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यूथ ओलिंपिक, एशियाई खेल और ओलिंपिक की दावेदारी करेगा भारत

नयी दिल्ली (एजेन्सियां)। भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्राने कहा है कि भारत २०२६ युवा ओलिंपिक खेलों, २०३० एशियाई खेलों और २०३६ ओलिंपिककी मेजबानीके लिए दावेदारी पेश करेगा। बत्राने गुरुवार सुबह अन्तरराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटीके अध्यक्ष थामस बाक और एशियाई ओलिंपिक परिषद्के अध्यक्ष और प्रभावशाली राष्ट्रीय ओलिंपिक समितियों के संघ के प्रमुख शेख अहमद अल सबाह के साथ बैठककी और माना जा रहा है कि इस बैठकमें इन खेलोंकी मेजबानीपर भी चर्चा हुई। बत्राने संवाददाताओंसे  हमें मेजबानी मिले या नहीं हम इन खेलों के लिए दावेदारी पेश करेंगे।  आईओए अध्यक्ष बाक ने हालांकि भारत की दावेदारी पर किसी भी तरह का आश्वासन देने से इनकार कर दिया। बाक ने कहा मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि भारत में काफी क्षमता है और एक ना एक दिन भारत ओलिंपिक की मेजबानी करेगा लेकिन फिलहाल यूथ ओलिंपिक खेलों या ओलिंपिक खेलों की दावेदारी के लिए कोई प्रक्रिया खुली नहीं है इसलिए इस बारे में कुछ भी कहना सही नहीं होगा।

ओलिंपिक की मेजबानी के संदर्भ में उन्होंने कहा २००२८ ओलिंपिक तक के मेजबान तय हो चुके हैं और किसी भी देश को मेजबानी का अगला मौका २०३२ में ही मिल पायेगा जिसकी प्रक्रिया शुरू होने के अभी काफी समय है। उन्होंने कहा विंटर ओलिंपिक गेम्स २०२६ की मेजबानी की प्रक्रिया चल रही है लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसकी मेजबानी में भारत की कोई रुचि होगी। दुनिया भर के कुछ ही देशों में इन खेलों का आयोजन किया जा सकता है और इन खेलों के लिए सात शहर राष्ट्रीय ओलिंपिक समितियों ने दावेदारी पेश की है जो काफी अच्छा संकेत है।
पंघलकी निगाह अब एशियाई खेलोंपर

नयी दिल्ली(एजेन्सियां)। भारतीय मुक्केबाज अमित पंघल २१वें राष्ट्रमंडल खेल में रजत पदत से संतुष्ट नहीं हैं और अब उनकी निगाहें एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने पर लगी हैं। हरियाणा के रोहतक के इस मुक्केबाज का कहना है कि यह उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी और वह खुद की कमियों में सुधार करना चाहेंगे। २२ वर्षीय अमित ने कहा गोल्ड कोस्ट में राष्ट्रमंडल खेल अच्छे रहे। मैंने कड़ी मेहनत की और मुझे पदक मिला। निश्चित रूप से मैंने स्वर्ण की उम्मीद लगाई थी और मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं। मुझे अपनी मुक्कों की तेजी पर काम करना होगा। मेरा अगला लक्ष्य एशियाई खेल हैं। उन्होंने कहा एशियाई खेल काफी कठिन होंगे और यह मेरे लिए बड़ी चुनौती होगी। मैं इसी के हिसाब से तैयारी करूंगा। हमें अपने प्रतिद्वंद्वियों के विडियो देखने होंगे और अपनी कमजोरियों पर काम करना होगा। साथ ही आमंत्रण टूर भी होंगे। हम टाप योजना के अंतर्गत अमेरिका जा रहे हैं जहां हम २० दिन तक ट्रेनिंग करेंगे जिससे हमारी मदद होगी। उन्होंने २०१७ में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में पदार्पण में स्वर्ण पदक जीता था। उनका कहना है कि राष्ट्रमंडल खेल  में नौ पदकों के साथ लौटना भारतीय मुक्केबाजी दल के लिए बड़ी उपलब्धि है। अमित ने कहा, अगर आप ओवरऑल प्रदर्शन देखोगे तो यह पहली बार है जब हमने राष्ट्रमंडल खेल  में इतने सारे पदक जीते हैं।

सभी मुक्केबाज सेमीफाइनल में पहुंचे, यह बड़ी उपलब्धि है। हम अपने कोच के साथ ट्रेनिंग जारी रखेंगे और कड़ी मेहनत करेंगे तो हम निश्चित रूप से एशियाई खेलों और ओलिंपिक में भी पदक जीत सकते हैं।