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सीएबीके खिलाफ बंगालमें हिंसक प्रदर्शन, आगजनी

कानूनको हाथमें न लेने की ममताकी अपील
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल में नागरिकता (संशोधन) कानून (सीएबी) के खिलाफ शनिवार को जारी प्रदर्शन के तहत प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर सड़कें एवं रेल मार्ग बाधित रखे। पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद और उत्तरी 24 परगना जिलों और हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं। नागरिकता कानून के खिलाफ बंगाल में हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से अपील की है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से करें विरोध और कानून को हाथ में न लें। नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ बंगाल में हिंसक विरोध प्रदर्शन, तोड़-फोड़ के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस बीच 'हो! हो! की गूंज के साथ असमिया 'गमछा और 'जय आई असोम का नारा नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ  असम में हो रहे उग्र विरोध प्रदर्शन का प्रतीक बन गया है। हाथ से बने सफेद और लाल धारी वाला सूती 'गमछा पारंपरिक रूप से असम में बड़ों और मेहमानों को सम्मान के रूप में दिया जाता है। इसे राज्य की पहचान के तौर पर पेश करने के लिए  प्रदर्शनकारी इसका उपयोग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इन नागरिकता कानून से असम की पहचान को खतरा है। शहर के एक कॉलेज की 18 वर्षीय छात्रा अरुणिमा बरुआ ने कहा कि राज्य के लोगों की सांस्कृतिक और भाषाई पहचान दांव पर है और हम इसे बर्दाश्त नहीं कर सकते। हम 'गमछा लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, जो हमारी संस्कृति और अस्तित्व के हमारे गौरव को दर्शाता है। कई छात्र 'गमछा लिये हुये थे, जिनपर 'नो कैब, 'कैब वापस लो,'असम डंपिंग ग्राउंड नहीं है, 'हम बांग्लादेशियों का बोझ और नहीं झेल सकते जैसे नारे लिखे हुये थे। सड़कों पर बड़ी संख्या में उतरे प्रदर्शनकारी 'जय आई असोम (असम माता की जय) का नारा लगा रहे थे। व्यवसायी ब्रोजेन डेका ने कहा कि हमारी मातृभूमि के भविष्य को खतरा है और हमें इसे उन खतरों से बचाना होगा जो इस अधिनियम के लागू होने के कारण उत्पन्न हो सकते हैं।
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गुवाहाटी : कफ्र्यूमें ढील, दुकानोंके बाहर लंबी कतारें

गुवाहाटी। गुवाहाटी में नागरिकता (संशोधन) विधेयक (कैब) के खिलाफ प्रदर्शनों के मद्देनजर लगाये गये कफ्र्यू में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ढील दी गई है. पुलिस ने यह जानकारी दी।  दिसपुर, उजान बाजार, चांदमारी, सिलपुखुरी और जू रोड सहित कई स्थानों पर दुकानों के बाहर लंबी कतारें नजर आईं. ऑटो-रिक्शा और साइकिल-रिक्शा सड़कों पर नजर आएं लेकिन बसें अब भी नदारत रहीं. शहर में पेट्रोल पंप भी खोल दिये गये हैं, जहां वाहनों की लंबी कतारें दिखीं. पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि कफ्र्यू में सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक ढील दी गयी है. उन्होंने बताया कि पुलिस लोगों को इस    ढील की जानकारी देने के लिए लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल कर रही है. हालांकि, स्कूल और कार्यालय अब भी बंद हैं. नागरिकता (संशोधन) विधेयक के संसद में पारित होने के खिलाफ यहां विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अधिकारियों ने कफ्र्यू लगा दिया था. इधर , डिब्रूगढ़ डेप्युटी कमिश्नर  पल्लव गोपाल झा ने बताया कि डिब्रूगढ़ में सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक कफ्र्यू में छूट दी गई है.