Post Views: 857 श्रीराम शर्मा श्रद्धायुक्त नम्रताकी तरह अंतरात्मामें दिव्य प्रकाशकी ज्योति जलती रहे। उसमें प्रखरता और पवित्रता बनी रहे तो पर्याप्त है। पूजाके दीपक इसी प्रकार टिमटिमाते हैं। आवश्यक नहीं उनका प्रकाश बहुत दूरतक फैले। छोटेसे क्षेत्रमें पुनीत आलोक जीवित रखा जा सके तो वह पर्याप्त है। परमात्माके प्रति अत्यंत उदारतापूर्वक आत्मभावना पैदा होती […]
Post Views: 739 राजेश माहेश्वरी न्यायमूर्ति संवेदनशीलताके साथ बेहद सख्त भी प्रतीत हुए। अधिकारी बड़ा हो या छोटा, हम किसीको नहीं छोड़ेंगे। उन्हें लटका देंगे, जो आक्सीजनकी आपूर्तिमें रोड़ा बन रहे हैं। न्यायिक पीठने यह भी टिप्पणी की कि कोरोना वायरसकी मौजूदा स्थिति सिर्फ ‘दूसरी लहरÓ नहीं, बल्कि ‘सुनामीÓ है। कोर्टकी इस टिप्पणीसे मामलेकी गम्भीरताको […]
Post Views: 521 डा. गोपाल चौरसिया सूक्ष्मदर्शी यंत्रसे देखनेपर यह शरीर अति सुन्दर विविध प्रकारके कोशिकाओंके समूह जिसे हम उतक कहते हैं, से बना है। इसकी मूल इकाई कोशिका है। शरीर क्रियाका मूल आधार डीएनए एवं आरएनए। डीएनए नाइट्रोजिनस सब यूनिटका बड़ा कण है। यह न्यूक्लियसमें स्थित क्रोमोसोममें पाया जाता है। आरएनए कोशिकाके न्यूक्लियस और […]