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यूपीमें विप्रधान मंत्री फसल बीमा योजना अब स्वैच्छिककासोन्मुखी बजट

ब्याजपर सब्सिडी की बढ़ायी छूट ,१० हजार नये कृषि उत्पाद संघटन बनानेका फैसला
नयी दिल्ली (आससे)। केंद्र सरकार ने फसल बीमा योजना लागू करने में आ रही मौजूदा चुनौतियों के समाधान के लिये इसमें बदलाव को आज अपनी मंजूरी दे दी है। एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने दुग्ध उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये ४५५८ करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। फसल बीमा योजना में किये गये बदलाव के तहत बीमा कंपनियों को व्यवसाय का आवंटन तीन वर्षों के लिये किया जायेगा। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक बनाने तथा देश में १० हजार कृषि उत्पाद संगठन बनाने का भी निर्णय लिया गया है। आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और नरेन्द्र सिंह तोमर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने फसल बीमा योजना लागू करने में वर्तमान चुनौतियों के समाधान के लिये प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को नया रूप देने को मंजूरी दी है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना  कराने वाले किसानों से बैंक बीमा की राशि में से पहले ऋण की राशि काट लेते थे, लेकिन फसल बीमा योजना को स्वैच्छिक बनाये से बैंक अब ऐसा नहीं कर पायेंगे।
तोमर ने बताया कि इस योजना को लेकर कई और बदलाव किये गये हैं। इसका लाभ किसानों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पाद संगठन का प्रयोग देश में बहुत सफल रहा है। सरकार देश में १० हजार ऐसे संगठनों का गठन करेगी और उन्हें ६ हजार करोड़ रुपये की सहायता दी जायेगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण फैसले में सरकार ने दुग्ध उद्योग क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिये ४५५८ करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इससे ९५ लाख किसानों को फायदा होगा। जावड़ेकर ने बताया कि यह योजना श्वेतक्रांति को अगले स्तर तक ले जायेगी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि मंत्रिमंडल ने इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम के तहत लाभ को २ फीसदी से बढ़ाकर २.५ फीसदी करने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि दोनों फैसलों से किसान समुदाय को लाभ मिलेगा।