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अनुसंधान-विकासपर निवेश बढ़ाये उद्योग जगत-मोदी

नयी दिल्ली(आससे)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि आज देश में भौतिक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से कहा है कि देश में अनुसंधान और विकास पर निवेश बढ़ाए जाने की जरूरत है। साथ ही प्रधानमंत्री ने उद्योग और व्यवसाय जगत का आह्वान किया कि वह आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत के लिये अपनी पूरी शक्ति लगायें। प्रधानमंत्री ने आज यहां उद्योग मंडल एसोचैम के फाउंडेशन वीक कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। अपने संबोधन से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से टाटा संस के चेयरमैन रतन टाटा को एसोचौम एंटरप्राइज ऑफ दी सेंचुरी अवॉर्ड प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हमारे यहां कहा जाता है कि कर्म करते हुए 100 वर्ष तक जीने की इच्छा रखो। यह बात एसोचौम के लिए फिट बैठती है। उन्होंने कहा कि बीते 100 सालों से एसोचौम देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में जुटा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी की शुरुआत में अटल जी ने भारत को हाई-वे से जोडऩे का लक्ष्य रखा था। आज देश में भौतिक और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि निवेश का एक और पक्ष है, जिसकी चर्चा आवश्यक है। ये है रिसर्च एंड डेवलपमेंट ( आर एंड डी) पर होने वाला निवेश। भारत में आर एंड डी पर निवेश बढ़ाए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज करोड़ों युवाओं को अवसर देने वाले उद्यमों और वैल्थ क्रिएटर्स के साथ है। उन्होंने कहा कि नया भारत, अपने सामथ्र्य पर भरोसा करते हुए, अपने संसाधनों पर भरोसा करते हुए आत्मनिर्भर भारत को आगे बढ़ा रहा है और इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मैन्युफैक्चरिंग पर हमारा विशेष फोकस है। मैन्युफेक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए हम निरंतर सुधार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले 27 साल भारत के वैश्विक योगदान को ही तय नहीं करेंगे, बल्कि ये हम भारतीयों के सपने और निष्ठा, दोनों को टेस्ट करेंगे। ये समय भारतीय इंडस्ट्री के रूप में आपकी क्षमता, प्रतिबद्धता और साहस को दुनिया भर को दिखा देने का है। हमारा चौलेंज सिर्फ आत्मनिर्भरता ही नहीं है। बल्कि हम इस लक्ष्य को कितनी जल्दी हासिल करते हैं, ये भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि एक जमाने में हमारे यहां जो परिस्थितियां थीं, उसके बाद कहा जाने लगा था-भारत क्यों। अब जो सुधार देश में हुए हैं, उनका जो प्रभाव दिखा है, उसके बाद कहा जा रहा है- भारत क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि अब आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत के लिए आपको पूरी ताकत लगा देनी है। इस समय दुनिया चौथी औद्योगिक क्रांति की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है। नई टेक्नॉलॉजी के रूप में चुनौतियां भी आएंगी और अनेक समाधान भी। इसलिए आज वो समय है, जब हमें प्लान भी करना है और एक्ट भी करना है। हमें हर साल के, हर लक्ष्य को राष्ट्र निर्माण के एक बड़े लक्ष्य के साथ जोडऩा है। बता दें कि एसोचैम की स्थापना देश के सभी क्षेत्रों के प्रवर्तक चौंबरों ने साल 1920 में की थी। इसके अंतर्गत 400 से अधिक चौंबर और व्यापार संघ आते हैं। देश भर में इसके सदस्यों की संख्या 4.5 लाख से ज्यादा है। एसोचैम का फाउंडेशन वीक 2020, 15 दिसंबर से आयोजित हुआ था। आज इसका आखिरी दिन है। सप्ताह भर के इस कार्यक्रम में कई अलग-अलग विषयों को शामिल किया गया था, जिसमें देश के कई मंत्रियों, अधिकारियों और इंडस्ट्री लीडर्स ने अपनी बात रखी।