Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


योगी कैबिनेटकिसानोंको चीनी निर्यातपर सब्सिडीमें भारी फेरबदल

देशभरमें खुलेंगे ७५ नये मेडिकल कालेज,आपदा प्रबंधनको मजबूत करनेके लिए भारत बनेगा अंतरराष्ट्रीय गठबंधनका हिस्सा
नयी दिल्ली (आससे)। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदीकी अध्यक्षतामें हुई केन्द्रीय कैबिनेटकी बैठकमें देशभरमें ७५ नये मेडिकल कालेज खोलने, चीनीके निर्यातपर सब्सिडी सहित कई महत्वपूर्ण फैसले किये। केन्द्र सरकारने ६० लाख मैट्रिक टन चीनीके निर्यातकी मंजूरी दी।  केंद्र सरकार ने आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुये आकांक्षी जिलों सहित देशभर में 75 नये मेडिकल कालेज खोलने की घोषणा की। इस पर कुल 24375 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। सरकार के इस फैसले से देश में डाक्टरों की कमी दूर होगी और लोगों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराने का लक्ष्य को हासिल करने में आसानी होगी। आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि देश भर में कुल 75 नये मेडिकल कालेज खोले जायेंगे। उन्होंने बताया कि इन कालेजों के खोलने से प्रति वर्ष 15700 एमबीबीएस की नयी सीटें तैयार होंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में डाक्टरों की संख्या बढ़ेगी। जावड़ेकर ने बताया कि देश के ऐसे कई इलाके हैं जहां पर अभी भी कोई मेडिकल कालेज नहीं खुल पाया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने आज जो निर्णय लिया है, उसमें आकांक्षी जिलों को तरजीह दी जायेगी। जावड़ेकर ने इसके साथ ही दावा किया कि पिछले 5 वर्ष में मोदी सरकार ने चिकित्सा के क्षेत्र में जो काम किया है, वह अबतक दुनिया में किया गया सबसे बड़ा काम है। एक अन्य फैसले के बारे में जानकारी देते हुये जावड़ेकर ने बताया कि भारत ने आपदा प्रबंधन बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिये बनाये जा रहे अंतर्राष्ट्रीय गठजोड़ का हिस्सा बनने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तय किये गये सतत विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिये यह एक महत्वपूर्ण घटक था। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी संयुक्त राष्ट्र संघ जायेंगे तो वहीं पर इसकी शुरुआत की जायेगी। उन्होंने कहा कि आपदा आती है तो इसका सबसे अधिक नुकसान गरीबों को उठाना पड़ता है। सरकार ने आज  जो निर्णय लिया है  उससे आने वाले समय में आपदा प्रबंधन से जुड़ा देश का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा और गरीबों को आपदा से निपटने के लिये एक प्रभावशाली रक्षा कवच मिलेगा।  केंद्र सरकार ने देश के गन्ना किसानों  के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुये 60 लाख मीट्रिक टन चीनी के निर्यात पर सब्सिडी देने का फैसला किया है। इस फैसले से देश भर के गन्ना किसानों के खाते में सरकार हर वर्ष 6228 करोड़ रुपये अपनी तरफ से डालेगी। आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि देश में गन्ने की पैदवार और चीनी के अतिरिक्त उत्पादन को देखते हुये चीनी निर्यात  पर सरकार ने सब्सिडी देने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि फैसले के मुताबिक 60 लाख मीट्रिक टन चीनी के निर्यात की मंजूरी दी गयी है। उन्होंने बताया कि इसके लिये केेंद्र सरकार ने 6268 करोड़ रुपये की सब्सिडी की मंजूरी दी हैै। साथ ही उन्होंंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सब्सिडी सीधे गन्ना किसानों के खाते में जायेगी। मंत्रिमंडल के एक अन्य फैसले के बारे में जानकारी देते हुये जावड़ेकर ने बताया कि हाल ही में विश्व कौशल ओलंपियाड का आयोजन रूस में किया गया था। इसमें 63 देशों के कुल 1300 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था। भारत ने भी पहली बार 700 विद्यार्थियों को इसमें शामिल होने के लिये भेजा था। मंत्रिमंडल को बताया गया कि पहली बार भारत ने इसमें स्वर्ण पदक हासिल किया है। इसके अलावा रजत और कांस्य पदक भी हमारे विद्यार्थियों ने जीता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्ष के दौरान देश के युवाओं में विज्ञान और नवाचार के प्रति जो माहौल विकसित किया है, यह उसी का परिणाम है।