वाराणसी

नगर निगम : बजटमें पांच करोड़ोंकी कटौती, जलकलमें दस लाखकी बढ़ोतरी

दो दिवसीय चर्चा के बाद पुनरीक्षित बजट पास
बैठक में शहर के समस्याओं पर भी हुई चर्चाए अधिकारियों पर हुई सख्त महापौर

मिनी सदन नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में बुधवार को पुनरीक्षित बजट २०२०-२१ दूसरे दिन नगर निगम एवं जलकल के आय व्यय पर मदवार चर्चा के बाद बजट में पांच करोड़ों की कटौती तो जलकल में दस लाख की बढ़ोतरी के बाद पास हुआ। सभापति श्रीमती मृदुलाजायसवाल की अध्यक्षता में उपसभापति नरसिंह दास सहित १२ कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में नगर निगम एवं जलकल विभाग के पुनरीक्षित बजट वर्ष २०२०-२१ के मदवार चर्चा हुई। नगर निगम के कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा आम शहरी की मूलभूत सुविधा को गति देने सहित कर्मचारियों के हित पर विशेष बल दिया। इस दौरान नगर निगम के राजस्व आय में वृद्धि के लिए नर्सिंग होम अस्पताल लाइसेंस शुल्क में २० लाख की जगह ५० लाख रुपए वसूलने का लक्ष्य रखा गया वही कांजी हाउस से दस लाख के सापेक्ष १२ लाख नवीनीकरण ठेकेदार आदि शुल्क पांच लाख के सापेक्ष बढ़ाकर १० लाख रखने का प्रावधान किया गया है। तो व्यय के मद में कार्यालय अनुरक्षण सुरक्षा में ८० लाख की जगह ४० लाख की कटौती की गई है तो आउटसोर्सिंग मजदूर एवं अन्य खर्च पर २७ सौ लाख की जगह तीन सौ लाख किया गया है तो डीजल एवं पेट्रोल पर ८५० लाख के जगह ८०० लाख कुण्ड तालाबों के रखरखाव पर १० लाख के जगह ३० लाख अस्पताल का रखरखाव एक लाख के जगह तीन लाख किया गया। वाहनों की मरम्मत के मद में १५० लाख की जगह १०० लाख अन्य अनुरक्षण व्यय में दो सौ लाख की जगह सौ लाख और जलकल विभाग ऋण अग्रिम आदि के व्यय के मद में डेढ़ सौ लाख की जगह तीन सौ लाख और कार्यालय उपकरण कंप्यूटर लैपटॉप क्रय के मद में पांच की जगह दस लाख एवं कार्यालय उपकरण नेटवर्क उपकरण सीसी कैमरा उपकरण संबंधित के क्रय के मद में तीस लाख की जगह १५ लाख का प्रस्ताव रखा गया। इससे पूर्व बजट की बैठक में अधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के बीच शहर की सीवर सड़क पेयजल की समस्या को लेकर तीखी प्रतिक्रिया रही जिस पर महापौर ने अधिकारियों को समस्या निस्तारण के लिए सख्त निर्देश दिए। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य सीताराम केसरी शिव प्रकाश मौर्या सुशील गुप्ता विजयश्री डॉक्टर रविंद्र सिंह बबलू शाह सहित नगर आयुक्त गौरांग राठी अपर नगर आयुक्त देवीदयाल बर्मा मुख्य लेखा अधिकारी मनोज कुमार जलकल महाप्रबंधक राघवेंद्र सचिव सिद्धार्थ कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
दो दिवसीय चर्चा के बाद पुनरीक्षित बजट पास, बैठक में शहर के समस्याओं पर भी हुई चर्चा, अधिकारियोंपर सख्त हुईं महापौर
मिनी सदन नगर निगम कार्यकारिणी कक्ष में बुधवार को पुनरीक्षित बजट २०२०-२१ दूसरे दिन नगर निगम एवं जलकल के आय व्यय पर मदवार चर्चा के बाद बजट में पांच करोड़ों की कटौती तो जलकल में दस लाख की बढ़ोतरी के बाद पास हुआ। सभापति श्रीमती मृदुलाजायसवाल की अध्यक्षता में उपसभापति नरसिंह दास सहित १२ कार्यकारिणी सदस्यों की उपस्थिति में नगर निगम एवं जलकल विभाग के पुनरीक्षित बजट वर्ष २०२०-२१ के मदवार चर्चा हुई। नगर निगम के कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा आम शहरी की मूलभूत सुविधा को गति देने सहित कर्मचारियों के हित पर विशेष बल दिया। इस दौरान नगर निगम के राजस्व आय में वृद्धि के लिए नर्सिंग होम अस्पताल लाइसेंस शुल्क में २० लाख की जगह ५० लाख रुपए वसूलने का लक्ष्य रखा गया वही कांजी हाउस से दस लाख के सापेक्ष १२ लाख नवीनीकरण ठेकेदार आदि शुल्क पांच लाख के सापेक्ष बढ़ाकर १० लाख रखने का प्रावधान किया गया है। तो व्यय के मद में कार्यालय अनुरक्षण सुरक्षा में ८० लाख की जगह ४० लाख की कटौती की गई है तो आउटसोर्सिंग मजदूर एवं अन्य खर्च पर २७ सौ लाख की जगह तीन सौ लाख किया गया है तो डीजल एवं पेट्रोल पर ८५० लाख के जगह ८०० लाख कुण्ड तालाबों के रखरखाव पर १० लाख के जगह ३० लाख अस्पताल का रखरखाव एक लाख के जगह तीन लाख किया गया। वाहनों की मरम्मत के मद में १५० लाख की जगह १०० लाख अन्य अनुरक्षण व्यय में दो सौ लाख की जगह सौ लाख और जलकल विभाग ऋण अग्रिम आदि के व्यय के मद में डेढ़ सौ लाख की जगह तीन सौ लाख और कार्यालय उपकरण कंप्यूटर लैपटॉप क्रय के मद में पांच की जगह दस लाख एवं कार्यालय उपकरण नेटवर्क उपकरण सीसी कैमरा उपकरण संबंधित के क्रय के मद में तीस लाख की जगह १५ लाख का प्रस्ताव रखा गया। इससे पूर्व बजट की बैठक में अधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों के बीच शहर की सीवर सड़क पेयजल की समस्या को लेकर तीखी प्रतिक्रिया रही जिस पर महापौर ने अधिकारियों को समस्या निस्तारण के लिए सख्त निर्देश दिए। इस दौरान कार्यकारिणी सदस्य सीताराम केसरी शिव प्रकाश मौर्या सुशील गुप्ता विजयश्री डॉक्टर रविंद्र सिंह बबलू शाह सहित नगर आयुक्त गौरांग राठी अपर नगर आयुक्त देवीदयाल बर्मा मुख्य लेखा अधिकारी मनोज कुमार जलकल महाप्रबंधक राघवेंद्र सचिव सिद्धार्थ कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे