पटना

पटना: 72 हजार स्कूलों के लिए बनेगी विद्यालय विकास योजना


      • अगले माह से चलेगा नामांकन अभियान
      • बेहतर करने वाले डीईओ, बीईओ, हेडमास्टर का होगा सम्मान
      • कोरोनाकाल में बच्चों की पढ़ाई की क्षति की होगी भरपाई

(आज शिक्षा प्रतिनिधि)

पटना। राज्य के 72 हजार प्रारंभिक विद्यालयों में शतप्रतिशत बच्चों को नामांकन अभियान के जरिये लाने की तैयारी है। तैयारी इस बात की भी है कि कोरोनाकाल में बच्चों को हुई पढ़ाई की क्षति की भरपाई कैसे की जाय। इसके लिए विद्यालय विकास योजना बनेगी। योजना का कार्यान्वयन प्रभावी तरीके से होगा। विद्यालय खुलने पर नामांकन अभियान अगले माह से शुरू होगा। यह राज्य स्तर पर चलेगा। नामांकन अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिला शिक्षा पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, प्रधानाध्यापकों एवं संकुल समन्वयकों को शिक्षा विभाग सम्मानित करेगा।

इस बाबत प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. रणजीत कुमार सिंह द्वारा शुक्रवार को यूट्यूब सेशन के जरिये जिला शिक्षा पदाधिकारियों, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों, संकुल समन्वयकों, प्रधानाध्यापकों एवं टोला सेवकों को निर्देश दिये गये। इस सेशन को तकरीबन 32 हजार लोगों ने यूट्यूब के माध्यम से लाइव देखा।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक डॉ. सिंह ने विद्यालय पुन: खुलने के पूर्व उसकी सेफ्टी, साफ-सफाई की सुविधा, डिजिटल थर्मामीटर, सेनेटैजर, साबुन आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। नामांकन अभियान के लिए होने वाली तैयारियों एवं रणनीति पर विस्तार से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि बुनियादी साक्षरता क्यों जरूरी है।

उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रा फॉर चेंज संस्था के साथ पार्टनरशिप किया गया है। इस संबंध में प्रतिमाह यूट्यूब सत्र के माध्यम से शिक्षा विभाग द्वारा विभिन्न प्रयासों की व्यवस्था एवं कार्यान्वयन की योजना एवं समीक्षा पर चर्चा, प्रतिष्ठित शिक्षाविदों से सीखने या अपने अनुभवों को साझा करने के अवसर का आयोजन किया जायेगा। नामांकन से संबंधित लर्निंग मॉड्यूल दीक्षा एप्प पर जल्द ही उपलब्ध कराये जायेंगे।

सेशन में विद्यालय पुन: खुलने पर विद्यालय की सुरक्षा एवं नेतृत्व की भूमिका, बुनियादी साक्षरता एवं जनसंख्या ज्ञान की भूमिका तथा शिक्षा विभाग द्वारा की जा रही विभिन्न प्रयासों की व्यवस्था पर चर्चा हुई।