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नीतीशका इस्तीफा, घर वापसी

भाजपासे मिलकर चलायेंगे सरकार, टूटा महागठबंधन, नयी सियासी सरगर्मी तेज
पटना (आससे)। बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम बहुत तेजी से बदल रहा है। बीजेपी संसदीय बोर्ड ने अभी बिहार में सरकार को स्थायित्व देने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का ऐलान किया था कि अचानक बिहार बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है। पटना में विधायक दल की बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने ये ऐलान किया। इतना ही नहीं बीजेपी ने सीएम के तौर पर नीतीश कुमार के नाम का समर्थन किया है,यानी नीतीश कुमार बीजेपी के साथ मिलकर जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं।
इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। जदयू विधायक दलकी बैठक से निकलकर श्री कुमार राजभवन गये और राज्यपाल से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस बीच जदयू विधायक दल की बैठक चल रही थी। माना जा रहा है कि अब वे मंत्रिमंडल भंग करने की सिफारिश राज्यपाल से करेंगे। इस प्रकार का कदम उठा कर नीतीश कुमार ने भ्रष्टïाचार के खिलाफ अपने जीरो टोलेरेंस की नीति को साबित कर दिया है। इसके पहले बुधवार शाम जदयू के विधान मंडल दल की बैठक चल रही थी। आधिकारिक रूप से इसका एजेंडा आगामी मॉनसून सत्र था। कयास लगाया जा रहा था कि बैठक में सर्वसम्मत से तेजस्वी यादव से इस्तीफा मांगने का फैसला लिया जाएगा। इससे पहले डिप्टी सीएम तेजस्वी ने आप ही कहा था कि राजद ने तय कि कि हम इस्तीफा नहीं देंगे और जदयू कोई पुलिस नहीं है, जो उसके प्रवक्ता इस्तीफा मांग रहे हैं। उन्होंने फिर दुहराया कि महागठबंधन में कोई दरार नहीं है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भी डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के (शेष पृष्ठï ९ पर)
इस्तीफे को लेकर कहा था कि मेरी सीएम नीतीश कुमार से बात हो गयी है। महागठबंधन में सब ठीक चल रहा है। इसके पूर्व जदयू के वरिष्टï नेता के.सी.त्यागी ने नीतीश द्वारा बड़े फैसले का संकेत देते हुए कहा था कि अगर जदयू के मंत्री होते तो अबतक इस्तीफा दे चुके होते उन्होंने यह भी कहा था कि नीतीश जिस व्यक्तित्व के आदमी हैं, वह स्वयं इस्तीफा दे सकते हैं।
इसके पूर्व कई दिनों से नीतीश चुप्पी साधे हुए थे और जदयू प्रवक्ता लगातार तेजस्वी यादव से इस्तीफे की मांग कर रहे थे।
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अंतरात्माकी आवाजपर उठाया कदम
पटना (आससे)। राज्यपाल को अपना इस्तीफा को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दे दिया। जितना दूर तक संभव था हमने गठबंधन धर्म निभाया। उन्होंने कहा कि इस्तीफा देने से पहले मैंने राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद और कांग्रेस के प्रभारी सी.पी. जोशी को भी सूचित किया। उन्होंने कहा कि हमने निरंतर काम करने की कोशिश की तथा हर जिले के विकास के लिए योजनाओं का क्रियान्वयन कर रहा था। बीच में जो चीजें उभरकर आयी, उस माहौल में काम करना मेरे व्यक्तित्व के खिलाफ था। हमने किसी से इस्तीफा नहीं मांगा। हमने लालू जी से बस इतना कहा था कि जो आरोप लग रहे हैं वह अपनी जगह है, लेकिन आमलोगों के बीच जो धारणा बन रही थी, उसमें ऐसी परिस्थिति बन गयी कि काम करना मुश्किल हो गया। हमने अपनी तरफ से गठबंधन धर्म को पूरी तरह निभाने की कोशिश की। पहले हमने सोचा कि कोई रास्ता निकल जायेगा, इसीलिए हमने राहुल जी से भी बात की, लेकिन आरजेडी और लालू जी से संवाद नहीं हो पा रहा था। उन्होंने कहा कि यह अपने आप लाया गया संकट है। तेजस्वी पर जो आरोप लगे थे, उसका प्रत्युत्तर उन्हें देना चाहिये था। हम ऐसी दशा में कुछ कहने की स्थिति में नहीं थे। ऐसे में मुझे लगा कि यह काम मेरे काम करने के तरीके के अनुरूप नहीं है। गठबंधन में एकता कायम रहे, इसके लिए काफी प्रयास किया। श्री कुमार ने कहा कि मैंने नोटबंदी का समर्थन किया, क्योंकि इससे गरीबों को फायदा होने वाला था। इस पर लोग मेेरे ऊपर दस तरह का आरोप लगाने लगे। गांधी का उद्धरण देते हुए उन्होंने कहा कि 'नीड की पूर्ति होगी ग्रीड की नहींÓ (आवश्यकताओं की पूर्ति होगी लेकिन लालच की नहीं)। लेकिन मेरी बातें लोगों की समझ में नहीं आयी।  मैंने राष्टï्रपति के चुनाव में कोविंद जी का समर्थन किया क्योंकि वे बिहार के राज्यपाल थे। यह बिहार के लिए गौरव की बात थी। लेकिन उस पर भी लोग सवाल उठाने लगे। मुझे लगा कि अगर हम अपनी तरफ से अपने अनुरूप कोई स्टैंड नहीं ले सकते, तो मेरे जैसे व्यक्ति के लिए इस सरकार का चलाना संभव नहीं था। अत: मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दे दिया। हमने नोटबंदी के बाद बेनानी सम्पत्ति के खिलाफ काररवाई की मांग भी की थी। पांच साल का एक तिहाई हिस्सा मैंने आसानी से चलाया। किसी भी हालात से समझौता नहीं किया। अंत में उन्होंने कहा कि सबके अपने-अपने रास्ते हैं। नयी व्यवस्था तक मैं काम करता रहूंगा। पत्रकारों द्वारा सवाल पूछने पर कि भाजपा के साथ मिलकर सरकार बनायेंगे, उन्होंने कहा कि देखिये आगे क्या होता है।