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UP के मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल ढाई लाख के इनामी को हवा में खोज रही पुलिस


गोरखपुर, । प्रदेश के मोस्ट वांटेड सूची में अपराधी बदन सिंह बद्दो, बमबाज गुड्डू मुस्लिम के साथ शामिल झंगहा थाना क्षेत्र का ढाई लाख का इनामी राघवेन्द्र यादव आठ वर्ष से फरार है। वह एक ही घर के चार लोगों की हत्या कर चुका है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस के साथ एसटीएफ को लगाया जा चुका है, लेकिन उसकी लोकेशन नहीं मिलने से हवा में खोजबीन की जा रही है। जिले के सबसे बड़े इनामी को पकड़ने के लिए पुलिस के पास मात्र उसकी एक धुंधली सी फोटो है। यद्यपि, पुलिस मुख्य आरोपित को छोड़ उसके घर वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

यह है पूरा मामला

छह जनवरी, 2016 को झंगहा क्षेत्र में राघवेन्द्र ने पुरानी रंजिश में सेवानिवृत्त दारोगा के भाई बलवंत यादव और उसके बेटे की हत्या कर दी थी। इसके बाद वह फरार हो गया। पुलिस उसकी खोजबीन कर ही रही थी कि दो वर्ष बाद एक बार फिर वह आया और 10 अप्रैल, 2018 को सेवानिवृत्त दारोगा और उनके बेटे की भी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसके ऊपर इनाम रखा और बढ़ाते-बढ़ाते ढाई लाख कर दिया। झंगहा पुलिस के साथ एसटीएफ को भी उसे पकड़ने के लिए लगा दिया गया। बावजूद अभी तक पुलिस टीम उसकी लोकशन तलाशने में नाकाम है। बताया जा रहा है कि वह उसी घर के एक और व्यक्ति की हत्या के फिराक में है।

नेपाल में देखा गया है हत्यारोपित

पुलिस सूत्रों की माने तो एक ही घर के चार लोगों की हत्या करने वाले राघवेन्द्र ने नेपाल में शरण ले रखी है। फोटो के आधार पर कुछ लोगों ने पुलिस को ऐसा बताया है। यह भी बताया जा रहा है कि वह मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं कर रहा है। इससे भी उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। झंगहा थाना प्रभारी का कहना है कि राघवेन्द्र के घर के लोगों को थाने बुलाकर पूछताछ की गई, उन्हें उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है।

50 हजार का इनामी माफिया विनोद भी चल रहा फरार

प्रदेश के 61 माफिया की सूची और जिले के टाप 10 में शामिल माफिया विनोद उपाध्याय का भी अब तक पता नहीं चल सका। पुलिस ने माफिया की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रूपये का इनाम रखा है। वहीं इसके भाई संजय उपाध्याय की गिरफ्तारी के लिए 25 हजार रूपये का इनाम है। इनाम घोषित हुए करीब एक माह से अधिक का समय बीत चुका है बावजूद माफिया के ठिकाने का पता पुलिस नहीं लगा पाई।

क्या कहते हैं अधिकारी

पुलिस अधीक्षक उत्तरी मनोज कुमार अवस्थी ने बताया कि राघवेन्द्र की तलाश पुलिस के साथ एसटीएफ की टीम भी कर रही है। नेपाल में होने की बात सामने आई है। मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने से उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही है।