Tel: 0542 - 2393981-87 | Mail: ajvaranasi@gmail.com


यह टीम अंधेरेमें तीर नहीं चलाती

सिडनी (एजेन्सियां)। भारतीय क्रिकेट टीम के कोच रवि शास्त्री ने आस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट शृंखला में जीत के बाद अपने चिर-परिचित अंदाज में आलोचकों पर निशाना साधते हुये कहा कि सैकड़ो मील दूर से आने वाली नाकारात्मक प्रतिक्रिया बंदूक की गोली के धुंए की तरह उड़ गयी। टेस्ट शृंखला में जीत के बाद शास्त्री ने दिग्गज सुनील गावस्कर सहित उन सभी आलोचकों पर निशाना साधा जिन्होंने टीम के चयन और अभ्यास कार्यक्रम पर सवाल उठाया था। आस्ट्रेलिया दौरे के ७१ साल के क्रिकेट इतिहास में पहली बार टेस्ट शृृंखला में जीत दर्ज करने के बाद शास्त्री ने कहा मैंने मेलबर्न में कहा था। मुझे लगता है कि मैंने टीम पर सवाल उठाने और अंधेरे में तीर चलाने वालों को जवाब दिया था। मैं मजाक नहीं कर रहा था क्योंकि मुझे पता है कि इस टीम ने कितनी कड़ी मेहनत की है। जब आप इतने दूर से गोली चलाते हैं तो वह दक्षिणी गोलार्ध को पार करते समय धुंए की तरह उड़ जाती है।  रविवार को चौथे दिन के खेल के बाद टेलीविजन चर्चा के दौरान मुरली कार्तिक ने कहा कि पर्थ में मिली हार टीम के लिए खतरे की घंटी की तरह थी। जिस पर गावस्कर ने कहा था खतरे की यह घंटी कैसे बजी? क्योंकि हजारों मील दूर से उसकी आलोचना की गयी जिसने टीम को जगाने का काम किया। शास्त्री ने आस्ट्रेलियाई धरती पर भारत की टेस्ट शृंखला में पहली जीत को १९८३ की विश्वकप में ऐतिहासिक जीत के बराबर बताया और कहा कि यह विश्वकप जीत से बड़ी नहीं तो उसकी बराबरी की है।  शास्त्री ने कहा मैं आपको बताऊंगा कि यह मेरे लिए कितनी संतोषजनक है। विश्वकप १९८३ क्रिकेट विश्व चैंपियनशिप १९८५  यह भी उनकी तरह बड़ी है या आप इसे उनसे भी बड़ी कह सकते हैं क्योंकि यह खेल के सबसे अहम फार्मेट (टेस्ट) में मिली है। यह टेस्ट क्रिकेट है जिसे सबसे कड़ा माना जाता है। फार्मेट की तुलना नहीं की जा सकती है लेकिन भारत ने १९८३ विश्वकप की जीत वेस्टइंडीज की उस टीम के खिलाफ दर्ज की थी जो अजेय थी और जिसमें विवियन रिचड्र्स और क्लाइव लायड जैसे बल्लेबाजों के अलावा एंडी राबट्र्स, मैलकम मार्शल, माइकल होल्डिंग और जोएल गार्नर जैसे गेंदबाज थे।
खुलकर विचार रखने वाले शास्त्री ने कहा कि वह वर्तमान में जीना पसंद करते हैं और उम्मीद के अनुरूप उन्होंने विराट कोहली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा जो बीत गया वह इतिहास है और भविष्य रहस्य। हम आज ७१ साल बात जीते हैं और मैं वर्तमान में जीना पसंद करता हूं। मैं अपने कप्तान का उस टीम का कप्तान होने पर सलाम करता हूं जिसने आस्ट्रेलिया को आस्ट्रेलियाई धरती पर पहली बार हराया। शास्त्री ने इसके बाद भी कोहली की तारीफ में जमकर कसीदे कसे। उन्होंने कहा मुझे नहीं लगता कि जितने जुनून के साथ वह टेस्ट क्रिकेट खेलते हैं कोई और खेलता होगा। जहां तक इस मैच को खेलने के लिए जुनून की बात आती है तो मुझे नहीं लगता कि कोई अन्य अंतरराष्ट्रीय कप्तान उसके करीब हैं। शास्त्री ने कहा कि आस्ट्रेलिया में शृंखला में जीत पिछले साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है। उन्होंने कहा यह दौरा आस्ट्रेलिया में ही शुरू नहीं हुआ। यह दौरान १२ महीने पहले दक्षिण अफ्रीका में शुरू हो गया था जहां हमने कहा था कि हम खास तरह की क्रिकेट खेलने जा रहे हैं। हमने संयोजन को लेकर प्रयोग किये और पाया कि टीम के लिए बेहतर क्या है और फिर उसे आगे बढ़ाया। कोच ने कहा हमने दक्षिण अफ्रीका में काफी कुछ सीखा और हमें इंगलैण्ड में भी काफी कुछ सीखने को मिला। हमने गलतियां कीं जो हमने इस शृंखला में नहीं की। हमने उन गलतियों से सबक लिया।