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गांधीजी की १५०वीं जयंतीपर कैदियोंको विशेष माफी

 तीन चरणोंमें रिहा  होंगे विशिष्ट श्रेणीके कैदी
नयी दिल्ली (आससे)। केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी की १५०वीं जयंती के अवसर पर कारागारों से कैदियों को विशेष माफी देने के प्रस्ताव को आज अपनी मंजूरी दी है। फांसी की सजा पाये कैदियों को विशेष माफी के दायरे से बाहर रखा गया है।  आज यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुयी केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि महात्मा गांधी की १५०वीं जयंती के अवसर पर रिहा किये जाने वाले कैदियों की श्रेणियां बनायी गयी हैं। उन्होंने बताया कि तीन चरणों में यह रिहाई की जायेगी। पहले चरण में गांधी जयंती यानी दो अक्टूबर २०१८ को, दूसरे चरण में चंपारण सत्याग्रह की वर्षगांठ यानी १० अप्रैल २०१९ और तीसरे चरण में २ अक्टूबर २०१९ को कैदियों को रिहा किया जायेगा। प्रसाद ने बताया कि इसके तहत ऐसे महिला/किन्नर कैदी जिनकी आयु ५५ वर्ष या इससे अधिक है और जिन्होंने अपनी ५० फीसदी वास्तविक सजा की अवधि पूरी कर ली है, वे सब माफी की हकदार होंगी। उन्होंने बताया कि पुरूष कैदियों के मामले में आयु सीमा ६० वर्ष रखी गयी है। इसी तरह दिव्यांग/शारीरिक रूप से ७० फीसदी या इससे अधिक अक्षमता वाले कैदी जिन्होंने अपनी ५० फीसदी वास्तविक सजा की अवधि पूरी कर ली हो वे भी माफी के हकदार होंगे। ऐसे दोष सिद्ध कैदी जिन्होंने अपनी दो तिहाई वास्तविक सजा की अवधि पूरी कर ली है उन्हें भी माफी दी जायेगी।  केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऐसे कैदियों को विशेष माफी नहीं दी जायेगी जो मृत्युदंड की सजा काट रहे हैं अथवा जिनकी मृत्युदंड की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया गया है। इसके अलावा दहेज मृत्यु, बलात्कार, मानव तस्करी और पोटा, यूएपीए, टाडा, एफसीआईएन, पोस्को एक्ट, धन शोधन, फेमा, एनडीपीएस, भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम आदि के दोषियों को भी इसमें शामिल नहीं किया गया है। प्रसाद ने बताया कि गृह मंत्रालय सभी पात्र कैदियों के मामलों की पहचान के लिये राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को परामर्श जारी करेगा, जिसके तहत उन्हें इन मामलों की जांच के लिये एक समिति गठित करने की सलाह दी जायेगी। राज्य सरकार इस समिति की सिफारिशों को राज्यपाल के पास विचार और संविधान की धारा १६१ के तहत मंजूरी के लिये भेजेगी। मंजूरी मिलने के बाद कैदियों को रिहा किया जायेगा। सरकार का मानना है कि महात्मा गांधी की १५०वीं जयंती एक महत्वपूर्ण अवसर है और ऐसे मौके पर कैदियों की विशेष रिहाई वांछनीय एवं उपयुक्त है। यह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के मानवतावादी मूल्यों को एक श्रद्धांजलि होगी।
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तबस्सुम समेत चारने ली लोकसभा सदस्यताकी शपथ
नयी दिल्ली (आससे) । संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने हाल ही में संपन्न उपचुनावों में चार निर्वाचित सदस्यों को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने आठ सदस्यों के इस्तीफे को मंजूरी दिए जाने की सूचना से भी सदन को अवगत कराया। बुधवार को संसद की कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ने उपचुनाव में निर्वाचित तबस्सुम बेगम , मधुकर राव यशवंत राव कुकडे, राजेन्द्र गावित और तोखेहो को सदन की सदस्यता की शपथ दिलाई। तबस्सुम बेगम हाल ही में उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट पर संपन्न उपचुनाव में जीत कर आई हैं जबकि मधुकर राव यशवंत राव कुकडे ने महाराष्ट्र की भंडारा-गोंदिया सीट और राजेन्द्र गावित ने पालघर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में सफलता हासिल की। तोखेहो ने नागालैंड लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल की है। लोकसभा अध्यक्ष ने आठ सदस्यों के इस्तीफे को मंजूरी दिए जाने के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि कर्नाटक की लोकसभा सीट शिमोगा से भाजपा के बीएस येदियुरप्पा, बेल्लारी से सांसद श्रीरामुलु के इस्तीफे को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा जनता दल सेक्यूलर के सीएस पुट्टाराजू ने भी सदन की सदस्यता से इस्तीफा दिया है। उक्त तीनों नेताओं ने हाल में संपन्न विधान सभा चुनाव में जीत हासिल की थी, जिसके बाद संसद की सदस्यता से इस्तीफा दिया है।  आंध्र प्रदेश से वाईएसआर कांग्रेस के अंगोल लोकसभा सीट से वाई वी सुब्बारेड्डी, तिरुपति लोकसभा सीट से वी वाराप्रसादा राव, राजमपेट लोकसभा सीट से पी मिथुन और कडप्पा से वाई अविनास रेड्डी के इस्तीफे को भी लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी प्रदान की है।