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कोयला तस्करी मामले में 15 अभियुक्तों के खिलाफ सीबीआइ अदालत ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट


कोलकाता। बंगाल में कोयले के अवैध खनन व तस्करी मामले में फरार चल रहे 15 अभियुक्तों के खिलाफ अब आसनसोल की विशेष सीबीआइ अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआइ की अपील पर यह कार्रवाई की गई है। अगस्त में सीबीआइ ने इस मामले में कुल 41 अभियुक्तों के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की थी।

सीबीआइ अधिकारियों के अनुसार, इसमें शामिल 15 अभियुक्तों को पूछताछ के लिए बार-बार नोटिस देने के बाद भी वे हाजिर नहीं हुए। इसके बाद अदालत ने भी उन्हें नोटिस जारी कर हाजिर होने को कहा था, लेकिन तब भी वे उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद सीबीआइ ने अदालत से इन अभियुक्तों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अपील की थी, जिस पर कोर्ट ने मुहर लगा दी।

बताते चलें कि इस मामले में तृणमूल नेता विनय मिश्रा और एक अन्य आरोपित रत्नेश भी फरार हैं। सीबीआइ की टीम लंबे समय से दोनों की तलाश कर रही है। वहीं, दो अलग-अलग मामलों में आसनसोल की विशेष सीबीआइ कोर्ट कोयला तस्करी कांड के मुख्य अभियुक्त अनूप माजी उर्फ लाला और उसके सहयोगी रत्नेश के खिलाफ पहले ही गैर जमानती वारंट जारी कर चुका है। यही नहीं सीबीआइ उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर नोटिस भी जारी कर चुकी है। बता दें कि इससे पहले सीबीआइ ने कोयला तस्करी मामले में पिछले महीने की शुरुआत में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के बाहुबली नेता अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया था। फिलहाल वे न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं।

ईडी के समक्ष नहीं पेश हुए बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक

दूसरी ओर, कोयला तस्करी मामले में ईडी ने आज बंगाल के कानून मंत्री मलय घटक को दिल्ली स्थित कार्यालय में तलब किया था, लेकिन वह फिर पेश नहीं हुए। वह बुधवार को कोलकाता में ही हैं और आज से शुरू हुए बंगाल विधानसभा के विशेष सत्र में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।

इससे पहले इस मामले में सीबीआइ ने पिछले बुधवार को उनके आसनसोल व कोलकाता स्थित छह ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी। इस दौरान सीबीआइ टीम ने उनके घर से कई अहम दस्तावेज भी जब्त किए थे। सीबीआइ ने छापे में बरामद दस्तावेजों का ब्यौरा मंगलवार को आसनसोल कोर्ट के समक्ष भी पेश किया था। इन सभी दस्तावेजों की स्क्रूटनी की जाएगी।