बता दें, जिस तरह से पंजाब सरकार ने उनके छुट्टी से लौटने के एक दिन पहले ही पंजाब पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में चेयरमैन के रूप में आदेश जारी कर दिए हैं उससे साफ जाहिर है कि डीजीपी भावरा और पंजाब सरकार के बीच कुछ सहमति हुई है, क्योंकि नियमों के मुताबिक डीजीपी को दो साल से पहले नहीं हटाया जा सकता।
भावरा पर दबाव बढ़ाने के लिए गृह विभाग ने उन्हें नोटिस भी जारी किया था। उत्तर प्रदेश के बाद पंजाब में डीजीपी को उनके दो साल के कार्यकाल से पहले ही हटाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने वहां के डीजीपी मुकुल गोयल को हटाया था।
बता दें, दैनिक जागरण ने दो दिन पहले ही यह खबर ब्रेक कर दी थी कि वीरेश भावरा को डीजीपी की फिर से कमान न देकर उन्हें पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन में चेयरमैन के रूप में लगाया जाएगा और गौरव यादव अतिरिक्त तौर पर डीजीपी का कार्यभार संभालते रहेंगे।