पटना। बिहार में सत्ता परिवर्तन के बीच दल को धोखे में रखकर पार्टी का साथ छोड़ सत्तापक्ष में शामिल होने वाले राजद (RJD) के पांच विधायकों की मुश्किलें बढ़ेगी। राष्ट्रीय जनता दल ने इन विधायकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है।
बिहार में पिछले महीने नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के महागठबंधन से अलग होकर राजग (NDA) के साथ जाने के बाद से राष्ट्रीय जनता दल के पांच विधायक पार्टी छोड़ सत्तापक्ष में शामिल हो चुके हैं।
जिस दिन बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार का शक्ति परीक्षण था, उस दौरान सूर्यगढ़ा विधायक प्रह्लाद यादव, शिवहर विधायक चेतन आनंद और मोकामा विधायक नीलम देवी मतदान के पूर्व ही पाला बदलते हुए सत्ता पक्ष के साथ हो गई। 12 फरवरी से शुरू हुआ यह सिलसिला आगे भी जारी रहा।
राजद ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत दर्ज कराई
राजद के इन तीन विधायकों के बाद मोहनिया विधायक संगीता देवी और इसके बाद भभुआ विधायक भरत बिंद भी राजद से निकल कर सत्ता पक्ष में शामिल हो गए। पार्टी को धोखा देने वाले विधायकों के खिलाफ राजद ने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक इन विधायकों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
अब पार्टी इस मसले को लेकर गंभीर हो गई है। पार्टी ने संकेत दे दिए हैं कि यदि विधायकों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई और इनकी सदस्यता रद्द नहीं की गई तो पार्टी कोर्ट की शरण में जाएगी और दल विरोधी गतिविधि कानून के तहत कार्रवाई की मांग करेगी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा उनके पास विकल्प है और पार्टी इस मुद्दे को लेकर गंभीर है। दल छोड़ने वाले विधायकों की सदस्यता जाना तय है।