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सीमेंट, स्टील और साल्वेंट कारोबारीके यहां छापेसे व्यापारियोंमें भारी खलबली

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आयकर अधिकारियों ने एक साथ की सर्च और सीज की काररवाई
शहर के प्रमुख सीमेंट,  स्टील और साल्वेंट कारोबारी विनीत अग्रवाल १४ ठिकानों पर शुक्रवार को आयकर विभाग द्वारा मारे गये छापे से महानगर के बड़े कारोबारियों में खलबली मच गयी हैं। जब से केन्द्र में मोदी सरकार  सत्तारूढ़ हुई है तब से भ्रष्टïाचार के खिलाफ तो छापेमारी हो ही रही है आयकर की चोरी करने वालें बड़े उद्योगपतियों को बक्शा नहीं जा रहा है। यह काररवाई भी इसी की अगली कड़ी है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग को पिछले काफी दिनों से यह सूचना मिल रही थी कि वाराणसी के प्रमुख कारोबारी विनीत अग्रवाल की कुछ कम्पनियांफर्र्जी तरीके से संचालित की जा रही है। इस पर आयकर विभाग की टीमें जांच पड़ताल कर रही थी। सटीक सूचना मिलने पर आयकर विभाग को छापामारने का आदेश दिया गया था। समूची काररवाई की कमान अपर निर्देशक (आयकर, जांच वाराणसी) श्री अभय ठाकुर को सौपी गयी थी। शुक्रवार को प्रात: ही कई टीमों ने देश के १४ ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इसमें वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ, बरेली, आगरा, कानपुर और गोरखपुर के साथ साथ बिहार की आयकर टीमों ने भी भाग लिया। शुक्रवार को प्रात: साढ़े सात बजे एक साथ छापामारकर सभी स्थानों पर जांच पड़ताल शुरु की गयी। इस क्रम में आयकर विभाग की टीमों ने वाराणसी के जवाहर नगर एक्सटेंन्शन और लंका स्थित कारोबारी के आवास  और कार्यालयों के द्वारा रानगर स्थित सीमेंट पैकेजिंग फैक्ट्री, चुनार सीमेंट फैक्ट्री और स्टील फैक्ट्री तथा बिहार के भभुआ में स्थित इको सीमेंट फैक्ट्री और झारखण्ड के रांची में सीमेंट फैक्ट्री के अलावा कोलकात्ता, गोवाहटी और दिल्ली स्थित कार्यालयों पर छापा मारकर जांच की काररवाई शुरु की।
आयकर अधिकारियोंने एक साथकी सर्च और सीजकी काररवाई
शहर के प्रमुख सीमेंट,  स्टील और साल्वेंट कारोबारी विनीत अग्रवाल १४ ठिकानों पर शुक्रवार को आयकर विभाग द्वारा मारे गये छापे से महानगर के बड़े कारोबारियों में खलबली मच गयी हैं। जब से केन्द्र में मोदी सरकार  सत्तारूढ़ हुई है तब से भ्रष्टïाचार के खिलाफ तो छापेमारी हो ही रही है आयकर की चोरी करने वालें बड़े उद्योगपतियों को बक्शा नहीं जा रहा है। यह काररवाई भी इसी की अगली कड़ी है। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग को पिछले काफी दिनों से यह सूचना मिल रही थी कि वाराणसी के प्रमुख कारोबारी विनीत अग्रवाल की कुछ कम्पनियांफर्र्जी तरीके से संचालित की जा रही है। इस पर आयकर विभाग की टीमें जांच पड़ताल कर रही थी। सटीक सूचना मिलने पर आयकर विभाग को छापामारने का आदेश दिया गया था। समूची काररवाई की कमान अपर निर्देशक (आयकर, जांच वाराणसी) श्री अभय ठाकुर को सौपी गयी थी। शुक्रवार को प्रात: ही कई टीमों ने देश के १४ ठिकानों पर एक साथ छापा मारा। इसमें वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ, बरेली, आगरा, कानपुर और गोरखपुर के साथ साथ बिहार की आयकर टीमों ने भी भाग लिया। शुक्रवार को प्रात: साढ़े सात बजे एक साथ छापामारकर सभी स्थानों पर जांच पड़ताल शुरु की गयी। इस क्रम में आयकर विभाग की टीमों ने वाराणसी के जवाहर नगर एक्सटेंन्शन और लंका स्थित कारोबारी के आवास  और कार्यालयों के द्वारा रानगर स्थित सीमेंट पैकेजिंग फैक्ट्री, चुनार सीमेंट फैक्ट्री और स्टील फैक्ट्री तथा बिहार के भभुआ में स्थित इको सीमेंट फैक्ट्री और झारखण्ड के रांची में सीमेंट फैक्ट्री के अलावा कोलकात्ता, गोवाहटी और दिल्ली स्थित कार्यालयों पर छापा मारकर जांच की काररवाई शुरु की।
आयकर रिर्टनमें भारी गड़बड़ी
छापामारने वाली आयकर विभाग के टीम के प्रमुख अपर निर्देशक आयकर जांच श्री अभय ठाकुर के अनुसार प्रमुुख सीमेंट, स्टील और साल्वेंट कारोबारी विनीत कुमार अग्रवाल के ग्रुप द्वारा कई फर्जी कंपनियां बनाकर आयकर की बड़े पैमाने पर चोरी की जा रही थी। इन कंपनियों द्वारा व्यापार में लगातार घाटा भी दिखाया जा रहा था। आयकर रिटर्न की जब जांच की गयी तो उसमें भारी गड़बड़ी सामने आयी। इस आधार पर विभिन्न टीमों ने एक साथ सर्च और सीज की काररवाई की। आयकर की टीमों ने १०० से अधिक अधिकारी शामिल रहें। सोची समझी रणनीति के तहत सर्च एण्ड सीजर की काररवाई की गयी। छापेमारी से कारोबारी के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया था। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किये गये थे। किसी को न तो बाहर जाने दिया गया न ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी गयी। छापेमारी में आयकर विभाग के उपनिदेशक जांच डाक्टर एके शुक्ल और संगीत यादव ेे अलावा आयकर निरीक्षक अशोक यादव , महेन्द्र सिंह, नवेन्दु भट्टïाचार्य, जीके बरुआ, राजेश कुमार, प्रवीण श्रीवास्तव, राजकुमार सिंंह, गणेश लाल और पीके श्रीवास्तव सहित अन्य लोग शामिल रहे।  
खडंज़ाके निर्माणमें लाखों का घोटाला
कागज पर ही खडंजा के निर्माण में लाखों का घोटाला के आरोप में जंसा पुलिस ने शुक्रवार को कपरफोड़वा के पूर्व ग्राम प्रधान और रिटार्यड ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुुकदमा पंजीकृत किया है।  जानकारी के अनुसार कपरफोड़वा के पूर्व ग्रामप्रधान अजय कन्नौजिया और सेवानिवृत्त  ग्राम पंचायत अधिकारी हरिदर सिंह ने चार वर्ष पूर्व कागज पर दो खडंजो का निर्माण करवा का लाखों की भुक्तान करवा लिया था। इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायत पत्र मिला था। उन्होंनं मामले को गंभीरता से लिये और डीसी मनरेगा से जांच करायी। जांच में सही पुष्टिï होने पर जिलाधिकारीके निर्देश पर वीडीओ हेमेंंत सिंह की तहरीर पर जंसा पुलिस ने दोनो के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत किया है।
सौंदर्यके दुश्मनोंसे नहीं मिल रही निजात
शहरमें छुट्टïा पशुओंसे आये दिन हो रहीं दुर्घटनाएं, काशीकी छवि भी प्रभावित, सीवर जामका बने सबब
शहर से बाहर किये गये, फिर लौट आये
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र ने पिछले दिनों नगर निगम अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान सख्ती दिखाते हुए कहा था कि छुट्टïा पशु दिखाई दें तो इन्हें उठाकर शहर के बाहर कर दिया जाय। इस तरह का अभियान वरिष्ठï अधिकारी रहे हरदेव सिंह ने भी चलाया था। कुछ दिन प्रभावी रहने के बाद यह बेअसर हो गया। समय-समय पर अभियान तो चलाये जाते हैं, लेकिन इनकी तय मियाद के दौरान पशु मालिक अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों की ओर भेज देते हैं। इसका परिणाम है कि स्थिति ढाक के तीन पात हो जाती है। दरअसल, पशुओं को शहर से बाहर किये जाने का निर्णय लिये जाने के पीछे मूल कारण पशुओं का हिंसक होना, इनके कारण सीवर जाम होना और आये दिन दुर्घटना होना है। लेकिन यह आदेश फिलहाल बेअसर है।
मालिकों पर होनी थी प्राथमिकी, अब काट रहे मलाई
छुट्टïा पशुओं पर लगाम लगा पाने में असफल और अराजकता फैलाने वाले पशु मालिकों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश भी जारी हुआ था। लेकिन विभागीय अधिकारियों की सुस्ती और अनदेखी के कारण उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं पा रहा है। आलम यह है कि सड़कों पर वह दूध, मलाई बेच रहे हैं और इससे लाखों का मुनाफा कमा रहे हैं। गौर करने वाली बात यह है कि पक्के महाल में कई स्थानों पर इनकी दूकानें भी अवैध तरीके से लगती हैं और नगर निगम अधिकारी आंखें बंद किये रहते हैं।
दृश्य-एक-श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के यलो जोन में स्थित कालिका गली में एक गाय है, जो सूटकेश और बैग लेकर जाने वाले यात्रियों को दौड़ा रही है। बीते रविवार को उसने एक विदेशी सैलानी पर हमला कर दिया और ड्यूटी में तैनात पीएसी जवानों ने किसी तरह दौड़कर उसकी जान बचायी। इसकी शिकायत जवानों के साथ प्वाइंट प्रभारी ने एएसपी सुरक्षा सहित अन्य अधिकारियों से की। गाय के मालिक को चेतावनी दी गयी, लेकिन शुक्रवार को भी गाय का लोगों को दौड़ाने, हमला करने का क्रम बना हुआ था।
दृश्य-दो-शहर के ह्दय स्थल कहे जाने वाले गोदौलिया चौराहे और इसके पास छुट्टïा पशुओं का इतना जमावड़ा हो गया कि यातायात जाम सुबह ही लग जाता है और कई स्थानों पर सड़क खोद दिये जाने से इसमें वाहन चालकों के गिरने का खतरा लगातार बना रहता है। इसके लिये यातायात विभाग और अधिकारियों ने पशुओं के मालिकों से बातचीत की। रास्ता सुझाया, लेकिन पूरा मामला ढाक के तीन पात हो गया। अपना व्यापार साधने में सारे नियम ताक पर रख दिये गये।
यह हाल पूरे शहर का हो गया है और छुट्टïा पशु शहर के सौंदर्य के दुश्मन बन गये हैं। चौराहों से गलियों और अस्पतालों से सरकारी कार्यालयों के बाहर इनका कब्जा हो गया है। किसी को भी अपने चपेट में ले लेना और ट्राली से सब्जी, फल आदि खा जाना इनकी फितरत है। सीवर जाम का कारण भी हैं और रात में इनके विचरण से लोगों पर हमले की भी आशंका बनी रहती है। सभी परेशान हैं और इससे निजात के लिये अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं। कालोनी में तो छुट्टïा पशुओं का आतंक हो गया है और अब तक कई बार हादसों का ये सबब बन चुके हैं। नगर निगम अधिकारियों ने अब तक कई बार छुट्टïा पशुओं पर लगाम लगाने के लिये तमाम अभियान चलाये लेकिन हर बार पशु और उनके मालिक ज्यादा ताकतवर बनकर सामने आये। इस बार नगर निकाय चुनाव में जनता ने भी इस मुद्दे पर प्रत्याशियों से आर-पार की बात करने का मन लिया है और मत का मानक भी ठोस आश्वासन होगा।
प्रधानमंत्रीके स्वच्छता अभियान
को मुंह चिढ़ा रहा है कैण्ट स्टेशन
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जहां देश को स्वच्छता के मामले में दुनिया के सबसे साफ सुथरें देशों की कतार में लाकर खड़ा करना चाहते हैं। इसके लिए सैकड़ों करोड़ रुपये पानी के तरह बहाये जा रहे है। देश के प्रमुख हस्तियों को स्वच्छता दूत बनाया जा रहा है वहीं उनके अपने संसदीय क्षेत्र में स्थित वाराणसी कैण्ट रेलवे स्टेशन प्रधानमंत्री के इस अभियान को मुंह चिड़ा रहा है। कैण्ट रेलवे स्टेशन के नवीनीकरण तथा उसे आधुनिक स्वरूप देकर मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिए मौठी रकम खर्च की जा रही है लेकिन परिसर की स्थिति देखकर कोई भी यह नहीं कह सकता की यहां स्वच्छता पर इतनी धनराशि खर्च की गयी है। करोड़ों खर्च के बावजूद स्टेशन परिसर में कूड़े कचरे का अंबार लगा हुआ है। सूत्रों के अनुसार कैण्ट रेलवे स्टेशन ए श्रेणी का स्टेशन माना गया है। यहां सफाई के कार्य में तीन-तीन एजेंसियां लगी हुई है। जिनकों दो साल का ठिका दिया गया है। एक एजेंसी को दो साल के लिए सफाई हेतु दो करोड़ रुपये का भुगतान किया जा रहा है। इसका मतलब कैण्ट रेलवे स्टेशन परिसर की सफाई के नाम पर हर वर्ष तीन करोड़ रुपये खर्च हो रहे है। इतनी धनराशी खर्च होने के बावजूद भी स्टेशन साफ सुथरा नही दिख रहा है। किंग सिक्योरिटी एजेंसी के जिम्मे प्लेट फार्म नंबर दो से पांच तक और माल गोदाम के पास की सफाई का जिम्मा है।  वहां जो भी कूड़ा एकत्रित होता है। उसे प्रतिदिन रेलवे परिसर से बाहर करना चाहिए लेकिन महिनों तक कूड़ा पड़ा रहता है। उसे उठवाया नहीं जाता है जबकि मण्डल एवं प्रबंधक द्वारा कई बार उक्त एजेंसी पर जुर्माना भी लगाया गया उसके बाद भी स्थिति वहीं बनी हुई है। सरकुलैटिंग एरिया से लेकर सभी प्लेटफार्माे और याड तक गंदगी फैली हुई है उसपर किसी की नजर नहीं जाती जबकि कैण्ट स्टेशन पर अब निदेशक भी बैठने लगे है। स्टेशन परिसर में जितने भी शौचालय बने है उनकी भी समुचित सफाई नहीं की जाती है। नॉक बंद किये बिना कोई भी शौचालय में प्रवेश नहीं करता है जबभी  रेलवे का कोई बड़ा अधिकारी  अथवा मंत्री आता है तो  स्टेशन को चमका दिया जाता है लेकिन उसके बाद दूसरे दिन ही स्थिति ज्यो कि त्यो हो जाती है।