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घाघरा खतरेका निशान पार करनेको आतुर

रेवती (बलिया)। गंगा की प्रलयंकारी लहरों की तबाही अभी निरंतर जारी है। उधर घाघरा ने भी अपनी आंखें तरेरनी शुरू कर दी है। प्रति घंटा १ सेंटीमीटर से ऊपर की रफ्तार से घाघरा का बढ़ाव निरंतर जारी है। चांदपुर गेज पर नदी का जलस्तर खतरा बिन्दू ५८ मीटर के सापेक्ष गुरुवार की सुबह ५७.२३ सेंटीमीटर पर पहुंच गया। खतरा बिन्दू से अठखेलियां कर रही घाघरा की लहरों को देख तटबंधीय इलाकाई लोगों के माथे पर चिंता की लकीरें घर लकीरें गहराने लगी हैं। करीब चार दर्शकों से घाघरा की प्रचंड लहरों से टक्कर लेते-लेते टीएस बन्ध कमजोर हो चुका है।रही-सही कसर शाहिल आदि जानवरों ने बन्धे के भीतर मांद बनाकर पूरी कर दिया है।जो कोढ़ में खाज साबित हो रहा है।बन्धे के किनारे लगे बड़-बड़े खर पतवारों की वजह से मांद दिखाई नहीं दे रहा है।तटबंधीय इलाकाई लोगों का कहना है कि नदी का बढ़ाव इसी क्रम में जारी रहा तो फिर बन्धे को बचाना मुश्किल हो जायेगा।बाढ़ से पूर्व बचाव कार्य उंट के मुंह में जीरा के समान होने का जो दंश केहरपुर,दूबे छपरा,गोपालपुर,उदई छपरा सहित दर्जनों गांवों के रहवासी झेल रहे है।अगर नदी का दबाव बन्धे पर बना तो उससे भी भयंकर मंजर यहां के लोगों को झेलना पड़ेगा।क्यों कि यहां बाढ़ से पूर्व करीब तीन वर्षों से बचाव कार्य हुआ ही नही है।ग्रामीणों ने कहा कि बाढ़ विभाग द्वारा नदी के बढ़ाव के साथ ही फ्लड फाइटिंग के नाम पर धनार्जन का कार्य शुरू कर दिया जाता है।लेकिन इस बार बाढ़ विभाग का ध्यान बंधे पर है ही नहीं।
गंगाका जलस्तर बढ़ावपर
रामगढ़ (बलिया)। गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्घि ने समीपवर्ती गांवों के लोगों की नींद उड़ा दी है। बाढ़ को देखते हुए लोग रातजगा कर रहे है। गुरूवार की सायं ४ बजे तक गायघाट स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर गंगा का जलस्तर जो रिकार्ड किया गया वह ५९.५९० मीटर है तथा गंगा का जलस्तर प्रतिघण्टा १ सेमी मीटर बढ़ाव पर है। गायघाट गेज पर तैनात अधिकारियों ने बताया कि गंगा का हाई लेबल ६०.३९० मीटर है, जिसे गंगा छूने के लिये आतुर दिख रही है। दुबेछपरा, उदयी छपरा, गोपालपुर, केहरपुर, गंगापुर के सोनार टोला में कटान जारी है।

घाघरामें आयी बाढ़से कर्ई पुरवे घिरे
बैरिया (बलिया)। क्षेत्र पंचायत मुरली छपरा अन्तर्गत चांद दीयर ग्राम पंचायत के कई पुरवे घाघरा की बाढ़ की चपेट में आ गया है, जिसके चलते पुरवों को आपस में सम्पर्क टूट गया है। जिला प्रशासन द्वारा उक्त क्षेत्र में अब तक न तो ध्यान दिया गया और न ही जिला प्रशासन द्वारा पीडि़तों को किसी तरह की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। चांद दीयर ग्राम पंचायत के टोलाफतेह राय, बकुल्हा, चक्की चांददीयर, पलटू नगर, श्रीपालपुर के डेरा, बैजनाथ के डेरा, चांददीयर नई बस्ती, लोहा टोला, पियारी के डेरा गांव में गत शनिवार से ही घाघरा नदी ने दस्तक देते हुए उक्त पुरवों को चारों तरफ से घेर लिया है। किसानों का करीब २०० एकड़ खरीफ की फसल जिसमें मक्का, धान, परवल आदि डूब गये है। प्रधान प्रतिनिधि विरेन्द्र यादव, सूचीत यादव, सुरेन्द्र यादव, मुन्ना पासवान, सुनेश्वर पासवान, अमित शर्मा, सुशील चौधरी आदि की माने तो घाघरा नदी का तांडव विगत तीन दिनों से क्षेत्र मेंं बना हुआ है लेकिन जिला प्रशासन का कोई नुमाइन्दा अब तक यहां नहीं आया। हद तो तब हो गया जब किसान जिला प्रशासन से नाव की मांग करते रहे, परन्तु नाव उपलब्ध नहीं हो पाया जिसके चलते किसानों को पशुओं को चारा लाने में भारी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है। गांव के सम्पर्क मार्ग पर ही पीडि़त तिरपाल और प्लास्टिक डालकर अपना आशियाना बनाना शुरू कर दिये है।