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लोकसभामें २० को शक्ति परीक्षण

लोकसभा अध्यक्षने स्वीकार किया विपक्षका अविश्वास प्रस्ताव
पहले दिन ही सदनमें विपक्षकी नारेबाजी-शोर-शराबा

नयी दिल्ली(आससे)। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष द्वारा पेश किये गये अविश्वास प्रस्ताव को आज अपनी मंजूरी दे दी। विपक्ष के इस दांव को पहली बार झेलने के लिये तैयार केंद्र सरकार पूरी तरह आश्वस्त है कि सदन में शक्ति परीक्षण के दौरान बहुमत उसके पक्ष में होगा। वहीं संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी दावा किया है कि हमारे पास पर्याप्त संख्या बल है। शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव पर दिनभर चर्चा के बाद शाम को मतदान होगा। आज लोकसभा में प्रश्नकाल समाप्त होते ही टीडीपी सांसद के.श्रीनिवास राव ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पर संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि वह इस पर चर्चा के लिये तैयार हैं। अध्यक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश करने वाले अन्य सभी सदस्यों का नाम लेते हुये कहा कि टीडीपी सदस्य श्रीनिवास राव ही अविश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे, क्योंकि लाटरी से उनका नाम ही निकला है। विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही राजग खेमा अपने खिलाफ बन रही गोलबंदी का मुकाबला करने के लिये तैयारियों में जुट गया है। भाजपा ने पार्टी सांसदों के लिये तीन लाइन का व्हिप जारी कर उन्हें अविश्वास प्रस्ताव वाले दिन संसद  में उपस्थित रहने का आदेश दियाहै। गैरहाजिर रहने वाले सांसदों के खिलाफ पार्टी कड़ी कार्रवाई कर सकती है।  जबकि, मीडिया से बातचीत में संसदीय कार्यमंत्री अनंत कुमार ने कहा कि सरकार किसी भी तरह के अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने को तैयार है। दूध का  दूध और पानी का पानी हो जायेगा, हम निश्चित तौर पर विजयी होंगे। मिली जानकारी के मुताबिक २० जुलाई को प्रश्नकाल नहीं चलेगा और कोई गैर सरकारी कामकाज भी नहीं होगा। कुल ७ घंटे के लिये चर्चा तय की गयी है।     उल्लेखनीय है कि टीडीपी ने बीते शीतसत्र में भी आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा दिये जाने की मांग को लेकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का प्रयास किया था, लेकिन सफलता नहीं मिली थी। सरकार द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिये जाने के बाद टीडीपी राजग से अलग हो गयी थी। इससे पहले संसद के मानसून सत्र की शुरुआत अनुमान के मुताबिक हंगामेदार रही। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के बाद विभिन्न दल अलग-अलग मुद्दों को लेकर हंगामा करने लगे। इस दौरान लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। टीडीपी सांसद विशेष राज्य की दर्जे की मांग को लेकर नारे लगाने लगे। जबकि राजद और माकपा के सदस्य देशभर में भीड़ द्वारा हिंसा के मुद्दे पर बहस की मांग को लेकर हंगामा करते दिखे।  दोनों दलों के सदस्य मांग कर रहे थे कि प्रश्नकाल को स्थगित करके भीड़ द्वारा हिंसा के विषय पर बहस करायी जाय। अध्यक्ष ने उनकी इस मांग को ठुकरा दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने के पहले नये सांसदों ने शपथ ली और फिर लोकसभा अध्यक्ष ने कुछ पूर्व दिवंगत सांसदों को श्रद्धांजलि दी। सरकार इस सत्र में लगभग २५ विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है। तीन विधेयकों को वापस लिये जाना है और १८ नये विधेयक पेश किये जाने हैं।
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राजगकी दलगत स्थिति
पार्टी    सांसद
भाजपा     273
शिवसेना    18
लोजपा     06
अकाली दल     04
रालोसपा     03
जेडीयू     02
अपना दल     02
एनपीपी    01
एनडीपीपी     01
आरएसपी     01
एसडीएफ     01
कुल    312