है। बता दें कि इससे पहले भी कोरोना लॉकडाउन में स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिस की टीम पर देश के अलग-अलग हिस्सों से हमले की खबर आ चुकी है। दरअसल, घटना इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके की है, जहां स्वास्थ्य कर्मियों पर पथराव किया गया। दरअसल, बुधवार को इंदौर के टाट पट्टी बाखल इलाके में कोरोना वायरस से संदिग्ध एक बुजुर्ग महिला का मेडिकल चेकअप करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की टीम, जिसमें डॉक्टर, नर्स और आशा कार्यकर्ता शामिल थे, लाने आई थी, जिसका वहां के लोगों ने विरोध किया और लोगों ने पथराव कर दिया। उन्होंने लाठी-डंडों से उनका पीछा किया और फिर किसी तरह स्वास्थ्यकर्मियों की टीम जान बचाते भागी। बता दें कि यह घटना ऐसे वक्त में हुई है जहां पूरा देश डॉक्टरों के लिए तालियां बजा रहा है और उनके योगदान को सराह रहा है, मगर वहीं कुछ लोग इन्हें गालियां भी दे रहे हैं और पत्थर भी मार रहे हैं।
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 मुजफ्फरनगरमें भीडऩे किया पुलिस पर हमला
मुजफ्फरनगर। कोरोना संक्रमण के बचाव के लिए देशव्यापी जारी लॉकडाउन के दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर के भोपा क्षेत्र में बेवजह सड़क पर घूम रहे लोगों को समझाने गये पुलिस दल पर भीड़ ने हमला कर तीन पुलिसकर्मियों को घायल कर दिया। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बुधवार शाम भोपा थाना क्षेत्र के मोरना-करहेड़ा मार्ग पर कुछ लोगग लॉकडाउन के बावजूद सड़क पर घूम रहे थे। उसी समय चौकी प्रभारी निरीक्षक लेखराज सिंह और दो कांस्टेबल वहां पहुंचे और लोगों को अपने घर जाने के लिए कहा । इस बीच कुछ दबंगों ने पुलिसकर्मियों पर लाठी-डंडों से हमला कर पथराव कर दिया।
 इस घटना में तीनों पुलिसकर्मी घायल हो गये। उन्होंने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों को जिला अस्पताल भेज दिया। बाद में उपनिरीक्षक की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें मेरठ एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है। इस मामले में पुलिस ने नौ नामजद तथा कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस सिलसिले में आरोपी पूर्व प्रधान नारा सिंह समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया,जिसमें दो महिला भी शामिल हैं। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। गिरफ्तार लोगों को जेल भेज दिया गया है।