नई दिल्ली, : गृह मंत्री अमित शाह का हिंदी को लेकर दिया गया सुझाव विपक्षी नेताओं को पसंद नहीं आया। विपक्षी नेताओं ने शुक्रवार को शाह के बयान की तीखी आलोचना की और इसे भारत के बहुलवाद पर हमला बताया। कहा कि वे हिंदी साम्राज्यवाद को लागू करने के कदम को विफल कर देंगे।
कांग्रेस ने हिंदी थोपने का आरोप लगाया
मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने शाह पर हिंदी थोपने का प्रयास करने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया कि हिंदी राजभाषा है, न कि राष्ट्रभाषा, जैसा कि राजनाथ सिंह ने संसद में गृह मंत्री रहते हुए कहा था। हिंदी साम्राज्यवाद भारत के लिए मौत की घंटी होगी। कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पत्रकारों से कहा कि गृह मंत्री ने हिंदी के बारे में उपदेश देने की कोशिश की है, जो उन्हें नहीं करना चाहिए। मैं हिंदी का बहुत बड़ा समर्थक हूं, लेकिन थोपने का नहीं।
हिंदी पर जोर बहुलवाद के खिलाफ: स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा कि हिंदी पर शाह का जोर भारत की अखंडता और बहुलवाद के खिलाफ है। यह देश की अखंडता को बर्बाद कर देगा। उन्होंने ट्वीट किया, क्या अमित शाह सोचते हैं कि हिंदी राज्य पर्याप्त है और भारतीय राज्यों की आवश्यकता नहीं है? आप बार-बार वही गलती कर रहे हैं। हालांकि, आप सफल नहीं होंगे।