पटना

ऑनलाइन डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम लागू करने वाला बीएसईबी देश का पहला बोर्ड


पटना (आशिप्र)। बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन अब ऑनलाइन होगा। यह डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से होगा। यह व्यवस्था लागू करने वाला बिहार बोर्ड देश का पहला बोर्ड बन गया है।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने शनिवार को  डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम (डीवीएस) एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विभिन्न सरकारी, गैरसरकारी, निजी राज्य अथवा राज्य से बाहर या विदेशी संस्थानों द्वारा बिहार बोर्ड से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के सर्टिफिकेट एवं मार्कशीट का सत्यापन ऑनलाइन माध्यम से कराया जा सकेगा। अब उन्हें डाक द्वारा पत्र एवं ड्राफ्ट भेज कर सत्यापन नहीं कराना पड़ेगा। सत्यापन की यह व्यवस्था नये साल के पहले दिन से होगी।

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनन्द किशोर ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस व्यवस्था के लागू होने के पश्चात समिति से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के इंटरमीडिएट, मैट्रिक, शिक्षक पात्रता परीक्षा, डीईएलएड, सक्षमता परीक्षा इत्यादि से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन एवं ऑनलाइन शुल्क का भुगतान वेबसाइट (https://verification.biharboardonline.com/) के माध्यम से किया जायेगा। इसके लिए प्रत्येक संस्थान को पहले डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम पर अपना रजिस्ट्रेशन करना होगा। संस्थान का पूरा पता दर्ज करने पर एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर स्वत: यह निर्धारित करेगा कि उनकी फाइल बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में किस अधिकारी अथवा विभाग को भेजी जानी है। संस्थान की श्रेणी यथा सरकारी, गैरसरकारी, निजी, राज्य अथवा राज्य के बाहर या विदेशी संस्थान के आधार पर सत्यापन शुल्क डॉक्युमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम में स्वचालित रूप से अंकित रहेगा। सत्यापन शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जायेगा।

श्री आनन्द किशोर ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने के उपरांत मैन्युअल पत्राचार, ड्राफ्ट निर्माण तथा शुल्क संबंधी त्रुटियों के कारण होने वाली देरी समाप्त होगी। स्वचालित शुल्क निर्धारण से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी। संस्थानों को सत्यापन की स्थिति जानने हेतु कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इसके अतिरिक्त इस नयी व्यवस्था के लागू हो जाने से दस्तावेज के सत्यापन की व्यवस्था और अधिक तेज, सुविधाजनक एवं प्रभावी हो जायेगी।

आपको बता दूं कि समिति द्वारा वर्तमान में हजारों उत्तीर्ण विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ऑफलाइन माध्यम से किया जा रहा है। इसके तहत सत्यापन हेतु आवेदन डाक द्वारा प्राप्त होता है और ड्राफ्ट के रूप में सत्यापन शुल्क प्राप्त किया जाता है। यह एक लंबी एवं जटिल प्रक्रिया है। कभी-कभी ससमय डाक द्वारा वेरिफिकेशन डॉक्युमेंट समिति को प्राप्त नहीं होने की स्थिति में बैंक ड्राफ्ट का समय भी लेप्स कर जाता है। इससे सत्यापन कार्य लंबित रह जाता है।

इसके मद्देनजर सत्यापन की ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, सरल एवं सुविधाजनक हो जायेगी, क्योंकि सत्यापन का आवेदन न सिर्फ ऑनलाइन रूप से जमा हो जायेगा, अपितु शुल्क भी ऑनलाइन रूप से ही समिति के खाते में जमा हो जायेगा। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति में लागू किये गये सुधारों एवं नवाचारों के फलस्वरूप समिति इंटरमीडिएट एवं मैट्रिक वार्षिक परीक्षाओं का परीक्षाफल विद्यार्थी हित में देश में सबसे पहले जारी कर रही है। इसी क्रम में अध्यक्ष आनन्द किशोर द्वारा समिति को पेपरलेस बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं और समिति द्वारा लागू की गयी ऑनलाइन व्यवस्था इसी कड़ी में एक महत्वपूर्ण कदम है।