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भारतको कश्मीरपर तीसरे पक्षकी मध्यस्थता नामंजूर

 अंतरराष्ट्रीय मंचपर कश्मीरका मुद्दा न उठानेकी नसीहत
नयी दिल्ली (आससे)। भारत ने पाकिस्तान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मंच पर जम्मू कश्मीर का मुद्दा उठाये जाने और अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा इस मुद्दे पर मध्यस्थता के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने दो टूक कहा है कि कश्मीर मामले में तीसरे पक्ष की कोई गुंजाइश नहीं है। आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि कश्मीर मुद्दे पर किसी तीसरे पक्ष को दखल देने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हमारी स्थिति बहुत स्पष्ट रही है। प्रवक्ता ने कहा कि अगर भारत और पाकिस्तान के बीच कोई द्विपक्षीय मुद्दा है, जिसपर चर्चा करने की जरूरत है तो उसे शिमला समझौते और लाहौर घोषणा के प्रावधानों के तहत ही दोनों देश करेंगे। लेकिन ऐसा करने से पहले पाकिस्तान को अनुकूल माहौल बनाना पड़ेगा। प्रवक्ता ने कहा कि अगर पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण संबंध चाहता है तो उसे इसके लिये अनुकूल माहौल बनाना पड़ेगा। उन्होंने सवाल किया कि आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान कार्रवाई क्यों नहीं कर रहा है। हमें हमेशा लगता है कि वह अंतर्राष्ट्रीय बिरादरी को बरगलाने के लिये इस तरह का बयान दे रहा है। साथ ही उन्होंने नसीहत दी कि पाकिस्तान को इस तरह की बयानबाजी से बाज आना चाहिये।  रवीश कुमार ने कहा कि पेरिस में १६ फरवरी से एफटीएफ की बैठक होने जा रही है। हमें लगता है कि एफटीएफ पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद पर उठाये गये कदमों को देखेगा। पिछले बैठक में एफटीएफ ने पाकिस्तान को लेकर बड़ी चिंता जतायी थी। पाकिस्तान जिस तरह से आतंकवाद का वित्त पोषण कर रहा है, वह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि अब एफटीएफ को यह देखना है कि इमरान सरकार ने इसे बंद करने के लिये क्या किया है। मालूम हो कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीते बुधवार को दावोस में कहा था कि भारत के साथ रिश्ते ठीक होने के बाद दुनिया को पाकिस्तान की आर्थिक क्षमता का पता चलेगा। पुराना राग अलापते हुये इमरान ने यह भी कह कि उनका देश भारत के साथ सभी मुद्दों के बातचीत के जरिये सुलझाना चाहता है। इसी कार्यक्रम में भाग लेने गये अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वह कश्मीर के हालात पर करीब से नजर बनाये हुये हैं। उन्होंने इमरान खान के साथ मीडिया को संबोधित करते हुये कहा था कि हम कश्मीर पर भी बात कर रहे हैं कि वहां भारत और पाकिस्तान के बीच क्या हो रहा है। अगर हम इसपर कोई मदद कर सकते हैं तो जरूर करेंगे।