- उन्नाव, : गंगा नदी में बहते शवों का वीडियो और तस्वीरें ट्वीट करना रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह को भारी पड़ गया। उन्नाव पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह के खिलाफ महामारी एक्ट, आपदा प्रबंधन एक्ट व आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह द्वारा किया गया ट्वीट भ्रामक है। इतना ही नहीं, पुलिस ने उन पर ट्वीट के माध्यम से जन मानस को भड़काने के प्रयास का आरोप भी लगाया है।
रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह हाल ही में गंगा नदी में उतराते शवों का वीडियो और कुछ तस्वीरें ट्वीट की थी। उन्होंने उन्नाव जिले का एक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘उन्नाव में गंगा के किनारे दफनाई गयी लाशें हिन्दुओं की हैं जिनका अंतिम संस्कार ग़रीबी के कारण वैदिक रीति रिवाज़ से नहीं हो सका। मौत के असली आंकड़े भी इन हिन्दू कब्रों में ही दफ़न हो गए। योगी सरकार की नाकामी के शिकार इन निर्दोषों की मौत में सकारात्मकता कहां से खोजें, मोदी जी?’ जिसके बाद एसपी सिंह का ट्वीट सोशल मीडिया पर जमकर वायरल गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए ट्वीट के आधार पर उन्नाव सदर कोतवाली पुलिस ने रिटायर्ड आईएएस अधिकारी पर महामारी एक्ट, आपदा प्रबंधन एक्ट व आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के मुताबिक, रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने एक ट्वीट में लिखा था, ’67 शवों को योगी सरकार ने गंगा के तट पर जेसीबी से गड्ढा खोदकर दफन किया है। शवों का अंतिम संस्कार हिन्दू रीति रिवाज से न करना हिंदुओ के लिए कलंक जैसा है। यूपी का यह योगी मॉडल जीवित को इलाज नहीं, मृतक का अंतिम संस्कार नहीं।’





