Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


गिरावटपर लिवालीसे शेयर बाजारमें सुधार

नई दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में इस सप्ताह गिरावट पर लिवाली बढऩे से पिछले सप्ताह के मुकाबले प्रमुख संवेदी सूचकांकों में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। अमेरिका-चीन व्यापारिक गतिरोध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाओं का असर पूरे सप्ताह बाजार पर बना रहा और पांच कारोबारी सत्रों में से तीन में तेजी, जबकि दो सत्रों में गिरावट दर्ज की गई।
प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 38,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से थोड़ा ही नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी 11,400 के स्तर से ऊपर रहा।
बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को 467.78 अंकों यानी 1.25 फीसदी तेजी के साथ 37,930.77 पर बंद हुआ, जोकि सात मई, 2019 के बाद का सबसे ऊपरी स्तर का क्लोजिंग है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 128.25 अंकों यानी 1.14 फीसदी तेजी के साथ 11,407.15 पर बंद हुआ।
बीएसई मिड-कैप और स्मॉल कैप सूचकांकों में हालांकि पिछले सप्ताह के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई। मिड-कैप सूचकांक 81.40 अंकों यानी 0.57 फीसदी गिरावट के साथ 14,308.36 पर बंद हुआ और स्मॉल कैप 218.59 अंकों यानी 1.55 फीसदी लुढ़ककर 13,887.14 पर रहा।
सप्ताह के आरंभ में सोमवार को कमजोर विदेशी संकेतों से कारोबारी रुझान मंदा रहा और, सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 372.17 अंकों यानी 0.99 फीसदी गिरावट के साथ 37,090.82 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 130.70 अंकों यानी 1.16 फीसदी कमजोरी के साथ 11,148.20 पर बंद हुआ।
अगले दिन मंगलवार को गिरावट पर लिवाली से थोड़ा सुधार आया और सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 277.71 अंकों यानी 0.61 फीसदी बढ़त के साथ 37,318.53 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 73.85 अंकों यानी 0.66 फीसदी बढ़त बनाकर 11,222.05 पर रहा।
तीसरे कारोबारी सत्र में बुधवार को फिर शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 203.65 अंकों यानी 0.55 फीसदी फिसलकर 37,114.88 पर रहा और निफ्टी 65.05 अंकों यानी 0.58 फीसदी की कमजोरी के साथ 11,157 पर बंद हुआ।
कारोबारी सप्ताह के चौथे सत्र में गुरुवार को फिर गिरावट पर लिवाली बढऩे से बाजार में तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स 287.60 अंकों यानी 0.75 फीसदी बढ़त के साथ 37,393.48 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 100.10 अंकों यानी 0.90 फीसदी तेजी के साथ 11,257.10 पर रहा।
सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को भी तेजी जारी रही और सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 537.29 अंकों यानी 1.44 फीसदी उछाल के साथ 37,930.77 पर बंद हुआ। निफ्टी भी आखिरी सत्र में 150.05 अंकों यानी 1.33 फीसदी की जोरदार तेजी के साथ 11,407.15 पर बंद हुआ।
नयी दिल्ली। घरेलू शेयर बाजार में इस सप्ताह गिरावट पर लिवाली बढऩे से पिछले सप्ताह के मुकाबले प्रमुख संवेदी सूचकांकों में एक फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। अमेरिका-चीन व्यापारिक गतिरोध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी की आशंकाओं का असर पूरे सप्ताह बाजार पर बना रहा और पांच कारोबारी सत्रों में से तीन में तेजी, जबकि दो सत्रों में गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 38,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से थोड़ा ही नीचे बंद हुआ, जबकि निफ्टी 11,400 के स्तर से ऊपर रहा। बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सप्ताह के मुकाबले इस सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को 467.78 अंकों यानी 1.25 फीसदी तेजी के साथ 37,930.77 पर बंद हुआ, जोकि सात मई, 2019 के बाद का सबसे ऊपरी स्तर का क्लोजिंग है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 128.25 अंकों यानी 1.14 फीसदी तेजी के साथ 11,407.15 पर बंद हुआ। बीएसई मिड-कैप और स्मॉल कैप सूचकांकों में हालांकि पिछले सप्ताह के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई। मिड-कैप सूचकांक 81.40 अंकों यानी 0.57 फीसदी गिरावट के साथ 14,308.36 पर बंद हुआ और स्मॉल कैप 218.59 अंकों यानी 1.55 फीसदी लुढ़ककर 13,887.14 पर रहा। सप्ताह के आरंभ में सोमवार को कमजोर विदेशी संकेतों से कारोबारी रुझान मंदा रहा और, सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 372.17 अंकों यानी 0.99 फीसदी गिरावट के साथ 37,090.82 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 130.70 अंकों यानी 1.16 फीसदी कमजोरी के साथ 11,148.20 पर बंद हुआ। अगले दिन मंगलवार को गिरावट पर लिवाली से थोड़ा सुधार आया और सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 277.71 अंकों यानी 0.61 फीसदी बढ़त के साथ 37,318.53 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 73.85 अंकों यानी 0.66 फीसदी बढ़त बनाकर 11,222.05 पर रहा।
तीसरे कारोबारी सत्र में बुधवार को फिर शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 203.65 अंकों यानी 0.55 फीसदी फिसलकर 37,114.88 पर रहा और निफ्टी 65.05 अंकों यानी 0.58 फीसदी की कमजोरी के साथ 11,157 पर बंद हुआ।
कारोबारी सप्ताह के चौथे सत्र में गुरुवार को फिर गिरावट पर लिवाली बढऩे से बाजार में तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स 287.60 अंकों यानी 0.75 फीसदी बढ़त के साथ 37,393.48 पर बंद हुआ और निफ्टी भी 100.10 अंकों यानी 0.90 फीसदी तेजी के साथ 11,257.10 पर रहा।
सप्ताह के आखिरी सत्र में शुक्रवार को भी तेजी जारी रही और सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले 537.29 अंकों यानी 1.44 फीसदी उछाल के साथ 37,930.77 पर बंद हुआ। निफ्टी भी आखिरी सत्र में 150.05 अंकों यानी 1.33 फीसदी की जोरदार तेजी के साथ 11,407.15 पर बंद हुआ।
----------------------
सोनेकी कीमतोंमें भारी गिरावट

नयी दिल्ली। घरेलू बाजार में वैवाहिक जेवराती मांग कमजोर पडऩे से शनिवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 300 रुपये लुढ़ककर 33,000 के आंकड़े से नीचे 32,870 रुपये प्रति दस ग्राम पर आ गया। सिक्का निर्माताओं के उठाव में आयी कमी चांदी भी 25 रुपये की गिरावट में 37,600 रुपये प्रति किलोग्राम बोली गई।
लंदन एवं न्यूयॉर्क से मिली जानकारी के अनुसार, सोना हाजिर शुक्रवार को तेज गिरावट में 1,277.25 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। जून का अमेरिकी सोना वायदा भी गिरावट के साथ 1,277.40 डॉलर प्रति औंस पर रहा।
बाजार विश्लेषकों ने बताया कि दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंचने से सप्ताहांत पर पीली धातु की मांग कमजोर पड़ गयी। इसके अलावा इस पर मुनाफावसूली का दबाव भी रहा। अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में चाँदी हाजिर भी गिरावट के साथ 14.55 डॉलर प्रति औंस के भाव बिकी।
------------------
140 रुपयेमें बिक रहा है इंटरनेटपर मौजूद प्रोफाइल
नयी दिल्ली। इंटरनेट पर मौजूद आपका प्रोफाइल और वित्तीय जानकारियां डॉर्क वेब में 140 रुपए से कम में बिक रही है. केवल हैकर्स ही नहीं, बड़ी-बड़ी कंपनियां और बाजार से जुड़ी रिसर्च करने वाले लोग भी इस डाटा को चोरी-छिपे खरीद रहे हैं। डार्क वेब' नाम की यह दुनिया रेगुलर ब्राउजर्स के जरिए ऐक्सेस नहीं की सकती। सिर्फ टॉर जैसे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर जो कि अनजान कम्युनिकेशन की अनुमति देते हैं, उनके जरिए ही डार्क वेब को ऐक्सेस किया जा सकता है। इंटरनेट के इस छिपे हुए हिस्से में, हैकर्स इंटरनेट यूजर की जानकारी मुहैया करा रहे हैं। इनमें पासवर्ड, टेलिफोन नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारियां शामिल हैं। ऐसे में आपको थोड़ा सा और सचेत होने की जरूरत है।
एक्सपट्र्स का कहना है कि इस डेटा को पाने वालों में साइबरअटैक करने वाले, कंज्यूमर बिहेवियर को ट्रैक करने वाले और वो लोग शामिल हैं जो उन विडियो स्ट्रीमिंग साइट्स का मुफ्त ऐक्सेस चाहते हैं जिनका भुगतान आपने किया है। चिंता की बात यह है कि ऐसे डेटा को उन कंपनियों द्वारा खरीदा जा रहा है जो अपने प्रतिद्वंदियों के कंज्यूमर बेस की जानकारी पाना चाहती हैं। ये कंपनियां संवेदशनशील और क्रूशल डेटा रखने वाली अपनी विरोधी कंपनियों की मुख्य एग्जिक्युटिव को भी ट्रैक करना चाहती हैं. हैकर्स का एक ग्रुप जहां इनक्रिप्टेड पासवड्र्स के साथ डेटा लीक करता है, वहीं दूसरा ग्रुप उन्हें डीक्रिप्ट करता है. एक स्वतंत्र साइबरसिक्यॉरिटी रिसर्चर राजशेखर राजाहरिया का कहना है, अब एक तीसरा ग्रुप इन डीक्रिप्टेड पासवर्ड की लिस्ट बना रहा है और इन्हें एक सेंट्रल सर्वर पर स्टोर करता है. यहां से डेटा ब्रीच होता है और हैकर्स के लिए यह एक कॉमन सोर्स के तौर पर काम करता है। अगर आप अपने कई अकाउंट्स के लिए एक सिंगल पासवर्ड या फिर थोड़े से अलग पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप काफी कमजोर हैं।
एक अनुमान के मुताबिक, हैकर्स ने सिर्फ छोटी वेबसाइट्स से ही 7,000-8,000 डेटाबेस इक_ा कर लिया है. इनमें बड़ा साइट्स से चोरी किया गया डेटा शामिल नहीं है. यूजर डेटा को कई अलग-अलग पैकेज के जरिए बेचा जाता है. इन्हें एक दिन के लिए 2 डॉलर (140 रुपए) और 3 महीने के लिए 70 डॉलर (4,900 रुपए) के पैकेज मिलते हैं. ग्राहक क्रिप्टोकरेंसी जैसे बिटकॉइन,लाइटकॉइन, डैश, रिपल, ईदरियम और ज़ेडकैश के जरिए भुगतान करते हैं.
साइबरसिक्यॉरिटी एक्सपर्ट गौतम कुमावत कहते हैं, 'रेगुलर यूजर का पासवर्ड आमतौर पर 1 रुपए में ही मिल जाता है लेकिन हाईप्रोफाइल सिलेब्रिटी जैसे राजनेताओं या बॉलिवुड स्टार के डेटा को 500-2,000 रुपए में बेचा जाता है.' एक्सपट्र्स का कहना है कि डेटा चोरी के खिलाफ कड़े कानून से ही इस पर रोक लगाई जा सकती है. क्विक हील में चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर संजय काटकर का कहना है कि यूजर को मजबूत पासवर्ड इस्तेमाल करने के साथ ही फिशिंग और स्पैम मेल खोलने से बचना चाहिए. इसके अलावा, जब कंपनियों से डेटा हैक व चोरी होता है, तो उन्हें जवाबदेह होना चाहिए. डेटा चोरी की कई घटनाओं के बावजूद, कंपनियों ने अभी किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं झेली है.