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भारतीय चिन्तनकी समझ जरूरी
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 976 प्रणय कुमार कांग्रेसका दुर्भाग्य है कि इस समय वह स्वआंकलन नहीं कर रही है बल्कि अनर्गल वक्तव्य देकर देशवासियोंको भटकाने एवं भ्रमित करनेकी कुचेष्टामें है। अच्छा तो यह होता कि संघको लेकर पूर्वाग्रह रखनेवाले सभी दलों एवं नेताओंको उदार मनसे आकलित करना चाहिए था कि क्या कारण हैं कि तीन-तीन प्रतिबंधों और […]
जीवनकी विशेषता
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 823 श्रीराम शर्मा श्रद्धायुक्त नम्रताकी तरह अंतरात्मामें दिव्य प्रकाशकी ज्योति जलती रहे। उसमें प्रखरता और पवित्रता बनी रहे तो पर्याप्त है। पूजाके दीपक इसी प्रकार टिमटिमाते हैं। आवश्यक नहीं उनका प्रकाश बहुत दूरतक फैले। छोटेसे क्षेत्रमें पुनीत आलोक जीवित रखा जा सके तो वह पर्याप्त है। परमात्माके प्रति अत्यंत उदारतापूर्वक आत्मभावना पैदा होती […]
डा. भरत झुनझुनवाला
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 907 अर्थव्यवस्थाको क्षति पहुंचायेगा ऋण यदि उद्यमी ऋण लेकर उद्योग स्थापित करता है, अधिक लाभ कमाता है और उस अतिरिक्त लाभसे ऋणका भुगतान करता है। ऐसेमें ऋणका सदुपयोग उत्पादक कार्योंके लिए होता है। लेकिन यदि ऋणका उपयोग घाटेकी भरपाईके लिए किया जाय तो उसका प्रभाव बिलकुल अलग होता है। खपतके लिए उपयोग किये […]


