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आधार, खसरा, खतौनी प्राप्त कर क्रेडिट कार्ड बनानेकी काररवाई करें पूर्ण

जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने तहसील एवं ब्लाक स्तर के कर्मियों को निर्देश दिया कि किसानों के आधार, खसरा व खतौनी प्राप्त कर के्रडिट कार्ड बनाने की काररवाई २५ फ रवरी, २०२० तक पूर्ण कर लिए जाने का निर्देश विभागीय अधिकारी को दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक किसान सम्बंधी योजनाओं के द्वारा उन्हें लाभन्वित किया जा रहा है। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा बुधवार को विकास भवन सभागार में प्रधानमंत्री किसान योजनाए किसान क्रेडिट कार्ड तथा आयुष्मान भारत योजनाओं की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जिले के ५१ हजार किसानों का आधार कार्ड मिस मैच होने के कारण लाभान्वित नहीं हो पा रहे हैं। जिस पर जिलाधिकारी ने सभी तहसील में लेखपाल, कानूनगो सहित अन्य कर्मियों को लगाकर मिसमैच आधार कार्ड का डाटा सुधार कराने  के निर्देश दिए। जिन किसानों के आधार कार्ड नहीं उपलब्ध हैं दो तीन दिनों में उनसे सम्पर्क कर उनके आधार कार्ड प्राप्त कर ऐड किये जायें। बैकों के स्तर पर २० हजार एकाउण्ट, डाटा मिस मैच होने के कारण पेंडिंग हैं जिसमें सुधार करने के लिए दो दिन का समय दिया गया। किसान के्रडिट कार्ड की समीक्षा के दौरान दो लाख किसानों में से केवल पचास हजार किसानों के के्रडिट कार्ड बनाये गये हैं तथा एक लाख चालीस हजार किसानों के के्रडिट कार्ड पेंडिंग हैं। किसानो के फ ार्म भरवा कर बैंको को उपलब्ध कराने का निर्देश। बीडीओ को निर्देश दिए कि जितने फार्म भर कर जमा हो रहे हैं उन्हें प्रतिदिन बैंकों को भेजा जाय। बैंक शाखाओं पर फ्लेक्सी बनवाकर लगवाने का निर्देश एलडीएम को देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री किसान योजना व किसान क्रेडिट कार्ड से सम्बंधित पूरी जानकारी का उल्लेख प्रदर्शित किया जाय। आयुष्मान योजना के अन्तर्गत दो लाख परिवारों का गोल्डेन कार्ड बनाया जाना है। यह कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक सप्ताह में पहले प्रत्येक परिवार के कम से कम एक सदस्य का कार्ड अवश्य बनाया जाये। उन्होंने प्रत्येक सचिव को एक गौशाला बनवाने के पूर्व में दिये गये निर्देश के अनुपालन को सुनिश्चित कराने के लिए १० दिन का अंतिम रुप से समय दिया। १६९ ग्राम सचिवों की सूची बीडीओ को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया और कहा कि जिन सचिवों ने अभी तक गौशाला नहीं बनवाई है १० दिन में बनवा लें अन्यथा जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी काररवार्ई की जाएगी। पशुओं को बाड़े में ले जाने वालों को गौ तस्कर समझ कर प्रताडि़त करने की कुछ घटनाओं का संज्ञान लेते हुए उन्होंने सभी थानो व ब्लाक स्तर पर ग्रामीण क्षेत्रों में सूचना प्रसारित कराने का निर्देश सम्बंधित अधिकारियों को दिया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मधुसूदन हुल्गी, एडीएम विध्रा सहित सभी सम्बंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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बड़ा हुआ परिसर, भक्तोंको होगी सहूलियत
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
  • महाशिवरात्रि पर इस बार प्रवेश और निकास में बदलाव
  • परिक्षेत्र में विस्तार होने से भीड़ प्रबंधन का दबाव होगा कम
महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले भक्तों को इस बार नई व्यवस्था मिलेगी। यह दीगर है कि मंदिर प्रशासन ने झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू करने का आदेश जारी कर दिया है। इसके बावजूद परिसर का विस्तार होने और विभिन्न सुविधाएं होने से श्रद्घालुओं को बीते वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष सहूलियत होगी। सबसे बड़ी बात यह है कि भीड़ प्रबंधन के कारण धक्कामुक्की और दुव्र्यवहार की घटनाओं में भी इस बार कमी आयेगी। परिसर के बड़ा होने का फायदा पुलिसकर्मियों के साथ भक्तों को भी होगा। मंदिर प्रशासन शिवरात्रि को लेकर तैयारियों में जुट गया है और पूरे पर्व को मूर्त रूप देने के लिये वृहद स्तर पर व्यवस्था की जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महात्वाकांक्षी परियोजना विश्वनाथ धाम कारिडोर के निर्माण और भवनों के ध्वस्तिकरण के बाद लेवलिंग के कारण इस बार सरस्वती फाटक से निकास नहीं दिया जायगा। ऐसा पहली बार होगा। दरअसल, जिस गेट नंबर दो से निकास दिया जाता था, उसका अस्तित्व ही खत्म हो गया और आसपास के भवनों को तोड़ दिये जाने से यह भी कारिडोर का एक छोर मात्र हो गया है। ऐेसे में यहां गेट नंबर तीन ही रह गया है और कार्य चलते रहने क कारण इस गेट से भी आवागमन बंद हो गया है। प्रस्तावित कारिडोर परिक्षेत्र में बड़ी-बड़ी मशीनें उतार दिये जाने से इस वर्ष सरस्वती फाटक से लगायत दशाश्वमेध तक का मार्ग खाली ही रहने की संभावना है। ऐसे में इस वर्ष भक्तों को ज्ञानवापी क्रासिंग के चार नंबर गेट के समीप बने एक वैकल्पिक द्वार से प्रवेश दिये जाने की दिशा में कार्य चल रहा है और अपार नाथ मठ के समीप बने गेट नंबर पांच से भक्तों को निकास दिया जायगा। इसके लिये पिछले दिनों वरिष्ठï पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने निरीक्षण करने के बाद सहमति दे दी है। अभी तक की व्यवस्था में गेट नंबर चार से ही श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार और महाशिवरात्रि के दिन प्रवेश भक्तों को दिया जाता था। लेकिन इस वर्ष कारिडोर के लिये इसी रास्ते से जेसीबी सहित अन्य वाहन कारिडोर में भेजे जाने के कारण मलबा और व्यवहारिक दिक्कतें हैं। इसी को देखते हुए गेट नंबर चार के पास ही नया रास्ता बना दिया गया है। यह रास्ता भक्तों को परिसर में जोड़ रहा है। अभी तक इससे श्रद्घालुओं को काफी सुविधा हो रही है। इस बार नई व्यवस्था में भक्तों को काफी राहत होगी और परिसर बड़ा होने से धक्कामुक्की की संभावना भी कम होगी। दूसरी ओर, पुलिसकर्मियों को भी व्यवहारिक दिक्कतों का कम सामना करना पड़ेगा। इसके बावजूद अन्य जिलों महाशिवरात्रि पर फोर्स बुलाई गई है।
भक्तों प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर न आयें-सीईओ
महाशिवरात्रि पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर आने वाले भक्तों को लेकर मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने अपील की है कि भक्त विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में प्रतिबंधित वस्तुओं की जानकारी कर लें और इसे साथ लेकर नहीं आयें। इससे उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ेगा। हालांकि मंदिर प्रशासन की ओर से जूता-चप्पल स्टैंड, मोबाइल लॉकर सहित अन्य सुविधाएं दी जायंगी। इसके बावजूद भक्तों को असुविधा से बचने की जरूरत है। भीड़ का दबाव होने से लॉकर और स्टैंड में व्यवस्था प्रभावित नहीं होने दिया जायगा।
सुलभ दर्शन बंद, खूब बिक रहे अभिषेक के टिकट
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि खुद और परिवार के लोगों को दर्शन की व्यवस्था लोगों ने करना शुरू कर दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि मंदिर प्रशासन की ओर से सुलभ दर्शन के टिकट पर रोक लगा दी गई है, लेकिन रूद्राभिषेक का टिकट विक्रय किया जा रहा है। रूद्राभिषेक के टिकट धारक को एक टिकट पर दो व्यक्तियों का प्रवेश दिया जाता है। इसके लिये कतार लगाने की जरूरत नहीं पड़ती है। ऐसे में लोगों ने अभिषेक का टिकट लेना शुुरू कर दिया है। बुधवार को इसकी खूब बिक्री हुई।
आरक्षणके हकको समाप्त करना चाहती है केन्द्र-हुड्डा

केन्द्र सरकार पर संसद की गुमराह करने का आरोप
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पार्टी वर्किंग कमेटी के सदस्य दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने वर्तमान केंद्र की सरकार की गैर लोकतांत्रिक और गैरसंवैधानिक नीतियों की जमकर आलोचना की । उन्होंने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर दलितों, वंचितों और उपेक्षित समुदाय को संविधान में मिले आरक्षण के हक को छीनने और उनपर मनुवादी संस्कृति को बढाने का आरोप लगाया । उन्होने कहा कि वर्तमान में आरक्षण को लेकर केंद्र सरकार, उत्तराखंड की भाजपा सरकार ने मिलकर देश के संविधान ,एस सी, एस टी तथा ओ बी सी के आरक्षण के मौलिक अधिकार पर शरारतपूर्ण , षडयंत्रकारी एवं घिनौना हमला किया है । इसबात का प्रमाण उत्तराखंड में भाजपानीत सरकार की सुप्रीमकोर्ट में दी गयी दलील है जिसमे साफ तौर पर कहा गया है कि एससी एसटी वर्गों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देने के प्रति सरकारों की कोई संवैधानिक जवाबदेही नही है। ..बुधवार मैदागिन स्थित पार्टी कार्यालय मेंपत्रकारों से बातचीत करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत तथा भाजपा के नेताओं द्वारा समय . समय पर आरक्षण के खात्मे को लेकर जो बयान दिये जाते रहे हैं।  ताजा मामला उसी से जुड़ा हुआ है । उन्होने  आरोप लगाते हुए कहा कि इस घटना से यह स्पष्ट है कि भाजपा सरकार आरक्षण के संविधान निहित अधिकार को ही पूरी तरह खत्म के देना चाहती है । मोदी सरकार आरक्षण व्यवस्था तोडऩे पर संसद को गुमराह कर रही है । मोदी सरकार के  सामाजिक न्याय मंत्री ने देश को यह नही बताया कि . उत्तराखंड की कांग्रेस सरकार ने कभी भी सुप्रीमकोर्ट में अपील दायर नही की थी। सुप्रीमकोर्ट में अपील उत्तराखंड सरकार द्वारा की गयी सुप्रीमकोर्ट में उत्तराखंड सरकार के वकीलों ने दलील दी एवं उस दलील के आधार पर गरीबों के आरक्षण के अधिकार को रद्द कर दिया गया । ऐसे में कांग्रेस की पूर्व सरकार पर आरोप गढऩे का कोई औचित्य नही बच जाता।  भाजपा एवं संघ परिवार ने बार . बार आरक्षण पर पुनर्विचार तथा  आरक्षण को खत्म करने की मांग रखी है । इस बारे में आरएएस प्रमुख मोहन भागवत एवं मनमोहन वैद्य का बयान उल्लेखनीय है। पत्रकारवार्ता में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष नदीम जावेद, वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति के सदस्य पूर्व विधायक अजय राय, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी, जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश्वर सिंह पटेल, राघवेंद्र चौबे, पूर्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा, पूर्व महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सीताराम केशरी, प्रमोद श्रीवास्तव, डाक्टर जितेन्द्र सेठ, गौरव कपूर, आदि मौजूद थे।