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कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकवादियों को 72 हूरों से मिलाने का शतक किया पूरा


श्रीनगर, : श्री अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा-2022 को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के अपने अभियान को जारी रखते हुए सुरक्षाबलों ने वादी में इस वर्ष अब तक 100 आतंकियों को मार गिराया है। मारे गए आतंकियों में 71 स्थानीय और 29 विदेशी हैं। इनमें सबसे ज्यादा 63 आतंकी लश्कर ए तैयबा और उसका हिट स्क्वाड कहे जाने वाले द रजिस्टेंस फ्रंट टीआरएफ से जुड़े हुए थे। इस दौरान करीब 40 आतंकियों के अलावा 350 के करीब ओवरग्राउंड वर्कर भी पकड़े गए हैं। वर्ष 2021 में इसी अवधि में 50 आतंकी मारे गए थे।

 

जम्मू कश्मीर पुलिस के मुताबिक इस वर्ष पांच माह और 12 दिन में जहां 100 आतंकी मारे गए हैं, वहीं पिछले साल वर्ष 2021 में इसी अवधि के दौरान सिर्फ 50 आतंकी मारे गए थे। पिछले साल सुरक्षाबलों ने 100 आतंकियों को मार गिराने का आंकड़ा पहली जनवरी से 24 अगस्त तक पूरा किया था। उन्होंने बताया कि 24 अगस्त 2021 को सोपोर में तीन आतंकी मारे गए थे। वर्ष 2020 में सुरक्षाबलों ने पहली जनवरी से आठ जून तक विभिन्न मुठभेड़ों में 101 आतंकियों केा मार गिराया था।

आइजीपी कश्मीर विजय कुमार ने बताया कि कश्मीर में जब तक एक भी आतंकी सक्रिय है, आतंकियों के खिलाफ अभियान जारी रहेंगे। आतंकियों को हम सरेंडर का पूरा मौका देते हैं। इसका फायदा उठाने वाला बच जाता है और जो गोली चलाएगा, मारा जाएगा। इस वर्ष हमने 100 आतंकियों को मार गिराया है। उन्होंने बताया कि 45 आतंकी पहली अप्रैल 2022 से 12 जून 2022 की शाम तक अलग अलग मुठभेड़ों में मारे गए हैं।

उन्होंने बताया कि अधिकाशं आतंकी दक्षिण कश्मीर में ही मारे गए हैं। इस वर्ष मारे गए 100 आतंकियों में लश्कर ए तैयबा और टीआरएफ से संबधित 63 आतंकियों के अलावा 24 आतंकी जैश एक मोहम्मद से संबधित थे। शेष अन्य आतंकियों का संबंध कश्मीर टाइगर्स, अल-बदर और हिजबुल मुजाहिदीन से था। उन्हाेंने बताया कि वादी में श्री अमरनाथ की पवित्र गुफा की वार्षिक तीर्थयात्रा को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के अभियान के तहत आतंकियों व उनके पूरे नेटवर्क के खिलाफ लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। आतंकियों के प्रभाव वाले इलाकों में विशेष नाके भी लगाए गए हैं।

इस बीच, जम्मू कश्मीर पुलिस के एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आतंकियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहते हैं,लेकिन फरवरी के दौरान सुरक्षाबलों को अपने तंत्र से पहली बार पता चला कि इस बार आतंकी श्री अमरनाथ की वार्षिक तीर्थयात्रा पर हमले की एक बड़ी साजिश में लगे हुए हैं। यह असामान्य बात थी,क्याेंकि तीर्थयात्रा पर हमेशा आतंकी खतरा मंडराता है, और इस बारे में आतंकी अपना षडयंत्र मई-जून के दौरान रचते थे और वह भी तब जब सरहद पार से उन्हें कोई फरमान आता था।

इस बार फरवरी में इस तरह की सूचना का मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह चौकस हो गई और फिर आतंकरोधी अभियानों ने भी गति पकड़ ली। पहलगाम और उसके साथ सटे इलाकों में बीते एक माह के दौरान करीब चार बार सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई हैं। इनमें हिजबुल मुजाहिदीन और कश्मीर टाइगर्स फोर्स के लगभग सात आतंकी मारे जा चुके हैं। इसके अलावा कुलगाम में भी उन इलाकों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई जो यात्रा मार्ग के निकट हैं, यही बात गांदरबल और श्रीनगर के एचएमटी इलाके के लिए भी कही जा सकती है।