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आसमानसे बरसे अंगारे, पारा ४४ के करीब

सामूहिक दुष्कर्मके बाद अद्र्घविक्षिप्त महिला की हत्या
बड़ागांव के मंदिर परिसर में सनसनीखेज घटना, दो गिरफ्तार
नरपिशाच के सिर पर जब पाप सवार होता है तोवे इतना कामन्ध है वह क्रूरता के सारी हदे पार कर जाते है। यह बात बुधवार को सही साबित हुई दयालपुर कला लोकापुर के पास एक बगीचे में स्थित बजरंगबली के मंदिर के चबूतरे पर ५५ वर्षीया अज्ञात अधेड़ के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसी मंदिर की दीवान और चबुतरे पर उसका सिर पटक पटककर निर्ममता पूर्वक हत्या कर दी। भोर में पांच बबजे जब गांव के लोग मंदिर की तरफ गये तो देखा कि महिला का खून से लथपथनग्न शव मंदिर के पास पड़ा था। गांव वालो की सूचना पर पहुंची पुलिस फोरसिंग टीम और डाग स्क्वाड के साथ जांच में जुट गयी। पुलिस ने मौके से एक देशी शराब की शीशी पानी की बोतल , दो गिलास और बीड़ी का बंडल मिला है। गांव के ही सर्वेश कुमार ने अज्ञात के विरूद्घ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। जानकारी अनुसार गांव के पास राधेश्याम पाण्डेय के बगीचे में हनुमान मंदिर पर पिछले दो तीन वर्षो से लोकापुर वर्षो से एक अद्र्घ विक्षिप्त ५५ वर्षीया रहती थी। दिन मेंंंं वह आसपास के गांवों मेंंं घूमकर लोगो के यहां खाना मांगकर खाती थी और कपड़े मांगकर पहनती थी। गांवव की महिलाये ही उसे नहलाती धुलाती थी। शाम को भोजन करने के बाद वह मंदिर के बाद  वह मंदिर के बरामदे में चबुतरे पर सो जाती थी। मंगलवार को की रात किसी समय संभवत एक या दो नर पिशाच ने मंदिर के चबूतरे पर बैठकर शराब पी और उसके बाद इस घिनौने कृत्य को अंजाम देकर भाग निकले। महिला की एक खासियत यह थी कि वह समीज सलवार ही पहनती थी और लोगो से समीज सलवार पहनी थी और लोगो में समीज सलवार ही मांगती थी,  इस घटना की जानकारी होते ही काफी संख्या में लोगो की भीड़ जुट गयी थी। पुलिस ने इस मामले में दो अभियुुक्तों को गिरफ्तार कर सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की वारदात का कुछ ही घंटो के बाद खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अमित कुमार के अनुसार क्षेत्राधिकारी पिण्डरा सुरेश कुमार यादव के नेतृत्व में गठित टीम ने जब छानबीन शुरू की तो पता चला कि रसूलपुर गांव निवासी लक्की  उर्फ डब्बू मिश्र मंगलवार की शराब पीकर मंदिर के आसपास घुमते दिखायी दिया था। इस सूचना पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया डब्बू की सफद बनियान में खून लगा था पूछताछ में उसने बताया कि लोकापुर निवासी कल्लू गौड़ और मैने शराब पीकर महिला के साथ दुष्कर्म कियया था विरोध करने पर उसे मौके पर घाट उतार दिया।
गंगा अवतरणका पावन पर्व गंगा दशहरा आज

स्नान से होगा समस्त पापों का शमन, दान से कटेंगे १०प्रकार के पाप
भारतीय संस्कृति अपने आपमें अनूठा है, हिन्दू धर्मशास्त्रों के अनुसार प्रत्येक माह के व्रत त्योहार जयन्ती की विशेष महिला है। ज्योतिषविदï् श्री विमल जैन जी ने बताया कि ज्येष्ठï शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन राजा भगीरथ की विशेष तपस्या से गंगा जी का अवतरण स्वर्ग से पृथ्वी पर हुआ था। गंगा जी को समस्त नदियों में सर्वश्रेष्ठï माना गया है। ज्येष्ठï शुक्ल पक्ष दशमी तिथि को संवत्सर का मुख भी माना गया है। इस बार गंगा दशहरा २४मई को विधि विधानपूर्वक मनाया जायेगा। अधिक ज्येष्ठï शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि २३ मई की रात्रि ७बजकर १३मिनट से लगेगी जो कि अगले दिन २४मई को सायं ६बजकर १८मिनट तक रहेगी। गंगा दशहरा के पावन पर्व पर गंगा स्नान करने पर १०जन्मों के पाप से मुक्ति मिलती है। जिसमें ३ प्रकार कायिक (शारीरिक),४ प्रकार के वाचिक, तीन प्रकार के मानसिक दोषों का शमन होता है। इस पर्व पर माता गंगा जी की पंचोपचार या षोडशोपचार पूजा करनी चाहिए। पूजा के अन्तर्गत १०प्रकार के फूल अर्पितकरके दस प्रकार के नैवेद्य, १०प्रकार के ऋतुफल, १०ताम्बुल दशांग, धूप के साथ १०दीपक प्रज्जविलत करना चाहिए। गंगा अवतरण से सम्बन्धित कथा का श्रवण श्रीगंगा स्तुति एवं श्री गंगा स्तोत्र का पाठ करना चाहिए। ज्योतिषविद ने बताया कि आज गंगा दशहरा के पर्व पर स्नान ध्यान करने के पश्चात आज विशेष पर्व पर स्नान ध्यान देव अर्चना के पश्चात दस ब्रम्हाणों को दस सेर तिल, दस सेर जौ, दस सेर गेहूं, दक्षिणा के साथ देने पर जीवन में अनन्त पुण्यफल की प्राप्ति होती है। आज के दिन रात्रि जागरण का भी विशेष महत्व है। गंगा अवतरण से सम्बन्धित कथा का श्रवण एवं श्री गंगा स्तुति श्रीगंगा स्तोत्र का पाठ भी किया जाता है। अपनी दिनचर्या, नियमित संयमित  रखते हुए गंगा दशहरा का पावन पर्व हर्ष व उमंग के साथ मानकर जीवन में सुख-समृद्घि की ओर अग्रसर होना चाहिए।