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भारतीय किसान संघका प्रतिनिधिमंडलसे मिला, सौंपा ज्ञापन
राबट्र्सगंज(सोनभद्र)। किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष रामबहादुर सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल गुरूवार को जिलाधिकारी से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन को सौंपकर किसानों के समस्याओं का निस्तारण किए जाने की मांग किया। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे जिलाध्यक्ष श्री सिंह ने अवगत कराया कि जिले के क्रय केन्द्रों पर महीने भर से धान तौलकर रखा हुआ है इसके बाद भी किसानों को सिक्स आर नहीं दिया गया है। ऐसे किसानों का धान पीसीएफ क्रय केन्द्र करमा में विगत 20 जनवरी को तौल किया गया था जबकि करमा के प्रभारी धान को मिल पर भेज दिये हैं। जबकि सिक्स आर न मिलने से किसान परेशान व चिंतित है। अभी तक अधिकांश किसानों का भुगतान तक नहीं हो पाया है ऐसी दशा में किसानों को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों का बकाया भुगतान एवं सिक्स आर देने की व्यवस्था किया जाय। बेमौसम हुई बारिश और पड़े ओले के कारण गेहूं, सरसों, मटर की फसल को भारी नुकसान हुआ है जिससे किसानों की कमर टूट गई है। ऐसी दशा में किसानों को दोहरी मार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि कई क्रय केन्द्र ऐसे भी है जहां धान खरीद में धांधली बरतने की संभावना जतायी है उन केन्द्रों की जांच कराये जाने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से फूलचन्द्र सिंह पटेल,रामजी सिंह मौर्य, चन्द्रप्रकाश सिंह, सदानंद सिंह, हीरालाल सिंह, प्रभुपाल सिंह, राजेश सिंह, अनमोल सिंह, रणजीत सिंह, नंदलाल सिंह, घनश्याम सिंह, पार्वती देवी, मालती देवी, रामदुलारी देवी, राकेश, संतलाल, दयाराम आदि शामिल रहे।
खान सुरक्षा निदेशालयकी टीमने किया निरीक्षण
ओबरा(सोनभद्र)।  बिल्ली खनन क्षेत्र में बीते 28 फरवरी को खदान धंसकने से पांच मजदूरों की मौत हो गई थी। जिला प्रशासन के नेतृत्व में लगभग 36 घंटे से ज्यादा रेस्क्यू ऑपरेशन कर पुलिस तथा एनडीआरएफ की टीम द्वारा पत्थर के मलबे में दबे दो जिंदा मजदूर सहित पाच मृतकों के शव को बरामद कर लिया गया था। वहीं इस मामले में गुरुवार को शासन के निर्देश पर खान सुरक्षा निदेशालय की पांच सदस्य टीम ने खान सुरक्षा निदेशालय नागपुर के डायरेक्टर यूपी सिंह के नेतृत्व में घटनास्थल वाली खदान का स्थलीय निरीक्षण कर सुरक्षा के मानकों का जायजा लिया। साथ ही घटना के कारणों की जानकारी भी टीम द्वारा ली गई। वहीं खान सुरक्षा निदेशालय की टीम की सूचना मिलते ही पूरे खनन क्षेत्र में दूसरी पाली का खनन कार्य बंद करा दिया गया था। ताकि टीम को निरीक्षण करने में किसी तरह की परेशानी ना आने पाए। दूसरी ओर अचानक टीम के पहुंचने से पूर्व तेज बरसात होने के चलते जांच टीम को थोड़ी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। खदान के रास्ते में फिसलन व कीचड़ होने के चलते अधिकारियों को नीचे आने जाने में परेशानी उठानी पड़ी। टीम में खान सुरक्षा निदेशालय वाराणसी परिक्षेत्र के डायरेक्टर आफताब, डिप्टी डायरेक्टर आरके सिंह गाजियाबाद के सर्वेक्षक ब्याहुत आदि लोग शामिल रहे।
जिम्मेदारोंकी शहपर हो रहा अवैध बालूका खनन
ओबरा(सोनभद्र)। रेणुका पार के जुगैल थाना क्षेत्र के कई गांव से बड़े पैमाने पर बालू का अवैध खनन कर प्रदेश सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाई जा रही है। प्रतिदिन रात्रि में बड़ी पोकलेन मशीनों के सहयोग से सुरक्षित वन क्षेत्र तथा नदी तल से बालू टीपर अथवा ट्रैक्टर के सहारे एक निश्चित स्थान पर अवैध खनन कर्ताओं द्वारा एकत्रित कर दिया जाता है। वही एकत्रित बालू पर मध्य प्रदेश की परमिट लगाकर उत्तर प्रदेश के करोड़ों रुपए के राजस्व को क्षति पहुंचाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार जनपद के कुछ अधिकारियों तथा सफेदपोश के संरक्षण में  जुगैल क्षेत्र के चौरा, बिजोरा, सेमिया, बरगवा तथा कुड़ारी देवी मंदिर के समीप से अवैध खनन कर्ताओं द्वारा प्रतिदिन दर्जनों ट्रैक्टर व टीपर लगाकर मध्य प्रदेश की परमिट पर बालू का परिवहन किया जा रहा है। इसे लेकर आए दिन ग्रामीणों व अवैध अवैध खनन कर्ताओं के बीच  विवाद भी होते रहते हैं। बावजूद इसके प्रशासन के जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वन विभाग के जिम्मेदार प्रति वाहन मोटी रकम लेकर अवैध खनन कराने में जुटे हुए हैं। साथ ही जनपद के खनन विभाग की मिली भगत से पूरे मामले को अंजाम दिया जाता। एक तरफ प्रदेश की सरकार जहां पूरी तरह से भ्रष्टाचार समाप्त करने में जुटी हुई है। वहीं कुछ अधिकारियों द्वारा लगातार सरकार की छवि को खराब करने का कार्य किया जा रहा है। पिछले कई महीनों से चल रहे अवैध की शिकायत बार-बार किए जाने के बाद भी अधिकारियों द्वारा किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग किया है, कि बेखौफ चल रहे अवैध खनन पर अंकुश लगाया जाए ताकि प्रदेश सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व क्षति से  बचाया जा सके।
८५ गांवोंकी बिजलीआपूर्ति ठप, बिजली उपभोक्ता परेशान
बीजपुर(सोनभद्र)। मंगलवार की दोपहर आये आधी तूफ ान और ओलाबृष्टि के बाद म्योरपुर के जंगल मे पेड़ गिरने से बिजली के दर्जनों जर्जर पोल टूट कर जमीनदोज हो गए उसके ऊपर लगे पुराने तार इंसुलेटर सहित अन्य उपकरण बिखर जाने के बाद म्योरपुर, बभनी, नधिरा, रायकालोनी के सबस्टेशन को दी जाने वाली विद्युत आपूर्ति प्रभावित होने के बाद म्योरपुर और बभनी ब्लाक के लगभग 85 गाँवों की बिजली आपूर्ति चार दिन से बंद पड़ी है। खबर के अनुसार बिजली आपूर्ति ऐसे समय मे बन्द हुई है जब बच्चो की बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं ऐसे में परीक्षा पर तो असर पड़ ही रहा है वहीं 85 गाँवों के हजारों लोगों को रात अंधेरे में गुजारनी पड़ रही है। मोबाइल सहित बिजली से चलने वाले उपकरण बेकार पड़े हैं। गौरतलब हो कि बिजली विभाग वर्षो पुराने जर्जर उपकरण के सहारे बीजपुर से 70 किलो मीटर दूर पिपरी पावरहाउस से 33 हजार की एच टी लाईन को जंगलो के बीच से खींच कर म्योरपुर, नधिरा , बभनी, रायकालोनी के सबस्टेशनों में आपूर्ति करती है इसके बाद इन्हीं सबस्टेशनों से सैकड़ो गाँवों को आपूर्ति की जाती है। छोटे छोटे फ ाल्ट होने या जर्जर उपकरण में खराबी आने के बाद विभाग के पास समान नही होने से कई दिनों तक गाँवो की आपूर्ति बंद पड़ी रहती है। उपभोक्ताओं ने इस बाबत कई बार जर्जर तार पोल और अन्य उपकरण बदलने की सरकार से माँग भी की लेकिन फं ड और आदेश का टोटा बता कर विभागीय अधिकारी जर्जर व्यवस्था से निजात दिलाने में अपना हाथ खड़े किए हुए हैं। उधर कांग्रेस नेता वीके मिश्रा कहते हैं कि सरकार के दबाव में विभागीय अधिकारी गाँव मे गली गली शिविर लगा कर बिजली बिल की वसूली में जितना रुचि दिखा रहे है उसी हिसाब से उपभोक्ताओं के सुविधा और असुविधा का ख्याल रखना चाहिए। इस बाबत उप खण्ड अधिकारी चन्द्रशेखर से जब जानकारी माँगी गयी तो उन्हों ने कहा कि पोल तार रावट्र्सगंज स्टोर से मंगवाया गया है जल्द आपूर्ति बहाल कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। लिलासी संवाददाता के अनुसार- म्योरपुर ब्लाक के सब स्टेशन अवरहवा और नधिरा को जाने वाली 33 केवी की लाइन के बीच रेणुकूट खटाल के पास जंगल में पोल के गिरे से बाधित विद्युत आपूर्ति 36 घंटे के बाद भी बहाल नहीं हो सकी थी। जिससे म्योरपुर और बभनी ब्लाक के सैकड़ों गंाव अंधेरे में है और बोर्ड परीक्षार्थी परेशान देखे गए हैं। ग्राम प्रधान दिनेश, प्रेमचन्द्र यादव, मनोज, बच्चालाल आदि ने इस ओर जिलाधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए जल्द से जल्द विद्युत आपूर्ति बहाल कराए जाने की मांग किया है। उधर, इस संबंध में अधिशासी अभियंता वितरण खण्ड पिपरी शुभेंदु शाह ने बताया कि मरम्मत कार्य चल रहा है।