Mob: +91-7905117134,0542 2393981-87 | Mail: info@ajhindidaily.com


नवीनतम समाचार » वाराणसी और आसपास

वाराणसी और आसपास

जन्सा और सारनाथमें हादसा
जन्सा और सारनाथ थाना क्षेत्र में दो कच्चे मकानो के ढहने  से उसके मलबे में दबकर मुन्नी देवी (४५वर्ष) की मौत हो गयी जबकि संतरादेवी (४२वर्ष), मुकेश (११वर्ष) और रीमा (१२वर्ष), सतीश (२१वर्ष) और गंगाराम (५५वर्ष) घायल हो गये। ये हादसा मंगलवार की रात्रि और बुधवार की सुबह हुआ।  इस हादसे में हजारों रूपये मूल्य के घरेलू उपकरण नष्टï हो गया। मृतक के परिजनों में कोहराम मच गया। जानकारी के अनुसार गहरपुर जंसा निवासिनी मुन्नी देवी बुधवार को प्रात: रसोईया में खाना बना रही थी। अचानक रसोईया की दीवार भरभरा ढह गया। मलबे में भोजन बनाकर ही मुन्नी देवी  गयी। महिला की चीख पुकार सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने मलबे में दबे मुन्नी को बाहर निकाला और घायलावस्था  में उसे बीएचयू ट्रामा सेन्टर में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। रसोईया में रखा १५ हजार रूपये मूल्य के घरेलू उपकरण नष्टï हो गयी। मृतका के पति मुन्नू गौड़ आर्थिक रूप से कमजोर है। मजदूरी करके परिवार की जीविका चलाते थे। मृतका के पांच पुत्र और एक पुत्री है। इसी क्रम में हिरामनपुर निवासी गंगाराम मजदूरी करते है। ये अपने परिवार के साथ जर्जर कच्चा मकान में गुजर बसर कर रहे है। प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत आवास आने के बाद भी बिचौलिया के चलते आवास वही बन पाया। रात्रि मंर बारिश से मिट्टïी दीवाल ढहने से छत की शीट भी तेज आवास के साथ सुबह सात बजे गिर गया जिसमें सो रहे पांच लोग दबकर गये। मलबे में दबे लोगों के चीख पुकार सुनकर पहुंचे आसपास के लोगों ने सभी को बाहर निकाला। घायलों को निजी चिकित्सालय में भरती कराया गया है। 
महिलाओं में तुलसी, गिलोयके पौधे वितरित
सामाजवादी विचारक छोटे लोहिया के नाम से विख्यात  पडित जनेश्वर मिश्र की जयंती पर युवजन सभा प्रदेश अध्यक्ष अरविन्द गिरी के निर्देश पर बुधवार को सयुस के कार्यकर्ताओं ने सम्रत्थी मेमोरियल एकेडमी भगवानपुर में तुलसी और गिलोय के ८७ पौधों का महिलाओं  में वितरण  किये  । पूर्व पार्षद वरुण सिंह ने कहा प्रख्यात समाजवादी विचारक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जनेश्वर मिश्र पांच अगस्त १९३३ को बलिया के बैरिया क्षेत्र के शुभनथहीं गांव में  जन्में थे। वह १९५३ में इलाहाबाद में पढ़ाई करने आए और डॉक्टर राममनोहर लोहिया के सम्पर्क में आने के बाद समाजवादी रंग में ही रंग गए। वह १९६९ में पहली बार सांसद बने और १९७७ में वह केंद्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री बनाए गए। १९८९ में वह संचार राज्यमंत्री रहे। १९९४ में राज्यसभा सदस्य बने और १९९६ में उन्हें जल संसाधन मंत्री बनाया गया। परिवार में उनकी दो बेटियां मीना और शांति मिश्रा हैं।जयंती मनाते हुए विचार रखने वालों में प्रमुख रूप से - प्रवेश पटेल , वरुण सिंह , सत्यप्रकाश सोनकर सोनू , आलोक गुप्ता , संजय यादव , वीरेन्द्र यादव , सतीश पाल , बाबू सोनकर , रोहित शर्मा , किशन डाफी , अशरफ खां , विनय भट्ट , राजेश वर्मा गुड्डू मौजूद रहे।
नमो उद्योग व्यापार समिति की घोषणा आज

नमो उद्योग व्यापार समिति उत्तर प्रदेश की प्रादेशिक इकाई छह अगस्त को अपराह्नï डेढ़बजे बेविनार द्वारा वाराणसी में की जायेगी। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती मीना चौबे होगी।