लंदन, । ब्रिटेन में ऋषि सुनक को प्रधानमंत्री का पद संभाले हुए एक महीना भी नहीं हुआ है, लेकिन सरकार में बिना विभाग के मंत्री रहे सर गेविन विलियमसन ने पद से इस्तीफा दे दिया है। विलियमसन पर अपनी पार्टी के सहयोगियों और सरकारी अधिकारियों को धमकाने का आरोप है। आरोपों के बाद विपक्ष ने विरोध करते हुए इस्तीफे का दबाव बनाया था। विलियमसन सुनक के करीबी मंत्रियों में से एक हैं। विलियमसन ने ट्वीटर पर अपना इस्तीफा पोस्ट किया। हालांकि उन्होंने आरोपों का खंडन किया है।
प्रधानमंत्री सुनक ने गैविन के इस्तीफे को किया मंजूर
सुनक ने विलियमसन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। सुनक ने विलियमसन को सहयोग के लिए धन्यवाद कहा है। विलियमसन पर आरोप लगने के बाद विपक्ष ऋषि सुनक पर हमलावर है। सुनक की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस सप्ताहांत ‘द संडे टाइम्स’ की रिपोर्ट में गया गया था कि कंजरवेटिव पार्टी के तत्कालीन चेयरमैन जेक बेरी ने सुनक कैबिनेट में विलियमसन की नियुक्ति से पहले 24 अक्टूबर को प्रधानमंत्री सुनक से विलियमसन के खिलाफ शिकायत की थी।
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लेबर पार्टी की उप नेता ने कहा-
लेबर की उप नेता एंजेला रेनर ने कहा, ऋषि सुनक ने गेविन विलियमसन को उनके आचरण के बारे में गंभीर आरोपों की पूरी जानकारी होने के बाद भी नियुक्त किया और बार-बार उन पर विश्वास व्यक्त किया। यह सुनक के कमजोर नेतृत्व का उदाहरण है।
सुनक को प्रधानमंत्री बनवाने में रही है महत्वपूर्ण भूमिका माना जाता है कि पिछले महीने लिज ट्रस के प्रधानमंत्री के रूप में इस्तीफा देने के बाद सुनक को प्रधानमंत्री बनवाने में पर्दे के पीछे विलियमसन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विलियमसन ने बोरिस जानसन को इस बात के लिए मनाया कि वह सुनक के खिलाफ प्रधानमंत्री पद का चुनाव न लड़ें।
पहले भी दो बार किया जा चुका है बर्खास्त
विलियमसन को इससे पहले दो बार बर्खास्त किया जा चुका है। वर्ष 2019 में उन्हें तत्कालीन प्रधान मंत्री टेरीजा मे ने संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप लगने पर उन्हें रक्षामंत्री के पद से बर्खास्त कर दिया था। उस वर्ष बोरिस जानसन सरकार में उन्हें शिक्षा मंत्री बनाया गया था, लेकिन 2021 में उन्हें कोरोना महामारी के दौरान अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाने के कारण पद से हटा दिया गया था।





