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ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी इलाकों में संक्रमण ज्यादा और झोपड़पट्टी इलाकों में हर तीसरा व्यक्ति संक्रमित


  • , नई दिल्ली। कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देश में कहर मचा दिया था। अब यह थम गई है तो इसके प्रकोप का पता लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। दूसरी लहर में कितने फीसद लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए, यह पता लगाने के लिए भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी आइसीएमआर इस महीने राष्ट्रव्यापी सीरो सर्वे शुरू कर रही है। पिछले साल 17 दिसंबर से इस साल आठ जनवरी तक हुए तीसरे सीरो सर्वे में देश में हर पांचवां व्यक्ति संक्रमित मिला था, वहीं पिछले साल सितंबर में हुए दूसरे सीरो सर्वे में हर 15वां व्यक्ति संक्रमित पाया गया था।

चौथा सीरो सर्वे: नतीजों से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में आगे की रणनीति बनाने में मिलेगी मदद

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) और वैक्सीन पर गठित उच्च स्तरीय समिति के प्रमुख डाॅ. वीके पाल ने कोरोना की दूसरी लहर के थमने की जानकारी देते हुए कहा कि आगे की रणनीति बनाने के लिए यह जानना जरूरी है कि इस दौरान कितनी फीसद आबादी वायरस से संक्रमित हुई। आइसीएमआर की तरफ से कराया जाना वाला यह चौथा सीरो सर्वे होगा। उन्होंने राज्य सरकारों से भी इसी तरह से अपने-अपने यहां स्थानीय स्तर पर सीरो सर्वे कराने को कहा गया है। स्थानीय स्तर पर सीरो सर्वे से राज्य और जिला स्तर पर संक्रमण की स्थिति जानने में मदद मिलेगी और उसी के अनुरूप उसकी रोकथाम के लिए स्थानीय स्तर पर कार्ययोजना तैयार की जा सकती है।

कई धारणाएं हुई थीं ध्वस्त

तीसरे सीरो-सर्वे ने इस धारणा को ध्वस्त कर दिया था कि बच्चे कोरोना से कम संक्रमित होते हैं। सर्वे में पाया गया कि 10 से 17 साल की उम्र के बच्चे कोरोना से सबसे अधिक संक्रमित हुए थे। उनमें संक्रमण दर 25.3 फीसद थी, वहीं 18 से 44 साल के लोगों में संक्रमण दर 19.9 फीसद और 45 साल से अधिक उम्र के लोगों में 23.4 फीसद थी। इसी तरह से सीरो सर्वे ने इस धारणा को भी ध्वस्त कर दिया था कि महिलाओं की तुलना में पुरुष कोरोना से ज्यादा संक्रमित होते हैं। इसमें 22.7 फीसद महिलाएं संक्रमित मिली, वहीं पुरुषों में यह दर 20.3 फीसद थी।