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गिरावटके साथ बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई। अधिकतर विदेशी बाजारों में रही गिरावट के बीच पूंजीगत वस्तु एवं यूटिलिटीज समूह में हुई बिकवाली के दबाव में बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 156.28 अंक फिसलकर 35,853.56 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 57.35 अंक टूटकर 10,737.60 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स बढ़त के साथ 36,113.27 अंक पर खुला और शुरुआती पहर में 36,124.94 अंक के दिवस के उच्चतम स्तर तक पहुंचा। दिसंबर में थोक मूल्यों पर आधारित मुद्रास्फीति की दर आठ महीने के महीने के न्यूनतम स्तर 3.8 प्रतिशत पर पहुंचने की खबर से भी बाजार में कुछ देर सकारात्मक रही लेकिन इसके बाद जोरदार बिकवाली हावी हो गई। चीन के निर्यात के कमजोर आंकड़ों से निवेशकों को वैश्विक आर्थिक विकास की गति सुस्त पडऩे की आशंका सताने लगी है। इसके अलावा अमेरिका में जारी शटडाउन भी निवेश धारणा के खिलाफ है। इन सबके बीच सेंसेक्स 35,691.75 अंक के दिवस के निचले स्तर तक लुढ़क गया। अंतत: यह गत दिवस की तुलना में 0.43 फीसदी की गिरावट के साथ 35,853.56 अंक पर बंद हुआ।  दिग्गज कंपनियों की तरह छोटी और मंझोली कंपनियों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। बीएसई का मिडकैप 0.49 प्रतिशत यानी 74.88 अंक की गिरावट के साथ 15,102.15 अंक पर और स्मॉलकैप 0.44 प्रतिशत यानी 64.23 अंक की गिरावट में 14,536.14 अंक पर बंद हुआ। बीएसई में कुल 2,714 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें 1,487 में गिरावट और 1,031 में तेजी रही जबकि 196 कंपनियों के शेयरों के भाव अपरिवर्तित बंद हुए। बंबई स्टॉक एक्सचेंज के बीएसई में जेट एयरवेज के शेयरों में 15.72 फीसदी, फार्मा साइंस लिमिटेड के शेयरों में 8.21 फीसदी, सिम्फनी के शेयरों में 7.09 फीसदी, यस बैंक के शेयरों में 5.98 फीसदी और  इंडिया के शेयरों में 5.07 फीसदी की तेजी रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में यस बैंक के शेयरों में 5.83 फीसदी, इंफोसिस के शेयरों में 2.60 फीसदी, सनफार्मा के शेयरों में 1.60 फीसदी, बजाज फाइनेंस के शेयरों में 1.46 फीसदी और मारुति के शेयरों में 1.43 फीसदी की तेजी रही।  बीएसई में डीमार्ट के शेयरों में 11.04 फीसदी,  टाटा स्टील के शेयरों में 9.95 फीसदी, डिश टीवी के शेयरों में 5.88 फीसदी, रुद्बठ्ठस्रद्ग इंडिया लिमिटेड के शेयरों में 5.11 फीसदी और फेडरल बैंक के शेयरों में 5.03 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी में विप्रो के शेयरों में 4.93 फीसदी, गेल के शेयरों में 3.96 फीसदी, इंडियबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के शेयरों में 2.77 फीसदी और एलएंडटी के शेयरों में 2.56 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
सोना 225 रुपयेकी छलांग लगाकर रिकार्ड स्तरपर

नयी दिल्ली। विदेशी बाजारों में दोनों कीमती धातुओं में रही तेजी के बीच घरेलू बाजार में वैवाहिक जेवराती मांग आने से सोमवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 225 रुपए चमककर एक बार फिर 33,000 रुपए के पार 33,100 रुपए प्रति दस ग्राम पर पहुंच गया। इस दौरान सिक्का निर्माताओं के उठाव में आई तेजी और औद्योगिक ग्राहकी निकलने से चांदी भी 280 रुपए की तेज छलांग लगाकर 40,100 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। विश्लेषकों के मुताबिक, दुनिया की अन्य प्रमुख मुद्राओं के बास्केट में डॉलर के टूटने से विदेशी बाजारों में सोने की चमक बढ़ी है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दर में बढोतरी करने की संभावना कम है, जिससे जिससे निवेशकों का रुझान पीली धातु में बढ़ गया है। इसके अलावा दिसंबर में चीन के निर्यात आंकड़े में तेज गिरावट रही है, जिससे शेयर बाजार में वैश्विक आर्थिक विकास की सुस्ती की आशंका बढ़ गई है।  अतर्राष्ट्रीय बाजार में लंदन का सोना हाजिर 6.45 डॉलर की तेजी में 1,293.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। अमेरिकी सोना वायदा भी 4.10 डॉलर की बढ़त के साथ 1,293.60 डॉलर प्रति औंस बोला गया। इस दौरान चांदी हाजिर 0.04 डॉलर की तेजी के साथ 15.59 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
थोक मुद्रास्फीति दिसंबरमें आठ महीनेके निचले स्तरपर
नयी दिल्ली। थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर में आठ महीने के निचले स्तर पर जाकर 3.80 प्रतिशत रही। इसकी अहम वजह ईंधन और खाद्य पदार्थों की कीमतें कम होना है। नवंबर में थोक मुद्रास्फीति 4.64 प्रतिशत थी। जबकि दिसंबर 2017 में यह 3.58 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में खाद्य पदार्थों में 0.07 प्रतिशत महंगाई घटी है। जबकि नवंबर में इसमें अवस्फीति 3.31 प्रतिशत थी। इसी तरह सब्जियों में भी अवस्फीति देखी गई। दिसंबर में यह 17.55 प्रतिशत रही, हालांकि नवंबर में यह 26.98 प्रतिशत थी।  ईंधन एवं ऊर्जा क्षेत्र में दिसंबर में मुद्रास्फीति घटकर 8.38 प्रतिशत रही जो नवंबर की 16.28 प्रतिशत मुद्रास्फीति के मुकाबले लगभग आधी है। इसकी अहम वजह दिसंबर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी आना है। अलग-अलग देखें तो दिसंबर में पेट्रोल कीमतों की मुद्रास्फीति 1.57 प्रतिशत और डीजल कीमतों की 8.61 प्रतिशत रही है। वही एलपीजी में यह 6.87 प्रतिशत रही। खाद्य वस्तुओं में पिछले महीने के मुकाबले आलू दिसंबर में सस्ते हुए। दिसंबर में आलू कीमतों में मुद्रास्फीति की दर 48.68 प्रतिशत रही जो नवंबर में 86.45 प्रतिशत थी। प्याज कीमतों में दिसंबर में 63.83 प्रतिशत अवस्फीति दर्ज की गई जो नवंबर में 47.60 प्रतिशत थी। दालों में मुद्रास्फीति की दर 2.11 प्रतिशत रही, वहीं अंडा, मांस और मछली में यह दर 4.55 प्रतिशत रही। दिसंबर की 3.80 प्रतिशत की मुद्रास्फीति दर पिछले आठ महीनों में सबसे कम है। इससे पहले अप्रैल में यह 3.62 प्रतिशत पहुंची थी। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति के आंकड़ों को दिन में बाद में जारी किया जा सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति तय करने के लिए खुदरा मुद्रास्फीति के आंकड़ों का ही इस्तेमाल करता है।