Latest News राष्ट्रीय सम्पादकीय साप्ताहिक

अर्थ आवर 2022: अपनी अगली पीढ़ी के लिए पानी बचाएं, इन प्रयासों से बढ़ी उम्मीद

दीपांकर बसु। धरती पर जीवन के लिए सबसे महत्वपूर्ण तत्व जल है। हमारे शरीर का 70 फीसदी हिस्सा भी पानी। हमें ये भी नहीं भूलना चाहिए कि पृथ्वी पर मौजूद जल में से केवल 3% ही मीठा पानी है जो पीने लायक है। बाकी महासागरों का खारा पानी है। यही कारण है कि मानव जाति के […]

Latest News नयी दिल्ली राष्ट्रीय सम्पादकीय

UP Election Results: समाजवादी पार्टी ने EVM पर उठाए सवाल, क्‍या हैक हो सकती है वोटिंग मशीन,- एक्‍सपर्ट व्‍यू

नई दिल्‍ली, । EVM Machine News: पांच राज्‍यों में विधानसभा चुनाव के नतीजों के पहले समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने ईवीएम पर सवाल उठाए हैं। इसके पूर्व भी राजनीतिक दलों ने ईवीएम पर कई बार सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग ने हर मंच पर इसका जवाब दिया है। सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी इसकी विश्‍वसनीयता […]

Latest News नयी दिल्ली सम्पादकीय साप्ताहिक

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: आंचल में हैं दूध आंखों में हैं पानी

आंचल में हैं दूध आंखों में हैं पानी , आया समय उठो तुम नारी । कमजोर न खुद को समझो , जननी हो तुम सम्पूर्ण जगत की, गौरव हो तुम अपनी संस्कृति की। तुम जो शक्ति , तुम हो बलवान, करदो नाश जो भी है हैवान। नारी और पुरष सब है समान , आखिर है […]

Latest News राष्ट्रीय सम्पादकीय साप्ताहिक

राष्ट्रीय युवा दिवस: मानवता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं स्वामी विवेकानंद के विचार

आज देश राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहा है। इस अवसर पर सिर्फ स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर देने से बात नहीं बनेगी, बल्कि हमें उनके दर्शन को भी समझना और आत्मसात करना होगा। स्वामी विवेकानंद ने मानव जीवन की विभिन्न समस्याओं पर गहन चिंतन किया था। उनके चिंतन के क्षेत्र धर्म, दर्शन, सामाजिक […]

Latest News राष्ट्रीय सम्पादकीय

जिन्दगी बदल सकती है सहकारिता

बीती जुलाईमें नरेंद्र मोदी सरकारने कैबिनेट विस्तारके दौरान एक सहकारिता मंत्रालयका गठन किया। इसका प्रभार स्वराष्टï्रमंत्री अमित शाहको दिया गया है। तभीसे ये मंत्रालय और क्षेत्र चर्चाका विषय है। देशमें सहकारिता आन्दोलनकी शुरुआत १९०४ में हुई थी, लेकिन ज्यादातर इसे भ्रष्टïाचारका दीमक चाट गया है। सहकारिताका स्वतंत्र भारतमें अपना इतिहास रहा है। हमारे देशमें आज […]

Latest News सम्पादकीय

राष्ट्रके स्वाभिमानका समय

भारतका चुनावी परिदृश्य विगत छह दशकोंसे गठबंधनके प्रयोगोंसे भरा पड़ा है। ये प्रयोग अंतत: पर्सनालिटीके विरुद्ध हमेशासे अपने-अपने दावोंको मजबूत करनेपर आधारित रहे हैं। कभी नेहरू, कभी इंदिरा, कभी सोनिया गांधीके खिलाफ इन्हें बनाया गया है। किन्तु इनकी ऐतिहासिक असफलताएं बताती हैं कि कार्यक्रमके मुकाबले व्यक्तित्वसे टकरावकी राजनीतिकी सफलता संदेहास्पद रहती है। कांग्रेसकी संयुक्त प्रगतिशील […]

Latest News सम्पादकीय

कृषिको बनाना होगा लाभकारी

कृषि संबंधी तीन कानून, जिसपर इतना विवाद उत्पन्न हुआ था, वे कानून कभी लागू नहीं हुए थे। उन्हें सुप्रीम कोर्टने लम्बित रखा था। उन क़ानूनोंको लेकर शुरूसे ही दो मत थे। कृषि अर्थशास्त्री तो इन कानूनोंको किसानोंके लिए हितकारी ही बता रहे थे। पंजाबके जाने-माने कृषि अर्थशास्त्री तो इस संबंधी अपनी राय मीडियाके माध्यमसे जाहिर […]

सम्पादकीय

चीन-पाकिस्तानकी बेचैनी

प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदीकी सफल अमेरिका यात्रा और भारतके साथ सम्बन्धोंमें आयी प्रगाढ़तासे पड़ोसी देश चीन और पाकिस्तानकी बेचैनी काफी बढ़ गयी है। भारत और अमेरिकाके बीच मैत्री सम्बन्धोंका मजबूत इतिहास है, जिसमें और मजबूतीकी सम्भावनाएं बढ़ गयी हैं। अमेरिकाकी उपराष्टï्रपति कमला हैरिससे प्रधान मंत्री मोदीके बीच बातचीत काफी सकारात्मक रही और दोनों नेताओंने रणनीतिक […]

सम्पादकीय

मोदी और हैरिसकी मुलाकातके मायने

अवधेश कुमार   भारत-अमेरिकाके बीचकी मुलाकातको जिस प्रकारका माहौल बनाया गया था, वैसा कुछ नहीं हुआ। जिस गर्मजोशीसे कमला हैरिस प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदीसे मिली और दोनोंके संयुक्त संवाददाता सम्मेलनमें जिस ढंगकी प्रतिक्रियाएं और हाव-भाव व्यक्त किये गये उनसे साफ था कि बातचीत बिल्कुल सहज सामान्य और मित्रवत् माहौलमें ही संपन्न हुआ। यह प्रश्न अवश्य उठाया […]

सम्पादकीय

भावी पीढ़ी होगी प्रोत्साहित

डा. नीलम महेंद्र       वर्ष २०२१ में भारतको स्वराज प्राप्त हुए ७४ वर्ष पूर्ण हुए और हम स्वतंत्रताके ७५वें वर्षमें प्रवेश कर रहे हैं। इस अवसरपर देश स्वाधीनताका अमृत महोत्सव मना रहा है। ऐसे समयमें प्रधान मंत्री उत्तर प्रदेशके अलीगढ़में राजा महेंद्र प्रताप सिंह राजकीय विश्वविद्यालयकी आधारशिला रखते हैं। भारत जैसे देश जो वोटबैंककी राजनीतिसे चलता […]