Post Views:
983
Related Articles
चेतना शक्ति
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 1,119 समस्त सृष्टिके मूलमें एक ही शक्ति या चेतना है, वह चेतना जब जड़ पदार्थोंसे संयोग करती है तब जीवोंके रूपमें व्यक्त होती है और जब ब्रह्मïïांडव्यापी हो जाती है तो उसे ही ब्रह्मï कहा जाता है। वस्तुत: शास्त्रोंके अनुसार जो सर्वव्यापी है वही अणुमें है जो ब्रह्मïांडमें है वह कणमें भी है। […]
चुनौतियोंके बीच जीवनकी रफ्तार
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 603 आर.के. सिन्हा नयी टेक्नोलॉजी इस बातकी सुविधा देती है कि आप घर बैठकर अपने दफ्तरके साथियों और सहयोगियोंके नियमित वीडियो कॉल कर साथ बातचीत भी कर सकते हैं। परन्तु लगता यह है कि वे दफ्तर तो अब भी पहलेकी तरहसे चलेंगे जहां पब्लिक डीलिंग होती है। उदाहरणके रूपमें बैंक, यातायातके लाइसेंस जारी […]
ऋग्वेद दर्शन प्रथम जागरण काल
Posted on Author ARUN MALVIYA
Post Views: 795 हृदयनारायण दीक्षित प्राचीनताका बड़ा भाग प्रेरक और गर्व करने योग्य होता है। अंग्रेजोंने प्रचारित किया कि भारत एक राष्ट्र नहीं है। अंग्रेजी सभ्यता प्रभावित विद्वानोंने मान लिया कि हम कभी राष्ट्र नहीं थे। अंग्रेजोंने ही भारतको राष्ट्र बनाया। बीसवीं सदीके सबसे बड़े आदमी महात्मा गांधीने अंग्रेजोंको चुनौती दी। उन्होंने १९०९ में हिन्द […]


