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पीएमसे वार्ताके बाद तेज हुआ भवन अधिग्रहण

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में विस्तारीकरण और कारिडोर विस्तार की दिशा में फिर प्रशासन ने तेजी लाना शुरू कर दिया है। हालांकि भवनों की रजिस्ट्री और उन्हें क्रय करने के लिये भवन स्वामियों से लगातार अधिकारी, कर्मचारी बातचीत कर रहे थे, लेकिन पिछले दिनों मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह ने प्रधानमंत्री से डीरेका में मुलाकात की और कारिडोर को लेकर प्रजेंटेशन दिया। इस दौरान बातचीत में प्रधानमंत्री ने साफ किया कि इस योजना को अन्य योजनाओं की तरह नहीं बल्कि जनभावना का ख्याल रखते हुए तेजी लाई जाय। कारिडोर बन जाने से भक्तों को दर्शन-पूजन में काफी सहूलियत होगी और पर्यटन के नक्शे पर भी काशी की छवि उभरेगी। इस बारे में मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वार्ता काफी सकारात्मक रही। उनका सीधा कहना था कि भवन स्वामियों पर कोई जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिये। हालांकि उनसे लगातार बातचीत हो और उन्हें कारिडोर की महत्ता के बारे में भी बताया जाय। इसके अलावा परिसर को खुला और भव्य बनाने की दिशा में लगातार अधिग्रहित क्षेत्र में भवनों के ध्वस्तिकरण में तेजी लाई जानी चाहिये। इस बात का भी ध्यान दिया जाय कि इससे किसी और का कोई नुकसान नहीं हो, धार्मिक स्थलों, धरोहरों, मंदिरों को संवारने की दिशा में कार्य किया जाय। प्रधानमंत्री ने स्पष्टï किया कि कारिडोर निर्माण में पैसे की दिक्कत नहीं आड़े आयेगी और राज्य सरकार भी इसमें भरपूर सहयोग करेगी। मुख्य कार्यपालक को यह भी निर्देश दिया कि विशिष्टï क्षेत्र विकास प्राधिकरण के लिये वह अपनी टीम जल्द बनायें ताकि किसी तरह के रोड़े का सामना नहीं करना पड़े। श्रावण मास होने के कारण मंदिर प्रशासन लगातार भक्तों को सुलभ दर्शन कराने के लिये प्रयास कर रहा है और इस दिशा में कई कार्य भी किये जा चुके हैं, इस बात की जानकारी होने पर प्रधानमंत्री ने प्रसन्नता जाहिर की और कारिडोर को लेकर प्रशासन को गंभीर रहने की भी हिदायत दी।
इस बीच भवनों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाई जा रही है और पेंडिंग में पड़े भवनों के कागज का सत्यापन, भवनों की पैमाइश और इनका मूल्यांकन कराने की दिशा में अधिकारियों की टीम लगातार कार्य कर रही है।
श्रावण मासकी तैयारी शुरू
श्रावण मास में काशी विश्वनाथ का दर्शन करने आने वाले भक्तों को सुलभ दर्शन कराने और उन्हें सुविधा देने के लिये मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने लगातार तैयारियों का जायजा लेना शुरू कर दिया है। भक्तों को प्रवेश और निकास तो निर्धारित गेट से ही मिलेगा, लेकिन इस बार सावन में मंदिर परिसर उन्हें बदला हुआ दिखाई देगा। उनकी सुविधा के लिये परिसर में खाली स्थान उनके बैठने के लिये बनाया जा रहा है। इसके अलावा छत्ताद्वार से मंदिर तक टीन शेड लगाने का कार्य पूरा हो गया और इसमें पंखे, कूलर आदि भी लगा दिये गये हैं। मुख्य कार्यपालक ने बताया कि क्षेत्र में भी कई स्थानों पर ऐसे प्वाइंट बनाने की कोशिश की जा रही है, जहां भक्त विश्राम कर सकें और यहां पंखे, प्रकाश आदि की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा मंदिर प्रशासन की ओर से अमानती घर भी बनवाया जा रहा है और मंदिर परिसर में सूचना केंद्र भी स्थापित कर दिया गया है।
रेड और यलो जोन में लग रहे स्पीकर
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने आने वाले भक्त अक्सर आसपास की गलियों में भटक जाते हैं और इसके कारण अपनों के पास पहुंचने में उन्हें काफी वक्त लग जाता है। कई बार उन्हें विभिन्न समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। इसके लिये मंदिर प्रशासन ने रेड और यलो जोन में बड़े-बड़े स्पीकर लगाने शुरू कर दिये हैं और इसके माध्यम से भक्तों को बिछुड़ों से मिलाया जायगा। इसके अलावा इन पर भक्ति गीतों की भी गूंज होगी। अभी कार्य चल रहा है और श्रावण में इसे पूरा कर लेने की संभावना है।
गोवाके लिए विशेष रेल यात्रा पैकेज
आईआरसीटीसी गोवाके लिए विशेष रेल यात्रा पैकेज दे रहा है। १२दिन और ११ राततके टूर पैकेजमें नाश्ता, दोपहर एवं रात्रिका शाकाहारी भोजनके साथ विभिन्न जगह बसों द्वारा भ्रमण तथा धर्म शालाओंमेंं ठहरनेकी व्यवस्था भी शमिल है। यात्रा ३१ अगस्तसे ११ सितम्बर तक किया जायेेगा। टूर पैकेजमें गोवा, हम्पी, मैसूर, बैगलोरका भ्रमण करानेेके साथ-साथ उज्जैनमेंं महाकालेश्वर एवं ओकारेश्वर ज्योतिलिंग तथा शिरडीमेंं साई मन्दिरके दर्शन करायेे जायेगें। इस पैकेजका मूल्य प्रति व्यक्ति ११३४० रुपया होगा। इस ट्रेनमेंं वाराणसी, जौनपुर होगा। इस ट्रेनमेंं वाराणसी, जौनपुर, शाहगंज, अकबरपुुर, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, कानपुर एवं झांसी स्टेशनोंसे बैठनेकी सुविधा उपलब्ध रहेगी। मुख्य क्षेत्रीय प्रबन्धक अश्विनी श्रीवास्तवके मुताबिक लखनऊ प्रबन्धक अश्विनी श्रीवास्तवके मुताबिक लखनऊ कार्यालय एवं आईआरसीटीसी की बेवसाइडसे बुकिंग कराई जा सकती है।
विवाहिताके साथ गैंगरेप
पतिसे नाराज विवाहिता को पड़ोस के रहने वाले साथी मजदूरों ने बहला फुसला कर अज्ञात स्थान पर ले जाकर दुष्कर्म किया। इस मामले में दो के खिलाफ कैन्ट पुलिस ने नामजद मुकदमा दर्ज किया। सोनभद्र के रहने वाले मजदूर लालपुर स्थित एक निर्माणाधीन बिल्डिंग में कार्यरत है। वहाँ रह रही एक महिला का अपने पति से कुछ विवाद हुआ इसका फायदा उठाते हुए महेंद्र और राजेंद्र नामक पड़ोस के रहने वाले दोनों मजदूरों ने महिला को एक अज्ञात कमरे पर ले गये और रात भर उसके साथ दुष्कर्म किया। महिला किसी तरह से वहाँ से निकल कर अपने पति को आप बीती बतायी। घटना के बाबत कैन्ट पुलिस ने उच्चाधिकारियों के आदेश पर दो नामजद के खिलाफ  दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया गया।
आचार्य द्वितीय वर्ष का परीक्षाफल घोषित
सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के सम्बद्ध संस्कृत महाविद्यालय के आचार्य द्वितीय वर्ष का परीक्षाफल घोषित कर दिया गया है। जिसमें संस्थागत में  ६५५८ छात्र प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी से ८६ छात्र उत्र्तीण हुये तथा दो छात्रों का परीक्षाफल अनुचित साधन के प्रयोग करने पर रोक दिया गया है। यह जानकारी परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर राजनाथ ने दी। उन्होंने बताया कि  आचार्य द्वितीय वर्ष व्यक्तिगत में १०४२ छात्र प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में दो छात्र उत्र्तीण हुये। साथ ही पूरे विषय के परीक्षाफल भी घोषित कर दिये गये है।
छात्रावास की मांग को लेकर छात्रों ने की केन्द्रीय कार्यालय पर नारेबाजी
सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में छात्रों ने बुधवार केंद्रीय कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। वे छात्रावास खोलने की मांग कर रहे थे। छात्रों का कहना था कि छात्रावास का फिर से आवंटन किया जाए। छात्रावास न होने से उन्हें परेशानी हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्रधर द्विवेदी के नेतृत्व में कुछ छात्र नारेबाजी करते हुए केंद्रीय कार्यालय पहुचकर वाइसचांसलर प्रोफेसर राजाराम शुक्ल से मिलने की मांग कर रहे थे। मगर सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें कुलपति कार्यालय के अंदर जाने नहीं दिया। इसी बीच छात्रों के हंगामे की सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस भी वहां पहुंची। पुलिस के आने पर छात्रों को वाइस चांसलर से मिलने की इजाजत दी गई। वाइसचांसलर ने कहा कि अभी दाखिले के प्रक्रिया शुरू नहीं हुई। छात्रावास के मरम्मत का काम चल रहा है। मरम्मत का काम पूरा होते ही छात्रवास का आवंटन होगा। इसके बाद छात्र वहां से चले गए।