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जमुनामें १६ लाख क्यूसेक पानी छोडऩेसे भीषण बाढ़की आशंका


गाजीपुर। गंगा नदी के साथ ही सहायक नदियों में उफान से जनपद में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है वहीं चंबल नदी में बाढ़ को देखते हुए जमुना नदी में तीन दिन के भीतर १६००००० क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा नदी में दो दिन भीषण बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन सतर्क दृष्टिï बनाये हुए है। जिलाधिकारी के बालाजी ने अधिनस्थो को बाढ़ की स्थिति पर सतर्क दृष्टिï रखने तथा राहत व बचाव कार्य युद्घ स्तर पर चलाने हेतु निर्देशित किया है। बाढ़ की वीभिषिका को देखते हुए जिलाधिकारी ने गहमर कामाख्या मंदिर में बनाये गये शरणार्थी शिविर का स्थलीय निरीक्षण कर राहत कार्य व बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को बाढ़ प्रभावित गांवों में कैम्प के माध्यम से दवाओं का वितरण का निर्देश दिया है। रेवतीपुर प्रतिनिधि के अनुसार-गंगा नदी के जल स्तर में लगातार उफान से ग्रामीण सहमे नजर आ रहे हैं। गंगा का पानी तटवर्ती गंगबरार इलाका को डुबोने के बाद अब ग्रामीण बस्तियों की तरफ रूख कर चुका है। जिससे लोग पूरी तरह असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उप जिलाधिकारी जमानिया रमेश मौर्या ने मातहतो राजस्व निरीक्षक शेषमणी, लेखपाल विजय शंकर सिंह, अंजनी राय, विनोद गुप्ता के साथ बाढ़ प्रभावित कालूपुर, मेदनीपुर, कासिमपुर, डुहिया, बहलोलपुर, ताड़ीघाट, सरया आदि गांवों का भ्रमण कर बाढ़ प्रभावित लोगों से धैर्य बनाये रखने को कहा। उन्होंने बाढ़ राहत केन्द्र शरणालय, बाढ़ राहत चौकी का निरीक्षण किया, बाढ़ राहत केन्द्र पर पशु चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों के न रहने पर कड़ी नाराजगी जतायी। उन्होंने बाढ़ प्रभावित गांवों में उपलब्ध नाव के बारे में जानकारी ली तथा तैनात कर्मियों को ड्यूटी के प्रति आगाह किया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ प्रभावित रेवतीपुर ब्लाक के गांव दुल्लहपुर, परमानंदपुर, रेवतीपुर, बिरउपुर, हसनपुरा, अठहठा, नसीरपुर, रामपुर, टौंगा, कल्याणपुर, नरायनपुर गांव के लिए २९ नाव की व्यवस्था की गयी है। गंगबरार इलाके के डेरो से लोग पशुओं के साथ गांव में आ चुके हैं। नन्दगंज प्रतिनिधि के अनुसार- जनपद में गंगा नदी के जल स्तर में वृद्घि से आयी बाढ़ में गंगा की सहायक गांगी नदी भी अपने तलहटी से ऊपर उठकर अगल-बगल के खेतों में बोई गयी फसलो को अपने आगोश में ले लिया है। गांगी नदी की तलहटी से ऊपर पानी आते ही चारों तरफ तेजी से फैलता जा रहा है जिससे बरहपुर, बेलासी, बेलसड़ी, सौरम, सबुआ, नैसारा, पचारा, हरखौली आदि गांवों में किसानों द्वारा बोई गयी बाजरा, अरहर की फसल तथा चरी पानी से डूब गयी है। गंगा व सहायक नदी गांगी के जल स्तर में लगातार बहाव से किसान खेत में खड़ी फसलो को काटकर पशुओं को चारा के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। पचारा गांव से बरहपुर गांगी नदी पुल तक आने वाले खड़ंजा मार्ग के उपर पानी आ गया है। यदि इसी पानी का बहाव जारी रहा तो इस मार्ग पर आवागमन बंद हो जायेगा।  लंबे अरसे बाद आयी बाढ़ का दृश्य देखने के लिए बरहपुर गांगी नदी पुल पर लोगों की भीड़ लगनी शुरू है। लोग बाढ के इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर रहे हैं। भांवरकोल प्रतिनिधि के अनुसार-गंगा नदी के रौद्र रूप से तटवर्ती गांव के लोग जहां कटान की दहशत में हैं वहीं बाढ़ का पानी अब मैदानी इलाके को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। ग्राम पंचायत शेरपुर के मुबारकपुर, माघी, पचासी, सईया, धर्मपुरा, फिरोजपुर, शेरपुर खुर्द, शेरपुर कला आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर गये हैं। वहीं गंगा की सहायक  मंगई नदी के उफान से सोनवानी, महेंद, सियाड़ी, गोडउर, सरदरपुर आदि गांव भी पूरी तरह पानी से घिर गये हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। उप जिलाधिकारी मुहम्मदाबाद राजेश कुमार गुप्त की मौजूदगी में शिवरायकापुरवा में ३७ परिवारों को राहत सामाग्री उपलब्ध करायी गयी। उन्होंने बताया कि बाढ़ से घिरे गांव में नाव की व्यवस्था की गयी है। एहतियात के तौर पर सेमरा गांव में पीएसी तैनात की गयी है। गंगा के बढ़ते जल स्तर से ग्राम पंचायत शेरपुर के शिवरायकापुरवा से पूरब राम तुलाई में कटान का सिलसिला जारी है। पिछले दो दिनों में २० बीघा कृषि भूमि गंगा की धारा में विलीन हो गयी। गंगा कटान में साधु राय, आनन्देश्वर राय, भगवान शरण, श्याम बिहारी, विजय बहादुर आदि किसानों की जमीन गंगा में समाहित हो गयी। जमानिया प्रतिनिधि के अनुसार-गंगा की बाढ़ का रौद्र रूप देख तटवर्ती गांव के लोग सहम गये हैं। क्षेत्र के कालनपुर, चितावन पट्टïी, देवरिया, पाह सैय्यदराजा, मंझरिया, ताजपुर माझा, रामपुर पट्टïी सरनाम खां, जगदीशपुर, राघोपुर, सब्बलपुर कला आदि गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। देवरिया पुलिस चौकी में बाढ़ का पानी घुस जाने से पुलिस कर्मी बगल के गांव रामपुर पट्टïी सरनाम खां में अस्थायी चौकी पर प्रवास कर रहे हैं। रामपुर सरनाम खां प्राथमिक विद्यालय में पानी घुस जाने से विद्यालय बंद कर दिया गया है। गंगा की बाढ़ से बड़ेसर गांव के दैत्रावीर स्थान से दुरहिया घाट तक कटान रोकने के लिए सिचाई विभाग द्वारा कराया गया बोल्डर स्पेकिंक कार्य बाढ के पानी में डूब गया है। सिंचाई विभाग के कर्मचारियों द्वारा बोल्डर पर बालू की बोरी रखने का कार्य युद्घ स्तर पर चल रहा है ताकि कोई क्षति न हो। 
हाइवेकी मिट्टी बाढ़के पानीसे खिसका, अफरा-तफरी

रेवतीपुर (गाजीपुर)। जिला प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग महकमा में उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी जब इस बात की सूचना मिली कि ताड़ीघाट-बारा स्टेट हाइवे ९९ की रेवतीपुर थाना के सामने की नवनिर्मित पुलिया के नीचले हिस्से के टुटने एवं नवनिर्मित सड़क के नीचे की मिट्टïी बाढ् के पानी में खिसकने लगी है। सूचना मिलते ही जिलाधिकारी के बालाजी, पुलिस अधीक्षक डा. अरविन्द चतुर्वेदी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मरम्मत पूरा होने तक इस मार्ग पर बड़े भारी वाहनों के आवागमन को अगले आदेश तक रोक लगा दी है। जिलाधिकारी ने स्थलीय निरीक्षण के बाद ताड़ीघाट-बारा मार्ग निर्माण में लगी कार्यदायी संस्था पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पूर्व में इस मार्ग को शीघ्र बनाने के लिए भारी वाहनों के लिए नो इंट्री का आदेश दिया गया, ताकि निर्माण में ेकेाई बाधा न उत्पन्न हो। उन्होंने कार्यदायी संस्था द्वारा निर्माण में अनदेखी की लोनिवि के अधिशासी अभियंता से जांच कर रिपोर्ट की मांग की। निर्देश दिया कि तत्काल पुल के दोनों तरफ बोल्डर की व्यवस्था की जाय, डीएम ने कहा कि नवनिर्मित पुलिया को धरायशाी होने के बचाने के साथ सुनिश्चित किया जाय कि आवागमन पर विपरीत प्रभाव न पड़े। इस मौके पर ग्रामीणों ने शिकायत की कि सड़क निर्माण में मानक की घोर अनदेखी की गयी, जिससे कई जगह सड़क पुलिया टूट रही है। अधिवक्ता जयनारायण राय ने चेताया कि यदि दुबारा सही तरीके से सड़क नहीं बनायी गयी तो क्षेत्रीय जनता धरना प्रदर्शन को विवश होगी।  डीएम के सख्त निर्देश के बाद लोनिवि के अधिशासी अभियंता के निर्देश पर पुल के हैवी लोडेड वाहनों पर रोक लगा दी गयी है। भारी वाहन अब भदौरा से जमानिया होते निकलेगें। दुर्घटना से बचने के लिए पुल पर घेराबंदी की गयी है।