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नौजवानोंके हकसे खेलने वालोंपर लगेगा रासुका-योगी

५० हजार पुलिस कर्मियोंकी होगी भर्ती,महिलाओंको २० फीसदी आरक्षण
गोरखपुर (आससे)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पं0 दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित टेराकोटा, पाटरी एवं खाद्य प्रसंस्करण थीम पर आधारित एक जनपद-एक उत्पाद कार्यक्रम जिसमें 12 जनपदों के कुल 20427 उद्यामियो एवं हस्तशिल्पियों को रू0 2188.00 करोड़ से अधिक का ऋण वितरित कर लाभान्वित कराया। उन्होंने कहा कि युवाओंके हकसे खिलवाड़ करने वालोंपर रासुका लगाया जायेगा। एक अन्य कार्यक्रममें उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही उ0प्र0 पुलिस में 50 हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती करने जा रही है इसके लिए युवा पूरी मेहनत से तैयारी करें, पूरी पादर्शिता के साथ भर्ती प्रक्रिया पूर्ण किया जायेगा। उन्होंने कहा कि पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत महिलाओं को भी शामिल किया जायेगा। इसके अतिरिक्त गोरखपुर, बदायु एंव लखनऊ में महिला पी.ए.सी. की बटालियन बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इनवेस्टर समिट से प्रदेश में 2 लाख करोड़ का निवेश होगा जिससे 2 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष तथा 10 लाख अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार उपलब्ध होगा। इसके साथ ही एक जिला एक उत्पाद के तहत उद्यमियों/कारिगरों को प्रोत्साहित करने का कार्य भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार नौकरी के साथ साथ सुरक्षा की गारंटी के लिए भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज रोजगार में जो युवा नौकरी पाने से वंचित रह गये है वे और मेहनत करें तथा अगले रोजगार मेले में सफल हो। मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से 15 हस्तशिल्पियों/उद्यमियों को रू0 349.50 लाख का प्रतीक चेक प्रदान किया। उन्होंने 38 हस्तशिल्पियों को 10 इलेक्ट्रिक चाक सहित टूलकिट भी वितरित किये। एमाजान से हुए एम.ओ.यू. के अन्तर्गत 15 हस्तशिल्पियों की विपणन व्यवस्था प्रारम्भ करायी गयी जिनमें से टोकन के रूप में दो अग्रणी उद्यमियों को मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किये गये। मुख्यमंत्री ने परिसर में लगाये गये ओ.डी.ओ.पी. उत्पादो की प्रदर्शनी का विधिवत अवलोकन एवं दस्तकारों से परिचय प्राप्त की। इसके अतिरिक्त उन्होंने थीम आधारित ओ.डी.ओ.पी. कैटलाक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अपने सम्बंोधन में कहा कि प्रदेश के औद्योगिक विकास में सूक्ष्म, लघु उद्यमों एवं हस्तशिल्पियों के उत्पादों को बल प्रदान करने हेतु वर्ष 2018 में उ0प्र0 दिवस के अवसर पर प्रदेश सरकार द्वारा एक जनपद एक उत्पाद (ओडीओपी) कार्यक्रम क शुभारम्भ किया गया। इस कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रत्येक जनपद के विशिष्ट एवं परम्परागत उत्पादों का चिन्हांकन किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से चिन्हित उत्पादों को सर्वोन्मुखी विकास हेतु प्रदेश सरकार द्वारा अनेक योजनाए जैसे एक जनपद एक उत्पाद में वित्त पोषण सहायता योजना, सामान्य सुविधा केन्द्र योजना तथा विपणन सहायता योजना संचालित की गयी है। इसके अतिरिक्त प्रधान मंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं एम.एस.एम.ई. ऋण योजना के द्वारा लाभार्थियों को टूलकिट प्रदान करते हुए लाभान्वित कराय जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद योजना से जहां जनपद के विशेष के उत्पाद का विकास होगा वहीं उत्पादकों के जीवन में रोजगार के नये अवसर सृजित होंगे। उन्होंने बताया कि ओ.डी.ओ.पी. समिट के माध्यम से अब तक लखनऊ, मुरादाबाद एंव वाराणसी में आयोजित विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से 57 हजार से अधिक लाभार्थियों को रू0 5 हजार करोड़ से अधिक का ऋण वितरित किया जा चुका है फलस्वरूप प्रदेश में औद्योगिक परिदृश्य में एक नई उर्जा का संचार हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्यमियों को चाहे उचित दाम पर कच्चा माल उपलब्ध कराना हो या हस्तशिल्पियों/कारीगरों को दक्षता वृद्धि का प्रशिक्षण देना हो या राष्ट्रीय अन्तराष्ट्रीय मांग बढ़ाने हेतु उत्पादों की डिजाइन का विकास करना हो या उत्पादकों को विपणन सहायता प्रदान की जानी हो एंव पूंजी उपलब्ध कराना हो, इन सभी सुविधाओं को एक जनपद एक उत्पाद कार्यक्रम के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। इस अवसर पर खादी एंव ग्रामोद्योग, रेशम, हथकरघा एंव वस्त्रोद्योग, सूक्ष्म, लघु एंव मध्यम उद्यम तथा निर्यात प्रोत्साहन मंत्री सत्यदेव पचैरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक एंव आर्थिक व्यापकता के कारण उत्तर प्रदेश गैर कृषि क्षेत्र विशेषकर सूक्ष्म लघु एंव मध्यम उद्यम क्षेत्र में पूंजी निवेश एंव रोजगार उपलब्ध कराने के अपार संभावनाएं रखता है। औद्योगिक विकास की इसी कड़ी में प्रदेश सरकार द्वारा एक जनपद एक उत्पाद अभिनव कार्यक्रम प्रारम्भ किया गया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों के चिन्हित उत्पादों के सर्वोन्मुखी विकास के लिए कार्य किये जा रहे है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर जनपद निरन्तर प्रगति के पथ पर अग्रसर है, एक जिला एक उत्पाद हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और इसके अन्तर्गत परम्परागत उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आयुक्त एंव निदेशक सूक्ष्म एंव लघु उद्योग के0 रवीन्द्र नायक ने आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर सांसद कमलेश पासवान, महापौर सीता राम जायसवाल, विधायक डा0 राधामोहन दास अग्रवाल, फतेह बहादुर सिंह, शीतल पाण्डेय, सगीता यादव, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अंजू चैधरी, एम.एल.सी. देवेन्द्र प्रताप सिंह, सचिव सूक्ष्म एंव लघु उद्योग भुवनेश कुमार, मण्डलायुक्त अमित गुप्ता, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन सहित अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।
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५८०० से अधिक युवाओं को दिया नियुक्ति पत्र
गोरखपुर (आससे)। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में आयोजित रोजगार मेला एंव नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में 10 युवाओं को अपने हाथ से नियुक्ति पत्र वितरित किया। इसके अतिरिक्त रोजगार मेले में 5800 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया गया।
मकर संक्रांतिपर मुख्य मंत्रीने प्रदेशवासियोंको दी शुभकामनाएं
लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मकर संक्रांति और खिचड़ी पर्व पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि देश के विभिन्न क्षेत्रों में संक्रांति को विशिष्ट पर्व के रूप में मनाया जाता है। यह सभी पर्व हमारे देश की समृद्ध विरासत एवं सांस्कृतिक एकता के प्रतीक हैं।  इस वर्ष मकर संक्रांति इसलिए भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है क्योंकि इस पर्व से ही विश्व का विशालतम आध्यात्मिक, सांस्कृृतिक एवं धार्मिक समागम प्रयागराज कुम्भ-2019 प्रारम्भ हो रहा है।  गौरतलब है कि सम्पूर्ण भारत में मकर संक्रांति विभिन्न रूपों में मनायी जाती है। उत्तर प्रदेश और बिहार सहित विभिन्न राज्यों में इसे खिचड़ी पर्व के रूप में मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन सूर्यदेव मकर राशि में प्रवेश करते हैं और उत्तरायण हो जाते हैं। उत्तरायण को सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है।  मकर संक्रांति पर सूर्यदेव की राशि में हुआ परिवर्तन अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने का द्योतक है। यह सर्वविदित है कि प्रकाश अधिक होने से प्राणियों की चेतना एवं कार्यशक्ति में वृद्धि होती है। इसलिए पूरे भारतवर्ष में इस अवसर पर लोग विविध रूपों में सूर्यदेव की उपासना करते हैं।