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सुशान्तका मामला और उलझा

मुंबई (आससे)। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत का मामला और उलझता जा रहा है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सुशान्त की हत्या का संकेत देता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुशान्त के गले में निशान पाया गया था। जिसको लेकर जांच की जा रही है। सुशान्त ने अपनी एक डायरीमें कामयाबी का प्लान बनाया था। करीब 2 महीने बाद उनके परिवार ने पहली बार 9 पेज का बयान जारी किया है। इसमें कहा गया कि सुशांत के परिवार को सबक सिखाने की धमकियां दी जा रही हैं। एक-एक करके सबके चरित्र पर कीचड़ उछाली जा रही है। इसके अलावा सुशांत के परिवार ने रिया चक्रवर्ती और मुंबई पुलिस पर भी आरोप लगाये हैं। यह पत्र उनके पिता की तरफ से लिखा गया है।
सुशांत के परिवार ने फिराक जलालपुरी के एक शेर से पत्र की शुरुआत करते हुए लिखा है। तू इधर-उधर की न बात कर ये बता कि काफिला क्यों लुटा, मुझे रहजनों से गिला नहीं तेरी रहबरी का सवाल है। कुछ साल पहले की ही बात है। न कोई सुशांत को जानता था, न उसके परिवार को। आज सुशांत की हत्या को लेकर करोड़ों लोग व्यथित हैं और सुशांत के परिवार पर चौतरफा हमला हो रहा है। अखबार पर अपना नाम चमकाने की गरज से कई फर्जी दोस्त, भाई, मामा बन अपनी-अपनी हांक रहे हैं। ऐसे में बताना जरूरी हो गया कि आखिर 'सुशांत का परिवारÓ होने का मतलब क्या है?सुशांत को ठगों-बदमाशों लालचियों का झुंड घेर लेता है। जिन पर सुशांत की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी, वे लोग खुद उसके मृत शरीर की फोटो वायरल करके उसकी प्रदर्शनी लगा रहे थे। उनकी लापरवाही से सुशांत मरा। इतने से मन नहीं भरा तो उसकी मानसिक बीमारी की कहानी चलाकर उसके चरित्र को मारने में जुट जाते हैं। तमाशा करने वाले और तमाशा देखने वाले ये न भूलें कि वे भी यहीं हैं। अगर यही आलम रहा तो क्या गारंटी है कि कल उनके साथ ऐसा ही नहीं होगा? सुशांत के परिवार का सब्र का बांध तब टूटा जब महीना बीतते-बीतते महंगे वकील और नामी पीआर एजेंसी से लैस 'हनी ट्रैपÓ गैंग डंके की चोट पर वापस लौटता है। सुशांत को लूटने-मारने से तसल्ली नहीं हुई।
अंग्रेजों के वारिस हैं, एक अदना हिंदुस्तानी मरे, इन्हें क्यों परवाह हो? पीडि़त से कुछ मिलना नहीं, सो मुलजिम की तरफ हो लेते हैं। पिता ने आरोप लगाया कि अंग्रेजों के एक और बड़े वारिस तो जलियांवाला-फेम जनरल डायर को भी मात दे देते हैं। सुशांत के परिवार को कहते हैं कि तुम्हारा बच्चा पागल था, सुसाइड कर सकता था।
सुशांत के पिता ने आगे लिखा है, सवाल सुशांत की निर्मम हत्या का है। सवाल ये भी है कि क्या महंगे वकील कानूनी पेचीदगियों से न्याय की भी हत्या कर देंगे? इससे भी बड़ा सवाल है कि अपने को एलिट समझने वाले, अंग्रेजियत में डूबे, पीडि़तों को हिकारत से देखने वाले नकली रखवालों पर लोग क्यों भरोसा करें?
सुशांत 14 जून को अपने मुंबई में बांद्रा स्थित घर में मृत पाये गये थे। पहले इसे आत्महत्या का मामला बताया जा रहा था, लेकिन अब परिवार हत्या का शक जाहिर कर रहा है। सुशांत के पिता की ओर से पटना में शिकायत दर्ज कराने के बाद बिहार पुलिस ने भी अपनी जांच शुरू कर दी। हालांकि, अब मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
सुशांत के पिता ने पटना में रिया चक्रवर्ती, उनके भाई शोविक, पिता इंद्रजीत और मां समेत पांच लोगों के खिलाफ उनके बेटे से पैसे ऐंठने और उन्हें आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों के साथ शिकायत दर्ज करायी है।
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सामने आयी सुशांत की डायरी
नयी दिल्ली। सुशांत सिंह राजपूत   की एक डायरी सामने आई है. उसको देखकर ऐसा लगता है कि वह नियमित रूप से डायरी लिखते र्थे. ंश्वश्व हृश्वङ्खस् के पास डायरी के कुछ पन्ने उपलब्ध हैं. साफ-सुथरी अंग्रेजी में लिखे डायरी के पन्नों में सुशांत ने इस बात पर जोर दिया है कि लोग उनको समझें. उन्होंने लिखा-मैं चाहता हूं कि लोग मुझे समझें इस डायरी में सुशांत राजपूत ने अपनी साल 2020 की भावी योजनाओं को भी बताया है. उन्होंने बाकायदा अपनी जरूरत यानी हृ , क्क यानी पब्लिक प्रेजेंस पर काफी कुछ लिखा है. कई जगहों पर फ्लो चार्ट बनाकर बाकायदा उन्होंने इसे समझने की कोशिश की है इसके साथ ही एक अन्य जगह उन्होंने इस साल की अपनी बॉलीवुड, हॉलीवुड और कंपनी के बारे में लिखा. फिल्मों के स्क्रिप्ट के बारे में लिखा कि किस तरह की स्क्रिप्ट को तरजीह दी जानी चाहिए. दर्शकों में सीन का प्रभाव जमाने के लिए क्या उपाय करने चाहिए और वह खुद उसके लिए किस तरह तैयारी करेंगे? इन बातों का भी उन्होंने जिक्र किया है.सुशांत की खुदकुशी मामले की जांच के बीच परिवार ने 9 पन्नों की एक चि_ी लिखी है. इस चि_ी में लिखा हर शब्द एक परिवार के बिखरने, टूटने की कहानी बयां करता है, परिवार की चि_ी का हर शब्द सुशांत सिंह राजपूत के लिए न्याय मांग रहा है. परिवार की चि_ी का हर शब्द कई साजिशों की ओर इशारा करता है. परिवार की चि_ी की शुरुआत एक शेर के साथ की गई है इसके साथ ही सुशांत के परिवार वालों ने चि_ी के जरिए यह आरोप लगाया है कि सुशांत को न्याय देने के बदले उन पर चौतरफा हमला किया जा रहा है. इस चि_ी के जरिए परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि सुशांत को मानसिक बीमार साबित करने की कोशिश की जा रही है. परिवार के चरित्र पर कीचड़ उछाला जा रहा है. दूसरी ओर सुशांत के पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक सीबीआई और बिहार पुलिस के सामने उन्होंने सुशांत सिंह की ऑटोप्सी रिपोर्ट को लेकर शक जाहिर किया है. परिवार के सूत्रों के मुताबिक सुशांत सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट कहती है कि उनकी मौत दम घुटने से हुई है. इस मामले को पूरी तरह ओपन किया जाना चाहिए था, जिससे  इंटरनल एग्जामिनेशन के बाद एग्जामिनेशन किया जाना चाहिए था, जिससे किसी भी तरह की इंजरी का पता चलता है