Post Views: 1,037 हृदयनारायण दीक्षित संसार रूपोंसे भरापूरा है। यहां प्रत्येक रूपके लिए शब्द हैं। रूपका नाम शब्दसे प्रकट होता है। प्रत्येक शब्द ध्वनि है। शब्द ध्वनि हमारे मस्तिष्कको सक्रिय करती है। मस्तिष्कमें प्रत्येक शब्दका वास्तविक रूप होता है। समुद्र वास्तविक है। अथाह जलराशि और लहरोंका यथार्थ। लेकिन समुद्र नामकरण एक शब्द मात्र है। समुद्र […]
Post Views: 693 देशमें कोरोनाके नये मामलों और मृतकोंकी संख्यामें निरन्तर गिरावटकी प्रवृत्ति बनी हुई और ऐसा प्रतीत होता है कि दूसरी लहर अन्तिम दौरमें है। मंगलवारको केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयकी ओरसे जारी आंकड़ोंके अनुसार पिछले २४ घण्टोंमें ३४ हजार ७०३ नये मामले आये और ५५३ मरीजोंकी मृत्यु हुई जबकि ५१ हजार ८६४ मरीज स्वस्थ हुए। […]
Post Views: 1,219 सदानन्द शास्त्री सनातन धर्मके विभिन्न ग्रंथोंमें अनेक रहस्य छिपे हैं। भविष्यका दूसरा नाम है संघर्ष, हृदयमें आज इच्छा होती है और यदि पूर्ण नहीं होती तो हृदय भविष्यकी योजना बनानेमें लग जाता है भविष्यमें इच्छा पूरी होगी ऐसी कल्पना करता रहता है किंतु जीवन न तो भविष्यमें न तो अतीतमें है जीवन […]