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महामारीसे निबटनेके लिए पूर्व सैनिक-एनसीसी कैडेट तैयार

जिला नियंत्रण कक्षों के संपर्कमें हैं सभी जिला सैनिक कल्याण अधिकारी
नयी दिल्ली (आससे.)। कोविड-19 महामारी से लडऩे के लिये सरकार ने जहां पूर्व सैनिकों को एकजुट किया है, वहीं नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) ने  'एक्सरसाइज एनसीसी योगदान के तहत कोडिट-19 से निबटने के राष्ट्रव्यापी अभियान में नागरिक प्रशासन को मदद की पेशकश की है। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्र वैश्विक महामारी कोविड-19 की चुनौतियों से लड़ रहा है। ऐसी स्थिति में मंत्रालय के पूर्व-सैनिक कल्याण विभाग (ईएसडब्ल्यू) ने पूर्व सैनिकों को अपनी सेवाएं देने के लिये एकजुट किया है। इससे जहां भी जरूरत हो राज्य और जिला प्रशासन को बहुमूल्य मानव संसाधन प्राप्त होंगे। राज्य सैनिक बोर्ड और जिला सैनिक बोर्ड राज्य और जिला प्रशासन की सहायता के लिए अधिकतम ईएसएम वॉलेंटियर को जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पूर्व सैनिक संपर्क का पता लगाने, समुदाय की निगरानी करने, क्वारंटाइन सुविधाओं का प्रबंधन करने जैसे कार्यों में सहायता प्रदान करेगें। मंत्रालय ने बताया कि उत्तर प्रदेश में सभी जिला सैनिक कल्याण अधिकारी जिला नियंत्रण कक्षों के संपर्क में हैं तथा सेवानिवृत्त सेना चिकित्सा कर्मियों की पहचान की गई हैं तथा उन्हें तैयार रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा उत्तराखंड में सैनिक रेस्ट हाऊसों को अलग-अलग रहने/क्वारंटाइन सुविधाओं के लिए तैयार किया गया है। गोवा में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है और पूर्व सैनिकों को स्थानीय प्रशासन की सहायता हेतु तैयार रहने के लिए कहा गया है। इसी तरह पंजाब राज्य में गार्जियन ऑफ गवर्नेंस संगठन में 4200 पूर्व सैनिक हैं, जो गांवों के डाटा संग्रह में प्रशासन की सहायता कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने पुलिस की सहायता के लिए कुछ पूर्व सैनिकों की सेवाएं ली हैं। इसी प्रकार आंध्र प्रदेश में सभी जिला कलेक्टरों ने पूर्व सैनिकों की सेवाएं प्राप्त करने का प्रस्ताव दिया है। मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 महामारी से लडऩे के लिए राष्ट्र ने लोगों से स्पष्ट आह्वान किया है। यह स्वागतयोग्य है कि पूर्व सैनिक अपने 'आदर्श स्वयं से पहले सेवाÓ का ध्यान में रखते हुये सेवा और सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं। पूर्व सैनिक अनुसासित, प्रेरणा से युक्त और विपरीत परिस्थितियों में कार्य करने के लिए प्रशिक्षित हैं। पूर्व सैनिकों की उपस्थिति पूरे देश के सभी जिलों और गांवों में है। वहीं, एनसीसी ने इसके लिये स्वैच्छिक सेवा देन के इच्छुक अपने कैडेटों के वास्ते अस्थायी रोजगार के दिशा-निर्देश जारी किया है, जिससे कि महामारी से निपटने के कार्यो में शामिल विभिन्न एजेंसियों की ओर से चलाए जा रहे राहत प्रयासों और काम काज के तरीकों को और मजबूत बनाया जा सके। दिशानिर्देशों के अनुसार अस्थायी रोजगार की व्यवस्था के तहत केवल 18 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ मंडल कैडट ही नियुक्त किए जा सकते हैं। उन्हें स्थायी प्रशिक्षक स्टाफ या एक एसोसिएट एनसीसी अधिकारी की देखरेख में आठ से 20  छोटे समूहों में नियोजित किया जाना चाहिये। योगदान के तहत एनसीसी कैडेटों के लिए निर्धारित कार्यों में, हेल्पलाइन, कॉल सेंटर का प्रबंधनय राहत सामग्री, दवाओं, खाद्य, आवश्यक वस्तुओं का वितरणय सामुदायिक सहायताय डेटा प्रबंधन और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के लिये कतार में खड़े होने की व्यवस्था करना तथा यातायात प्रबंधन शामिल है।