Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


बाढ़का पानी रिहायशी इलाकोंमें घुसा, लोगोंमें दहशत


चहनिया। क्षेत्र में गंगा के बाढ का पानी खतरे के निशान को पार करके रिहायशी बस्तियों को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। गंगा वेग पहले से कुछ धीमी गति से बढाव पर है। जिससे बाढ का कहर दिन ब दिन बढता ही जा रहा है। गंगा के तटवर्ती व तराई क्षेत्र के लोगों की स्थिति बेहद खराब होने लगी है। गुरूवार की सुबह गंगा के जलस्तर में कुछ कमी दर्ज की गयी। सुबह गंगा के बढाव की गति आधा सेमी प्रति घंटा से भी कम थी। लेकिन दोपहर बाद पुन:वृद्धि दर 1 सेमी प्रति घंटा पर पहुंच गया। क्षेत्र के महुआरी, पूराविजयी, पूरागणेश, चकरा, सरैया सहित आधा दर्जन गॉवों का सम्पर्क मार्ग डुबने से उनका अन्य क्षेत्रों से सम्पर्क टुट गया है। महुआरी और चकरा में तो ग्रामीणों को पानी से होकर जाना पड़ रहा है। महुआरी के लोग नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। पिछले एक सप्ताह से लगातार गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से तटवर्ती गॉवों में गंगा का पानी पहुंच गया है। क्षेत्र के रौना, कुरहना, कैली, कांवर, डेरवाकला, महुअरकलॉ,  पूराविजयी, पूरागणेश, चकरा, टांडाकला, सरौली, महमदपुर, जमालपुर, तिरगावां, हसनपुर, मारूफपुर, मुकुन्दपुर, मझिलेपुर, नदेसर, भूसौला, सरैया, बडग़ावां, बोझवां, नादी, निधौरा, सैफपुर सहित अन्य गांवों की हजारों बीघे धान, बाजरा, अरहर सहित पशुओं के चारा के लिए बोयी गयी ज्वार की फसल डुबकर समाप्त हो चुकी है। रिहायशी घरों व पशुओं के लिए बने आवासों में पानी पहुंच जाने से लोगों को अपने अपने सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर भागना पड़ रहा है।चहनियां। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार अभी गंगा के जलस्तर में बढोत्तरी होने की संभावना बनी हुई हैं। गंगा इस समय खतरे के निशान से  20 सेंटीमीटर ऊपर 67.49 मी0पर बह रही हैं। तटवर्ती इलाकों में सन्नाटा पसरा हुआ है। इन इलाकों में रहने वाले सुरक्षित स्थानों के लिए जा रहे हैं। वहीं उनके आशियाने में पानी पहुंच कर घरेलू उपयोग की सामानों सहित पशुओं के चारा के लिए रखा भूसा आदि डुबोने में लगा हुआ है।
बाढ़ का प्रकोप रोकने के लिए पूजा पाठ
चहनियां। गंगा को शान्त करने के लिए बाढ ग्रस्त इलाके के लोग पूजा पाठ के साथ मन्नत भी मानने लगे हैं। महुअरकलॉ की प्रधान शान्ती देवी व समाजसेविका डा0 सरिता मौर्या ने बाबा किनाराम मठ परिसर के किनारे बाणगंगा नदी में पूजन अर्चन करके मां गंगा को अपना रौद्र शान्त करने का अनुनय विनय किया। चहनियां। उपजिलाधिकारी सकलडीहा राम सजीवन मौर्य द्वारा चहनिया के मारूफपुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में राहत कैम्प बनाते हुए अधिकारियों कर्मचारियों की तैनाती किये हैं। गुरूवार को कैम्प का ताला खुला, नियुक्त 22 अधिकारियों व कर्मचारियों में 9 लोग बैठकर गप्पें लड़ा रहे थे। उसमें तैनात अधिकारियों कर्मचारियों को ड्यूटी चार्ट या ड्यूटी के समय के बारे में कोई जानकारी नही थी। मौके पर मौजूद कानूनगो ने बताया कि जब जरूरत होगी तो सभी व्यवस्थाएं कर दी जायेगी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों कमलेश आदि ने शासन की इस व्यवस्था को बाढ पीडि़तों के लिए मजाक बताया और कानूनगो के बयान को संवेदनहीन और बहकाने वाला बताया। इस दौरान कानूनगो अपना परिचय बताने से भी परहेज करते रहे। वहीं ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना संसाधन के ये अधिकारी या कर्मचारी पीडि़तों की मदद किस प्रकार करेंगे।जब कि इनके पास लाइफ जैकेट, रस्सी और नौका की ही व्यवस्था नहीं है।चहनिया। मारूफपुर स्थित माडल राहत कैम्प के अलावा बाढ ग्रस्त क्षेत्रों में अभी तक अन्य कोई बाढ चौकियोंं के सक्रिय रूप से काम न करने से बाढ पीडि़तों को सरकारी सहायता से मरहुम होना पड़ रहा है। बाढ पीडि़तों के अनुसार बाढ से घिरे गांव के लोगों के आवागमन या बाहर निकलने के लिए अभी तक नाव की व्यवस्था नही हो पायी। आदमी तो किसी तरह अपने लिए भोजन की व्यवस्था कर ले रहे हैं लेकिन फसलों के डुब जाने से पशु चारे के बिना भूखे मर रहे हैं।
चहनिया। क्षेत्र के करीब आधा दर्जन गांवों के बाढ़ के पानी से घिर जाने से स्कूली बच्चों का पठन पाठन विगत तीन दिनों से पूरी तरह ठप्प हो गया है।बाढ की वजह से बच्चे स्कूल नही पहूंच पा रहे हैं।कुछ बच्चे अपने परिजनों के साथ बाढ से बचने के लिए दूसरे सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं जिससे वे भी स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। चहनिया। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि से हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो चुकी है। बाजरा अरहर, धान के साथ रामगढ, बरिया, रईया आदि बाणगंगा के तटवर्ती गांवों में सैकड़ों एकड़ हरे मिर्च, टमाटर, बैगन, लौकी, कद्दू, करैला आदि की खेती की गयी जो कि बाढ की भेंट चढ़ गयी है।
हनिया। गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कहर से तटवर्ती गांव के ग्रामीणों की मदद करने के लिए बीते मंगलवार को तहसील सकलडीहा के उपजिलाधिकारी राम सजीवन मौर्य के हस्ताक्षर युक्त एक पत्र जारी किया गया है। जिसमें बाढ़ पीडि़तों की मदद के लिए प्राथमिक विद्यालय मारूफपुर में माडल राहत कैम्प बनाकर प्रभारी व नोडल अधिकारी सहित 22 अधिकारियों कर्मचारियों की नियुक्ति की गयी है। किन्तु गुरूवार की दोपहर को नौ कर्मचारी कैम्प पर बैठकर आपस में गप्पें लड़ाते रहे। मौके पर मौजूद कानूनगो अजय सिंह ने बताया कि पीडि़तो के मदद के लिए हम लोग बैठे हैं। जब उनसे सुविधाओं के बारे में पूछा गया तो गोलमोल जबाब देते हुए उन्होंने कहा कि जरूरत आने पर सब उपलब्ध हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने अपना परिचय बताने से भी गुरेज किया। वहीं मौके पर मौजूद कमलेश यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों का यह बयान पीडि़तों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है। जब बाढ से बचाव के लिए इनके पास लाईफ जैकेट, रस्सी व नौका ही नहीं है तो ऐसे में यह सवाल बनता है कि क्या बाढ पीडि़तों के साथ यह कू्रर  मजाक तो नहीं। जब तटवर्ती गॉवों के लोग गंगा के रौद्र से बचने के लिए अनेक उपाय कर रहे हैं। उस समय भी अधिकारियों व कर्मचारियों का माडल राहत कैम्प बनाकर सिर्फ कागजी खानापूर्ति करना मानवीय संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।माडल राहत कैम्प में प्रभारी अधिकारी के रूप में उपजिलाधिकारी सकलडीहा राम सजीवन मौर्य, नोडल अधिकारी तहसीलदार डा0 बन्दना मिश्रा, अधिकारियों कर्मचारियों में राजस्व व पंचायत विभाग से श्यामनारायण सिंह यादव, राजेश कुमार, अशोक कुमार त्रिपाठी, जावेद खां, अनिल कुमार व सतीश चन्द्र तथा स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग से डा0 सन्दीप सिंह, आशा सिंह, सूबेदार यादव, विद्यासागर यादव सहित छ: सफाईकर्मी व पुलिस विभाग के चार कर्मी नियुक्त है। हैरान करने वाली बात यह है कि सूची में सम्मिलित अशोक कुमार त्रिपाठी एक वर्ष पूर्व अवकाश ग्रहण कर चुके हैं और वही सत्यनारायण शुक्ला जिनके पद नाम के आगे कांस्टेबल लिखा है वे उपनिरीक्षक है वर्तमान में चौकी प्रभारी मारूफपुर के पद पर कार्यरत है। इन सब के बावजूद मौके पर सिर्फ कुछ नीचले क्रम के कर्मचारियों के अलावा कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी मौजूद न रहना और कैम्प परिसर में बिना किसी तैयारी व व्यवस्था के बैठे रहना शासन की मंशा पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है।

बाढ़ पीडि़तोंको हरहालमें पहुंचायी जाय सहायता-सूर्यमुनी
चंदौली। केन्द्रीय कौशल विकास मंत्री व स्थानीय सांसद  डा0 महेंद्र नाथ पाण्डेय के निर्देश पर सकलडीहा विधान सभा क्षेत्र के प्रभारी भाजपा नेता व जिला पंचायत सदस्य सुर्यमुनी तिवारी के नेतृत्व मे  लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल चहनियां क्षेत्र के  ग्राम सभा बलुआ, बडगावां, चकरा, दियां, प्रसहटा, मुकुंदपुर, महरौरा, गद्दोचक, बोझवां, मारुफपुर आदि  बाढ ग्रस्त क्षेत्र का भ्रमण किया। इस दौरान लोग़ो  के फसलों का जैसे बाजरा, अरहर, मिर्चा व सब्जी की खेती का जायजा लिया। मौके पर पता चला कि  गंगा के बाढ़ के पानी के चलते फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होने मौके से ही  तहसीलदार डा0 पूनम मिश्रा से मोबाइल पर वार्ता कर लोगो को राहत सामग्री व मुआवजा दिलवाने की बात कही। उन्होने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय पीडि़तों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराया जाय। इस मामले में हिलाहवाली कदापि बर्दाश्त नहीं की जायेगी। वे लोगों से मिल कर  उनकी समस्याओं से रुबरु भी हुए। साथ ही कहा कि चकरा में पानी बढऩे पर कल से नाव लगायी जायेगी। उनके साथ संकठा राजभर, रमेश राम, खरपत्तु चौरसिया, छठुराम, मृत्युंजय सिंह, संकठा मिश्रा, माधव पण्डेय, सहित अन्य लोग  मौजुद रहे।