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आजमगढ़ समाचार

मण्डलायुक्तकी बैठकमें आजमगढ़ एवं बलियाके पीडीको मिली चेतावनी
आजमगढ़। मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी ने आमजन की सुविधाओं के दृष्टिगत पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत प्रस्तावित कार्यों के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने पर जनपद आजमगढ़ एवं बलिया के परियोजना निदेशक, डीआरडीए को चेतावनी निर्गत करने का निर्देश दिया है। वहीं जनपद मऊ में प्रगति काफी अच्छी मिलने पर वहां के परियोजना निदेशक के कार्यों की प्रशंसा की है। मण्डलायुक्त श्रीमती त्रिपाठी ने बुधवार को देर सायं अपने कैम्प कार्यालय पर पूर्वांचल विकास निधि के कार्यों की समीक्षा के दौरान पाया कि इस निधि के अन्तर्गत विगत वर्षों आजमगढ़ में 114 कार्य पूर्ण एवं 72 कार्य अपूर्ण हैं, जिसमें सबसे अधिक 48 कार्य यूपी सिड्को के स्तर पर पूर्ण होना अवशेष है। इसी प्रकार बलिया में 189 कार्य पूर्ण एवं 73 कार्य अपूर्ण हैं। यहां सबसे अधिक 35 कार्य जिला पंचायत के एवं 15 कार्य ग्रामीण अभियन्त्रण विभाग के स्तर पर अपूर्ण हैं। जनपद मऊ में मात्र 7 कार्य अपूर्ण हैं। मण्डलायुक्त द्वारा अपूर्ण कार्यों हेतु द्वितीय किस्त निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में जानकारी करने पर पाया गया कि आजमगढ़ एवं बलिया में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा द्वितीय किस्त की अधिकांश डिमाण्ड लगभग एक साल पूर्व ही डीआरडीए को भेज दी गयी थी। परन्तु अभी तक डिमाण्ड लम्बित रखी गयी है, जिससे कार्य प्रभावित है। मण्डलायुक्त ने इस स्थिति पर सख्त नाराजगी व्यक्त करते हुए इन दोनों जनपदों के परियोजना निदेशक डीआरडीए को चेतावनी निर्गत करने का निर्देश देते हुए कहा कि पूर्व में प्राप्त डिमाण्ड पर समस्त औपचारिकतायें पूर्ण करते हुए यदि एक सप्ताह में दूसरी किस्त की धनराशि अवमुक्त नहीं की जाती है तो सम्बन्धित परियोजना निदेशक को इसका उत्तरदायी मानते हुए उनके विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की संस्तुति शासन को भेज दी जायेगी। मण्डलायुक्त कनक त्रिपाठी द्वारा मऊ में अपूर्ण 7 कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में जानकारी करने पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक द्वारा अवगत कराया गया कि अपूर्ण कार्यों में 6 कार्य प्रगति पर है शेष एक कार्य हेतु टेण्डर आदि की कार्यवाही हो चुकी है, शीघ्र ही इस पर भी कार्य प्रारम्भ हो जायेगा। मण्डलायुक्त ने प्रगति अच्छी मिलने पर परियोजना निदेशक मऊ के कार्यों की प्रशंसा किया। उन्होंने तीनों जनपद के परियोजना निदेशकों को निर्देशित किया कि भविष्य में कार्यदायी संस्थाओं से द्वितीय किस्त की डिमाण्ड मिलने पर कार्यों का सत्यापन एवं समस्त औपचारिकतायें पूर्ण करते हुए 15 दिन के अन्दर धनराशि अवमुक्त करना सुनिश्चित करें। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि जिन कार्यों की गुणवत्ता मानक के विपरीत पाई गयी है तो उसमें रिकवरी की कार्यवाही में तेजी लाई जाय।
 इसी क्रम में उन्होंने सम्बन्धित कार्यदायी संस्थाओं को भी निर्देशित किया कि प्राय: द्वितीय किस्त की डिमाण्ड विलम्ब से भेजने की भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में इस प्रकार शिकायत नहीं मिलनी चाहिए अन्य सख्त कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने उप निदेशक अर्थ एवं संख्या अमजद अली अन्सारी को निर्देश दिया कि डीआरडीए एवं कार्यदायी विभागों से द्वितीय किस्त की डिमाण्ड का पूरा विवरण प्राप्त कर वस्तुस्थिति से अवगत करायें।
एडीजीने किया देवगांव कोतवालीका निरीक्षण
लालगंज, आजमगढ़। एडीजी जोन ब्रिज भूषण ने देवगांव कोतवाली का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने समस्त त्योहारों को मिलजुलकर मनाने की उपस्थितजनों से अपील की। इस अवसर पर उन्होंने अपराधी, अवैध शराब कारोबारी, जुआड़ी, मनचलों, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाडऩे वालों आदि की जानकारी देने की जनता से अपील की ताकि सामाजिक सौहार्द बना रहे। इस अवसर पर उन्होंने थाने के बैरक, आवास, कार्यालय, कंप्यूटर रूम, शस्त्रागार, गाडिय़ों की स्थिति जानकारी लेकर तत्काल नीलामी का आदेश  दिया।  उसके बाद त्योहार रजिस्टर, हत्या बलवा रजिस्टर, भूमि विवाद रजिस्टर, गुंडा रजिस्टर, जिला बदर रजिस्टर आदि का भी मुआयना किया। शस्त्रागार के बारे में  जानकारी हासिल की  जिसमें 67 लाइसेंसी असलहे शस्त्रागार में जमा होने की जानकारी मिली  एडीजे बृजभूषण ने कहा कि लोगों को सूचित कर के तत्काल लाइसेंसी असलहे दे दिए जाएं। इस अवसर पर डीआईजी सुभाषचन्द्र दूबे, एसपी त्रिवेणी सिंह, एसपी सिटी, सीओ लालगंज, कोतवाल देवगांव तथा लालगंज पल्हना चौकी इंचार्ज के साथ देवगांव कोतवाली के समस्त स्टाफ तथा महिला आरक्षी आदि उपस्थित रहे।
मांके गर्भसे होता है देशके भविष्यका निर्माण- डीएम
आजमगढ़।़ जिलाधिकारी नागेन्द्र प्रसाद सिंह द्वारा विकास खण्ड महराजगंज के ग्राम पंचायत कप्तानगंज में पोषण गोष्ठी कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा 20 अतिकुपोषित बच्चों को पोषण पोटली व स्वच्छता किट, 05 गर्भवती महिलाओं को पोषण थाल, डलिया व स्वच्छता किट तथा 06 माह पूर्ण कर चुके 05 बच्चों का अन्नप्रासन कराया गया। इसी के साथ ही प्रोजेक्टर के माध्यम से विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार एवं योजना के लाभ के बारे में जन जागरूकता कार्यक्रम कराया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि मॉ के गर्भ से ही देश के भविष्य का निर्माण होता है, इसलिए बच्चों पर ध्यान देने के साथ-साथ मॉ पर भी ध्यान देना आवश्यक है। गर्भ में बच्चे के रहने पर यदि मां प्रताडि़त होती है तो उसका प्रभाव बच्चों पर पड़ता है, गर्भ में ही बच्चों के मस्तिष्क का निर्माण प्रारम्भ हो जाता है, मॉ जैसे ही गर्भवती होती है, तो उसका पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी के साथ ही जिलाधिकारी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को गर्भ से 05 वर्ष तक के सभी बच्चों का स्वास्थ्य जॉच, आंगनवाड़ी केन्द्रों पर 05 वर्ष तक के बच्चों का वजन, स्वच्छता से रहना, स्वच्छता से खाना, सभी वर्ग के लोगों को शौचालय का प्रयोग करना एवं सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करके बच्चों को कुपोषण से मुक्त कर सकते है। इस अवसर पर डीपीओ मनोज कुमार मौर्य, यूनिसेफ प्रतिनिधि तौहिद अहमद, सीडीपीओ कृष्ण कुमार सिंह, रीता देवी, निर्मला गुप्ता आदि संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।