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गन्नेकी कीमत २० रुपये क्विंटल बढ़ी

नयी दिल्ली (आससे)। फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि के बाद सरकार ने अब गन्ना किसानों को राहत दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय कैबिनेट की बैठक में इस पर फैसला लिया गया। गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 20 रुपए बढ़ाकर 275 रुपए प्रति क्विंटल तय कर दिया गया है। मोदी सरकार के इस फैसले से देश के लाखो किसानों को फायदा होगा। बता दें इस मामले में खाद्य और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की ओर से कैबिनेट को प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें गन्ने की कीमत में 20 रुपए प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी का प्रस्ताव किया गया था। सरकार ने हाल ही में धान सहित  खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में भारी वृद्धि करने की घोषणा की। चीनी सत्र 2017-18 के लिए यह न्यूनतम मूल्य 255 रुपए प्रति क्विंटल है। बता दें कि एफआरपी वह न्यूनतम दाम होता है, जो शुगर मिल को किसान को देना ही पड़ता है। चीनी उद्योग के प्रमुख संगठन भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के अनुसार, अक्टूबर में शुरु होने वाले अगले विपणन वर्ष में भारत का चीनी उत्पादन 10 प्रतिशत बढ़कर 3.55 करोड़ टन के नए रिकॉर्ड को छू जाने का अनुमान है। जिस अनुमान की वजह सामान्य बारिश रहने की वजह से गन्ने के उत्पादन बढऩे की संभावना है। ब्राजील के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा चीनी उत्पादक देश, भारत में चीनी उत्पादन विपणन वर्ष 2017-18 (अक्टूबर-सितंबर) में भी रिकॉर्ड तीन करोड़ 22.5 लाख टन होने का अनुमान है।
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नौकरियोंमें आरक्षण कानूनोंमें बदलाव नहीं-राजनाथ
नयी दिल्ली(आससे)। अनुसूचित जाति/जनजाति के संरक्षण संबंधी कानूनी प्रावधानों को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठायी गयी आपत्तियों का समाधान करते हुये केंद्र सरकार ने कहा है कि कोई भी व्यक्ति या संस्था इन समुदायों के संरक्षण से जुड़े कानूनी प्रावधानों में कटौती नहीं कर सकती है।  आज संसद में इस मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा उठायी गयी आपत्तियों के जवाब में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि कोई व्यक्ति या संस्था अनुसूचित जाति/जनजाति और पिछड़े वर्गों का आरक्षण नहीं छीन सकती है। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान सपा सांसद धर्मेंद्र  यादव ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ५ मार्च की एक अधिसूचना का हवाला देते हुये आरोप
लगाया कि सरकार विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में आरक्षण खत्म करना चाहती है। इस पर गृहमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या संस्था आरक्षण नहीं छीन सकती है। उन्होंने विपक्ष को बताया कि इस मुद्दे पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय विस्तृत जवाब देगा।  राज्यसभा में भी गृहमंत्री ने प्रश्नकाल के दौरान इसी मुद्दे से जुड़े एक पूरक सवाल के जवाब में कहा कि अनुसूचित जाति और जनजाति के व्यक्तियों को संविधान में प्रदत्त संरक्षण को कोई व्यक्ति अथवा संस्था नहीं छीन सकती है। अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण कानून के सख्त प्रावधानों में ढील देने के कारण इन समुदायों के प्रति अपराध बढऩे के सवाल के जवाब में गृहमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस कानून को मजबूत करने के लिये जरूरी बदलाव भी किये हैं। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं इससे जुड़े नियमों में भी जरूरी संशोधन किये गये हैं।  भाजपा के डी.राजा ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों के प्रति अपराधों से जुड़े मामलों में न्यायिक जांच, दोष सिद्धि की घटती दर और संबद्ध कानूनी प्रावधानों में ढील देने का मुद्दा उठाया। जवाब में गृहमंत्री ने इस दिशा में सरकार द्वारा किये गये उपायों का विस्तार से उल्लेख करते हुये कहा कि पहले इस तरह के मामलों के सुनवाई के लिये विशेष अदालतें थीं, लेकिन सरकार ने अब देश में १९४ अन्य विशेष अदालतें गठित की हैं।
इसी मुद्दे पर सरकार का पक्ष रखते हुये गृह राज्यमंत्री हंसराज अहीर ने पिछले चार वर्षों के दौरान अनुसूचित जाति/जनजाति के व्यक्तियों के प्रति अपराधों में इजाफे की आशंका को आंकड़ों के आधार पर गलत करार दिया।