पटना

शरणागति में ही सच्चा आनंद – आत्मा और परमात्मा के मिलन का दिव्य संदेश :स्वामी रामप्रपन्नाचार्य


शरणागति में ही सच्चा आनंद – आत्मा और परमात्मा के मिलन का दिव्य संदेश
बिक्रम : प्रखण्ड स्थित हरपुरा में आयोजित श्रीमद भागवत कथा के चौथे दिन पूज्य स्वामी रामप्रपन्नाचार्य जी महाराज के श्रीमुख से श्रद्धालुओं को अमूल्य आध्यात्मिक संदेश प्राप्त हुआ।
अपने प्रवचन में उन्होंने बताया कि सच्चा आनंद वही है जो कभी समाप्त नहीं होता, और यह केवल भगवान की शरणागति से ही संभव है। सांसारिक सुख क्षणिक होते हैं, जो कुछ ही समय में समाप्त हो जाते हैं और मनुष्य को स्थायी शांति प्रदान नहीं कर पाते। स्वामी जी ने कहा कि जब तक मनुष्य बाहरी वस्तुओं में सुख खोजता रहता है, तब तक उसका मन अशांत और बेचैन बना रहता है। वास्तविक आनंद आत्मा और परमात्मा के मिलन में निहित है। जब व्यक्ति अपने अहंकार, मोह और माया को त्यागकर पूर्ण रूप से ईश्वर की शरण में समर्पित हो जाता है, तभी उसे अनंत सुख और शांति की प्राप्ति होती है।

कथा में पूर्व विधायक अनिल कुमार सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही, जिन्होंने श्रद्धा भाव से कथा का रसपान किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे, जिससे पूरे परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण व्याप्त रहा।
साथ ही प्रतिदिन यज्ञ एवं हवन का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से क्षेत्र में शांति, सुख और समृद्धि की कामना की जा रही है। कथा पंडाल में श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्राथमिक उपचार, पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है, जिससे सभी श्रद्धालु सहजता और श्रद्धा के साथ कथा का लाभ ले सकें। कथा समापन उपरांत श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था की गई, जिसमें बूंदी, पूरी एवं सब्जी का वितरण किया गया। सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य अनुभव किया।