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प्रवेश द्वारपर बनने लगे गोले, भक्त प्रफुल्लित

 ढाई माह से बंद विश्वनाथ मंदिरके खुलनेके आसार 1 हजारों परिवार की रोजी-रोटी फिरसे चलनेकी जगी उम्मीद 1 शासन के निर्देश के इंतजार में मन्दिर प्रशासन
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने लॉकडाउन ५.०  के घोषणा के साथ ही अनलॉक १.० का भी एलान किया है। जिसके अन्तर्गत धार्मिक स्थलों को भी सशर्त खोलने की अनुमति दी है। आठ जून से देवालयों को खोलने की तैयारी हो रही है। इस बीच देव नगरी बनारस में भी श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, माता अन्नपूर्णा, संकटमोचन, काल भैरव सहित तमाम मंदिरों को खोलने की व्यवस्था की जा रही है। विश्वनाथ मंदिर प्रशासन द्वारा भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए चार नम्बर गेट के पास घेरा बनाया रहा है। इससे भक्तों की खुशी झलक रही है।मन्दिर करीब ढाई माह से बंद है और इसके कारण बड़े तबके का रोजगार भी ठप है। तैयारी के तहत मन्दिर परिसर में जिकजैग भी लगाया जा रहा है। मन्दिर से जुड़े लोगों की मानें तो मन्दिर खोलने से पूर्व लगातार पूरे परिसर को सिनेटाइज कराया जायेगा और ये कार्य लॉकडाउन की घोषणा के बाद से ही चल रहा है। इसके साथ मन्दिर खोलने के बाद भक्तों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखते हुए प्रवेश दिया जाएगा। मास्क, सिनेटाइजर का प्रयोग करना होगा। दरअसल, कोरोना का संक्रमण भी मन्दिर प्रशासन और सरकार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में जोखिम से भरा कोई कदम नहीं उठाया जायगा। माना जा रहा है कि शिव भक्तों को सिनेटाइज और थर्मल स्कैनिंग करवाने के बाद ही मन्दिर परिसर में प्रवेश दिया जाएगा। दर्शन-पूजन के दौरान भी मन्दिर खुलने से पहले व मन्दिर बन्द होने बाद पूरे परिसर का सेनेटाइजेशन प्रतिदिन करवाया जाएगा। भक्त काशी विश्वनाथ का झांकी दर्शन करेंगे। इसके साथ ही अन्य मंदिरों को भी खोलने की तैयारी की जा रही है। मंदिरों को सिनेटाइज करवाया जा रहा है। कालभैरव मन्दिर से जुड़े लोगों ने बताया कि मन्दिर खुलने के बाद भी प्रतिदिन सुबह शाम पूरे परिसर को सेनेटाइज करवाया जाएगा और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक बार मे सिर्फ २० भक्तों को मन्दिर में प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा संकटमोचन मंदिर, दुर्गा मंदिर, अन्नपूर्णा मन्दिर और अन्य मंदिरों में मंदिर प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए मंदिर खोलने की रूपरेखा बनाने में लगा हुआ है।
मंदिर खोलने की तैयारियों पर चर्चा
काल भैरव मंदिर परिवार की गुरुवारको हुई बैठक में गत २५ मार्च से दर्शनार्थियों के बन्द बाबा का दर्शन को सामाजिक दूरी के नियम का पालन कराते हुए खोलने की तैयारियो पर चर्चा की गयी। पण्डित नवीन गिरि की अध्यक्षता  में हुई बैठक में कई अहम निर्णय किये गये। मंदिर में उसी दर्शनार्थी को प्रवेश दिया जायेगा जो मास्क पहनकर आयेगा। इसके साथ ही मंदिर आने वाले श्रद्घालुओं का हाथ सेनिटाइज किया जायेगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन द्वारा मशीन लगायी जायेगी और श्रद्घालुओं से सामाजिक दूरी का नियम पालन करते हुए बाबा कालभैरव का दर्शन पूजन करने अपील भी की जायेगी। हालांकि अभी स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई गाइड लाइन नहीं आयी है। जबकि केन्द्र सरकार ने आठ जून से मंदिर खोलने की दिशा निर्देश जारी किया है।  पण्डित नवीन गिरी ने बताया कि मंदिर खोलने की सभी तैयारियों का अन्तिमरूप दिया जा रहा है स्थानीय प्रशासन का दिशा निर्देश मिलते ही काल भैरव का दर्शन पूजन सर्वसुलभ कर दिया जायेगा। बैठक में पण्डित नवीन गिरी, पंडित  मोहित योगेश्वर , पण्डित दीपकदूबे, सोनू महाराज, मनोज यादव सहित मंदिर परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित थे।
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कोरोना संक्रमित ११ मरीज मिले
बनाये गये पांच नये हाटस्पाट
कोरोना सकं्रमित मरीजों के मिलने का क्रम जारी है। गुरुवार को बीएचयू लैब से आये १८० लोगों की जांच में ११ नये कोरोना पाजिटिव पाये गये। इन सभी लोगों को मिलाकर जिले में कोरोना एक्टिव मरीजों की संख्या ८४ हो गयी है। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने बताया कि पॉजिटिव आए ११ मरीजों में से पांच पूर्व में दनीयलपुर हॉटस्पॉट से पॉजिटिव आये मरीज के पारिवारिक सदस्य हैं, जिनमे से ३८ वर्षीय महिला, १६ वर्षीय महिला, १५ वर्षीय महिला, १८ वर्षीय पुरुष एवं ४२ वर्षीय पुरुष हैं।३८ वर्षीय छठां मरीज हॉटस्पॉट क्षेत्र हरिभानपुर थाना कपसेठी में रहता है द्य यह मरीज मुम्बई में ऑटो रिक्शा चलाता था और  ट्रक द्वारा वाराणसी आया था। ५४ वर्षीय सातवाँ मरीज गुलाबबाग थाना सिगरा की है। २५ वर्षीय आठवाँ मरीज चकबीही टडिय़ा थाना सारनाथ का है। यह मरीज फरीदाबाद में इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। फरीदाबाद से फ्लाइट से वाराणसी आया था। ३१ वर्षीय नौवां मरीज कोरौता थाना फूलपुर ब्लॉक पिंडरा का निवासी है। मुम्बई में बढ़ई का काम करता था और ट्रेन से वाराणसी आया था। ४८ वर्षीय दसवाँ मरीज छोटालालपुर थाना लालपुर का निवासी है। ४० वर्षीय ग्यारहवाँ मरीज जलालीपुरा थाना जेतपुरा का निवासी है। यह वाहन चालक हैं।  ईएसआईसी चिकित्सालय में भर्ती ०१ कोरोना पॉजिटिव मरीज तथा बीएचयू में भर्ती ०२ मरीज के फॉलोअप सैंपल का परिणाम नेगेटिव आने के कारण उन्हें स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज किया गया। ईएसआईसी चिकित्सालय से डिस्चार्ज हुए मरीज का संबंध हरहुआ ब्लॉक के माधोपुर हॉटस्पॉट से है । बीएच यू से डिस्चार्ज हुए मरीज का संबंध हॉटस्पॉट सिसवां थाना कपसेठी से है। जनपद में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या २१४ हो गई है। १२६ मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। एक्टिव मरीजों की संख्या ८४ है। गुलाबबाग थाना सिगरा, कोरौता थाना पिंडरा, जलालीपुर थाना जैतपुरा, चकबीही टडिय़ा थाना सारनाथ एवं छोटालालपुर थाना लालपुर नए हॉटस्पॉट बनेंगे। इस प्रकार जनपद में हॉटस्पॉट की संख्या १०९ हो गई है। आज ०७ हॉटस्पॉट हरिदासीपुर, काशीराम आवास, लतौनी, रुस्तमपुर, कैथी, रामपुर, जमालुद्दीनपुरा ग्रीन जोन में आ चुके हैं। इस प्रकार ३९ हॉटस्पॉट ग्रीन जोन में आ चुके हैं। एक्टिव हॉटस्पॉट्स की संख्या ७० है, जिसमें से २९ ऑरेंज जोन में एवं ४१ रेड जोन में है।  जनपद में आज कुल १२९ सैंपल कलेक्ट किए गए। अब तक ६३१९ सैंपल जनपद वाराणसी में लिए जा चुके हैं, जिसमें से ५८१५ सैंपल का परिणाम प्राप्त हो चुके हैं। ५०४ सैंपल का परिणाम आना अभी अवशेष है। प्राप्त परिणामों में ५६०१ परिणाम नेगेटिव एवं २१४ परिणाम पॉजिटिव है।
कैण्ट स्टेशनसे ३९५ यात्रियोंको लेकर अहमदाबाद रवाना हुई साबरमती एक्सप्रेस
धर्म की नगरी काशी में रेल सेवा एक बार फिर पटरी पर लौटने लगी। अभी सोशल डिस्टेसिंग और ट्रेनों के कम आवागमन के चलते कैण्ट रेलवे स्टेशन  पूर्ण रूप से पुराने अंदाज में नहीं लौटा लेकिन धीमे-धीमे स्थिति में सुधार हो रहा है। स्टेशन पर टिकट कलेक्टर, मेडिकल विभाग की टीम के साथ-साथ आरपीएफ और जीआरपी के लोग लगे हुए हैं। कम यात्री होने की वजह से प्रशासन को ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ रही है। गुरुवार को कैण्ट स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर आठ से अहमदाबाद के लिए साबरमती ट्रेन रवाना हुई। इस ट्रेन में ६१० लोगों ने आरक्षण कराया था लेकिन लगभग ३९५ लोग ही यहां से गए। सभी यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था के बीच थर्मल स्क्रीनिंग कर उनके टिकट का मिलान करने के बाद ही प्लेटफार्म पर प्रवेश दिया गया। द्वितीय प्रवेशद्वार से यात्रियों का आना पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
श्रमिकोंका जाना शुरू
नियमित स्पेशल ट्रेन और बसों के चलने के बाद फिर से श्रमिक लोग काम की तलाश में दूसरे प्रदेश जाने लगे है हालांकि अभी बाहर जाने वाले श्रमिकों की तादाद कम है।
स्कूल-कालेज बन्द होनेसे छात्र-छात्राओंमें बेचैनी, शिक्षक मायूस
वैश्विक महामारी कोरोना के प्रभाव के चलते गत २५मार्च की अद्र्घरात्रि में पूरे देश में लाकडाउन की घोषणा हुई तब से लेकर आज तक दो माह से अधिक समय से स्कूल और कालेज पूरी तरह बन्द है। हालांकि गर्मी के दिनों में परीक्षाओं तथा ग्रीष्मावकाश के कारण वैसे भी स्कूल कालेज बन्द रहते थे। और एक जूलाई से आमतौर पर शैक्षणिक गतिविधिया शुरू होती थी लेकिन लाकडाउन के दौरान हुई लंबी बन्दी ने छात्रों और छात्राओं की बेचैनीको और बढ़ा दिया है। वे अपने भविष्य को लेकर काफी चिन्तित है। इसी तरह अध्यापको और अध्यापिकाओं में भी भारी मायूसी है। उन्हें यह चिन्ता सता रही है। कि यदि बच्चों की पढ़ाई शुरू नहीं हुई तो उनके दिमाग पर उल्टा असर पर सकताहै। लाकडाउन के दौरान विश्व विद्यालयों और महाविद्यालयों से लेकर कालेजों तक ने अपने विद्यार्थियों के भविष्य के लिए आनलाइन कक्षायें शुरू कर दी लेकिन उसका लाभ सीमित रहा। शत-प्रतिशत विद्याथिंयों को उसका लाभ नहीं मिल पाया। अब  शिक्षकों और विद्यार्थियों को लाकडाउन  चार के बाद मिली छूट से यह आस जगी है, कि शायद एक जुलाई से नियमित स्कूल, कालेज खुलने लगे और जनपद में शैक्षणिक गतिविधियां एक बार फिर से शुरू हो जाय। लाकडाउन के कारण जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को काफी नुकसान हुआ है वहीं कोचिंग संस्थानों को भी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। अब तक सभी विद्यार्थी परीक्षाफल घोषित हो जाने पर अपनी भविष्य को संवारने के लिए अगली कक्षाओं में प्रवेश पाने हेतु भागदौड़ शुरू कर देते थे। लेकिन वह सारी गतिविधियां अभी तक ठप पड़ी हुई है।
किताब-काफी विक्रेताओं को भी भारी आर्थिक नुकसान
लाकडाउन के कारण जनपद में शैक्षणिक गतिविधियां पूरी तरह ठप होने से किताब कापी विक्रेताओं और स्टेशनरी की दुकान चलाने वालो को भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। अबतक स्कूलों कालेजों में पुस्तकों और कापियों केसाथ साथ स्टेशनरी की सामग्री की आपूर्ति शुरू हो जातीथी। विद्यार्थी भी बजारों में पुस्तकों और कापियों की खरीद-फरोक्त के लिए चक्कर लगाना शुरू कर देते थे। लेकिन इस साल चारो तरफ सन्नाटा है।